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हड्डी का स्कैन

हड्डी का स्कैन एक इमेजिंग जांच है जिसमें हड्डियों में मौजूद कैंसर सहित बहुत सी परिस्थितियों के कारण होने वाली क्षति का पता लगाने के लिए उनका निरीक्षण किया जाता है। यह इसे भी मॉनिटर करने में मदद कर सकता है कि कैंसर का इलाज कितना कारगर है।

हड्डी के स्कैन में हड्डी के असामान्य क्षेत्रों का पता लगाने में मदद के लिए ट्रेसर नामक बहुत कम मात्रा के रेडियोधर्मी पदार्थ (जिसे रेडियोट्रेसर या रेडियोफ़ार्मास्यूटिकल भी कहा जाता है) का उपयोग किया जाता है। क्योंकि ट्रेसर में कम मात्रा में रेडियोधर्मी पदार्थ शामिल होता है, इसलिए हड्डी के स्कैन को न्यूक्लियर मेडिसिन कहा जाता है।

अगर देखा जाए तो न्यूक्लियर मेडिसिन शब्द माता-पिता के लिए चिंता का एक कारण हो सकता है क्योंकि किसी भी रेडियोधर्मी पदार्थ के संपर्क में आने के संभावित स्वास्थ्य संबंधित जोखिम होते हैं। न्यूक्लियर मेडिसिन विशेषज्ञ रेडियोट्रेसर की मात्रा का ध्यान से चयन करने के लिए ALARA सिद्धांत (As Low As Reasonably Achievable या यथोचित रूप से निष्पाद्य जितना कम) का उपयोग करते हैं जो रोगी को कम से कम मात्रा में रेडिएशन जोखिम पहुंचाते हुए एक सटीक जांच प्रदान करेगा। खुराक का निर्धारण रोगी के शरीर के वजन, अध्ययन के कारण और शरीर की छवि लिए जा रहे अंग के अनुसार किया जाता है। न्यूक्लियर मेडिसिन प्रक्रियाओं को किसी भी ज्ञात प्रतिकूल प्रभाव के बिना वयस्कों पर 50 वर्षों से भी अधिक समय से और शिशुओं और सभी उम्र के बच्चों पर 40 वर्षों से भी अधिक समय से किया जा रहा है।

यह जांच एक प्रमाणित न्यूक्लियर मेडिसिन टेक्नोलॉजिस्ट द्वारा की जाती है और इसके 3 भाग हैं:

  1. ट्रेसर प्राप्त करना — सबसे पहले, रोगी एक कम मात्रा में ट्रेसर प्राप्त करता है, आमतौर पर आईवी के माध्यम से। इंजेक्शन देने के बाद आईवी को निकाल दिया जाता है।
  2. प्रतीक्षा अवधि — रोगी को, ट्रेसर को रक्तवाहिकाओं से होकर अपने लक्ष्य तक पहुंचने देने तक कम से कम 2 घंटे तक प्रतीक्षा करनी पड़ती है। इस समय के दौरान, रोगी अपनी सामान्य गतिविधियों को जारी रख सकता है।
  3. स्कैन करवाना — ट्रेसर के अवशोषित हो जाने के बाद, रोगी हड्डी का स्कैन करवाने के लिए न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग में वापस जाता है। कैमरे विस्तृत छवियां बनाने के लिए रोगी के शरीर के चारों ओर घूमते हैं।

गामा कैमरे, कंप्यूटर की सहायता से, सिन्टग्राम नामक छवियां बनाएंगे। हल्के या गहरे रंग के दिखाई देने वाले क्षेत्र कैंसर होने का संकेत दे सकते हैं।

क्योंकि न्यूक्लियर मेडिसिन प्रक्रियाएं कोशिकीय स्तर पर शारीरिक क्रियाओं की छवि बनाती हैं, इसलिए वे रोग की पहचान उसकी प्रारंभिक अवस्था में ही कर सकती हैं और साथ ही रोगी की चिकित्सा के प्रति तत्काल प्रतिक्रिया का भी पता लगा सकती हैं। हड्डी का स्कैन एक सामान्य एक्स-रे की अपेक्षा असामान्यताओं का अक्सर बहुत ही जल्दी पता लगा सकता है।

आमतौर पर इस प्रक्रिया के दौरान पूरे शरीर को स्कैन किया जाता है। यदि परिणाम हड्डी की क्षति को दर्शाते हैं जो कैंसर के कारण हो सकती है, तो अधिक जांचों की आवश्यकता पड़ सकती है। इन जांचों में कंप्यूटेड टोमोग्राफ़ी (सीटी) स्कैन, पोजीट्रान एमिशन टोमोग्राफी (पैट) स्कैन, मैग्नेटिक रेसोनेंस इमेजिंग (एमआरआई) या बायोप्सी (टुकड़ा निकालना) शामिल है।

एक न्यूक्लियर मेडिसिन चिकित्सक स्कैन परिणामों की व्याख्या करेगा और उन्हें स्कैन का आदेश देने वाले चिकित्सक के साथ साझा करेगा। रोगी का प्राथमिक कैंसर विशेषज्ञ परिणामों को परिवार के साथ साझा करेगा।

हड्डी का स्कैन करवाने से पहले परिवारों को क्या करना चाहिए?

आमतौर पर, रोगियों को हड्डी का स्कैन करवाने से पहले कोई विशेष तैयारी करने की ज़रूरत नहीं होती। वे नियोजित मुलाकात से पहले सामान्य रूप से खा और पी सकते हैं।

  • दवाइयां — परिवारों को रोगी द्वारा सेवन की जा रही सभी दवाइयों के बारे में चिकित्सीय टीम को बता देना चाहिए। बेरियम या बिस्मथ युक्त दवाइयां (जैसे Pepto-Bismol™) जांच परिणामों को प्रभावित कर सकती हैं और रोगियों को स्कैन से पहले इन दवाइयों का सेवन करना रोकना होगा।
  • एलर्जी और चिकित्सीय समस्याएं — परिवारों को रोगी के गर्भवती हो सकने की संभावना सहित, रोगी की दवा संबंधित एलर्जी या अन्य चिकित्सीय अवस्थाओं के बारे में भी टीम को सूचित करना चाहिए।
  • बीमा — माता-पिता को अपने बीमा प्रदाता से पहले से ही यह पता लगा लेना चाहिए कि जांच का कितना खर्च बीमा में कवर किया जाएगा और आपको कितना भुगतान करना होगा।
  • प्रश्न पूछें — माता-पिता और रोगियों को हड्डी के स्कैन से संबंधित सभी चिंताओं के बारे में चिकित्सीय टीम से बात करनी चाहिए।
  • माता-पिता को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि रोगी को पता है कि उसके साथ क्या हो रहा है — स्कैन के दिन तक, माता-पिता को सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि रोगी हड्डी का स्कैन होने का कारण जानता हो और उसे आसान शब्दों में समझाना चाहिए कि उसके साथ क्या होने वाला है। हो सकता है कि माता-पिता किसी शिशु जीवन विशेषज्ञ या नर्स से परामर्श करना चाहें या वे मदद के लिए न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग से संपर्क करना चाहें।

हड्डी के स्कैन वाले दिन क्या होता है?

  • रोगियों और माता-पिता को चेक-इन के लिए दिए गए मुलाकात के समय से कुछ मिनट पहले जल्दी पहुंच जाना चाहिए।
  • माता-पिता को एक सहमति प्रपत्र पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा जा सकता है, जिसमें बताया जाता है कि माता-पिता हड्डी के स्कैन से संबंधित लाभों और जोखिमों को समझते हैं और यह जांच करवाने के लिए सहमत हैं। परीक्षण से पहले, रोगी गहने और किसी भी अन्य धातु की वस्तुओं को निकाल देंगे। कुछ मामलों में, उन्हें अस्पताल का गाउन पहनने के लिए कहा जा सकता है।
  • प्रक्रिया के पहले भाग के समय, नर्स या न्यूक्लियर मेडिसिन टेक्नोलॉजिस्ट रोगी और उसके माता या पिता का अभिवादन करेगा और उन्हें समझाएगा कि आगे क्या होगा। वहां साथ में शिशु जीवन विशेषज्ञ भी हो सकता है।

प्रक्रिया के दौरान क्या होता है?

सबसे पहले, रोगी की बांह में आईवी के माध्यम से एक ट्रेसर इंजेक्ट किया जाएगा। इंजेक्शन से थोड़ी बहुत चुभन हो सकती है, लेकिन रोगी को शरीर में ट्रेसर जाता हुआ महसूस नहीं होगा। ट्रेसर को अवशोषित करने में हड्डियों को कुछ घंटे लगते हैं।

इंजेक्शन और स्कैन के बीच 2-4 घंटे का अंतराल होगा और रोगी इस बीच स्थान को छोड़ सकता है और अपनी सामान्य गतिविधियों को जारी रख सकता है। टेक्नोलॉजिस्ट स्कैन के लिए वापस आने का सही समय देगा। रोगी को पेशाब करने हेतु प्रोत्साहित करने के लिए उसे प्रतीक्षा अवधि के दौरान पानी पीने के लिए कहा जा सकता है। बार-बार पेशाब करने से, शरीर उन रेडियोधर्मी पदार्थों को निकाल देगा जो हड्डियों में एकत्र नहीं हुए हैं।

प्रतीक्षा अवधि के बाद, रोगी:

  • नियोजित समय से कुछ मिनट पहले स्कैन के लिए वापस आएगा।
  • उससे स्कैन शुरू करने से पहले एक बार फिर पेशाब करने के लिए कहा जाएगा।
  • रोगी को टेबल पर लिटाया जाएगा और हो सकता है कि उसे स्थिर रखने के लिए एक मुलायम सेफ़्टी बेल्ट से भी बांधा जाए।

प्रक्रिया के दौरान:

  • गामा कैमरा हड्डियों के अंदर की तस्वीरें लेते हुए धीरे-धीरे रोगी के शरीर के चारों ओर घूमेगा। यह कैमरा ज़ोर से आवाज़ नहीं करता और यह रोगी के शरीर को स्पर्श नहीं करेगा। रोगी को महसूस भी नहीं होगा कि उसकी तस्वीरें ली जा रही हैं।
  • टेक्नोलॉजिस्ट विभिन्न कोणों से तस्वीरें लेने के लिए रोगी को अपनी स्थितियां बदलने के लिए कह सकता है।
  • स्कैन में 40 मिनट से लेकर एक घंटे तक का समय लगता है। रोगी को स्थिर अवस्था में रहना चाहिए क्योंकि हिलने से छवियां धुंधली हो सकती हैं। यदि रोगी हिलता है, तो प्रक्रिया को दोहराने की ज़रूरत पड़ सकती है।
  • प्रक्रिया के दौरान रोगी के साथ उसके माता या पिता ठहर सकते हैं और रोगी को स्थिर रहने में मदद करने के लिए आमतौर पर कोई किताब पढ़ने के लिए दी जा सकती है या कोई मूवी दिखाई जा सकती है। रोगी अपने साथ कोई आरामदायक चीज़ भी रख सकते हैं, जब तक कि उससे स्कैन की प्रक्रिया में कोई बाधा न आती हो।

प्रक्रिया के बाद क्या होता है?

इसके बाद, रोगी अपनी सामान्य गतिविधियां कर सकते हैं। उन्हें कोई दुष्प्रभाव महसूस नहीं होने चाहिए। चिकित्सीय टीम रोगी को अगले 24-48 घंटों के दौरान कई गिलास पानी पीने के लिए कह सकती है ताकि शेष बचा हुआ ट्रेसर निकल जाए। आमतौर पर, यह 2 दिन बाद तक पूरी तरह निकल जाता है।

माता-पिता को यदि रोगी की बांह पर इंजेक्शन लगने की जगह के आसपास दर्द, लालिमा या सूजन दिखाई देती है तो उन्हें तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए क्योंकि यह एक एलर्जिक प्रतिक्रिया का संकेत हो सकता है।

यद्यपि रेडियोधर्मिता की मात्रा बहुत कम होती है, फिर भी यह सलाह दी जाती है कि परिवार स्कैन के बाद ये सावधानियां बरतें:

  • गर्भवती महिलाओं को स्कैन के बाद कम से कम 24 घंटे तक रोगी के गले नहीं मिलना चाहिए। इसके अलावा, रोगी को अगले दिन तक शिशुओं और बच्चों से सीधे संपर्क से बचना चाहिए।
  • रोगी के डायपर बदलने या शरीर के तरल पदार्थों के संपर्क में आने के बाद हमेशा हाथ धोएं।
  • नियमित कूड़ेदान में रखने से पहले, गंदे डायपर 2 दिनों के लिए एक अलग कूड़ेदान में रखें। (नोट: कुछ लैंडफ़िल में रेडिएशन डिटेक्टर लगे होते हैं जो कचरे से आने वाली रेडियोधर्मिता का पता लगने पर अलार्म बजाकर खतरे की सूचना दे सकते हैं। यदि कचरा उठाने का समय 2 या अधिक दिन बाद का है, तो डायपर को साधारण कचरे में डालना ठीक होगा।)
  • प्रक्रिया के कई दिनों बाद तक रोगी के होमलैंड सिक्योरिटी द्वारा संरक्षित हवाई अड्डे, बॉर्डर क्रॉसिंग और अन्य स्थानों पर जाने से रेडिएशन अलार्म सक्रिय हो सकता है। यदि उस समय के दौरान रोगी की इनमें से किसी स्थान से होकर जाने की संभावना है तो माता-पिता को इस बारे में न्यूक्लियर मेडिसिन टेक्नोलॉजिस्ट को बताना चाहिए। टेक्नोलॉजिस्ट यात्रा अधिकारियों को देने के लिए हड्डी के स्कैन से संबंधित लिखित जानकारी दे सकते हैं।

माता-पिता और रोगियों को हड्डी के स्कैन के परिणामों के बारे में कैसे पता चलता है?

न्यूक्लियर मेडिसिन चिकित्सक स्कैन के परिणामों की व्याख्या करेगा और हड्डी का स्कैन करवाने का आदेश देने वाले चिकित्सक को उसकी एक रिपोर्ट भेजेगा। यह चिकित्सक फिर रोगी के परिवार के साथ उन परिणामों की चर्चा करेगा।

अपने चिकित्सक से पूछे जाने वाले प्रश्न

हड्डी का स्कैन करवाने से पहले, निम्नलिखित प्रश्न पूछने का ध्यान रखें:

  • हड्डी का स्कैन कौन करेगा?
  • क्या विकिरण चिकित्सक या न्यूक्लियर मेडिसिन चिकित्सक बोर्ड से प्रमाणित हैं?
  • क्या यह अस्पताल हड्डी के स्कैन करने के लिए अमेरिकन कॉलेज ऑफ़ रेडियोलॉजी द्वारा मान्यता प्राप्त है?
  • हड्डी के स्कैन के दौरान क्या होगा?
  • प्रक्रिया में कितना समय लगेगा?
  • हड्डी के स्कैन करवाने के जोखिम और लाभ क्या हैं?
  • हड्डी का स्कैन, कैंसर का कितना सही तरीके से पता लगा सकता है?
  • मुझे परिणामों के बारे में कब और कैसे जानकारी मिलेगी?
  • मुझे परिणामों के बारे में कौन समझाएगा?
  • यदि हड्डी के स्कैन से कैंसर का प्रमाण मिलता है, तो मुझे कौन सी अन्य जांचें करवाने की ज़रूरत पड़ेगी?


समीक्षा की गई: जून 2018