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वृद्धि हार्मोन की कमी

वृद्धि-हार्मोन-की कमी क्या है?

एक नर्स एक रोगी बच्ची की लंबाई माप रही है।

जिन बच्चों में पर्याप्त वृद्धि हॉर्मोन नहीं होता है उनकी वृद्धि अक्सर धीमी होती है और वे अपने हम-उम्र बच्चों से कम लंबे रह जा सकते हैं।

वृद्धि हॉर्मोन की कमी (ग्रोथ हॉर्मोन डिफ़िशेंसी, GHD) एक स्थिति है जिसमें शरीर पर्याप्त वृद्धि हॉर्मोन नहीं बनाता है। वृद्धि हॉर्मोन, जिसे सोमैटोट्रॉपिन भी कहते हैं, एक हॉर्मोन है जो बनता है पिट्यूटरी ग्रंथिमें, यह दिमाग में स्थित एक छोटी-सी ग्रंथि है।

शरीर को हड्डियाँ, मांसपेशियाँ और ऊतक बनाने के लिए वृद्धि हॉर्मोन की ज़रूरत होती है। वृद्धि हॉर्मोन शरीर को ऊर्जा के लिए भोजन का उपयोग करने में भी मदद देता है।

वृद्धि हार्मोन की कमी के लक्षण

बच्चों में, वृद्धि हॉर्मोन की कमी के कुछ संकेत और लक्षण इस प्रकार हैं:

  • अपनी उम्र के अनुसार अपेक्षित से धीमी गति से बढ़ना, आम तौर पर प्रति वर्ष 2 इंच से कम
  • नाटा कद
  • उम्र से छोटा दिखना
  • चेहरे की विशेषताओं में बदलाव, जैसे अधिक गोल चेहरा या छोटा जबड़ा
  • विलंबित जवानी

वयस्कों में, वृद्धि हॉर्मोन की कमी के कारण ये हो सकता है:

  • हड्डियाँ पतली या कमज़ोर होना (ऑस्टियोपोरोसिस)
  • मांसपेशियों की हानि और उनकी शक्ति में कमी
  • शरीर में वसा बढ़ना, विशेष रूप से पेट के आस-पास
  • “बुरे” LDL कोलेस्टेरॉल के अधिक स्तर
  • हृदय या रक्त वाहिकाओं की समस्याओं, जैसे हृदयाघात या स्ट्रोक, का अधिक जोखिम
  • थका हुआ, बेचैन, चिड़चिड़ा, उदास या प्रेरणाहीन महसूस करना

GHD के लक्षणों में उपचार के साथ आम तौर पर सुधार होता है। GHD सीखने को या स्मृति को प्रभावित नहीं करता है।

वृद्धि हार्मोन की कमी के कारण

कारण के आधार पर GHD के 3 मुख्य प्रकार होते हैं:

  • जन्मजात GHD: बच्चा इस प्रकार के साथ जन्म लेता है। यह माता-पिता से बच्चों को मिले जीन बदलावों के कारण हो सकता है।
  • अर्जित GHD: यह प्रकार जीवन में आगे चलकर विकसित होता है। यह इनके कारण हो सकता है:
    • सिर की गंभीर चोट
    • वृद्धि हॉर्मोन बनाने वाली पीयूषिका ग्रंथि को क्षति
    • वृद्धि हॉर्मोन के स्राव को नियंत्रित करने वाली हाइपोथेलेमस ग्रंथि को क्षति
    • दिमाग को प्रभावित करने वाला संक्रमण
  • अज्ञात-कारण GHD: कुछ मामलों में, GHD का कारण अज्ञात होता है

वृद्धि हॉर्मोन की कमी की पहचान

यदि आपके बच्चे में खराब वृद्धि के संकेत हैं, तो आपकी देखभाल टीम यह सुझा सकती है कि वह किसी पीडियाट्रिक एंडोक्राइनॉलजिस्ट को दिखाए। इस चिकित्सक को हॉर्मोन संबंधी समस्याओं की पहचान और उनका उपचार करने का विशेष प्रशिक्षण मिला होता है।

वृद्धि हॉर्मोन की कमी की पहचान के कुछ परीक्षण इस प्रकार हैं:

  • शारीरिक परीक्षा और वृद्धि की जाँचें: समय के साथ आपके बच्चे की लंबाई और वज़न को मापा जाएगा और वृद्धि के सामान्य पैटर्नों से उनकी तुलना की जाएगी।
  • बोन एज (हड्डी की उम्र का) एक्स-रे: आपके बच्चे की हड्डियाँ उसकी उम्र के अनुसार बन रहीं हैं या नहीं यह देखने के लिए उसकी हथेली और कलाई का एक्स-रे किया जा सकता है।
  • रक्त परीक्षण: रक्त के नमूने वृद्धि हॉर्मोन (ग्रोथ हॉर्मोन, GH) के स्तर और पीयूषिका से रक्त में स्रावित होने वाले अन्य पदार्थों, जैसे IGF-1 (इंसुलिन-लाइक ग्रोथ फ़ैक्टर 1) और IGFBP-3 (इंसुलिन-लाइक ग्रोथ फ़ैक्टर बाइंडिंग प्रोटीन 3), के स्तर दिखा सकते हैं। प्रदाता कुछ अन्य स्थितियों, जैसे हाइपोथाइरॉइडिज़्म, सीलिएक रोग, या विलंबित यौवनारंभ
  • आनुवंशिक-जाँचें: परीक्षणों में ऐसे जीन बदलावों की तलाश की जा सकती है जो GHD का या वृद्धि को प्रभावित करने वाली अन्य स्थितियों का कारण बनते हैं।
  • इमेजिंग स्कैन: दिमाग के MRI या CT स्कैन से यह पता चल सकता है कि पीयूषिका ग्रंथि या हाइपोथैलेमस में कोई समस्या है या नहीं।
  • ग्रोथ हॉर्मोन (GH) स्टीमुलेशन परीक्षण:समय के साथ कितना वृद्धि हॉर्मोन स्रावित होता है यह देखने के लिए इस परीक्षण में पीयूषिका ग्रंथि को दवाओं से प्रेरित किया जाता है।

 वृद्धि हॉर्मोन की कमी का उपचार

GHD का उपचार वृद्धि हॉर्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी से होता है जिसमें मानव-निर्मित वृद्धि हर्मोन का उपयोग किया जाता है। इसे बाँह, पेट, जाँघ या नितंबों के वसा वाले भाग में दैनिक या साप्ताहिक इंजेक्शन (शॉट) के रूप में दिया जाता है।

आपके बच्चे का उपचार शुरू होने के बाद, संभव है कि:

  • उसकी लंबाई बढ़े और उसे नए कपड़ों व जूतों की ज़रूरत पड़े
  • उसकी भूख में सुधार हो और वह पहले से पतला दिखे
  • उसे कुल मिलाकर बेहतर महसूस हो

आपका बच्चा कई वर्षों तक वृद्धि हॉर्मोन थेरेपी ले सकता है, तब तक जब तक हड्डियों की वृद्धि धीमी न पड़ जाए या रुक न जाए। उसके बढ़ने के साथ-साथ डोज़ बदलेगी।

कुछ मामलों में, वृद्धि हॉर्मोन थेरेपी वयस्क होने पर भी जारी रह सकती है। इससे इनमें मदद मिल सकती है:

  • हड्डियों का स्वास्थ्य
  • शरीर में मांसपेशियों का द्रव्यमान
  • ऊर्जा के स्तर
  • जीवन की गुणवत्ता

बचपन में होने वाले कैंसर से बचे लोगों में वृद्धि हार्मोन की कमी

बचपन के कैंसर से जीत चुके कुछ लोगों में इनके बाद GHD हो सकती है:

  • सिर या दिमाग में रेडिएशन
  • संपूर्ण शरीर का रेडिएशन करना (TBI)
  • दिमाग की सर्जरी, विशेष रूप से पीयूषिका ग्रंथि के पास की
  • ऐसा दिमाग ट्यूमर जो पीयूषिका ग्रंथि को क्षति पहुँचाता है
  • कुछ उपचार, जैसे कुछ कीमोथेरेपी दवाएँ

यदि आपका बच्चा कैंसर से जीत चुका है, तो उसका जोखिम जानें और वृद्धि समस्याओं के संकेतों पर नज़र रखें। आप निम्नलिखित कार्य कर सकते हैं:

  • अपने बच्चे के ऑन्कॉलजिस्ट (कैंसरविज्ञानी) से विलंबित प्रभावों के उसके जोखिम के बारे में पूछें।
  • अपने बच्चे के प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा प्रदाता को उसके जोखिमों के बारे में बताएं।
  • अपने बच्चे की उत्तरजीविता देखभाल योजना की एक कॉपी साझा करें। इस योजना में उसके उपचार का सारांश और संभावित दीर्घकालिक स्वास्थ्य समस्याओं की जानकारी होती है।

जब तक आपका बच्चा अपनी वृद्धि पूरी न कर ले तब तक उसे हर 6 माह पर नियमित जाँचें करवानी चाहिए। इन मुलाकातों में उसकी इन चीज़ों की जाँच के लिए एक शारीरिक परीक्षा शामिल होनी चाहिए:

  • कद की ऊंचाई, वजन और विकास
  • यौवनारंभ का स्तर
  • पोषण
  • ऊर्जा का स्तर और सामान्य कुशल-क्षेम

वृद्धि हॉर्मोन की कमी का संभावित भावी-पथ

जल्द पहचान और उपचार के साथ, आपके बच्चे की सामान्य या लगभग सामान्य वयस्क लंबाई तक पहुँचने की बेहतर संभावना होती है। जल्द उपचार परिणामों को बेहतर बनाता है।

अपनी देखभाल टीम के फ़ॉलो-अप देखभाल सुझावों का पालन करना सुनिश्चित करें। इनमें निम्नलिखित शामिल हो सकते हैं:

  • हर 6 माह पर एंडोक्राइनॉलजिस्ट से मिलना
  • हर 4-6 माह पर रक्त परीक्षण करवाना ताकि यदि ज़रूरत हो तो हॉर्मोन की डोज़ एडजस्ट की जा सके
  • लंबाई और वज़न नियमित रूप से जाँचना
  • हर वर्ष बोन एज एक्स-रे करवाना
  • उपचार से जो भी दुष्प्रभाव हों उनकी सूचना देना

परिवारों के लिए सलाह

  • अपने बच्चे की वृद्धि पर करीबी नज़र रखें और सुनिश्चित करें कि आपके स्वास्थ्य देखभाल प्रदाता द्वारा सुझावित सभी ज़रूरी जाँचें की जाएँ।
  • उपचार योजना, जिसमें वृद्धि हॉर्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी शामिल है, का सावधानी से पालन करें।
  • जिन बच्चों की वृद्धि उनके साथियों से अलग होती है उनमें से कुछ में शारीरिक छवि से संबंधित चिंताएँ या सामाजिक चिंताएँ हो सकती हैं। यदि आपके बच्चे में भावनात्मक बदलाव हो रहे हों या उसे स्थिति का सामना करने में मुश्किल हो रही हो तो अपनी देखभाल टीम को बताएँ।
  • समान अनुभवों से गुज़र रहे अन्य लोगों से जुड़ने के लिए रोगी समूहों से सहायता प्राप्त करें।
  • आपको आपके बच्चे की चिकित्सीय देखभाल में जो भी समस्याएँ आ रही हों (जैसे इंजेक्शन देने में, दवाएँ प्राप्त करने में, या वृद्धि हॉर्मोन थेरेपी का भुगतान करने में) उनके बारे में अपनी देखभाल टीम को बताएँ।

देखभाल टीम से पूछने के लिए प्रश्न

  • वृद्धि हॉर्मोन की कमी का परीक्षण कैसे किया जाता है?
  • वृद्धि हॉर्मोन की कमी क्यों होती है?
  • GHD के लिए उपचार विकल्प क्या हैं?
  • वृद्धि हॉर्मोन थेरेपी के संभावित दुष्प्रभाव क्या हैं?
  • मेरे बच्चे को कितनी बार चेकअप और टेस्ट की ज़रूरत होती है?
  • उपचार के साथ हमें वृद्धि के बदलाव कब दिखेंगे?
  • मेरे बच्चे को वृद्धि हॉर्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी की कब तक ज़रूरत रहेगी?
  • क्या मेरा बच्चा सामान्य वयस्क लंबाई तक पहुँचेगा?
  • हमें उपचार के किन दुष्प्रभाव या स्वास्थ्य समस्याओं पर नज़र रखनी चाहिए?

वृद्धि हार्मोन की कमी के बारे में मुख्य बिंदु

  • वृद्धि हॉर्मोन की कमी (ग्रोथ हॉर्मोन डिफ़िशेंसी, GHD) एक स्थिति है जिसमें पीयूषिका ग्रंथि पर्याप्त वृद्धि हॉर्मोन नहीं बनाती है।
  • वृद्धि की सामान्य से धीमी दर, बच्चों में GHD का मुख्य संकेत है।
  • GHD आनुवंशिक कारकों, दिमाग की चोटों, या चिकित्सा उपचारों जैसे रेडिएशन या दिमाग की सर्जरी, के कारण हो सकता है। कभी-कभी, कारण अज्ञात होता है।
  • उपचार में आम तौर पर वृद्धि हॉर्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी के दैनिक या साप्ताहिक इंजेक्शन शामिल होते हैं।
  • वृद्धि हॉर्मोन की कमी के जल्द उपचार से बच्चों को उनकी पूरी लंबाई हासिल करने और उनके समग्र स्वास्थ्य तथा विकास को सहारा देने में मदद मिल सकती है।

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समीक्षित: फरवरी 2026

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