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Together, बच्चों को होने वाले कैंसर से पीड़ित किसी भी व्यक्ति - रोगियों और उनके माता-पिता, परिवार के सदस्यों और मित्रों के लिए एक नया सहारा है.

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कीमो ब्रेन और ज्ञान-संबंधी दुष्प्रभाव

कीमो ब्रेन क्या है?

कुछ कैंसर मरीजों के कैंसर के इलाज के दौरान ज्ञान-संबंधी कार्य में बदलाव आते हैं। मरीज और परिवार को सोचने, ध्यान देने या याददाश्त में कुछ बदलाव दिखाई दे सकते हैं। कैंसर के मरीज अक्सर इसे कीमो ब्रेन या ब्रेन फॉग कहते हैं। ज्ञान-संबंधी बदलाव को पूरी तरह से समझा नहीं गया है और दूसरे कारण जिसमें कीमोथेरेपी, रेडिएशन थेरेपी, सर्जरी या हाइड्रोसिफ़लस (दिमाग में पानी आ जाना) हो सकते हैं। कुछ ज्ञान-संबंधी बदलाव अस्थायी होते हैं, जबकि अन्य लंबे समय तक होते हैं।

ज्ञान-संबंधी देर से होने वाले प्रभाव

बचपन में होने वाले कैंसर के कुछ इलाज, जिसमें कीमोथेरेपी और रेडिएशन थेरेपी भी शामिल हैं, ज्ञान-संबंधी कार्यशीलता पर दीर्घकालीन समस्याएं बढ़ाते हैं। इन परेशानियों को ज्ञान-संबंधी देर से होने वाले प्रभाव के नाम से जाना जाता है।

कैंसर के बाद जीवन में होने वाले ज्ञान-संबंधी देरी वाले प्रभावों के बारे में और अधिक पढ़ें।

बच्चों और किशोरों में कीमो ब्रेन और ज्ञान-संबंधी दुष्प्रभाव के लक्षण

कैंसर के दौरान ज्ञान-संबंधी प्रभाव के संकेत और लक्षण अक्सर मरीज की उम्र पर निर्भर करते हैं। मरीजों को ऐसा लग सकता है कि उनके विचार धीमे हैं या उनका दिमाग अंधकारमय है। ज्ञान-संबंधी समस्या या कीमो ब्रेन में ये लक्षण शामिल हो सकते हैं:

  • कमजोर स्मरणशक्ति
  • अधिक समय तक ध्यान न दे पाना
  • ध्यान खोना या आसानी से विचलित होना
  • धीमा बोलना
  • सही शब्द के चयन में परेशानी
  • भ्रमित रहना
  • काम पूरा करने में ज़रूरत से ज़्यादा समय लेना
  • विचारों को व्यवस्थित करने में समस्या
  • स्कूल से घबराहट या निराशा
  • स्कूल या कार्य प्रदर्शन में परिवर्तन
  • पढ़ने, खेल या अन्य गतिविधियां जिसमें मानसिक ध्यान की ज़रूरत होती है, उनमें रूचि न लेना

कीमो ब्रेन और ज्ञान-संबंधी दुष्प्रभावों के कारण

कीमोथेरेपी और रेडिएशन थेरेपी के ज्ञान-संबंधी दुष्प्रभावों के बहुत से कारण होने की संभावना है। कैंसर के इलाज, कोशिका के विकास, सूजन और रक्त प्रवाह के माध्यम से सीधे तौर पर मस्तिष्क पर असर डाल सकते हैं।

अन्य कारक भी कैंसर के रोगियों की सोच, ध्यान और याददाश्त को प्रभावित कर सकते हैं। इनमें शामिल है:

परिवारों के लिए इस बात का ध्यान रखना बहुत ज़रूरी है कि ज्ञान-संबंधी समस्याओं का होना कैंसर अनुभव से संबंधित नहीं हो सकता है। इसके बजाय लक्षण पारिवारिक जोखिम या विकासात्मक समस्याओं को दिखा सकते हैं, जो इलाज से असंबंधित है। (उदा. डिस्लेक्सिया या एडीएचडी)। एक न्यूरोसाइकोलॉजिकल मूल्यांकन विशिष्ट समस्याओं का पता लगाने, संभावित कारणों की पहचान करने और उन हस्तक्षेपों की अनुमति देने में मदद कर सकता है जो मरीज की सबसे अच्छी जरूरतों को पूरा करते हैं।

कीमो ब्रेन और ज्ञान-संबंधी दुष्प्रभावों से निपटना: परिवारों के लिए सलाह

कैंसर के इलाज के दौरान कुछ ज्ञान-संबंधी परिवर्तन हो सकते हैं, जो लंबे समय तक रह सकते हैं या नहीं भी रह सकते हैं। हालांकि, ऐसी भी चीजें हैं जो परिवार ज्ञान-संबंधी दुष्प्रभावों को रोकने और ज्ञान-संबंधी स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में मदद करने के लिए कर सकते हैं।

  • ज्ञान-संबंधी परिवर्तनों से सचेत रहें। कैंसर के इलाज के दुष्प्रभावों के जोखिम और देरी से प्रभाव के विषय में अपनी देखभाल टीम से बात करें। ज्ञान-संबंधी समस्याओं के लक्षणों पर गौर करें। बच्चों को लक्षण समझाएं, ताकि वे उसे समझ सकें। ज्ञान-संबंधी बदलाव डरावने हो सकते हैं, विशेषतः यदि आपको नहीं पता कि क्या होगा।
  • ज्ञान-संबंधी समस्याओं के लिए मदद लेंन्यूरोसाइकोलॉजिस्ट, मनोविज्ञानी (साइकोलॉजिस्ट) और शिक्षण विशेषज्ञ समस्याओं का मूल्यांकन करने और स्कूल या काम में मदद करने में सहकार्य कर सकते हैं। ज्ञान-संबंधी देरी से प्रभाव के लिए अति जोखिम वाले मरीजों के लिए विशेष रूप से शुरुआत में ही ध्यान देना महत्वपूर्ण होता है। कुछ रोगी दवाई से ठीक हो जाते हैं, खास तौर पर ध्यान और एकाग्रता के मामले में मदद के साथ। कैंसर रोगियों में ज्ञान-संबंधी कार्य में सुधार के लिए अध्ययन की जा रही दवाइयों में मिथाइलफेनाडेट (Ritalin®) और मोडाफिनिल (Provigil®) शामिल हैं।
  • स्वास्थ्य संबंधी अच्छी आदतें अपनाएं। बहुत स्वास्थ्य आदतें जो शारीरिक स्वास्थ्य के लिए अच्छी हैं, वे मानसिक स्वास्थ्य और ज्ञान-संबंधी कार्य के लिए अच्छी होती हैं।
    • कसरत करें और सक्रिय रहें।
    • पौष्टिक भोजन खाएं।
    • अच्छी नींद लेने की आदत डालें।
    • तनाव पर नियंत्रण रखें।
  • स्कूल सहायता के लिए योजना बनाएं। कैंसर के बाद स्कूल जाने पर बच्चों और किशोरों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। शिक्षकों और स्कूल प्रशासकों से संसाधनों और शैक्षणिक आवास के विषय में बात करें और छात्र की व्यक्तिगत ज़रूरत के लिए योजना बनायें।

कीमो ब्रेन और ज्ञान-संबंधी दुष्प्रभाव को नियंत्रण में रखने के व्यावहारिक उपाय

कई मरीजों के लिए, समय के साथ ज्ञान-संबंधी कार्य में सुधार होगा। हालांकि, कीमो ब्रेन और ज्ञान-संबंधी समस्याओं से प्रतिदिन निपटने के कुछ व्यावहारिक उपाय हैं। मरीज और परिवार के लोग मिलकर अपनी ज़रूरत के हिसाब से कार्यनीति बना सकते है। सुनिश्चित करें कि कार्यनीति आयु के अनुसार होनी चाहिए और इसमें मरीज का सहभागी होना ज़रूरी है।

याददाश्त सहायक और उपकरण का उपयोग करें। कीमो ब्रेन और ज्ञान-संबंधी दुष्प्रभाव में याददाश्त की समस्या आम होती है। कैलेंडर, नोट्स, कार्य सूची और अनुस्मारक, मरीज को अपने दिन को व्यवस्थित रखने और कार्यो को पूरा करने में मदद कर सकते हैं।

  • नियत कामों की कार्य-सूची बनाएं, जिसे पूरा किया जा सकता है।
  • दवाई लेने या कार्यो को पूरा करने के लिए अलार्म लगाएं।
  • एक विस्तृत प्लानर या कैलेंडर बनाकर रखें। यह प्रत्येक व्यक्ति के लिए निर्दिष्ट स्थान के साथ एक पारिवारिक कैलेंडर रखने में भी मदद कर सकता है।
  • पाठ और होमवर्क के लिए सभी नोट्स प्राप्त करने के लिए शिक्षकों के साथ मिलकर काम करें।
  • शेड्यूल अपडेट और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी के लिए पाठ अनुस्मारक का उपयोग करें।

दिनचर्या बनाकर रखें। बहुत से परिवारों को लगता है कि याद रखना और ध्यान केंद्रित करने के लिए निरंतरता महत्वपूर्ण है। एक स्थिर दिनचर्या तनाव और चिंता को कम करने में मदद कर सकती है, क्योंकि बच्चे जानते हैं कि उनसे क्या उम्मीद की जानी चाहिए।

  • प्रतिदिन एक नियमित समय पर जागें और सोएं।
  • होमवर्क, खेलने, भोजन और सोने के लिए एक निश्चित समय निर्धारित करें।
  • पैदल चलने, सायकल चलाने या ड्राइविंग करने के लिए एक ही निर्धारित मार्ग का उपयोग करें।
  • प्रतिदिन समय पर दवाइयां लें और चिकित्सकीय देखभाल का कार्य करें।
  • वस्तुएँ एक ही स्थान पर रखें और उन चीजों का बैक-अप रखें जो अक्सर गलत तरीके से रखे जाते हैं (जूते, कोट, पाठ्यपुस्तक, चाबियाँ)।

एक समय एक ही चीज पर ध्यान दें। कीमो ब्रेन या ज्ञान-संबंधी दुष्प्रभावों से संघर्ष कर रहे रोगियों के लिए एकाधिक कार्य करना मुश्किल हो सकता है। गतिविधियों के दौरान ध्यान को ज़्यादा न भटकाएँ। मरीज के कार्यों को आसान चरणों में बाँटने में मदद करें और एक बार में एक ही चरण पूरा करें।

  • होमवर्क, पढ़ने या योजनाओं के लिए एक शांत जगह बनायें।
  • स्कूल जाते या सोते समय टीवी और संगीत बंद रखें।
  • जटिल कार्यो के लिए दिशानिर्देश लिखें।
  • क्लासरूम में बैठने की जगह तय करने, जैसे आगे की पंक्ति में बैठना, अतिरिक्त समय तक बैठना या परीक्षा या स्वतंत्र कार्य के दौरान निजता के लिए शिक्षकों के साथ मिलकर काम करें।

मानसिक कुशलता का अभ्यास करें। कीमो ब्रेन या ज्ञान-संबंधी दुष्प्रभाव हर इंसान को अलग तरह से प्रभावित कर सकते हैं। कुछ मरीजों में याददाश्त की समस्या हो सकती है, तो कुछ में एकाग्रता की समस्या हो सकती है। कुशलता पर काम करने के लिए मनोरंजक तरीकों का पता लगाएं और खेल, पहेलियां और गतिविधियों के माध्यम से दिमागी कसरत करें। निश्चित करें की उम्र और क्षमता के आधार पर गतिविधियों का चयन किया जाए।

  • ऐसे खेलों को उपयोग में लाएं जिसमें याददाश्त, कार्यनीति या तर्क का इस्तेमाल हो।
  • शारीरिक गतिविधियां करें, जिसमें शारीरिक और मानसिक समन्वय दोनों का उपयोग होता है।
  • शब्दों के खेल को शामिल करें, जिसमें शब्द खोजें और शब्दावली हो।
  • निश्चित करें कि ये गतिविधयां मनोरंजक हों, न की तनावपूर्ण। घबराहट, थकान या निराशा पर नज़र बनाए रखें।

कीमो ब्रेन और ज्ञान-संबंधी कार्य पर अधिक जानकारी प्राप्त करें।


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समीक्षा की गई: अप्रैल 2019