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गांग्लियोग्लिओमा

गांग्लियोग्लिओमा क्या है?

गांग्लियोग्लिओमा दुर्लभ ट्यूमर हैं जो मस्तिष्क और रीढ़ के अंदर की नस में पाए जाते हैं। वे केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (सीएनएस) में तंत्रिका कोशिकाओं (नाड़ीग्रन्थि कोशिकाएं) और सहायक कोशिकाओं (ग्लायल सेल) के समूहों से विकसित होते हैं। अधिकांश गांग्लियोग्लिओमा बच्चों और युवा वयस्कों में होते हैं। होने वाले सभी सीएनएस ट्यूमर में इसकी दर 2% से भी कम है। गांग्लियोग्लिओमा अक्सर छोटे, कम-श्रेणी के ट्यूमर होते हैं जो फैलते नहीं हैं। हालांकि, वे कई बार असाध्य या कैंसर, उच्च-श्रेणी के ट्यूमर हो सकते हैं।

गांग्लियोग्लिओमा विकसित होने का सबसे आम स्थान सेरेब्रम में है, आमतौर पर टेम्पोरल लोब में। हालांकि, वे केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में कहीं भी उत्पन्न हो सकते हैं।

गांग्लियोग्लिओमा का प्रमुख इलाज सर्जरी है। यदि ट्यूमर को निकाला नहीं जा सकता या वह वापस आ जाता है तो रेडिएशन थेरेपी का उपयोग किया जा सकता है। कीमोथेरेपी और लक्षित इलाज का भी उपयोग किया जा सकता है। चिकित्सकों को यदि ये ट्यूमर छोटे और कम-श्रेणी के लगते हैं और उन्हें लगता है कि इनसे कोई समस्या नहीं होगी तो वे कई बार इन पर निगरानी रखने का सुझाव देते हैं। कम-श्रेणी के गांग्लियोग्लिओमा से पीड़ित बच्चे आमतौर पर बेहतर प्रदर्शन करते हैं और उनके जीवित रहने की दर 90% से अधिक है।

गांग्लियोग्लिओमा एक प्रकार के मस्तिष्क के कैंसर हैं जो अधिकांश रूप से सेरब्रम (मस्तिष्क) में विकसित होते हैं।

गांग्लियोग्लिओमा एक प्रकार के मस्तिष्क के कैंसर हैं जो अधिकांश रूप से सेरब्रम (मस्तिष्क) में विकसित होते हैं।

गांग्लियोग्लिओमा के संकेत और लक्षण क्या हैं?

लक्षण ट्यूमर के आकार और स्थान पर निर्भर करते हैं। क्योंकि गांग्लियोग्लिओमा अक्सर धीमी गति से बढ़ते हैं, इसलिए लक्षणों की शुरुआत भी अक्सर धीमी गति से होती है। गांग्लियोग्लिओमा के प्रमुख लक्षण दौरे पड़ना है।

गांग्लियोग्लिओमा लक्षणों में निम्नलिखित शामिल हैं:

  • दौरे पड़ना
  • सिरदर्द
  • जी मिचलाना और उल्टी होना
  • थकान
  • शरीर के एक ओर के भाग में कमज़ोरी

गांग्लियोग्लिओमा रोग की पहचान कैसे की जाती है?

चिकित्सक कई तरीकों से गांग्लियोग्लिओमा का आकलन करते हैं।  

  • स्वास्थ्य इतिहास और शारीरिक जांच से चिकित्सक को लक्षणों, सामान्य स्वास्थ्य, पिछली बीमारी और जोखिम कारकों के बारे में जानने में मदद मिलती है।
    • अधिकांश गांग्लियोग्लिओमा बड़े बच्चों और युवा वयस्कों में होते हैं। वे महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों में थोड़े अधिक बार होते हैं। आमतौर पर, इसका कारण अज्ञात है।
  • तंत्रिका-सम्बंधित जाँच, स्मृति, देखने, सुनने, मांसपेशियों की ताकत, संतुलन, समन्वय और प्रतिवर्ती क्रियाओं सहित मस्तिष्क के कामों के विभिन्न पहलुओं को मापता है।
  • विद्युत मस्तिष्क लेखी या इलेक्ट्रोइलेक्ट्रोएन्केफेलोग्राम (ईईजी), मस्तिष्क की विद्युतीय गतिविधि को मापता है। यह जांच स्कैल्प इलेक्ट्रोड के माध्यम से दौरे पड़ने की गतिविधि की निगरानी करती है और उसे रिकॉर्ड करती है।
  • ट्यूमर की पहचान करने, ट्यूमर कितना बड़ा है यह देखने और मस्तिष्क के कौन से भाग प्रभावित हो सकते हैं यह पता लगाने में मदद के लिए इमेजिंग जांचों का उपयोग किया जाता है।
    • मैग्नेटिक रेसोनेंस इमेजिंग (एमआरआई) शरीर के विस्तृत चित्र बनाने के लिए रेडियो तरंगों और चुम्बकों का उपयोग करती है। एमआरआई द्वारा बनाई गई छवियों से ट्यूमर के प्रकार के बारे में अधिक जानकारी मिल सकती हैं। सर्जरी के बाद यह देखने के लिए भी एमआरआई किया जाता है कि कोई ट्यूमर बाकी तो नहीं रह गया है।
    • कंप्यूटेड टोमोग्राफी (सीटी स्कैन) शरीर के अंदर के अंगों और ऊतकों की अनुप्रस्थ परिच्छेदन (क्रॉस-सेक्शनल) छवियां बनाने के लिए एक्स-रे का उपयोग करता है। इसमें मशीन एक बहुत ही विस्तृत छवि का निर्माण करने के लिए बहुत सी तस्वीरें लेती है। छवियां शरीर की विभिन्न “स्लाइस” की श्रृंखला के रूप में ली जाती हैं और उन्हें कंप्यूटर में सहेज लिया जाता है। इन स्लाइस या खंड से छोटे से छोटे ट्यूमर भी देखे जा सकते हैं।
  • गांग्लियोग्लिओमा रोग की पहचान करने के लिए आमतौर पर बायोप्सी का उपयोग किया जाता है। बायोप्सी में, सर्जरी के दौरान ट्यूमर का एक छोटा सा नमूना निकाला जाता है। उसके बाद एक रोगविज्ञानी ट्यूमर के विशिष्ट प्रकार का पता लगाने के लिए उस ऊतक के नमूने को माइक्रोस्कोप के नीचे रखकर देखता है।

गांग्लियोग्लिओमा का श्रेणीकरण और स्तर का पता लगाना

गांग्लियोग्लिओमा आमतौर पर कम-श्रेणी के ट्यूमर होते हैं। अधिकांश स्थितियों में, वे धीमी गति से विकसित होते हैं और इन्हें असाध्य या कैंसर नहीं माना जाता है। हालांकि, लगभग 5-10% गांग्लियोग्लिओमा अधिक आक्रामक, उच्च-श्रेणी के ट्यूमर होते हैं।

गांग्लियोग्लिओमा के लिए रोग-पूर्वानुमान क्या है?

गांग्लियोग्लिओमा से पीड़ित बच्चों के लिए, रोग के पूर्वानुमान को प्रभावित करने वाला सबसे महत्वपूर्ण कारक ट्यूमर की श्रेणी है।

ठीक होने की संभावना को प्रभावित करने वाले अन्य कारकों में निम्नलिखित शामिल है:

  • क्या सर्जरी से ट्यूमर पूरी तरह निकल सकता है या नहीं।
  • ट्यूमर का स्थान।
  • यदि कैंसर नया है या यदि यह वापस आया है (पुनरावर्ती)।

गांग्लियोग्लिओमा का इलाज कैसे किया जाता है?

ट्यूमर को यथासंभव अधिक से अधिक निकालने के लिए गांग्लियोग्लिओमा का प्रमुख इलाज सर्जरी है। यदि ट्यूमर को पूरी तरह से निकाला नहीं जा सकता या ट्यूमर वापस आ जाता है तो रेडिएशन थेरेपी का उपयोग किया जा सकता है। लक्षित इलाज का उपयोग करने वाले नए इलाजों का बीमारी के परीक्षणों में अध्ययन किया जा रहा है।

गांग्लियोग्लिओमा के बाद जीवन

इलाज के बाद रोगियों की निगरानी के लिए बाल-चिकित्सा इमेजिंग का उपयोग किया जाता है। अन्य कम-श्रेणी के ग्लिओमा की तरह, यदि ट्यूमर का पूरी तरह से काट कर नहीं निकाला है तो इस रोग के दोबारा होने का खतरा बहुत अधिक होता है। फॉलो-अप देखभाल में आवश्यकतानुसार उपयुक्त पुनर्सुधार, मनोवैज्ञानिक, और न्यूरोलॉजिकल या तंत्रिका संबंधी परामर्श शामिल होने चाहिए। बहुत से रोगियों को सर्जरी के बाद दौरे रोकने की दवाइयां लेनी होंगी, लेकिन अक्सर इन दवाओं को कुछ समय बाद कम या बंद किया जा सकता है।

और अधिक जानकारी: मस्तिष्क के कैंसर के बाद जीवन


समीक्षा की गई: जून 2018