न्यूरोब्लास्टोमा अक्सर अधिवृक्क ग्रंथियों के तंत्रिका ऊतक में बनता है; ये ग्रंथियाँ गुर्दों के ठीक ऊपर होती हैं।
न्यूरोब्लास्टोमा एक प्रकार का बचपन में होने वाला कैंसर है, जो अपरिपक्व तंत्रिका कोशिकाओं (न्यूरोब्लास्ट) से विकसित होता है। यह अधिकांशतः अधिवृक्क ग्रंथि (एड्रेनल ग्लैंड)में, बनता है; ये छोटे-छोटे अंग हैं जो गुर्दों के ठीक ऊपर स्थित होते हैं। न्यूरोब्लास्टोमा उदर, छाती, गर्दन या पेड़ू की तंत्रिका कोशिकाओं में भी शुरू हो सकता है।
न्यूरोब्लास्टोमा रोगियों में संभव है कि केवल एक ट्यूमर हो, या यह भी संभव है कि कैंसर शरीर के अन्य भागों (जैसे हड्डियों, बोन मैरो, यकृत या त्वचा) तक फैल गया हो।
न्यूरोब्लास्टोमा आमतौर पर 5 वर्ष से कम आयु के छोटे बच्चों में पाया जाता है। यूएस में हर वर्ष लगभग 750 बच्चों में न्यूरोब्लास्टोमा पाया जाता है। यह शिशुओं और छोटे बच्चों में दिमाग के बाहर होने वाला सबसे आम ठोस ट्यूमर है।
न्यूरोब्लास्टोमा के उपचारों में सर्जरी, कीमोथेरेपी, बोन मैरो ट्रांसप्लांट, विकीरण चिकित्सा, इम्यूनोथेरेपी, MIBG थेरेपी या कुछ उपचारों का संयोजन शामिल हो सकता है। कुछ न्यूरोब्लास्टोमा का उपचार अकेली सर्जरी से किया जा सकता है। लो-रिस्क (कम जोखिम वाले) न्यूरोब्लास्टोमा से ग्रस्त नवजात शिशुओं को किसी भी सर्जरी या उपचार के बिना, यह देखने के लिए निगरानी में रखा जा सकता है कि क्या ट्यूमर अपने-आप चला जाता है। फैल चुके या उपचार के बाद दोबारा हुए न्यूरोब्लास्टोमा के लिए अधिक गहन थेरेपी ज़रूरी होती है।
न्यूरोब्लास्टोमा के संकेत और लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं कि कैंसर कहाँ स्थित है, ट्यूमर का आकार क्या है और कैंसर फैल चुका है या नहीं। समय के साथ ट्यूमर के बढ़ने पर लक्षण अधिक स्पष्ट हो सकते हैं।
न्यूरोब्लास्टोमा लक्षणों में निम्नलिखित शामिल हैं:
न्यूरोब्लास्टोमा से ग्रस्त कुछ बच्चों में हॉर्नर सिंड्रोम विकसित हो जाता है। इसमें, शरीर की एक साइड पर आँख और चेहरे को नियंत्रित करने वाली तंत्रिकाएँ क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। हॉर्नर सिंड्रोम के मुख्य संकेत और लक्षण इस प्रकार हैं:
न्यूरोब्लास्टोमा छोटे बच्चों में सबसे आम है और आम तौर पर 5 वर्ष की उम्र से पहले होता है। यह 10 वर्ष की उम्र के बाद दुर्लभ ही होता है। पुरुषों में न्यूरोब्लास्टोमा होने का जोखिम महिलाओं से थोड़ा अधिक होता है।
स्पोरैडिक न्यूरोब्लास्टोमा: अधिकांश मामलों में, न्यूरोब्लास्टोमा परिवार में इतिहास के बिना होता है और न्यूरोब्लास्टोमा का कारण अज्ञात होता है। इसे स्पोरैडिक न्यूरोब्लास्टोमा कहते हैं।
आनुवांशिक न्यूरोब्लास्टोमा:1–2% मामलों (हर 100 में से 1 से 2 रोगियों) में न्यूरोब्लास्टोमा व्यक्ति के माता-पिता से उसे विरासत में मिले किसी जीन बदलाव (उत्परिवर्तन) के कारण हो सकता है। जीन में हुए बदलाव के कारण होता है; ये जीन शरीर की सभी कोशिकाओं में पाए जाते हैं (जननवंशक्रम उत्परिवर्तन)।
MIBG स्कैन में रेडियोधर्मी ट्रेसर का उपयोग करके यह दिखाया जाता है कि शरीर में न्यूरोब्लास्टोमा कहाँ है। एक विशेष कैमरा शरीर की छवियां बनाता है और जहां न्यूरोब्लास्टोमा कोशिकाओं द्वारा MIBG लिया जाता है उस स्थान को हाइलाइट करता है। इस स्कैन का उपयोग न्यूरोब्लास्टोमा की पहचान के लिए और उपचार से लाभ पर नज़र रखने के लिए किया जा सकता है।
संभव है कि शुरुआत में न्यूरोब्लास्टोमा से कोई स्पष्ट लक्षण न हो। इस ट्यूमर का पता कभी-कभी किसी नियमित चिकित्सीय जाँच के दौरान चल सकता है। लगभग 50% रोगियों में, न्यूरोब्लास्टोमा की पहचान होने से पहले वह शरीर के अन्य भागों तक फैल चुका होता है।
न्यूरोब्लास्टोमा की पहचान के परीक्षणों में ये शामिल हैं:
स्टेजिंग (अवस्था निर्धारण) का उपयोग शरीर में कैंसर की सीमा के वर्णन के लिए किया जाता है। यह इन पर आधारित होता है:
चिकित्सक न्यूरोब्लास्टोमा की स्टेजिंग यानी अवस्था निर्धारण के लिए इंटरनेशनल न्यूरोब्लास्टोमा रिस्क ग्रुप स्टेजिंग सिस्टम (INRGSS) का उपयोग करते हैं।
| न्यूरोब्लास्टोमा के स्तर | |
|---|---|
| स्तर L1 एक जगह या अंग तक सीमित |
ट्यूमर जिस जगह पर उत्पन्न हुआ था वहां से फैला नही है। उसने आस-पास के महत्वपूर्ण अंगों को प्रभावित नहीं किया है। वह शरीर के केवल एक भाग में है, जैसे गर्दन, छाती, उदर या पेड़ू। |
| स्तर L2 एक जगह या अंग तक सीमित |
ट्यूमर मुख्य ट्यूमर से दूर तक नहीं फैला है, लेकिन वह शायद आस-पास फैल गया है। परीक्षण दिखाते हैं कि ट्यूमर अधिक आक्रामक है और आस-पास के स्थानों व अंगों को प्रभावित कर रहा है। |
| स्तर M मेटास्टॅटीक |
ट्यूमर शरीर के दूरस्थ भागों तक फैल गया है। इसमें MS के रूप में वर्गीकृत ट्यूमर के अलावा सभी मेटास्टैटिक बीमारी शामिल होते हैं। |
| स्तर MS मेटास्टॅटीक |
18 महीनों से छोटे बच्चों के लिए: कैंसर का प्रसार त्वचा तक, यकृत तक या बोन मैरो के 10% से कम तक सीमित है। |
न्यूरोब्लास्टोमा को 3 जोखिम श्रेणियों में वर्गीकृत किया जा सकता है: लो रिस्क (कम जोखिम), इंटरमीडिएट रिस्क (मध्यवर्ती जोखिम) और हाई रिस्क (अधिक जोखिम)। ये समूह इन पर आधारित होते हैं:
लगभग आधे न्यूरोब्लास्टोमा रोगियों में हाई-रिस्क बीमारी होती है। हाई-रिस्क न्यूरोब्लास्टोमा का यह अर्थ है कि बीमारी:
आपकी देखभाल टीम न्यूरोब्लास्टोमा रोगियों हेतु सर्वोत्तम उपचार की योजना बनाने के लिए इन जोखिम समूहों का उपयोग करती है।
न्यूरोब्लास्टोमा का उपचार निर्धारित जोखिम समूह पर निर्भर करता है। उपचार के विकल्पों में निम्नलिखित शामिल हैं:
संभव है कि कुछ रोगी न्यूरोब्लास्टोमा के उपचार के नए तरीकों को परखने वाले क्लिनिकल परीक्षणों में भाग लेने के पात्र हों।
| जोखिम श्रेणी | नए रोगियों का प्रतिशत | मुख्य इलाज |
|---|---|---|
| निम्न जोखिम | 40% | निगरानी सर्जरी |
| मध्यवर्ती जोखिम | 15% | सर्जरी कीमोथेरेपी |
| उच्च जोखिम | 45–50% | सर्जरी कीमोथेरेपी स्टेम सेल बचाव के साथ उच्चस्तरीय कीमोथेरेपी विकीरण चिकित्सा प्रतिरक्षाचिकित्सा (इम्यूनोथेरेपी) MIBG थेरेपी आइसोट्रेटियोनिन |
ठीक होने की संभावना (चिकित्सानुमान) कई कारकों पर निर्भर करती है। इनमें शामिल है:
जोखिम समूहों के आधार पर सामान्य उत्तरजीविता दरें:
आपके बच्चे का चिकित्सक, आपके बच्चे के विशेष मामले की जानकारी प्राप्त करने का सबसे अच्छा स्रोत है।
मरीजों का उपचार खत्म हो जाने के बाद कैंसर के वापस आने (रिलैप्स) पर नज़र रखने के लिए मरीजों को अनुवर्तन देखभाल (निगरानी) की ज़रूरत होती है। देखभाल टीम आपको बताएगी कि किन परीक्षणों की ज़रूरत है, और कब।
कैंसर के लौटने की संभावना उपचार के बाद के पहले 2 वर्षों में सबसे अधिक होती है। यदि 5 वर्षों के बाद भी कैंसर का कोई संकेत नहीं है तो रिलैप्स होना दुर्लभ है।
उपचार पूरा करने के बाद, यह महत्वपूर्ण है कि आपका बच्चा:
एक प्राथमिक देखभाल प्रदाता द्वारा नियमित चिकित्सा जांच करवाना स्वास्थ्य समस्याओं पर नज़र रखने के लिए महत्वपूर्ण है जो इलाज के कई साल बाद विकसित हो सकती हैं। बीमारी से बचे लोग जिनका इलाज कीमोथेरेपी या रेडिएशन द्वारा किया गया था, उनकी दीर्घकालिक और देर से होने वाले प्रभावों के लिए निगरानी की जानी चाहिए। हो सकता है कि उपचारजन्य समस्याओं में ये शामिल हों:
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समीक्षित: दिसंबर 2025
MIBG स्कैन एक इमेजिंग परीक्षण होता है जिसमें एक रेडियोधर्मी ट्रेसर का उपयोग करके न्यूरोब्लास्टोमा और अन्य न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमरों की तस्वीरें ली जाती हैं। MIBG स्कैनों के बारे में और जानें।