कार्डियक (हृदय) संबंधी देरी से दिखाई देने वाले प्रभाव
कार्डियक विलंबित प्रभाव क्या हैं?
बचपन के कैंसर के कुछ उपचार, उपचार खत्म होने के बाद हृदय संबंधी समस्याएँ पैदा कर सकते हैं। इन्हें कार्डियक विलंबित प्रभाव कहते हैं। कार्डियक का अर्थ है "हृदय से संबंधित।"
छाती पर रेडिएशन और एक प्रकार की कीमोथेरेपी जिन्हें एंथ्रासाइक्लिन कहते हैं, कार्डियक विलंबित प्रभावों का मुख्य कारण हैं।
बचपन के कैंसर से जीत चुके अधिकांश लोगों को कैंसर उपचार के कारण हृदय समस्याएँ नहीं होती हैं।
स्वास्थ्यकर आदतें, जैसे शारीरिक गतिविधि और हृदय-स्वास्थ्यकर आहार, आपको कई हृदय स्थितियों के प्रबंधन या रोकथाम में मदद दे सकती हैं।
जानें कि हृदय कैसे काम करता है
- हृदय मांसपेशियों से बना एक ऐसा अंग है जो शरीर के अंगों के लिए खून पंप करता है।
- यह रक्त संचार प्रणाली का केंद्र है, जो रक्त वाहिकाओं, जैसे धमनियों, नसों और केशिकाओं (कैपिलेरी) के नेटवर्क से मिलकर बना है।
- एक विद्युत प्रणाली हृदय को नियंत्रित करती है और हृदय की दीवारों के फैलने-सिकुड़ने के काम के लिए विद्युत संकेतों का इस्तेमाल करती है। दीवारें सिकुड़ने पर हृदय खून को आगे बढा देता है।
- हृदय के चैंबर के वॉल्व खून को सही दिशा में प्रवाहित करते रहते हैं।
- शरीर अच्छी तरह से काम करे इसलिए एक सेहतमंद हृदय सही मात्रा में उतने ही खून की आपूर्ति करता है जितना ज़रूरी है। अगर हृदय किसी रोग या चोट की वजह से कमज़ोर पड़ जाए, तो अंगों को सही तरीके से काम करने के लिए उतना खून नहीं मिलेगा जितना ज़रूरी है।
हो सकने वाले कार्डियक विलंबित प्रभाव
हो सकने वाली कार्डियक स्थितियों में ये शामिल हैं:
- कोरोनरी आर्टरी (धमनी) बीमारी
- असामान्य हृदय ताल (अतालता)
- हृदय वैल्व पर क्षति के निशान या रिसाव (वैल्वुलर स्टेनोसिस या अपर्याप्तता)
- हृदय के चारों ओर मौजूद झिल्ली में शोथ और क्षति के निशान (पेरिकार्डाइटिस या पेरिकार्डियल फ़ाइब्रोसिस)
- हृदय की मांसपेशियों का कमजोर होना (कार्डियोमायोपैथी)
कार्डियोमायॉपथी समय के साथ बदतर हो सकती है। यह हृदय विफलता का कारण बन सकती है।
कार्डियक विलंबित प्रभावों के कारण
एंथ्रासाइक्लिन
एंथ्रासाइक्लिन दवाओं का एक वर्ग है जिनका उपयोग कई प्रकार के कैंसरों के उपचार के लिए होता है।
इन दवाओं में निम्नलिखित शामिल होती हैं:
एंथ्रासाइक्लिन दवाएँ हृदय पेशी को नुकसान पहुँचा सकती हैं (कार्डियोमायॉपथी)। इस नुकसान में शामिल हो सकती है हृदय विफलतादवा कितनी मात्रा (खुराक) में दी गई है इससे इस स्थिति के विकसित होने का जोखिम बढ़ जाता है।
एंथ्रासाइक्लिन की खुराक (संचयी)
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हृदय विफलता का जोखिम |
|---|
100 mg/m2 से कम
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कम
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250 mg/m2 से ज़्यादा
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मध्यम |
| 250 mg/m2 या अधिक |
उच्च |
छाती का रेडिएशन
हृदय के निकट दिया गया रेडिएशन हृदय रोग का जोखिम कारक होता है। छाती पर दिए जाने वाले रेडिएशन (खुराक) से जोखिम बढ़ जाता है।
रेडिएशन की मात्रा
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जोखिम
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|---|
<15 Gy
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कम |
15 Gy-<30 Gy
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मध्यम |
| 30 Gy या ज़्यादा |
उच्च |
एंथ्रासाइक्लिन और छाती पर दिया जाने वाला रेडिएशन
वे उत्तरजीवी जिन्हें एन्थ्रासाइक्लिन और छाती का रेडिएशन दोनों दिए गए थे, उनमें जोखिम सबसे अधिक होता है।
कार्डियक विलंबित प्रभावों के अन्य जोखिम कारक
- परिवार में हृदय रोग का इतिहास
- अन्य स्वास्थ्य समस्याएँ:
- मोटापा
- उच्च रक्तचाप
- खून में कोलेस्ट्रॉल या ट्राइग्लिसराइड का स्तर ज़्यादा होना
- मधुमेह (डायबिटीज)
कार्डियक विलंबित प्रभावों की पहचान
शुरुआत में, संभव है कि सर्वाइवर में लक्षण न हों। लेकिन हृदय रोग मौजूद हो सकता है।
एक एकोकार्डियोग्राम (एको) लक्षण विकसित होने से पहले हृदय रोग का पता लगाने का एक आसान और अप्रवेशी तरीका है। यह ध्वनि तरंगों का उपयोग करके हृदय की तस्वीरें बनाता है।
रोगियों को ये चीज़ें हो सकती हैं:
- खांसी और साँस की घरघराहट जो ठीक नहीं होती
- हृदय का बहुत तेज़ या ज़ोर से धड़कना
- हृदय की अनियमित धड़कन
- छाती में दर्द
- साँस की तकलीफ होना
- पैरों और एड़ियों में सूजन
- चक्कर आना और सिर घूमता महसूस होना
- बेहोश हो जाना
- बहुत ज़्यादा थकान होना
- पसीना आना
- मतली
आप कार्डियक विलंबित प्रभावों के बारे में क्या कर सकते हैं
कैंसर से जीत चुके लोग हृदय स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए कुछ चीज़ें कर सकते हैं:
- हृदय संबंधी समस्याएं होने के अपने जोखिम को जानें। अपने चिकित्सक से पूछें कि क्या आपको दिए गए उपचार, आपमें हृदय रोग का खतरा बढ़ाते हैं।
- अपनी उत्तरजीविता देखभाल योजना की एक कॉपी अपने स्वास्थ्य देखभाल प्रदाताओं से साझा करें।
- नियमित स्वास्थ्य जांच करवाएं।
- आपकी उत्तरजीविता देखभाल योजना में सुझाए गए के अनुसार एकोकार्डियोग्राम और अन्य स्क्रीनिंग करवाएँ। दिशानिर्देश आपको मिले उपचार पर निर्भर करते हैं।
- यदि हृदय को नुकसान के संकेत मौजूद हैं तो किसी कार्डियोलॉजिस्ट (हृदय चिकित्सक) से बात करें।
- उन परेशानियों का उपचार प्राप्त करें जो हृदय की सेहत पर बुरा असर डालती हैं।
- अच्छी स्वास्थ्य आदतें बनाकर रखें।
हृदय से संबंधित सेहतमंद आदतें
हृदय स्वास्थ्य को बढ़ावा देने वाली आदतों में ये शामिल हैं:
कार्डियक विलंबित प्रभावों के बारे में पूछने के लिए प्रश्न
- मुझमें हृदय समस्याएँ होने का क्या जोखिम है?
- क्या मुझे मिला उपचार मुझमें हृदय समस्याओं का जोखिम बढ़ाता है?
- क्या मुझे एकोकार्डियोग्राम की ज़रूरत है?
- क्या मैं बचपन के कैंसर के उपचार के कारण अन्य जटिलताओं के जोखिम में हूँ?
- हृदय समस्याओं का मेरा जोखिम घटाने के लिए मैं क्या करूँ?
- हृदय समस्याएँ होने के बारे में मेरी दुश्चिंता घटाने के लिए मैं क्या करूँ?
कार्डियक विलंबित प्रभावों के बारे में मुख्य बिंदु
- बचपन के कैंसर के कुछ उपचार, उपचार खत्म होने के बाद हृदय और रक्त वाहिकाओं की समस्याओं का कारण बन सकते हैं। इन्हें कार्डियक विलंबित प्रभाव कहते हैं।
- छाती पर रेडिएशन और एंथ्रासाइक्लिन दवाओं से कीमोथैरेपी, कार्डियक विलंबित प्रभावों का मुख्य कारण हैं।
- हृदय समस्याएँ होने के अपने जोखिम को जानना महत्वपूर्ण है, ताकि आप स्क्रीनिंग करवाएँ और/या शुरुआत में ही लक्षणों की पहचान कर पाएँ।
- कई स्थितियों के प्रबंधन के तरीके मौजूद हैं।
- हृदय-स्वास्थ्यकर आदतें (जैसे नियमित व्यायाम, अच्छा पोषण, धूमपान नहीं करना, वज़न स्वस्थ स्तर पर बनाए रखना) कार्डियक विलंबित प्रभावों की रोकथाम में मदद कर सकती हैं।
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