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प्रोटॉन बीम रेडिएशन

प्रोटॉन बीम रेडिएशन थेरेपी, रेडिएशन थेरेपी का एक प्रकार है।

रेडिएशन थेरेपी, ट्यूमर को छोटा करने और कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए रेडिएशन की बीम का उपयोग करती है। रेडिएशन कैंसर कोशिकाओं के डीएनए को क्षति पहुंचाते हुए कार्य करता है।  

प्रोटॉन बीम रेडिएशन थेरेपी की आम रेडिएशन थेरेपी से तुलना कैसे करें

प्रोटॉन बीम थेरेपी अपने ऊर्जा स्रोत के रूप में प्रोटॉन का उपयोग करती है। आम रेडिएशन थेरेपी में एक्स-रे का उपयोग होता है।

आम रेडिएशन में, एक्स-रे सीधे शरीर में जाती हैं। ट्यूमर की जगह पर पहुँचने से पहले और इसके बाद, एक्स-रे स्वस्थ ऊतक को नुकसान पहुँचा सकती हैं।

प्रोटॉन बीम रेडिएशन थेरेपी में, प्रत्येक ट्यूमर के आकार और आकृति से मेल करके ऊर्जा की मात्रा और इसे ट्यूमर में कितना अंदर तक भेजना है, इसे अनुकूलित किया जा सकता है। रेडिएशन ट्यूमर वाली जगह पर रुक सकता है. इसका अर्थ है कि वह ट्यूमर के दूसरी ओर के स्वस्थ ऊतक और अंगों को प्रभावित नहीं करता है। 

प्रोटॉन बीम रेडिएशन थेरेपी चिकित्सकों को ट्यूमर पर रेडिएशन की अधिक खुराक का उपयोग करने और आस-पास की स्वस्थ कोशिकाओं को होने वाली क्षति को कम करने देती है।

प्रोटॉन थेरेपी क्या है? प्रोटॉन थेरेपी, एक प्रकार की रेडिएशन थेरेपी है जिसमें वह अपने ऊर्जा स्रोत के रूप में प्रोटॉन का इस्तेमाल करती है। प्रत्येक ट्यूमर के आकार और आकृति से मेल करके ऊर्जा की मात्रा और इसे ट्यूमर में कितना अंदर तक भेजना है, इसे अनुकूलित किया जा सकता है। प्रोटोन रेडिएशन में उसकी किरण ट्यूमर वाली जगह पर रुक सकती है। इससे डॉक्टरों को ट्यूमर पर रेडिएशन की अधिक मात्रा का उपयोग करने और आसपास की स्वस्थ कोशिकाओं को होने वाली क्षति को कम करने में सुविधा होती है।

प्रोटॉन थेरेपी, एक प्रकार की रेडिएशन थेरेपी है जिसमें वह अपने ऊर्जा स्रोत के रूप में प्रोटॉन का इस्तेमाल करती है। प्रत्येक ट्यूमर के आकार और आकृति से मेल करके ऊर्जा की मात्रा और इसे ट्यूमर में कितना अंदर तक भेजना है, इसे अनुकूलित किया जा सकता है। प्रोटोन रेडिएशन में उसकी किरण ट्यूमर वाली जगह पर रुक सकती है। इससे डॉक्टरों को ट्यूमर पर रेडिएशन की अधिक मात्रा का उपयोग करने और आसपास की स्वस्थ कोशिकाओं को होने वाली क्षति को कम करने में सुविधा होती है।

आम रेडिएशन में एक्स-रे का उपयोग होता है। आम रेडिएशन में, एक्स-रे सीधे शरीर में जाती हैं। ट्यूमर की जगह पर पहुँचने से पहले और इसके बाद, एक्स-रे स्वस्थ ऊतक को नुकसान पहुँचा सकती हैं।

आम रेडिएशन में एक्स-रे का उपयोग होता है। आम रेडिएशन में, एक्स-रे सीधे शरीर में जाती हैं। ट्यूमर की जगह पर पहुँचने से पहले और इसके बाद, एक्स-रे स्वस्थ ऊतक को नुकसान पहुँचा सकती हैं।

प्रोटॉन बीम रेडिएशन थेरेपी का इस्तेमाल कब किया जाता है

इनमें ट्यूमर होने पर, आमतौर पर ट्यूमर के इलाज के लिए प्रोटॉन थेरेपी की सलाह दी जाती है:

  • बहुत छोटे बच्चों में
  • महत्वपूर्ण अंगों या दिमाग के ऊतक के पास ट्यूमर होने पर
  • इसके लिए रेडिएशन की बहुत अधिक खुराक की ज़रूरत होती है

दुष्प्रभाव

आम रेडिएशन की तुलना में प्रोटॉन बीम रेडिएशन थेरेपी के बहुत कम अल्पकालीन और लंबे समय तक रहने वाले दुष्प्रभाव होते हैं, क्योंकि यह स्वस्थ ऊतक को उतना नुकसान नहीं पहुंचाती है। यह बच्चों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। उनके मस्तिष्क और शरीर अभी भी बढ़ रहे होते हैं और विकसित हो रहे होते हैं। प्रोटॉन थेरेपी प्रजनन अंगों को होने वाले नुकसान को भी कम कर सकती है।

लागत और उपलब्धता

हर चिकित्सा केंद्र प्रोटॉन थेरेपी की सुविधा नहीं देता है। नेशनल एसोसिएशन फॉर प्रोटोन थेरेपी की एक डायरेक्टरी है।

आम रेडिएशन की तुलना में प्रोटोन थेरेपी अधिक महंगी होती है। अभिभावकों को बीमा कवरेज के बारे में अपनी बीमा कंपनी से पूछना चाहिए। बाल चिकित्सा केंद्र में बीमा कार्यालय और सामाजिक कार्य विभाग होते हैं, जो सहायता प्रदान कर सकते हैं।


समीक्षा की गई: जून 2018