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सारी न्युट्रोफिल की संख्या (एएनसी) और सफ़ेद कोशिकाओं की कमी

सारी न्युट्रोफिल की संख्या क्या है?

सारी न्युट्रोफिल की संख्या (एएनसी) संक्रमणों से, विशेष रूप से जीवाणु संक्रमणों से लड़ने की शरीर की क्षमता का एक अनुमान है। इन जांच परिणामों को अक्सर रोगी के “काउंट्स” कहा जाता है।

एएनसी जांच खून में न्यूट्रोफ़िल की संख्या को मापती है। न्यूट्रोफ़िल एक प्रकार का सफेद रक्त कोशिका है जो जीवाणु को मारता है।

इस चित्रण में न्यूट्रोफ़िल कोशिकाएं कीटाणुओं को पहचान कर, रक्त वाहिकओं में घुसकर संक्रमण के स्थान पर जाती हैं और चिह्नित कीटाणुओं को नष्ट करती हैं।

न्यूट्रोफ़िल्स सबसे सामान्य प्रकार की सफेद रक्त कोशिकाएं होती हैं। ये हमलावर विषाणु या कीटाणु से लड़ने के लिए संक्रमण के स्थान तक जाती हैं और एंज़ाइम नामक पदार्थों को छोड़ती हैं।

सारी न्युट्रोफिल की संख्या (एएनसी) संक्रमणों से, विशेष रूप से जीवाणु संक्रमणों से लड़ने की शरीर की क्षमता का एक अनुमान है। इन जांच परिणामों को अक्सर रोगी के “काउंट्स” कहा जाता है।

एएनसी जांच खून में न्यूट्रोफ़िल की संख्या को मापती है। न्यूट्रोफ़िल एक प्रकार का सफेद रक्त कोशिका है जो जीवाणु को मारता है।

सफ़ेद कोशिकाओं की कमी क्या है?

न्यूट्रोफ़िल का सामान्य संख्या से कम होना (500 से कम) सफ़ेद कोशिकाओं की कमी कहलाता है। इसका 100 से कम संख्या में होना गंभीर सफ़ेद कोशिकाओं की कमी का संकेत है।

सारी न्युट्रोफिल की संख्या संक्रमण से लड़ने की शरीर की क्षमता का एक अनुमान है। सफ़ेद कोशिकाओं की कमी में एएनसी की संख्या 500 से कम होती है।

व्यक्ति का एएनसी जितना ज़्यादा कम होता है, उसे संक्रमण होने का उतना ही ज़्यादा खतरा होता है।

कैंसर रोगी के लिए, संक्रमण का होना जीवन-घातक हो सकता है और उसे तुरंत चिकित्सा देखभाल की आवश्यकता पड़ सकती है।

सफ़ेद कोशिकाओं की कमी के कारण

कैंसर के इलाजों से जैसे कि कीमोथेरेपी से रोगी का एएनसी कम हो सकता है जिससे उसे सफ़ेद कोशिकाओं की कमी हो सकती है। यह एक आम दुष्प्रभाव है। कीमोथेरेपी आमतौर पर रोगी के एएनसी को उसे प्राप्त किए जाने के बाद 7-14 दिन के अंदर प्रभावित करती है। न्यूट्रोफ़िल काउंट के कम होने में लगने वाला समय, दवा की खुराक और प्रकार पर निर्भर करता है।

बोनमैरो को प्रभावित करने वाले कैंसर, जैसे खून का कैंसर (ल्यूकेमिया) और लिंफोमा भी न्यूट्रोफ़िल स्तर के कम होने का कारण बन सकते हैं।

कुछ मामलों में, रेडिएशन से न्यूट्रोफ़िल की संख्या में कमी आ सकती है।

एएनसी का गणना करना

न्यूट्रोफ़िल की गणना कंप्लीट ब्लड काउंट (सीबीसी) जांच के एक भाग के रूप में की जाती है।

संक्रमण का खतरा एएनसी मान
उच्चतम 500 से कम
मध्यम 500-1,000
कम 1,000 से अधिक

एएनसी का गणना कैसे करें

अधिकांश ब्लड काउंट रिपोर्टों में, एएनसी की पहले से ही गणना की गई होती है। एएनसी निर्धारित करने के लिए, डब्ल्यूबीसी (सफेद रक्त कोशिका गणना) को सेग्मेंटेड न्यूट्रोफ़िल (संक्षिप्त में “सेग्स”) और बैंड्स के प्रतिशत से गुणा करें।

लैब रिपोर्ट का एक अनुभाग कुल सफेद रक्त कोशिका (डब्ल्यूबीसी) गणना और "विभेदक" का वर्णन करेगा, जिसमें प्रत्येक प्रकार की सफेद रक्त कोशिका को कुल कोशिकाओं के प्रतिशत के रूप में सूचीबद्ध किया जाता है। उदाहरण के लिए, यदि कुल डब्ल्यूबीसी गणना 1,500 mm3, है तो विभेदक निम्नलिखित रूप में दिखाई दे सकता है:

सफेद रक्त कोशिका का प्रकार कुल डब्ल्यूबीसी का प्रतिशत
सेग्मेंटेड न्यूट्रोफ़िल (जिन्हें पॉलीज़ या सेग्स भी कहा जाता है) 49%
बैंड न्यूट्रोफ़िल (जिन्हें बैंड्स भी कहा जाता है) 1%
बैसोफिल्स (जिन्हें बेसोस भी कहा जाता है) 1%
इयोस्नोफिल्स (जिन्हें ईओएस भी कहा जाता है) 1%
लिंफोसाइट्स (जिन्हें लिंफ्स भी कहा जाता है) 38%
मोनोसाइट्स (जिन्हें मोनोज़ भी कहा जाता है) 10%

ANC गणना का उदाहरण

1,500 डब्ल्यूबीसी

x .50 (49 सेग्स + 1 बैंड्स = 50)

= 750 ANC

एएनसी और दैनिक जीवन

कैंसर से पीड़ित बच्चों के परिवारों की गतिविधियां, कभी-कभी रोगी के एएनसी या “काउंट्स” पर ही केन्द्रित होती हैं।

यदि काउंट्स कम हो जाते हैं, तो रोगियों को विकास के कारक नामक दवा मिल सकती है। ये दवाएं सफेद रक्त कोशिकाओं की संख्या बढ़ाने के लिए दी जाती हैं।

सफ़ेद कोशिकाओं की कमी से ग्रस्त होने वाले रोगियों को स्कूल जैसे सार्वजनिक स्थानों पर जाने से रोका जा सकता है। देखभाल टीम, रोगी को संक्रमण का जोखिम कम करने के लिए फेस मास्क (पार्टिकुलेट मास्क) पहनने की सलाह दे सकती है। कुछ मामलों में, रोगी को अस्पताल में भी भर्ती किया जा सकता है।

यदि एएनसी बहुत कम हो जाता है, तो चिकित्सक कीमोथेरेपी को स्थगित करने का निर्णय ले सकते हैं।

प्रत्येक अस्पताल के, कम एएनसी वाले बच्चों की गतिविधियों के संबंध में अपने दिशा-निर्देश होते हैं।


समीक्षा की गई: जून 2018