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मुँह और गले में छाले

मुंह और गले के घाव, बच्चों में कैंसर उपचार से होने वाले आम दुष्प्रभाव हैं. इस स्थिति का नैदानिक नाम ओरल म्यूकोसाइटिस है.

ओरल म्यूकोसाइटिस क्या है?

ओरल का मतलब है मुंह और गला. म्यूकोसाइटिस श्लेष्मा झिल्ली की सूजन है, जो शरीर के कुछ आंतरिक अंगों की अंदरुनी नमीयुक्त कोमल पतली परत होती है. म्यूकोसाइटिस मुंह, आमाशय, आंतों और गुदा सहित पाचक नाल में कहीं भी हो सकता है. इसके परिणामस्वरूप अक्सर दर्दनाक घाव या छाले हो जाते हैं.

बचपन में होने वाले कैंसर से पीड़ित 50% से अधिक रोगियों में म्यूकोसाइटिस होने की संभावना होती है. जिन रोगियों में हेमेटोपोएटिक कोशिकाओं का प्रत्यारोपण (जिसे बोनमैरो प्रत्यारोपण या स्टेम सेल प्रत्यारोपण के रूप में भी जाना जाता है) हुआ है, उनमें से 75% से अधिक रोगियों में यह दुष्प्रभाव होने की संभावना होगी. कई रोगियों का कहना है कि म्यूकोसाइटिस, कैंसर उपचार का सबसे बुरे दुष्प्रभावों में से एक है.

मुंह और गले के घाव एक चिंता का कारण है क्योंकि इनसे:

  • दर्द और परेशानी हो सकती है
  • रोगी को खाने और पीने में तकलीफ़ हो सकती है
  • रोगी को संक्रमण होने का अधिक खतरा हो सकता है
  • रोगी की उपचार योजना में बदलाव हो सकते हैं

इस दुष्प्रभाव को प्रबंधित किया जा सकता है, लेकिन पूरी तरह से इसकी रोकथाम नहीं की जा सकती. मुंह और गले में घाव या छाले होने की समस्या से निपटने में निम्नलिखित शामिल हो सकते हैं:

  • रोकथाम
  • दर्द और परेशानी का उपचार
  • संक्रमण का उपचार
  • पोषण संबंधी सहायता

मुंह के छालों का कारण क्या है?

वे कारक जिनसे रोगियों के मुंह में घाव या छाले होने की अधिक संभावना होती है, उनमें निम्नलिखित शामिल हैं:

  • उच्च-मात्रा वाली कीमोथेरेपी
  • हेमेटोपोएटिक कोशिकाओं का प्रत्यारोपण (जिसे बोनमैरो प्रत्यारोपण या स्टेम सेल प्रत्यारोपण के रूप में भी जाना जाता है), जो प्रत्यारोपण से पहले उच्च-मात्रा वाली कीमोथेरेपी से संबंधित है
  • सिर और गर्दन पर रेडिएशन
  • सफ़ेद कोशिकाओं की कमी
  • खराब दंत स्वास्थ्य

मुँह और गले में छाले के संकेत और लक्षण

निम्नलिखित संकेत और लक्षण दिखाई देने पर रोगियों और परिवारों को अपनी देखभाल टीम को इसके बारे में सूचित करना चाहिए:

  • होंठ, मुंह या गले में घाव या दर्द
  • निगलने में कठिनाई
  • मुंह या गले में से अत्यधिक पानी आना (मुंह से लार बहना)
  • मुंह या गले में सफेद धब्बे या घाव
  • मसूड़ों से रक्तस्राव
  • शरीर का तापमान 100.4 F या 38.0 C होना

मुँह और गले में छाले की पहचान करना

मुंह और गले में घाव या छाले होने का निदान निम्नलिखित द्वारा किया जाता है:

  • शारीरिक रूप से मुंह और गले की जांच द्वारा. देखभाल टीम का एक सदस्य होंठों के नीचे की त्वचा, दाएं और बाएं गाल के अंदर, जीभ के निचले और दोनों तरफ के भागों, मुंह की अंदरुनी ऊपरी और निचली सतह, कोमल तालु और गले की जांच करेगा.
  • रोगी की दर्द के साथ खाने और पीने में अक्षमता की शिकायत.

देखभाल टीम स्थिति की गंभीरता के आधार पर म्यूकोसाइटिस को 1-4 तक की श्रेणी में श्रेणीबद्ध करेगी. श्रेणी से उपचार विधियां निर्धारित करने में मदद मिलेगी. श्रेणी 3-4 को गंभीर माना जाता है -- श्रेणी जितनी अधिक गंभीर होगी, जटिलताएं उतनी ही अधिक बढ़ी हुई होंगी.

मुँह और गले में छाले की समस्या की रोकथाम

कुछ मामलों में मुंह और गले में घाव या छाले होने की समस्या की रोकथाम नहीं की जा सकती. लेकिन रोगी लक्षणों की गंभीरता को संभावित रूप से कम करने के लिए कुछ चरणों का पालन कर सकते हैं.

  • दांतों की जांच — यदि संभव है, तो उपचार के शुरू होने से पहले आपके बच्चे के दांतों की जांच होनी चाहिए. सुनिश्चित करें कि दंत विशेषज्ञ को आपके बच्चे के एक कैंसर रोगी होने के बारे में पता है. इस जांच से दांत संबंधी किसी भी समस्या का पता लग सकता है, जिसे ठीक करने या जिस पर नज़र रखने की ज़रूरत हो सकती है.
  • उपचार शुरू होने से पहले मुंह में लगे उपकरणों या ब्रेसेज़ को हटाने की आवश्यकता हो सकती है.
  • मुंह की प्रतिदिन देखभाल — भले ही मुंह की देखभाल पीड़ादायक हो, फिर भी देखभाल टीम के निर्देशों का पालन करें.
    • दांतों को मुलायम टूथब्रश से आराम से साफ़ करें. दांतों को सावधानी से साफ़ किया जाना चाहिए. इससे मसूड़ों से रक्तस्राव हो सकता है जिससे हानिकारक बैक्टीरिया को रक्तप्रवाह में प्रवेश करने का रास्ता मिल सकता है. यदि टूथ ब्रश करना संभव न हो तो ओरल स्वैब या स्पंज का प्रयोग किया जा सकता है.
    • केवल देखभाल टीम द्वारा सुझाए गए माउथ रिन्स का ही उपयोग करें. क्लोरहेक्सिडिन जैसे एंटीबैक्टीरियल रिन्स मुंह से बैक्टीरिया को निकाल सकते हैं.
    • यदि रोगी के मुंह में छाले हों तो हो सकता है कि वह फ़्लॉस न कर पाए. फ़्लॉस करने से पहले देखभाल टीम से पूछें. इससे टिशू को नुकसान पहुंच सकता है जिससे रक्तस्राव और संक्रमण हो सकता है.
    • मुंह में कोई कटाव या घाव न हो इसके लिए डाइटीशियन संभवतः कीमोथेरेपी के आरंभ में ही "नरम" आहार लेने की सलाह देगा. नरम खाद्य सामग्रियों को चबाना और निगलना आसान होता है. रोगियों को मोटे और खुरदरे भोजन और ऐसे खाद्य पदार्थों से बचने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, जिनमें बहुत सारे मसाले या एसिड होते हैं. वे उन्हें बहुत गरम या ठंडी आहार सामग्री का सेवन करने से भी बचने के लिए कह सकते हैं.
  • देखभाल टीम मुंह में सूखेपन की समस्या से बचने के उपायों का सुझाव दे सकती है. इन विधियों में तरल पदार्थों का सेवन, सलाइवा सब्स्टिट्यूट (कृत्रिम लार) या माउथ रिन्स का उपयोग करना और शूगर-फ़्री कैंडी और गम का सेवन करना शामिल है.
  • होंठों की देखभाल — देखभाल टीम द्वारा सुझाए गए लिप मॉइस्चराइज़र का उपयोग करें.
  • बर्फ़ से उपचार या आइस थेरेपी — कीमोथेरेपी के पहले और उसके दौरान थोड़े-थोड़े समय में बर्फ़ के पतले टुकड़े खाना मुंह के घावों या छालों के विकास को धीमा कर सकता है. यह प्रक्रिया क्रायोथेरेपी कहलाती है. ठंडापन मुंह में रक्तप्रवाह को कम कर सकता है.
  • पैलीफ़र्मिन — पैलीफ़र्मिन वह दवा है जिसका सुझाव कभी-कभी स्वजातीय हेमेटोपोएटिक कोशिका प्रत्यारोपण प्राप्त करने वाले रोगियों में रोगनिरोधी उपचार के रूप में किया जाता है.

फ़ोटो मॉड्यूलेशन (निम्न-स्तरीय लेज़र) थेरेपी की अभी रोकथाम और उपचार विधि के रूप में अध्ययन किया जा रहा है. यह थेरेपी टिशू के पुनर्विकास को बढ़ावा देने, जलन, सूजन और दर्द को कम करने के लिए प्रकाश का उपयोग करती है.

मुंह के छालों का इलाज

उपचार में दर्द कम करने, संक्रमण से निपटने और रोगी को आवश्यक पोषण मिलना सुनिश्चित करने पर ध्यान दिया जाता है.

दर्द का प्रबंधन

दर्द उपचार स्थानीय या दैहिक हो सकते हैं और यह रोगी के लक्षणों पर निर्भर करेगा.

स्थानीय उपचार में निम्नलिखित कार्य शामिल हो सकते हैं:

  • रिन्स या “मैजिक माउथवॉश” — देखभाल टीम समाधान के रूप में कुछ रिन्स या "मैजिक माउथवॉश" का सुझाव दे सकती है. मैजिक माउथवॉश कई अलग-अलग प्रकार के होते हैं. सामग्रियां बाल-थेरेपी देखभाल केंद्र के हिसाब से बदलती रहती हैं. इनमें अक्सर दर्द में राहत देने वाली, संक्रमण से लड़ने वाली और सूजन को कम करने वाली दवाएं शामिल होती हैं.
  • टॉपिकल जैल — देखभाल टीम द्वारा सुझाए गए इन जैल से अस्थायी रूप से पीड़ा में राहत मिल सकती है.

दैहिक उपचार में विभिन्न प्रकार की दर्द निवारक दवाएं शामिल हो सकती हैं. देखभाल टीम अन्य प्रकार के दर्द निवारक उपचार को बढ़ावा दे सकती है जिसमें दवा शामिल नहीं होती.

पोषण संबंधी सहायता

जब रोगियों को खाने-पीने से संबंधित समस्याएं होती हैं, तो इस स्थिति से शरीर में पानी की कमी हो सकती है और/या वे कुपोषण का शिकार हो सकते हैं.

कुछ मामलों में, रोगियों को ट्यूब फ़ीडिंग अथवा पूर्ण पैरेंटरल पोषण (TPN) प्राप्त करने की आवश्यकता पड़ सकती है.

संक्रमणों के लिए उपचार

मुंह और गले में होने वाले जख्मों और छालों से कीटाणुओं (बैक्टीरिया, वायरस, फंगस) को शरीर में प्रवेश करने का रास्ता मिल जाता है जिनसे संक्रमण हो सकता है.

संक्रमण के उपचार में एंटीबायोटिक, एंटीवायरल और/या एंटीफंगल दवाएं शामिल हो सकती हैं. देखभाल टीम एक सर्वोत्तम संक्रमण उपचार योजना बनाने के लिए किसी संक्रामक रोग विशेषज्ञ से परामर्श ले सकती है.


समीक्षा की गई: जनवरी 2019