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Together, बच्चों को होने वाले कैंसर से पीड़ित किसी भी व्यक्ति - रोगियों और उनके माता-पिता, परिवार के सदस्यों और मित्रों के लिए एक नया सहारा है.

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बुखार और संक्रमण के लक्षण

संक्रमण के क्या संकेत और लक्षण होते हैं?

बचपन में होने वाले कैंसर से ग्रस्त बच्चों के लिए संक्रमण का होना प्राण-घातक हो सकता है और इसका इलाज एक चिकित्सीय आपातस्थिति के रूप में किया जाना चाहिए।

कीमोथेरेपी जैसे इलाज प्रतिरक्षा प्रणाली को प्रभावित कर सकते हैं। कैंसर से लड़ने वाली दवाएं शरीर में सबसे तेज गति से विकसित होने वाली कोशिकाओं को मारती है, इस कारण से कैंसर कोशिकाओं के साथ ही स्वस्थ कोशिकाएं भी इनका शिकार हो जाती हैं। जब संक्रमण से लड़ने वाली सफ़ेद रक्त कोशिका, न्यूट्रोफ़िल की संख्या कम हो जाती है तो इस स्थिति को सफ़ेद कोशिकाओं की कमी कहा जाता है। सफ़ेद कोशिकाओं की कमी से ग्रस्त रोगी संक्रमणों से अच्छे से लड़ नहीं पाते हैं वे जल्दी से गंभीर रूप से बीमार पड़ जाते हैं। इसलिए यह आवश्यक है कि संक्रमण के लक्षणों पर नज़र रखी जाए, ताकि इनका तुरंत इलाज किया जा सके।

कैंसर से ग्रस्त बच्चों में न्यूट्रोपीनिक बुखार प्राण-घातक हो सकता है और इसका इलाज चिकित्सीय आपातस्थिति के रूप में किया जाना चाहिए। एक नर्स एक युवा रोगी का तापमान ले रही है जिसके दौरान रोगी की मां उसके पास खड़ी है।

बचपन के कुछ कैंसरों का इलाज प्रतिरक्षा प्रणाली को प्रभावित करता है। बुखार संक्रमण का एक लक्षण है।

संक्रमण के संकेत और लक्षण:

  • बुखार – कभी-कभी यह ही एकमात्र लक्षण होता है
  • खांसी आना या जोर-जोर से सांस चलना
  • फुंसी, चकत्ता या त्वचा के घाव
  • नाक बहना
  • कान में दर्द
  • दस्त
  • गले में दर्द
  • पेट दर्द
  • मलाशय के आस-पास घाव या दर्द होना
  • सिरदर्द और गर्दन में जकड़न

अगर आपके बच्चे को बुखार है या उसमें संक्रमण के लक्षण दिख रहे हैं तो क्या करना चाहिए

अगर आपको बच्चे में संक्रमण का कोई भी लक्षण दिखे, तो आप चाहे अस्पताल में हों या घर पर, तुरंत एक चिकित्सा प्रदाता को सूचना दें

  • अगर यह दिन के समय में हुआ है और आप अपने बच्चे के कैंसर केन्द्र के पास ही हैं, तो अपने बच्चे देखभाल करने वाले लोगो को या प्राथमिक क्लिनिक को फ़ोन करें।
  • अगर यह दिन के ख़तम होने के बाद या सप्ताहांत में हुआ हो तो दिन के ख़तम होने बाद की अस्पताल की आपातकालीन इकाई में दी गयी प्रक्रियाओं का पालन करें। जैसे ही आपको पता चलता है कि आपके बच्चे को बुखार है, आपको अपने प्राथमिक क्लिनिक या चिकित्सक को फ़ोन करना चाहिए।
  • अगर आप अपने बच्चे के अस्पताल के नजदीक नहीं हैं, तो आपके बच्चे के स्थानीय देखभालकर्ता को फ़ोन करें या अपने स्थानीय अस्पताल के आपात-कक्ष में जाएं।
  • देखभालकर्ता को यह जरूर बताएँ कि आपका बच्चा कैंसर का रोगी है और उसे बच्चे का इलाज कर रहे अस्पताल के बारे में भी बताएं। अगर आपका बच्चा वीनस एक्सेस उपकरण का इस्तेमाल कर रहा है या फिर उसे कीमोथेरेपी या अन्य कोई प्रतिरक्षा प्रणाली को संदमित करने वाली दवा दी जा रही है, तो इसके बारे में भी उन्हें जानकारी होनी चाहिए।
  • अगर आप चिकित्सक के यहां या फिर घरेलू अस्पताल में जा रहे हैं, तो जितनी जल्दी हो सके, बच्चे के प्राथमिक क्लिनिक या उसकी देखभाल टीम को बच्चे की वर्तमान स्थिति के बारे में तुरंत जानकारी दें।

बुखार

मरीज की उम्र के आधार पर बुखार अलग-अलग प्रकार का हो सकता है:

  • तीन महीने से कम उम्र के बच्चों में, अगर बगलों में मापा गया तापमान 99.4 डिग्री फ़ारेनहाइट (37.4 डिग्री सेंटिग्रेड) या इससे अधिक हो तो इसे बुखार माना जाता है।
  • 3 महीने और इससे अधिक उम्र के रोगियों के लिए:
    • मुंह के माध्यम से लिया गया तापमान जो 100.9 डिग्री फ़ारेनहाइट (38.3 डिग्री सेंटिग्रेड) या इससे अधिक
    • मुंह के माध्यम से लिया गया तापमान जो 100.4 डिग्री फ़ारेनहाइट (38 डिग्री सेंटिग्रेड) या इससे अधिक हो और एक घंटे तक बना रहे
    • बगलों में लिया गया तापमान जो 99.9 डिग्री फ़ारेनहाइट (37.7 डिग्री सेंटिग्रेड) हो; या
    • बगलों में लिया गया तापमान जो 99.4 डिग्री फ़ारेनहाइट (37.4 डिग्री सेंटिग्रेड) या इससे अधिक हो और एक घंटे तक बना रहे।

संक्रमण रोकने के उपाय

माता-पिता और अन्य देखभालकर्ता को संक्रमण होने से रोकने वाले कदम उठाने के लिए प्रोत्साहन देना चाहिए।

  • रोगी और उसके करीबी संपर्क में रहने वाले लोगों को अपने हाथ बार बार साबुन और पानी से धोते रहना चाहिए।
  • निजी स्वच्छता का खास ध्यान रखें।
  • मरीज के रहने के स्थान को साफ़ रखें।
  • बीमार लोगों के संपर्क में न रहें।
  • मरीज के मलाशय से संबंधित मार्ग से तापमान न लें।


समीक्षा की गई: अगस्त, 2018