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जर्म सेल ट्यूमर (मस्तिष्क)

अन्य नाम/प्रकार: इंट्राक्रेनियल जर्म सेल ट्यूमर, जर्मिनोमा, नॉनजर्मिनोमेटस जर्म सेल ट्यूमर (एनजीजीसीटी), कोरिओकार्सिनोमा (जरायुकार्सिनोमा), भ्रूणीय कार्सिनोमा, योक थैली (पीतक कोष) ट्यूमर, एंडोडर्मल साइनस ट्यूमर, टेराटोमा, मिश्रित जर्म सेल ट्यूमर

इंट्राक्रेनियल जर्म सेल ट्यूमर क्या हैं?

इंट्राक्रेनियल जर्म सेल ट्यूमर (जीसीटी) दुर्लभ ट्यूमर हैं जो मस्तिष्क में विकसित होते हैं। ये ज़्यादातर बच्चों और युवा वयस्कों में पाए जाते हैं। बच्चों में होने वाले मस्तिष्क के कैंसर में से इन ट्यूमर का अनुपात लगभग 3-5% होता है।

जर्म सेल ट्यूमर ज़्यादातर मस्तिष्क के इन दो भागों में से किसी एक में विकसित होते हैं: पीनियल या सुप्रासेलर। मस्तिष्क के पीनियल क्षेत्र में पीनियल ग्रंथि होती है। सुप्रासेलर क्षेत्र पीयूष ग्रंथि के पास स्थित होता है। इसके स्थान के कारण, सुप्रासेलर जर्म सेल ट्यूमर आमतौर पर हार्मोन फ़ंक्शन को प्रभावित करते हैं। यदि ट्यूमर आंख की नस (तंत्रिका) के बिल्कुल निकट स्थित है, तो इससे दृष्टि भी प्रभावित हो सकती है। इंट्राकेनियल जर्म सेल ट्यूमर आमतौर पर केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (सीएनएस) के बाहर नहीं फैलता।

सीएनएस के इंट्राकेनियल जर्म सेल ट्यूमर को अक्सर जर्मिनोमा या नॉनजर्मिनोमेटस जर्म सेल ट्यूमर (एनजीजीसीटी) में वर्गीकृत किया जाता है। सीएनएस जर्म सेल ट्यूमर के प्रकारों में निम्नलिखित शामिल हैं: 

  • Germinoma
  • Non-germinoma
    • Embryonal carcinoma
    • Yolk sac tumor / endodermal sinus tumor
    • Choriocarcinoma
    • Teratoma (immature and mature)
    • Mixed germ cell tumors

Germinomas are the most common type of germ cell tumor. Children with germinoma have a 90% chance of cure.

Germ cell tumors are usually treated with combination of chemotherapy and radiation therapy. The location of the tumor usually makes it difficult to treat with surgery.

इंट्राकेनियल जर्म सेल ट्यूमर के जोखिम कारक और कारण

अधिकांश (90%) जर्म सेल ट्यूमर 20 वर्ष से कम आयु के रोगियों में होते हैं, और अधिकतर किशोरावस्था की शुरुआत में होते हैं। जर्म सेल ट्यूमर लड़कियों की तुलना में लड़कों में 2-3 गुना अधिक होते हैं। पीनियल क्षेत्र में स्थित जर्म सेल ट्यूमर ज़्यादातर लड़कों में होते हैं और अक्सर ये जर्मिनोमा ट्यूमर होते हैं। सुप्रासेलर क्षेत्र में एनजीजीसीटी और जर्मिनोमा समान आवृत्ति के साथ उत्पन्न होते हैं। सुप्रासेलर क्षेत्र में होने वाले ट्यूमर से लड़के और लड़कियां समान रूप से प्रभावित होते हैं।

इंट्राकेनियल जर्म सेल ट्यूमर के संकेत और लक्षण

जर्म सेल मस्तिष्क के कैंसर के संकेत और लक्षण ट्यूमर के आकार और स्थान पर निर्भर करते हैं। ट्यूमर के कारण मस्तिष्क में द्रव जमा हो सकता है (हाइड्रोसिफ़लस), जिसके कारण मस्तिष्क में दबाव बढ़ जाता है। पीयूष ग्रंथि के पास स्थित ट्यूमर से हार्मोन उत्पादन प्रभावित हो सकता है। यदि ट्यूमर आंख की नस (तंत्रिका) के बिल्कुल निकट स्थित है, तो इससे दृष्टि प्रभावित हो सकती है।

पीनियल क्षेत्रSuprasellar Region
  • Increased fluid in the brain (hydrocephalus) and intracranial pressure
  • Headache
  • Nausea and vomiting 
  • Changes in energy level, fatigue
  • Changes in vision: double vision, trouble looking up, difficulty focusing on close objects 
  • Irritability
  • Memory problems
  • Changes in endocrine function resulting in symptoms such as:
    • Slowed growth
    • Early or delayed puberty
    • Increased thirst and urination (Diabetes insipidus)
  • Vision problems
  • Memory problems

इंट्राक्रेनियल जर्म सेल ट्यूमर के रोग की पहचान करना

चिकित्सक विभिन्न तरीकों से केंद्रीय तंत्रिका तंत्र के जर्म सेल ट्यूमर की जांच करते हैं।  

  • A health history and physical exam helps doctors learn about symptoms, general health, past illness, and risk factors.
  • Blood chemistry and hormone studies are used to look at substances in the blood and urine. Doctors will check levels of glucose in the blood and electrolytes such as potassium and sodium. An endocrine panel will test for abnormal levels of pituitary hormones.
  • A neurological exam examines the function of the brain, spinal cord, and nerves. These tests measure different aspects of functioning including memory, vision, hearing, muscle strength, balance, coordination, and reflexes.
  • Imaging tests such as magnetic resonance imaging (MRI) and computerized tomography (CT) are used to help identify the tumor and look for changes in the brain. MRI of the brain and spinal cord is the main imaging technique usually used to diagnose intracranial germ cell tumor and determine if there is spread of the tumor within the CNS. 
  • A lumbar puncture is performed to look for cancer cells in the cerebrospinal fluid.
  • The blood and cerebrospinal fluid are tested to look for substances released by certain tumors, called tumor markers. Tumor markers that can be helpful in diagnosing some types of germ cell tumor include alpha-fetoprotein (AFP) and beta-human chorionic gonadotropin (β-hCG). 
  • A biopsy is usually performed to diagnose germ cell tumor. In a biopsy, a small sample of the tumor is removed during surgery. A pathologist looks at the tissue sample under a microscope to identify the specific type of germ cell tumor.

इंट्राक्रेनियल जर्म सेल ट्यूमर के स्तर का पता लगाना

मस्तिष्क या रीढ़ के अंदर की नस में जर्म सेल ट्यूमर के स्तर का पता लगाने के लिए कोई मानक प्रणाली नहीं है। ट्यूमर को हाल ही में पहचान किए गए या दुबारा होने के रूप में वर्णित किया जाता है। मस्तिष्क का जर्म सेल ट्यूमर मस्तिष्क, रीढ़ की हड्डी और रीढ़ की हड्डी के पानी सहित केंद्रीय तंत्रिका तंत्र के अन्य भागों में फैल सकता है। यह आमतौर पर केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (सीएनएस) के बाहर नहीं फैलता है।

इंट्राक्रेनियल जर्म सेल ट्यूमर के लिए पूर्वानुमान

बच्चों में होने वाले जर्मिनोमा अक्सर इलाज के प्रति अच्छी प्रतिक्रिया देते हैं और इसमें जीवित रहने की दर 90% है।

Factors that influence prognosis for intracranial germ cell tumors include:

  • Age of the child
  • Type of germ cell tumor
  • The type and level of tumor markers
  • Location of the tumor
  • Whether the tumor has spread within the brain and spinal cord or to other parts of the body
  • Whether the tumor has recurred

इंट्राक्रेनियल जर्म सेल ट्यूमर का इलाज

जर्म सेल ट्यूमर के लिए इलाज कई कारकों पर निर्भर करता है जिसमें ट्यूमर का आकार और स्थान, बच्चे की आयु और ट्यूमर का प्रकार शामिल हैं। जर्म सेल ट्यूमर के प्रमुख इलाज कीमोथेरेपी और रेडिएशन थेरेपी हैं।

इंट्राक्रानियल जर्म सेल ट्यूमर के बाद जीवन

ट्यूमर के प्रकार और इलाज के प्रति उसकी प्रतिक्रिया के आधार पर निर्धारित कार्य-योजना के साथ रोगियों को लंबी अवधि तक मॉनिटर करने के लिए समय-समय पर इमेजिंग जांच का उपयोग किया जाता है। फॉलो-अप देखभाल में उपयुक्त पुनर्सुधार और स्नायु संबंधी डॉक्टरी सलाह लेना भी शामिल होना चाहिए।

Patients with germ cell tumors of the brain are at risk for long-term problems in endocrine function including diabetes insipidus and disturbances in pituitary gland function (hypopituitarism). Ongoing monitoring of hormone levels is important, and patients may need medicines including hormone replacement.

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समीक्षा की गई: जून, 2018