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इम्यून थ्रॉम्बोसाइटोपीनिया (ITP)

इम्यून थ्रॉम्बोसाइटोपीनिया (ITP) क्या है?

इम्यून थ्रॉम्बोसाइटोपीनिया (ITP) एक ऑटोइम्यून विकार है जिसके कारण प्लेटलेट की संख्या कम हो जाती है। प्लेटलेट वे रक्त कोशिकाएँ हैं जो रक्तस्राव रोकने में मदद देती हैं।

जब आपके बच्चे में प्लेटलेट की संख्या कम होती है तो उसे अधिक आसानी से नील पड़ सकते हैं और आसानी से रक्तस्राव हो सकता है। आपके बच्चे को चोट लगने पर सामान्य से अधिक रक्तस्राव हो सकता है या बिना किसी कारण के रक्तस्राव हो सकता है।

जब आपके बच्चे को कोई घाव होता है या चोट लगती है, तो रक्तस्राव रोकने के लिए प्लेटलेट कोशिकाएँ एक साथ आकर एक थक्का या “प्लग” बना देती हैं। यदि शरीर में पर्याप्त प्लेटलेट न हों तो थक्का नहीं बन सकता है।

प्लेटलेट की सामान्य संख्या प्रति माइक्रोलीटर रक्त में 1,50,000 से 4,00,000 होती है। प्लेटलेट की संख्या 10,000 से कम होने पर गंभीर रक्तस्राव हो सकता है।

प्लेटलेट की संख्या की रेंज इसका क्या अर्थ है
1,50,000 – 4,50,000 / माइक्रोलीटर प्लेटलेट की सामान्य संख्या
50,000 – 100,000 / माइक्रोलीटर चोट लगने पर रक्तस्राव का मामूली जोखिम
50,000 / माइक्रोलीटर से कम नील पड़ने में वृद्धि
20,000 / माइक्रोलीटर से कम अपने-आप रक्तस्राव होने का जोखिम 
10,000 / माइक्रोलीटर से कम गंभीर रक्तस्राव का जोखिम

प्लेटलेट की संख्या को प्रति माइक्रोलीटर (µL) रक्त में प्लेटलेट की संख्या के रूप में बताया जाता है।
यह जानकारी एक सामान्य मार्गदर्शिका है। परीक्षण के विशिष्ट परिणामों और उनके अर्थ के लिए हमेशा अपनी देखभाल टीम से परामर्श करें। 

ITP के प्रकार

ITP 2 प्रकार का होता है:

  • प्राइमरी ITP एक ऐसा रोग है जिसमें शरीर का प्रतिरक्षा तंत्र अपनी खुद की प्लेटलेट पर हमला करके उन्हें नष्ट करता है। लगभग 80% (हर 10 में से 8) ITP रोगियों को प्राइमरी ITP होता है।
  • सेकंडरी ITP एक ऐसा रोग है जिसमें रोगी में कोई अंतर्निहित रोग या कारण, जैसे कोई संक्रमण, दवा या कोई अन्य ऑटोइम्यून रोग, होने के कारण शरीर का प्रतिरक्षा तंत्र अपनी खुद की प्लेटलेट पर हमला करके उन्हें नष्ट करता है।

ITP का वर्गीकरण इस आधार पर किया जाता है कि आपके बच्चे को यह रोग कबसे है:

  • न्यूली डाइग्नोज़्ड ITP डाइग्नोसिस यानी पहचान होने के बाद के पहले 3 महीनों तक रहने वाला चरण है। ITP अक्सर अल्पकालिक होता है और इस अवधि के भीतर प्लेटलेट की संख्या वापस सामान्य हो सकती है।
  • परसिस्टेंट ITP 3 से 12 महीनों तक चलता है।
  • क्रोनिक ITP 12 महीने या अधिक समय तक चलता है।

ITP तेज़ी से विकसित हो सकता है। अधिकांश मामलों में, कुछ सप्ताह या महीनों के भीतर प्लेटलेट की संख्या वापस सामान्य हो जाती है। हालाँकि, कुछ समय तक संख्या में उतार-चढ़ाव हो सकते हैं।

ITP के कुछ दूसरे नाम हैं इडियोपैथिक थ्रॉम्बोसाइटोपेनिक पर्पूरा, ऑटोइम्यून थ्रॉम्बोसाइटोपेनिक पर्पूरा, इम्यून थ्रॉम्बोसाइटोपेनिक पर्पूरा, वर्लहॉफ़ रोग और ऑटोइम्यून थ्रॉम्बोसाइटोपीनिया।

ITP के लक्षण

ITP के संकेतों और लक्षणों मे निम्नलिखित शामिल हैं:

  • पेटीचियाई: त्वचा पर छोटे-छोटे लाल या बैंगनी “सुई की नोक जितने” धब्बे जो ददोरे जैसे दिख सकते हैं
  • त्वचा पर, होंठों पर या मुँह के भीतर नील पड़ना या बैंगनी धब्बे
  • नाक या मसूढ़ों से रक्तस्राव
  • मूत्र में रक्त
  • काली या रक्त-युक्त विष्ठा (मल)
  • माहवारी के दौरान सामान्य से अधिक खून आना या अधिक समय तक खून आना
  • हिमेटोमा (बड़ा नील)
  • थकान महसूस करना
पेटीचियाई त्वचा पर छोटे-छोटे लाल या बैंगनी “सुई की नोक जितने” धब्बे होते हैं जो ददोरे जैसे दिख सकते हैं

ITP से ग्रस्त बच्चों में रक्तस्राव के कारण त्वचा पर पेटीचियाई हो सकते हैं जो चपटे, ददोरे-जैसे धब्बे होते हैं।

ITP के कारण

अधिकांश मामलों में, ITP का कारण अज्ञात होता है। ITP संपर्क से नहीं फैलता है।

आम तौर पर, शरीर संक्रमण से लड़ने के लिए एंटीबॉडी बनाता है। ITP ग्रस्त बच्चों में, शरीर ऐसे एंटीबॉडी भी बनाता है जो शरीर की खुद की प्लेटलेट के विरुद्ध लड़ते हैं। इस कारण प्लेटलेट नष्ट हो जाती हैं।

ITP अक्सर स्वस्थ बच्चों को प्रभावित करता है। कभी-कभी, यह किसी वायरस संक्रमण के बाद या ऐसे रोगियों में विकसित होता है जिनके प्रतिरक्षा तंत्र के साथ कोई समस्या होती है।

ITP का निदान

ITP की पहचान आपके बच्चे के चिकित्सा इतिहास, शारीरिक परीक्षा और लैब परीक्षणों के आधार पर की जाती है। आपके बच्चे के चिकित्सक आपसे रक्तस्राव या नील पड़ने में जो भी बदलाव हों उनके बारे में, हालिया अस्वस्थताओं के बारे में या आपका बच्चा जो दवाएँ ले रहा है उनके बारे में पूछ सकता है।

लैब परीक्षणों में ये शामिल हो सकते हैं:

  • पूर्ण रक्त गणना (CBC), प्लेटलेट्स और अन्य रक्त कोशिकाओं की संख्या व आकार मापने के लिए।
  • ब्लड स्मिअर , प्लेटलेट और अन्य रक्त कोशिकाओं की आकृति व आकार जाँचने हेतु कोशिकाओं को माइक्रोस्कोप के ज़रिए देखने के लिए।
  • मूत्र और मल परीक्षण , मूत्र (पेशाब) या विष्ठा (मल) में रक्त होने की जाँच के लिए।
  • अन्य रक्त परीक्षण , प्लेटलेट की संख्या कम होने के अन्य संभावित कारणों की तलाश के लिए।
  • बोन मैरो परीक्षण , यह सुनिश्चित करने के लिए कि प्लेटलेट सामान्य ढंग से बन रही हों।
  • आनुवंशिक परीक्षण , क्रोनिक ITP से ग्रस्त बच्चों में प्लेटलेट की संख्या कम होने का कारण बनने वाले वंशानुगत विकारों या जीन के बदलावों की जाँच के लिए।

ITP के उपचार

ऐसा नहीं है कि सभी बच्चों को ITP के उपचार की ज़रूरत पड़े। कई बच्चे अपने-आप ठीक हो जाते हैं। उपचार की ज़रूरत है या नहीं और यदि है तो कब, यह देखने के लिए आपकी देखभाल टीम आपके बच्चे के ब्लड काउंट और लक्षणों की सावधान निगरानी का सुझाव दे सकती है।

आपके बच्चे का चिकित्सक ITP के प्रबंधन में मददगार दवाएँ लिख सकता है।

ITP की दवाओं में ये शामिल हैं:

  • कॉर्टिकोस्टेरॉइड दवाएँ, जैसे प्रेडनिसोन, प्लेटलेट के विनाश को धीमा करने के लिए गोली या द्रव रूप में दी जा सकती हैं।
  • अंतःशिरा इम्यून ग्लोबुलिन (IVIG) या WinRho® को किसी शिरा में अंतःशिरा (IV) इन्फ़्यूज़न द्वारा दिया जाता है। ये दवाएँ प्लेटलेट के विनाश को धीमा करती हैं।
  • रिटक्सिमैब (Rituxan®) एक ऐसी दवा है जो प्लेटलेट पर हमला करने वाले एंटीबॉडी को घटाती है; इसे किसी शिरा में IV द्वारा दिया जाता है।
  • एल्ट्रॉम्बोपैग (Promacta®), जिसे मुँह से दिया जाता है, और रोमिप्लॉस्टिम (Nplate®), जिसे इंजेक्शन से दिया जाता है, शरीर को अधिक प्लेटलेट बनाने में मदद देती हैं।
  • प्रतिरक्षा तंत्र को दबाने के लिए अन्य दवाों का उपयोग किया जा सकता है।

रक्तस्राव के लक्षणों की सामान्य दवाओं में ये शामिल हैं:

  • अमीनोकैप्रोइक एसिड (Amicar®) का उपयोग मुँह या नाक से रक्तस्राव या माहवारी में अधिक रक्तस्राव के लिए किया जा सकता है
  • हॉर्मोन थैरेपी का उपयोग लड़कियों में माहवारी में अधिक रक्तस्राव पर नियंत्रण में मदद के लिए किया जा सकता है।

स्प्लीन (प्लीहा/तिल्ली) निकालने की सर्जरी (स्प्लेनेक्टमी) क्रोनिक ITP से ग्रस्त ऐसे कुछ बच्चों के लिए मददगार हो सकती है जिनमें प्लेटलेट कम हैं।

प्लेटलेट ट्रांसफ़्यूज़न प्राणघातक रक्तस्राव के मामलों में या किसी सर्जरी अथवा कार्यविधि से पहले दिए जा सकते हैं। प्लेटलेट ट्रांसफ़्यूज़न में दाता की प्लेटलेट्स किसी शिरा में IV द्वारा दी जाती हैं।

ITP के साथ जीवन 

जानें कि किन गतिविधियों से बचना है। ITP ग्रस्त बच्चे अधिकांश दैनिक गतिविधियाँ कर सकते हैं। ITP को आपके बच्चे को मज़े करने से नहीं रोकना चाहिए। पर हाँ, देखभाल टीम से उन गतिविधियों के बारे में पूछ लें जो आपके बच्चे को नहीं करनी चाहिए।

जब प्लेटलेट की संख्या कम हो, तो आपके बच्चे को संपर्क वाले खेलों से, उछल-कूद वाले खेलों से और ऐसी गतिविधियों से बचना चाहिए जिनमें वह गिर सकता हो या उसे सिर अथवा पेट पर चोट लग सकती हो।

अपने बच्चे को सुरक्षित रखने के उपाय करें। सुनिश्चित करें कि आपका बच्चा सीटबेल्ट बाँधे। स्वीकृत खेलों या गतिविधियों के दौरान सुरक्षा उपकरणों, जैसे हेलमेट, नी पैड, एल्बो पैड और रिस्ट पैड, का उपयोग करें।

दूसरों को अपने बच्चे की स्थिति के बारे में सचेत करें। यदि आपका बच्चा गिर जाए या उसके सिर से कुछ टकरा जाए तो उसे किसी वयस्क को बताना चाहिए। सुनिश्चित करें कि जो लोग आपके बच्चे के साथ होंगे वे उसकी चिकित्सा स्थिति के बारे में और कोई दुर्घटना होने पर क्या करना है इस बारे में जानते हों।

अपने बच्चे को एस्पिरिन या आइबुप्रोफ़ेन (Motrin®, Advil®) न दें। ये दवाएँ प्लेटलेट को सामान्य ढंग से कार्य करने से रोक सकती हैं। सिरदर्द, दर्द या बुखार के लिए यदि ज़रूरत हो तो एसिटैमिनोफेन/पैरासिटामॉल (Tylenol®) दें।

कम जोखिम वाली गतिविधियाँ हैं चलना, तैरना, जॉगिंग करना, गोल्फ़, नाचना और योग। मध्यम जोखिम वाली गतिविधियाँ हैं बेसबॉल, सॉफ़्टबॉल, सॉकर, बास्केटबॉल और साइकल चलाना। अधिक जोखिम वाली गतिविधियाँ हैं फ़ुटबॉल, ट्रैम्पोलिन, स्केटबोर्डिंग, लेक्रॉस, जिम्नैस्टिक्स, डाइविंग, 4-व्हीलर चलाना, पेड़ों पर चढ़ना, स्केटिंग और चीअरलीडिंग।

जब ITP ग्रस्त बच्चों की प्लेटलेट की संख्या कम हो तो उन्हें कुछ गतिविधियों से बचना चाहिए।

अपने चिकित्सक को कब कॉल करें 

ITP से ग्रस्त अधिकांश बच्चे बहुत अच्छा करते हैं। कम प्लेटलेट या रक्तस्राव के संकेतों और लक्षणों पर नज़र रखें। यदि आपके बच्चे में इनमें से कोई भी लक्षण हो तो अपने चिकित्सक को तुरंत बताएँ:

  • पेटीचियाई, त्वचा पर, होंठों पर या मुँह के भीतर नील पड़ना या बैंगनी स्थान
  • मसूढ़ों से आसानी से रक्तस्राव
  • नाक से रक्तस्राव
  • मूत्र या मल में रक्त
  • ऐसा सिरदर्द जो ठीक न हो या और बढ़ रहा हो, विशेष रूप से गिरने की किसी घटना या किसी दुर्घटना के बाद

गंभीर रक्तस्राव ITP का मुख्य जोखिम है। बहुत दुर्लभ मामलों में, ITP ग्रस्त बच्चों में गंभीर आंतरिक रक्तस्राव हो सकता है।

यदि आपके बच्चे को कोई गंभीर चोट लगे, विशेष रूप से ऐसी चोट जिसमें सिर या पेट से कुछ टकराया हो, तो तुरंत अपने चिकित्सक को कॉल करें या किसी आपातस्थिति कक्ष में जाएँ।

देखभाल टीम से पूछे जाने वाले प्रश्न

  • मेरे बच्चे के ITP के संभावित कारण क्या हैं?
  • मेरे बच्चे के ITP का सर्वोत्तम उपचार विकल्प क्या है?
  • उपचार के क्या दुष्प्रभाव हो सकते हैं?
  • मुझे कैसे पता चलेगा कि उपचार काम कर रहा है या नहीं?
  • मेरे बच्चे को कब तक उपचार की ज़रूरत होगी?
  • मेरे बच्चे को उसकी प्लेटलेट की संख्या की जाँच कितने अंतराल पर करवानी होगी?
  • मेरे बच्चे को किन गतिविधियों से बचना चाहिए?
  • हमें किन चेतावनी संकेतों पर नज़र रखनी चाहिए?

ITP के बारे में मुख्य बिंदु

  • इम्यून थ्रॉम्बोसाइटोपीनिया (ITP) एक रोग है जिसके कारण प्लेटलेट की संख्या कम हो जाती है। यह नील पड़ने और रक्तस्राव का कारण बन सकता है।
  • ITP से ग्रस्त अधिकांश छोटे बच्चे 6 से 12 महीनों के भीतर बेहतर हो जाते हैं। पर यह जारी रह सकता है और क्रोनिक ITP बन सकता है।
  • आपकी देखभाल टीम प्लेटलेट की संख्या जाँचेगी और ज़रूरत के अनुसार उपचार सुझाएगी।
  • गंभीर रक्तस्राव की रोकथाम के उपाय करें, चेतावनी संकेतों पर नज़र रखें और ज़रूरत पड़ने पर चिकित्सा देखभाल प्राप्त करें।


समीक्षित: अगस्त 2024

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