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Together, बच्चों को होने वाले कैंसर से पीड़ित किसी भी व्यक्ति - रोगियों और उनके माता-पिता, परिवार के सदस्यों और मित्रों के लिए एक नया सहारा है.

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आयु के अनुसार जानकारी

आप अपने बच्चे के साथ कैंसर के बारे में जो जानकारी साझा करते हैं वह उनकी उम्र और विकास की अवस्था पर निर्भर करती है।

सभी बच्चों को सरल और स्पष्ट तरीके से समझाने की ज़रूरत होती है। उन्हें यह बताने की ज़रूरत होती है कि आपके लिए वे बहुत प्रिय हैं और आप उनके साथ हैं।

  1. नवजात शिशु

    नवजात शिशुओं और छोटे बच्चों की सामान्य प्रतिक्रियाएँ

    नवजात शिशुओं की ये प्रतिक्रियाएँ हो सकती हैं:

    • चिकित्सीय प्रक्रियाओं से परेशान होना
    • कर्मचारियों के साथ बातचीत करने से बचना और उनसे दूर रहना
    • माता-पिता से लिपटे रहना
    • वे जिन सभी बदलावों को महसूस कर रहे हैं उनकी वजह से महत्वपूर्ण कदम तक पहुंचने में कुछ समय लग सकता है जैसे कि बात करना, चलना या खुद खाना

    क्या कहें और क्या करें

    • अपने बच्चे से बात करें या उन्हें गाना गाकर सुनाएँ क्योंकि आपकी आवाज़ से उन्हें शांति मिलती है।
    • अपने बच्चे को आराम देने के लिए उसे पकड़े और कोमलता से स्पर्श करें। त्वचा से त्वचा का संपर्क होना उपयुक्त होता है। अपनी देखभाल करने वाली टीम से पूछें कि क्या कोई ऐसा चिकित्सीय उपकरण है जिसके कारण आप अपने बच्चे को पकड़ते समय उसके संपर्क में आने से घबराते हैं।
    • वे आपको सहज महसूस कराना चाहते हैं।
    • जितना हो सके उतना अपने बच्चे को दूध पिलाने, सोने और अन्य दिनचर्याएं जारी रखने में मदद करें। हालांकि, कैंसर का इलाज अक्सर “ज़िंदगी को बदल" देता है। अपने परिवार के जीवन के इस चरण के लिए नई दिनचर्या और संरचना बनाने के बारे में सोचें।
    • घर की जानी-पहचानी वास्तुएं लाएं जैसे खिलौने या कंबल। परिचित दृश्य और गंध आपके बच्चे को अधिक सुरक्षित महसूस करने में मदद दे सकती है। जब आप घर पर होते हैं तो किताबें पढ़ने, गाने और पेट के बल मस्ती करने के लिए समय निकालें। इन गतिविधियों के दौरान यदि आप अपने बच्चे की सुरक्षा या शारीरिक आराम के बारे में चिंतित हैं, तो अपनी देखभाल टीम से बात करें।
    • अजनबी को देख कर होने वाली चिंता के समाधान में एक समय में मौजूद देखभाल टीम के सदस्यों की संख्या को सीमित करने का प्रयास करें। (यह कभी-कभी मुश्किल हो सकता है।)
  2. नन्हें शिशुओं से लेकर तीन साल की आयु तक

    नन्हें शिशुओं की सामान्य प्रतिक्रियाएं

    नन्हें शिशुओं की ये प्रतिक्रियाएं हो सकती हैं:

    • चिकित्सीय प्रक्रियाओं की लगातार दिनचर्या को अच्छी तरह से करना जैसे कि खून लेना, दवा लेना और अस्पताल जाना। इसमें ये शामिल किया जा सकता है कि उन्हें कैसे रखा गया है और वे क्या देखना या करना पसंद करते हैं। यदि आप योजना के अनुसार कुछ काम करने में मदद चाहते हैं तो अपनी देखभाल टीम से बात करें।
    • उन्हें डर लगता है कि वे हमेशा के लिए माता-पिता से दूर अस्पताल में रहेंगे
    • अपने से छोटी उम्र के बच्चों की तरह बर्ताव करना
    • चिकित्सीय प्रक्रियाओं से डरना और चिंतित होना

    क्या कहें और क्या करें

    • जो कुछ होने वाला है, उस बारे में सरल और स्पष्ट तरीके से समझाना। इस आयु वर्ग के बच्चे कैंसर शब्द का अर्थ नहीं समझ सकते हैं। बीमार और छी-छी जैसे शब्दों का प्रयोग करें। शरीर के उस हिस्से को बताएं जो प्रभावित होता है।
    • प्रक्रिया से ठीक पहले अपने बच्चे को तैयार करें अगर वह कुछ ऐसा है जिससे तकलीफ़ पहुंचेगी। (यदि आप निश्चित नहीं हैं कि इससे कुछ तकलीफ़ होगी, तो अपने देखभाल करने वाले व्यक्ति से पूछें।) अपने बच्चे को तैयार नहीं करने से आपका बच्चा इस बात से घबरा सकता है कि साधारण चीजें जैसे  जीवन के जिह्न या शारीरिक जांच लेने से भी चोट लग सकती है।
    • जब भी आप दे सकें तब विकल्प दें। उदाहरण के लिए उन्हें चुनने दें कि कौन सा हाथ उनके जीवन के जिह्न जांच लेने के लिए है।
    • अपने बच्चे को उनकी उम्र के बच्चों के साथ खेलने का अवसर दें। अस्पताल में बने खेल के कमरे में ले जाएँ। देखें कि अस्पताल में खेल के गुट बनाए गए हैं या नहीं।
    • अगर आपके बच्चे को अस्पताल में रहना पड़ता है, तो इन विवरणों को भी साझा करें। बच्चों को आश्वस्त करने की ज़रूरत होती है कि उन्हें अस्पताल में नहीं छोड़ा जाएगा। उन्हें यह बताने से भी मदद मिल सकती है कि वे खेल या गतिविधियों सहित और क्या कर सकते हैं, जो उनके लिए महत्वपूर्ण हैं।
    • अस्पताल में भर्ती होने पर भी खेलने के लिए समय निकालें और इसे उनकी दिनचर्या में शामिल करें। खेल नई जगह से मेल-जोल करा सकता है और सहज भी बना सकता है।
  3. तीन से सात वर्ष की आयु तक

    सामान्य प्रतिक्रियाएं

    बच्चों की ये प्रतिक्रियाएं हो सकती हैं:

    • अपने से छोटी उम्र के बच्चों की तरह बर्ताव करना
    • चिकित्सीय प्रक्रियाओं से डरना और चिंतित होना
    • बहुत सारे प्रश्न पूछना
    • उन्हें लगता है कि उन्होंने कुछ ऐसा कहा, किया या सोचा था जिसके लिए उन्हें कैंसर की सजा मिली है
    • उन्हें यह भय बना रहता है कि माता-पिता उन्हें अस्पताल में छोड़ देंगे
    • मुंह से दवाइयां लेने में कठिनाई होती है

    क्या कहें और क्या करें

    • सरल शब्दों में समझाई गई कैंसर की परिभाषा बच्चे आसानी से समझ सकते हैं। वे अपने कैंसर का नाम जान सकते हैं, इलाज के बारे में सरल तथ्यों को समझ सकते हैं और दिन-प्रतिदिन के जीवन में बदलाव के बारे में बुनियादी जानकारी सुन सकते हैं।
    • उन्हें माता-पिता द्वारा यह आश्वस्त करने की ज़रूरत होती है कि उनके कुछ करने, कहने या सोचने के कारण उन्हें कैंसर नहीं हुआ है।
    • उन्हें यह आश्वासन देने की ज़रूरत होती है कि माता-पिता उन्हें अस्पताल में नहीं छोड़ेंगे। तीन साल से छोटे उम्र के बच्चों को डर लग सकता है कि उन्हें अस्पताल में ही रहना पड़ेगा। इसके अलावा अगर कभी-कभी आप काम से या घर पर भाई या बहनों की वजह से अपने बच्चे से दूर होंगे तो ऐसे में यह महत्वपूर्ण है कि आप अपने बच्चे को बताएं कि आप कब वापस आएंगे। इस उम्र में समय को लेकर उनकी समझ पूरी तरह से विकसित नहीं होती है इसलिए जिन चीजों के बारे में वे जानते हैं उसके अनुसार समय बताएँ।
    • अपने बच्चे को उन जांच और इलाजों (जिनसे उन्हें पीड़ा हो सकती है) के बारे में सच्चाई से बताएँ। समझाएं कि उनका इलाज कैंसर को खत्म करने के लिए चल रहा हैं या चिकित्सकों को यह दिखाने के लिए किया जा रहे हैं कि उनके शरीर के अंदर क्या हो रहा है। पता लगाएं कि क्या सुइयों को कम दर्दनाक बनाने के लिए संसाधन उपलब्ध हैं। आप अपने बच्चे का ध्यान भी भटका सकते हैं और कोशिश करें कि उनका ध्यान दर्द पर न जाकर अन्य दूसरी चीजों पर जाए। यह काम उन्हें कहानी पढ़कर, उन्हें पकड़ने के लिए कोई आरामदायक चीज या देखने के लिए कुछ देकर कर सकते हैं। यदि आप दिनचर्या और समस्या सुलझाने वाली ऐसी योजनाओं के साथ अपनी देखभाल टीम की मदद करना चाहते हैं,जिससे आराम, पूर्वानुमान लगाने और नियंत्रण करने में मदद मिल सकती हैं (मुंह से दवा लेने सहित) तो अपनी देखभाल टीम से पूछें।
    • चिकित्सक से पूछें कि क्या आपका बच्चा खुद को तैयार करने के लिए अपरिचित मशीनों या सामानों (नलीयां, पट्टियाँ, या पोर्ट्स) को पहले देख या छू सकता है।
    • बच्चों को उनके इलाज के बारे में बताने के लिए बनाई गईं खास गुड़ियों या गतिविधियों के ज़रिए उन्हें खेलों के माध्यम से चिकित्सा के बारे में बताया जा सकता है और हो सकता है कि बच्चे यह जानना चाहें कि क्या चल रहा है। पूछें कि क्या आपके अस्पताल में शिशु जीवन विशेषज्ञ मदद करने के लिए उपलब्ध है।
  4. सात  से बारह वर्ष की आयु तक

    स्कूल जाने वाले उम्र के बच्चों की सामान्य प्रतिक्रियाएं

    बच्चों की ये प्रतिक्रियाएं हो सकती हैं:

    • रूप-रंग में परिवर्तन के बारे में सवाल पूछना और चिंतित होना
    • यह सोचकर घबराना कि सभी नई प्रक्रियाओं से दर्द होगा
    • घर वापसी के बारे में जानना चाहते हों
    • समय की अधिक समझ होना
    • शायद पूछ सकते हैं कि क्या वे मरने वाले हैं
    • स्कूल न जा पाने से परेशान होना
    • सहपाठियों और दोस्तों को न देख पाने के कारण उनकी याद आना
    • स्वास्थ्य, पाठ्येतर गतिविधियों और दिनचर्या में आए परिवर्तन पर गुस्सा आना और दुखी होना
    • परिवार और दोस्तों से अधिक भावनात्मक और सामाजिक सहायता की उम्मीद रखना

    क्या कहें

    • इस उम्र के बच्चे कैंसर के बारे में अधिक विस्तार से समझने में सक्षम होते हैं।
    • उनमें यह समझने की अधिक संभावना होती है कि उन्हें दवाई लेनी होगी और अन्य इलाजों से गुज़रना होगा।
    • उन्हें दर्द से डर लगता है। कुछ टेस्ट और इलाजों से होने वाले संभावित दर्द के बारे में उन्हें सच्चाई से बताएँ। देखभाल टीम से पूछें कि अन्य मरीज किस तरह से बताते हैं कि इन प्रक्रियाओं से कैसा महसूस होता है। दर्द कम करने के लिए चिकित्सक और नर्स क्या कर सकते हैं इस बारे में चर्चा करें।
    • इस उम्र के बच्चों को स्कूल, टेलीविजन और इंटरनेट सहित अन्य स्रोतों से कैंसर के बारे में जानकारी मिलने की संभावना होगी। आपके बच्चे ने जो कुछ जाना है उसे आपके साथ साझा करने के लिए प्रोत्साहित करें। इन सबके बारे में मिलकर बात करें। आप किसी भी गलत जानकारी को सुधार सकते हैं और उन्हें याद दिला सकते हैं कि कैंसर कई प्रकार के होते हैं और हर किसी का अनुभव अलग होता है।
    • अनुभव के महत्व और नई जानकारी सुनने पर आपका बच्चा कितना चिंतित होता है उस आधार पर इस उम्र के बच्चों को एक सप्ताह से पहले उस दिन के नए अनुभवों के लिए तैयार किया जा सकता है। अपने आप से पूछें, "क्या उन्हें किसी विचार से अभ्यस्त होने पर और सवालों के लिए अधिक समय देने का फायदा होता है?" या "क्या वे इस घटना के होने तक चिंता से ग्रस्त रहते हैं?" ये आपके निर्णय का मार्गदर्शन कर सकते हैं कि उन्हें कब बताना है।
    • अन्य परिवारों के साथ संबंध बनाने की कोशिश करें जिनके बच्चे समान उम्र के हैं। बच्चों को एक साथ खेलने का मौका दें।
    • बच्चों  को इस जानकारी की ज़रूरत होती है  कि इलाज के दौरान स्कूल और अन्य गतिविधियों का क्या होता है।
  5. किशोर उम्र के बच्चे

    किशोर उम्र के बच्चों की सामान्य प्रतिक्रियाएं

    किशोर उम्र के बच्चों को ये प्रतिक्रियाएं हो सकती हैं:

    • ऐसा महसूस होता है कि कैंसर ने उनकी स्वतंत्रता और निजी जीवन को उनसे छीन लिया है
    • जानना चाहेंगे कि वे अवकाश के लिए घर कब जा सकते हैं या इलाज कब खत्म होगा। जब निश्चित उत्तर नहीं मिलता है तो किशोर उम्र के बच्चों को आपकी और देखभाल टीम के सहयोग की ज़रूरत हो सकती है। जब पूर्वानुमानित कार्यक्रम बदल जाते हैं तो वे निराश हो सकते हैं विशेषकर तब जब उनकी कहीं जाने की योजना थी और कार्यक्रम उस बीच आ जाता है।
    • जब वे आत्मनिर्भर बनने की कोशिश कर रहे होते हैं तब ऐसे समय में उन्हें माता-पिता पर निर्भर रहने की ज़रूरत पड़ जाती है। संभवतः  इससे आपके किशोर बच्चे को इलाज से पहले उन्हें कुछ समय और स्वतंत्रता देने में मदद मिलेगी और यह उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित करेगी।
    • ऐसा महसूस करते हैं कि उनके साथ कभी कुछ बुरा नहीं हो सकता। वे जोखिम उठा सकते हैं जो माता-पिता, चिकित्सकों और इलाज के खिलाफ़ समस्या या विरोध का कारण बन सकते हैं।
    • उन्हें मर जाने का डर लगता है
    • माता-पिता और अन्य लोगों की (जिन्हें वे भावनाओं प्यार करते हैं)  रक्षा करने की कोशिश करें
    • शायद उनकी उम्र के कैंसर पीड़ित लोगों से जुड़ना उनके लिए सहायक हो। कैंसर से पीड़ित किशोर उम्र के बच्चे अकेला महसूस कर सकते हैं।
    • अपने समान उम्र के लोगों की तरह गतिविधियों में भाग नहीं लेने पर असफल महसूस करते हुए दोस्ती में बदलाव का अनुभव करते हैं
    • वजन में बदलाव, बालों के झड़ने और निशान सहित रूप-रंग में बदलाव के बारे में चिंता हो सकती है
    • तीव्र भावनात्मक प्रतिक्रिया देते हैं
    • जीवन के अर्थ और उनकी पहचान पर कैंसर के असर के बारे में ध्यान देते हैं
    • अपने भविष्य और कैंसर उनकी भविष्य की योजनाओं को कैसे प्रभावित कर सकता है इस बारे में सोचते हैं

    क्या कहें और क्या करें

    • किशोरावस्था वाले बच्चे कैंसर की एक जटिल व्याख्या को समझ सकते हैं और उसके बारे में इनके पास कई विस्तृत सवाल हो सकते हैं। वे अपने रोगनिदान के बारे में अधिक जानने में रुचि रख सकते हैं। यदि आपको लगता है कि वे जानकारी पाने के लिए इंटरनेट का उपयोग कर रहे हैं तो उन्हें विश्वसनीय ऑनलाइन स्रोतों पर भरोसा करने के लिए कहें। उन्हें याद दिलाएं कि प्रत्येक व्यक्ति का कैंसर अलग होता है और यह किसी भी जोखिम भरे व्यवहार का परिणाम नहीं होता है।
    • जितना संभव हो सके उतना उन्हें देखभाल टीम से निदान और इलाज की जानकारी सुननी चाहिए। हो सकता है कि किशोरावस्था वाले बच्चे अपने इलाज के बारे में फैसला लेने में भूमिका निभाना चाहते हों।
    • वे अपने कैंसर के बारे में इसके लक्षणों और रोज़मर्रा के जीवन जैसे स्कूल, खेल और दोस्तों पर इसके प्रभाव के बारे में सोचते रहते हैं।
    • किशोरावस्था वाले बच्चे अपने लक्षणों, कैंसर और इलाज की भूमिका के बीच के संबंधों को समझने में सक्षम होते हैं।
    • स्पष्ट रहें और तैयार रहें। अपने बच्चे को उनकी भावनाओं को साझा करने के लिए प्रोत्साहित करें लेकिन दबाव न डालें। जब आपका बच्चा आपके पास आता है तब भी आप वहां उसके साथ रहें भले ही आप यह तय न कर पा रहे हों कि क्या कहना है। 
    • किशोरावस्था वाले बच्चे कई स्रोतों से कैंसर के बारे में जानकारी सुनेंगे। अपने किशोरावस्था वाले बच्चे को जानकारी साझा करने के लिए कहें। इसके अलावा अपने किशोरों के विशिष्ट डर के बारे में जानें ताकि आप  और देखभाल टीम एक साथ इस पर चर्चा कर सकें।
    • किशोरावस्था वाले बच्चों को अक्सर अपनी शारीरिक बनावट को लेकर ख़ास तरह की चिंताएँ होती हैं। वे अपने बालों के झड़ने और बढ़े हुए वजन में बदलाव के बारे में चिंता कर सकते हैं। अपने किशोरावस्था वाले बच्चे के साथ अन्य संभावित दुष्प्रभावों के बारे में सच्चाई से बात करें खासकर जो दुष्प्रभाव केवल अस्थायी हैं। शुरुआत में सामाजिक संरचनाओं के बारे में चिंता का अनुभव करना किशोरावस्था वाले बच्चों के लिए साधारण हो सकता है। संभावित परिदृश्यों या उनके द्वारा पूछे जा सकने वाले सवालों और उन्हें संभालने के संभावित तरीकों के बारे में उनसे बात करें। उदाहरण के लिए, बालों के झड़ने की वजह से, ऑपरेशन प्रक्रियाओं के कारण होने वाले शारीरिक अंतरों या रंग-रुप में अन्य बदलाव को देखा जा सकता है जो कि कैंसर से पीड़ित किशोरावस्था वाले बच्चों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। देखभाल टीम से कहें कि वे विकट परिस्थितियों में याद करने के लिए आपके किशोरावस्था वाले बच्चे को सकारात्मक बातें कहें और स्थितियों को संभालने के लिए उन्हें सुझाव दें।
    • सामाजिक रूप से दोस्ती और सामंजस्य बैठाना किशोरावस्था वाले बच्चों के लिए प्राथमिक महत्व है। वे इस बात से भयभीत और नाराज होते हैं कि कैंसर ने कैसे उनका जीवन बदल दिया है और उन्हें उनके दोस्तों से अलग-थलग कर दिया है। टेक्सटिंग, ई-मेल, ऑनलाइन वीडियो चैट, पत्र, तस्वीरें और मुलाक़ात के माध्यम से अपने किशोरावस्था वाले बच्चे को दोस्तों से जुड़े रहने में मदद करने के तरीके ढूँढें। कुछ किशोरावस्था वाले बच्चे अपने दोस्तों से जुड़े रहने के लिए सोशल मीडिया साइट का उपयोग करते हैं या यहां तक कि दूसरे किशोरावस्था वाले बच्चे कैंसर विज्ञान रोगियों से मिलते हैं, जिनके पास उसी तरह के अनुभव हैं।
    • किशोरावस्था वाले बच्चे आमतौर पर जानना चाहते हैं कि क्या वे अभी भी "सामान्य" किशोरावस्था वाले बच्चों की तरह पार्टियां मना सकते हैं, स्कूल की गतिविधियों में हिस्सा ले सकते हैं और दोस्तों के साथ घूम सकते हैं।
    • ऐसा न समझें कि आप सबकुछ जानते हैं कि आपका किशोरावस्था वाला बच्चा क्या सोच रहा है। अवलोकन करने और उनकी बात सुनने के लिए समय निकालें। किशोरावस्था वाले बच्चों सहित कई लोगों को उनके विचारों और भावनाओं को साझा करने में परेशानी होती है। कभी-कभी आपके किशोरावस्था वाले बच्चे के लिए दोस्त पर या देखभाल टीम के सदस्य पर विश्वास करना आसान हो सकता है।
    • उनके प्राथमिक देखभाल करने वाले लोगों की अनुपस्थिति में किशोरावस्था वाले बच्चों को अस्पताल या कैंसर क्लिनिक में सामाजिक कार्यकर्ताओं, मनोवैज्ञानिकों और शिशु जीवन विशेषज्ञों के साथ भावनाओं के बारे में बात करने से लाभ हो सकता है।
    • आप अपने किशोरावस्था वाले बच्चे के सवालों, भय और अन्य विचारों को एक सूची में लिखने और उसे साझा करने के लिए प्रोत्साहित करना चाह सकते हैं। यदि आपका किशोर उम्र का बच्चा देखभाल टीम से कहने में संकोच करता है तो देखें कि आपके द्वारा उन्हें देखभाल टीम के साथ साझा करना ठीक है या नहीं।


समीक्षा की गई: जून 2018