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Together, बच्चों को होने वाले कैंसर से पीड़ित किसी भी व्यक्ति - रोगियों और उनके माता-पिता, परिवार के सदस्यों और मित्रों के लिए एक नया सहारा है.

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दांतों की देखभाल

हमेशा दिन में दो बार अपने दांतों को ब्रश से साफ करना अच्छा होता है। यह बचपन में होने वाले कैंसर के रोगियों के लिए और भी महत्वपूर्ण है।

कुछ कीमोथेरेपी और रेडिएशन इलाजों से दांतों, मसूड़ों और मुँह में समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

मुँह की समस्याओं के लिए जोखिम कारक

  • रोगियों में कीमोथेरेपी से पहले उनके स्थायी दांत पूरी तरह से बन गए थे, खासकर जब वे 5 वर्ष से छोटे थे
  • लंबे समय तक कीमोथेरेपी
  • सिर / गर्दन के क्षेत्र पर रेडिएशन थेरेपी

दांतों, मसूड़ों और मुँह की दैनिक देखभाल कुछ समस्याओं को रोक सकती हैं। यह कुछ दर्दनाक दुष्प्रभावों को भी कम कर सकती हैं। दांतों से जुड़ी खराब आदतें समस्याओं को बदतर बना सकती हैं।

संभावित समस्याओं में शामिल हैं:

  • कैविटी होने के जोखिम में बढ़ोत्तरी
  • दांतों की जड़ों का छोटा या पतला होना या दांतों या जड़ों का मौजूद न होना
  • दांतों के विकास में समस्या जैसे कि छोटे दांत, दांतों का जल्दी टूटना या शिशु के दांत बाहर न निकलना
  • दांत की ऊपरी परत के बढ़ने में समस्याएं होने के कारण सफेद या बदरंगे पैच उभर आते हैं, खांचें और गड्ढे पड़ जाते हैं और दांत आसानी से गंदे हो जाते हैं
  • चेहरे की असामान्यताएं, जिनमें ओवरबाइट, अंडरबाइट या चेहरे की विषमता शामिल हैं
  • मसूड़े का रोग
  • मुँह सूखना
  • मुँह और गले में छाले (म्यूकोसिटिस)
  • निगलने में कठिनाई
  • चबाने या मुँह खोलने में कठिनाई
  • जबड़े की मांसपेशियों का जकड़ना और सख्त होना
  • मुँह और जीभ की परत में सूजन या दर्द

दांत और मसूड़े की देखभाल

कैंसर के इलाज से पहले, इसके दौरान और बाद में उचित दंत चिकित्सा देखभाल महत्वपूर्ण है।

  • दांतों और जीभ को हर दिन कम से कम दो बार मुलायम-ब्रिसल नायलॉन वाले टूथब्रश से साफ करें। मरीजों को हर 2 महीने में अपने टूथब्रश को बदलना चाहिए।
  • फ्लोराइड और अमेरिकन डेंटल एसोसिएशन की अनुमोदन सील वाले टूथपेस्ट का उपयोग करें। 3 वर्ष से छोटे बच्चों के लिए, एक धब्बे या एक चावल के जितनी मात्रा में टूथपेस्ट का उपयोग करें। 3-6 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए एक मटर के जितनी मात्रा में टूथपेस्ट का उपयोग किया जाना चाहिए।
  • जब तक देखभाल टीम आपको नहीं बताती, तब तक रोजाना फ्लॉस करें। आमतौर पर मरीजों को थेरेपी के दौरान तब तक फ्लॉसिंग की सलाह दी जाती है, जब तक कि उनकी रक्त कोशिकाओं की संख्या कम न हो। यदि आप सुनिश्चित नहीं हैं, तो अपनी देखभाल टीम से पूछें। कभी-कभी फ्लॉसिंग से रक्तस्राव हो सकता है और रक्तप्रवाह में कीटाणुओं को छोड़ सकता है, जो संक्रमण का कारण बन सकता है।
  • ऐसे भोजन से बचें जो मुँह को सूखा दे और कैविटीज़ पैदा करे, जैसे सोडा, फलों का रस और कैंडी।

इसके अलावा, आपकी देखभाल टीम कुल्ला करने की सलाह दे सकती है।

मुँह के स्वास्थ्य से संबंधित अन्य सुझाव

पानी पीने, बर्फ के चिप्स चूसने, और ज़ायलिटोल वाली मीठी कैंडी खाने से मुँह सूखने की समस्या में मदद मिल सकती है।

यदि आपको उल्टी होती है, तो अपने मुँह को पानी से धो लें। यदि संभव हो, तो अपने दांतों को ब्रश से साफ करें। पेट से निकलने वाला एसिड दांतों को खराब कर सकता है।

हड्डियों के अच्छे स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए पर्याप्त विटामिन डी और कैल्शियम प्राप्त करने के तरीकों के बारे में अपनी देखभाल टीम के साथ बात करें। जब तक देखभाल टीम सप्लिमेंट लेने की सलाह नहीं देती है, तब तक उन्हें न लें।

नियमित रूप से दंत चिकित्सक के पास जाएं

मरीजों को थेरेपी के पूरा होने से पहले, इसके दौरान और बाद में नियमित रूप से दंत चिकित्सक के पास जाना चाहिए।

इलाज से पहले

यदि संभव हो, तो इलाज शुरू होने से पहले मरीजों को दांतों की जांच करने के लिए प्रोत्साहित करें। लेकिन कैंसर थेरेपी शुरू होने के बाद, दांतों की जांच या प्रक्रिया संभव नहीं हो सकती हैं।

मुँह के अंदर होने वाली मसूड़ों की सूजन, म्यूकोसिटिस और दांत की सड़न जैसी समस्याओं को रोकने के लिए इलाज से पहले ब्रेसेस और अन्य ऑर्थोडॉन्टिक उपकरणों को निकालने की आवश्यकता हो सकती है।

इलाज के दौरान

कैंसर का इलाज शुरू होने के बाद परिवार को अपने बच्चे की देखभाल टीम से दंत चिकित्सक के पास जाने के समय के बारे में परामर्श करना चाहिए। यदि कोई दंत रोग होता है, तो उन्हें टीम को भी सतर्क करना चाहिए।

दंत चिकित्सक देखभाल टीम के अन्य सदस्यों के साथ काम करेंगे। वे रोगी के वर्तमान दंत स्वास्थ्य और कैंसर के इलाज का कैसे प्रभाव पड़ सकता है, इस आधार पर दंत चिकित्सा देखभाल के बारे में निर्णय लेंगे। जैसे कि, जब रोगियों को संक्रमण या अत्यधिक रक्तस्राव का जोखिम बढ़ जाता है, तो टीम दंत चिकित्सा प्रक्रियाओं में देरी कर सकती है।

इलाज के बाद

थेरेपी समाप्त होने के वर्षों बाद मरीजों को दंत संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।

यदि संभव हो, तो कैंसर से जीवित बचने वाले लोग बचपन में होने वाले कैंसर के इलाज का मुँह के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में एक परिचित दंत चिकित्सक से बात कर सकते हैं। बाल चिकित्सा केंद्र की देखभाल टीम की सलाह दे सकती हैं।

कैंसर से जीवित बचे मरीजों को अपने दंत चिकित्सक को अपने कैंसर के इलाज के बारे में बताना चाहिए और अपनी ठीक हुए लोगों की देखभाल की योजना की प्रति साझा करनी चाहिए।

दांतों की अच्छी तरह सफाई न करने के परिणाम

दांतों की ठीक से सफाई न करने से कैविटीज हो सकती हैं। थेरेपी से गुज़रने वाले बच्चे में कैविटी जल्दी से एक गंभीर संक्रमण बन सकता है। यदि संक्रमण का इलाज नहीं किया जाता है, तो यह फैल सकता है और जीवन के लिए खतरा बन सकता है।

दांतों की अच्छी तरह सफाई न करने से मसूड़ों की बीमारी भी हो सकती है।

मुँह की समस्याओं के लिए इलाज

यदि समस्याएं होती हैं, तो मुँह की देखभाल और दंत चिकित्सा के प्रकार हैं जो मदद कर सकते हैं:

  • स्थायी दांत जो सामान्य रूप से विकसित नहीं होते हैं या दांत नहीं होते हैं - मरीजों को ऐसी प्रक्रियाओं की आवश्यकता हो सकती है, जो उनके दांतों के कार्य को बेहतर बनाए। इन प्रक्रियाओं में स्थायी क्राउन, दांतों को निकालना, प्रत्यारोपण, या संभवतः एक कृत्रिम उपकरण शामिल हो सकते हैं।
  • चेहरे या जबड़े की हड्डी का ठीक से विकास न होना — कभी-कभी पुनर्निर्माण सर्जरी से मदद मिल सकती है।
  • जबड़े की मांसपेशियों को हिलाने में कठिनाई — दंत चिकित्सा टीम संयोजन चिकित्सा या स्ट्रेचिंग व्यायाम की सलाह दे सकती है।


समीक्षा की गई: मार्च 2019