बायोप्सी एक कार्यविधि है जिसकी मदद से चिकित्सक शरीर से ऊतक का एक छोटा-सा टुकड़ा निकाल पाते हैं और उसे करीब से देख पाते हैं। रोग की पहचान, उपचार के शुरुआती चरणों में से एक होती है। कई रोगों की पहचान में बायोप्सी शामिल होती है।
पैथॉलजिस्ट नामक एक चिकित्सक इस ऊतक को माइक्रोस्कोप के ज़रिए देखता है, यह पता लगाने के लिए कि क्या कोशिकाएँ, स्वस्थ कोशिकाओं से अलग हैं। इसे ऊतक की हिस्टॉलजी कहते हैं। कोशिकाएँ कैसी दिखती हैं इस बात से रोग के विशिष्ट प्रकार और चरण के बारे में विवरण मिलता है।
पैथॉलजिस्ट एक ऐसा चिकित्सक होता है जिसे रोग की पहचान में मदद के लिए बायोप्सी से प्राप्त कोशिकाओं और ऊतकों की जाँच का प्रशिक्षण मिला होता है।
बायोप्सी कैसे काम करती है
बायोप्सी करने का तरीका इस बात पर निर्भर करता है कि ऊतक शरीर में कहाँ स्थित है, कितने ऊतक की आवश्यकता है, और अन्य कौन सी प्रक्रियाएँ निर्धारित की गई हैं। कार्यविधि के आधार पर, आपके बच्चे को लोकल या जनरल एनेस्थीसिया की ज़रूरत हो सकती है।
बायोप्सियों के प्रकार में सुई बायोप्सी और सर्जिकल बायोप्सी शामिल है।
सुई बायोप्सी: मांसपेशियों, हड्डियों या अन्य अंगों से ऊतक निकालने के लिए एक नीडल का उपयोग किया जाता है। बायोप्सी के दौरान आपका प्रदाता ऊतक और नीडल का स्थान देखने में मदद के लिए CT, MRI या अल्ट्रासाउंड इमेजिंग का उपयोग कर सकता है।
सर्जिकल बायोप्सी: सर्जिकल बायोप्सी में, आपके प्रदाता को बायोप्सी करने के लिए त्वचा में कट लगाना पड़ सकता है। यह अक्सर ऊतक की जगह के कारण होता है। ऊतक ढूँढने में मदद के लिए प्रदाता MRI, CT या अन्य इमेजिंग परीक्षणों का उपयोग करेगा। कभी-कभी, शरीर के अंदर देखने के लिए प्रदाता एक छोटे से वीडियो कैमरे का भी उपयोग करता है।
कुछ बायोप्सी में केवल छोटे कट की ज़रूरत पड़ती है। अन्य बायोप्सी में बड़े कट की ज़रूरत पड़ती है। कुछ विशेष स्थितियों में, चिकित्सक बायोप्सी के समय ही बीमारी वाले ऊतक को निकाल सकते हैं। रोग फैल चुका है या नहीं इस बात का पता लगाने के लिए आपका प्रदाता आस-पास के लिम्फ नोड (लसीका ग्रंथियों) और अन्य ऊतकों को देख सकता है।
एनेस्थीसिया देकर किया जाने वाला परीक्षण
कुछ मामलों में, चिकित्सक किसी जाँच या बायोप्सी के लिए जनरल एनेस्थेसिया का उपयोग कर सकते हैं। इस प्रक्रिया को EUA कहा जाता है: एनेस्थीसिया देकर किया जाने वाला परीक्षण। चूँकि प्रदाताओं के लिए जनरल एनेस्थीसिया के दौरान रोगियों पर नज़र रखना आवश्यक है, इसलिए वे EUA किसी ऐसे ऑपरेटिंग रूम में करते हैं जहाँ बेहोशी का चिकित्सक.
बचपन में होने वाले कैंसर या बीमारी में, EUA का आमतौर पर उपयोग रेटिनोब्लास्टोमा, जो कि आंख का कैंसर होता है, उसकी पहचान करने के लिए किया जाता है। कभी-कभी, प्रदाता अन्य जाँचों, जैसे श्रोणि जाँच, के लिए EUA करते हैं।
जितना हो सकता है, चिकित्सक सामन्य एनेस्थीसिया का उपयोग कम करने का प्रयास करते हैं। लेकिन कुछ जाँचों के लिए बच्चे का पूरी तरह स्थिर रहना आवश्यक होता है। परीक्षण का प्रकार, बच्चे की आयु और संभावित शारीरिक या भावनात्मक परेशानी के कारण सामन्य एनेस्थीसिया का उपयोग ज़रूरी हो जाता है।
बायोप्सी के दौरान क्या अपेक्षित है
आम तौर पर, बायोप्सी में दर्द नहीं होता है। लेकिन देखभाल टीम दर्द या असुविधा, यदि कोई हो, को घटाने के लिए आपके बच्चे को दवा दे सकती है।
बायोप्सी के बाद
पैथॉलजिस्ट बायोप्सी से प्राप्त कोशिकाओं को माइक्रोस्कोप से देखता है। बीमारी की पहचान इस बात पर आधारित होती है कि कोशिकाएं कैसी दिखती हैं, उनके कितनी तेज़ी से बढ़ने की संभावना है, और वे कितनी दूर तक फैल चुकी हैं। बीमारी की पहचान से रोग या कैंसर के चरण और ग्रेड का पता चलता है। यह जानकारी पैथॉलजी रिपोर्ट में होती है।
स्टेज (चरण) का अर्थ इससे होता है कि शरीर में रोग या कैंसर कहाँ है। इसमें यह शामिल होता है कि इसकी शुरुआत कहाँ हुई थी और यह कहाँ-कहाँ फैल गया है।
ग्रेड इसका वर्णन करता है कि कोशिकाएं स्वस्थ कोशिकाओं से किस तरह अलग दिखती हैं, कोशिकाएं कितनी तेज़ी से बढ़ती हैं और उनके फैलने की संभावना कितनी है।
आपकी स्वास्थ्य देखभाल टीम आपकी बायोप्सी से प्राप्त विवरण का उपयोग उपचार की योजना बनाने में करेगी। वह इन पर भी विचार करेगी:
कैंसर या रोग का प्रकार
ट्यूमर का आकार
क्या कैंसर की कोशिकाएं लसिका ग्रंथि या शरीर के अन्य हिस्सों तक फैल गई हैं
कार्यविधि के बाद, दुखन या दर्द का प्रबंधन कैसे किया जाए इस बारे में अपनी देखभाल टीम के निर्देशों का पालन करें। वह आपको यह भी बताएगी कि संक्रमण की रोकथाम के लिए बायोप्सी स्थल की देखभाल कैसे करें।
आपको बायोप्सी के परिणाम कब और कैसे मिलेंगे इस बारे में अपनी स्वास्थ्य देखभाल टीम से बात करें।
बायोप्सी के संभावित जोखिम
आपकी स्वास्थ्य देखभाल टीम यह सुनिश्चित करने की कोशिश करती है कि आपके बच्चे की बायोप्सी किसी जटिलता को जन्म न दे। बायोप्सी के जोखिमों में रक्तस्राव, बायोप्सी स्थल पर संक्रमण और घाव के निशान शामिल हैं। बायोप्सी के स्थान के आधार पर अन्य जोखिम भी हो सकते हैं। इस पर अपनी स्वास्थ्य देखभाल टीम से बात करें।
स्थल पर संक्रमण की रोकथाम के लिए, आपके बच्चे की बायोप्सी के बाद आपकी टीम के देखभाल निर्देशों का पालन करें। यदि आपको आपके बच्चे में संक्रमण के कोई संकेत दिखें, जैसे निम्नलिखित, तो अपनी देखभाल टीम से संपर्क करें:
बुखार, ठंड लगना
बायोप्सी स्थल से रक्तस्राव जारी रहना
बायोप्सी स्थल पर लालिमा, सूजन, तरल पदार्थ का रिसाव या बदबू
अपनी देखभाल टीम से पूछे जाने वाले प्रश्न
आप बायोप्सी से क्या जानने की उम्मीद रखते हैं?
क्या आप यह जानकारी किन्हीं अन्य विधियों से जान सकते हैं?
बायोप्सी क्लिनिक में की जाएगी या किसी अस्पताल में?
मेरे बच्चे की बायोप्सी कैसे की जाएगी?
बायोप्सी के दौरान आप कितने नमूने लेंगे?
क्या मेरे बच्चे को बायोप्सी के दौरान या उसके बाद दर्द होगा?
यदि हमारे पास बायोप्सी के बाद कोई प्रश्न या समस्याएँ हों तो हमें किसे कॉल करना चाहिए?
हमें बायोप्सी के परिणाम कैसे और कब पता चलेंगे?
बायोप्सी के बारे में मुख्य बिंदु
बायोप्सी माइक्रोस्कोप के नीचे देखने के लिए ऊतक की एक छोटी-सी मात्रा निकालने की कार्यविधि है।
कई रोगों की पहचान में बायोप्सी एक महत्वपूर्ण चरण होती है।
बायोप्सी का प्रकार कई कारकों पर निर्भर करता है, जैसे यह कि ऊतक किस स्थान से और कितना चाहिए।
आपको बायोप्सी के परिणाम कब और कैसे मिलेंगे इस बारे में अपनी देखभाल टीम से बात करें।
पैथॉलजी रिपोर्ट में मरीज का निदान होता है और यह रिपोर्ट सर्वोत्तम उपचार योजना तय करने में बहुत महत्वपूर्ण होती है। जानें कि पैथॉलजी रिपोर्ट कैसे पढ़ते हैं।
शुरुआती लक्षणों से लेकर सामान्य परीक्षणों तक, जानें कि बचपन के कैंसर की पहचान कैसे की जाती है। अपनी देखभाल टीम से पूछने के लिए सुझाव और प्रश्न प्राप्त करें।
एनेस्थीसिया (बेहोशी की दवा) ऐसी दवाओं के उपयोग की प्रक्रिया है जिसमें चिकितसीय परीक्षण और प्रक्रियाओं के दौरान चेतना में बदलाव कर दर्द की संवेदनाओं को रोक दिया जाता है। बच्चों में एनेस्थीसिया के बारे में पढ़ें।