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सिकल कोशिका रोग

सिकल सेल रोग क्या है?

एक रक्त वाहिका में सामान्य लाल रक्त कोशिकाएँ और सिकल सेल दिखा रहा चित्र

सिकल (दराँती/हँसिया) जैसी आकृति की लाल रक्त कोशिकाएँ आपस में चिपककर रक्त प्रवाह को बाधित कर सकती हैं।

सिकल सेल बीमारी ऐसे कुछ रक्त विकारों का एक समूह है जो हीमोग्लोबिन को लाल रक्त कोशिकाओं में प्रभावित करता है। सिकल सेल बीमारी एक वंशानुगत स्थिति है, यानी यह पीढ़ी-दर-पीढ़ी चलती है।

सामान्य लाल रक्त कोशिकाएँ गोल और लचीली होती हैं। वे शरीर की रक्त वाहिकाओं से होकर आसानी से गुज़र जाती हैं। सिकल सेल बीमारी वाले लोगों के लाल रक्त कोशिकाएँ कठोर, चिपचिपी और केले जैसी मुड़ी हुई (दरांती‑आकार की) होती हैं। ये सिकल सेल आपस में चिपककर गुच्छे बना लेती हैं और रक्त वाहिकाओं को जाम कर देती हैं। ये कोशिकाएँ नन्ही रक्त वाहिकाओं को अवरुद्ध करती हैं जिससे शरीर के अंगों को जाने वाले रक्त और ऑक्सीजन की आपूर्ति धीमी पड़ जाती है।

सिकल सेल सामान्य लाल रक्त कोशिकाओं से कम जीती हैं। इसके कारण एनीमिया नामक एक स्थिति होती है जिसमें व्यक्ति में लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या सामान्य से कम हो जाती है। ऑक्सीजन पहुँचाने के लिए सामान्य से कम लाल रक्त कोशिकाएँ होती हैं।

सिकल सेल बीमारी के कारण कई स्वास्थ्य समस्याएँ हो सकती हैं, जैसे दर्द, निढालता, साँस की समस्याएँ, संक्रमण, स्ट्रोक और अंगों को क्षति। सिकल सेल बीमारी से ग्रस्त लोगों को आजीवन चिकित्सीय देखभाल की ज़रूरत होती है। सिकल सेल बीमारी के प्रबंधन में आम तौर पर संक्रमणों की रोकथाम करने, दर्द का प्रबंधन करने और जटिलताओं का उपचार करने के चरण शामिल होते हैं। कुछ मामलों में, सिकल सेल बीमारी का इलाज स्टेम कोशिका (बोन मैरो) ट्रांसप्लांट से किया जा सकता है।

सिकल सेल बीमारी एक वंशानुगत रक्त विकार है जो लाल रक्त कोशिकाओं को प्रभावित करता है। इसके विकसित होने के तरीके, इसके लक्षणों और उपचार विकल्पों के बारे में जानने के लिए यह वीडियो देखें।

सिकल सेल बीमारी के लक्षण

सिकल सेल बीमारी के लक्षण और इसकी जटिलताएँ अलग-अलग मरीजों में अलग-अलग होती हैं। वे हल्के से लेकर प्राणघातक तक होते हैं। सिकल सेल बीमारी से होने वाली कुछ स्वास्थ्य समस्याएँ इस प्रकार हैं:

आपकी देखभाल टीम लक्षणों का प्रबंधन करने में और आपके बच्चे की विशिष्ट चिकित्सीय ज़रूरतों के अनुसार उपचार योजना विकसित करने में आपकी मदद कर सकती है।

सिकल सेल बीमारी के कारण

सिकल सेल बीमारी जीन के एक ऐसे बदलाव (उत्परिवर्तन) के कारण होती है जो हीमोग्लोबिन को प्रभावित करता है। हीमोग्लोबिन लाल रक्त कोशिकाओं में उपस्थित एक प्रोटीन है जो शरीर के सभी हिस्सों तक ऑक्सीजन पहुँचाता है।

  • स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाओं में सामान्य हीमोग्लोबिन A होता है।
  • सिकल लाल रक्त कोशिकाओं में असामान्य हीमोग्लोबिन S होता है।

कुछ जीन यह नियंत्रित करते हैं कि शरीर हीमोग्लोबिन कैसे बनाता है। हर बच्चे में 2 हीमोग्लोबिन जीन होते हैं — 1 उसकी माता से और 1 उसके पिता से। यदि बच्चे को माता या पिता से सिकल सेल जीन और पिता या माता से सिकल सेल जीन या असामान्य हीमोग्लोबिन जीन मिले तो बच्चा सिकल सेल बीमारी के साथ जन्म लेता है। इसके कारण लाल रक्त कोशिकाओं में अधिकांशतः हीमोग्लोबिन S होता है। हीमोग्लोबिन S के कारण रक्त कोशिकाएँ चिपचिपी और सिकल (दराँती/हँसिया) जैसी आकृति की हो जाती हैं।

सिकल सेल बीमारी ऐसे लोगों में अधिक सामान्य है जो इन क्षेत्रों से आते हैं या जिनके पूर्वज इन क्षेत्रों से हैं:

  • उप-सहारा अफ्रीका
  • मध्य व दक्षिणी अमेरिका और कैरिबियन
  • मध्य-पूर्व के देश जैसे सऊदी अरब
  • भारत
  • भूमध्यसागरीय देश जैसे तुर्किये, ग्रीस और इटली

सिकल सेल बीमारी की पहचान

रक्त परीक्षण से सिकल सेल बीमारी की पहचान की जा सकती है। संयुक्त राज्य अमेरिका में सभी नवजात शिशुओं का यह देखने के लिए परीक्षण होता है कि कहीं उन्हें सिकल सेल बीमारी तो नहीं है। यह परीक्षण जन्म से 1-2 दिनों के भीतर, यानी बच्चे में कोई लक्षण दिखने से पहले ही, अस्पताल में किया जाता है।

सिकल सेल बीमारी के प्रकार

सिकल सेल बीमारी कुछ विकारों का एक समूह है। सिकल सेल बीमारी का विशिष्ट प्रकार उन जीन पर निर्भर करता है जो व्यक्ति को उसके माता-पिता से मिले हैं।

सिकल सेल बीमारी के प्रकारों में ये शामिल हैं:

  • हीमोग्लोबिन SS (HbSS) बीमारी: इस प्रकार के सिकल सेल बीमारी में व्यक्ति को हीमोग्लोबिन S जीन की 2 प्रतियाँ, एक माता से और एक पिता से, मिलती हैं। यह आम तौर पर बीमारी का सबसे गंभीर रूप होता है। इसे सिकल सेल एनीमिया भी कहते हैं।
  • हीमोग्लोबिन SC (HbSC) बीमारी: इस प्रकार से ग्रस्त लोगों को माता या पिता से हीमोग्लोबिन S जीन और पिता या माता से एक अन्य असामान्य हीमोग्लोबिन जीन मिली होती है। सिकल सेल रोग का यह प्रकार आम तौर पर अपेक्षाकृत हल्का होता है।
  • हीमोग्लोबिन S बीटा थैलेसीमिया: HbS बीटा थैलेसीमिया तब होता है जब किसी व्यक्ति को एक माता-पिता से हीमोग्लोबिन S जीन और दूसरे माता-पिता से बीटा थैलेसीमिया जीन मिलता है। बीटा थैलेसीमिया जीन “ज़ीरो” या “प्लस” हो सकता है। HbS beta0-थैलेसीमिया आम तौर पर अधिक गंभीर होता है।

सिकल सेल बीमारी के अतिरिक्त दुर्लभ प्रकार तब हो सकते हैं यदि किसी व्यक्ति को माता या पिता से एक हीमोग्लोबिन S जीन और पिता या माता से किसी असामान्य हीमोग्लोबिन जीन की प्रति मिले। इनमें हीमोग्लोबिन SD बीमारी और हीमोग्लोबिन SE बीमारी शामिल हैं।

आनुवांशिक परामर्शदाता आपके बच्चे की विशिष्ट बीमारी-पहचान को समझने में आपकी मदद कर सकता है।

सिकल सेल ट्रेट (विशेषक) 

रक्त परीक्षण से आप यह भी जान सकते हैं कि आपके बच्चे में सिकल सेल विशेषक है या नहीं। सिकल सेल विशेषक से युक्त लोगों में सिकल सेल रोग नहीं होता है। उन्हें जीवन में आगे चलकर सिकल सेल रोग नहीं हो सकता है। लेकिन सिकल सेल बीमारी का जीन उनसे उनके बच्चों को मिल सकता है।

सिकल सेल विशेषक से युक्त लोगों की लाल रक्त कोशिकाओं में हीमोग्लोबिन A और असामान्य हीमोग्लोबिन S, दोनों होते हैं। सिकल सेल विशेषक से युक्त अधिकांश लोगों में बीमारी का कोई भी संकेत या लक्षण नहीं होता है।

यह जानना महत्वपूर्ण है कि आपके बच्चे में सिकल सेल विशेषक है या नहीं। आम तौर पर, सिकल सेल विशेषक से बच्चों या वयस्कों में स्वास्थ्य समस्याएँ नहीं होती हैं। लेकिन दुर्लभ मामलों में हो सकती हैं।

सिकल सेल विशेषक के बारे में और जानें।

सिकल सेल बीमारी का उपचार

सिकल सेल बीमारी से ग्रस्त लोगों को विशेष चिकित्सीय देखभाल की ज़रूरत होती है। यह अक्सर किसी सिकल सेल केंद्र में प्रदान की जाती है। हिमेटॉलजिस्ट एक ऐसा चिकित्सक होता है जो रक्त विकारों का उपचार करता है। सिकल सेल बीमारी से ग्रस्त बच्चों का उपचार अक्सर बाल सिकल सेल केंद्रों में होता है और जब वे युवा वयस्क हो जाते हैं तब वे संक्रमण (ट्रांज़िशन) करके वयस्क सिकल सेल क्लिनिकों से उपचार प्राप्त करते हैं।

सिकल सेल बीमारी के उपचारों में दर्द की घटनाओं और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को घटाने या उनकी रोकथाम करने के लिए दवाएँ और ब्लड ट्रांसफ़्यूज़न (रक्ताधान/रक्त चढ़ाना) शामिल हैं। स्टेम कोशिका (बोन मैरो) ट्रांसप्लांट एकमात्र उपलब्ध इलाज है।

आपके बच्चे की उपचार योजना उसकी उम्र और विशिष्ट चिकित्सीय ज़रूरतों पर निर्भर करेगी। विकल्प में शामिल हैं:

पेनिसिलिन

पेनिसिलिन एक दवा है जो सिकल सेल बीमारी से ग्रस्त शिशुओं और छोटे बच्चों में जानलेवा संक्रमणों की रोकथाम में मदद करती है। यह दवा प्रति दिन 2 बार ली जानी चाहिए। उपचार शिशुओं के 2 महीने का होने से पहले शुरू हो जाना चाहिए और 5 वर्ष का होने तक चलना चाहिए। कुछ बच्चों को अधिक समय तक दवा लेने की ज़रूरत होगी।

हाइड्रोक्सीरिया

हाइड्रॉक्सीयूरिया एक दवा है जो लाल रक्त कोशिकाओं को गोल व लचीला बने रहने में और उनकी आकृति सिकल (दराँती/हँसिया) जैसी होने की संभावना घटाने में मदद देती है। हाइड्रॉक्सीयूरिया सिकल सेल बीमारी से होने वाली कई समस्याओं को घटाने या रोकने में मदद कर सकती है, जैसे:

  • दर्द की घटनाएँ
  • एक्यूट चेस्ट सिंड्रोम की घटनाएँ
  • इमरजेंसी विज़िट और अस्पताल में भर्ती

हाइड्रॉक्सीयूरिया इन अंगों की क्षति की भी रोकथाम कर सकती है या उसे धीमा कर सकती है: तिल्ली, गुर्दे, फेफड़े, और दिमाग.

L-ग्लूटमीन ओरल पाउडर (Endari)

L-ग्लूटमीन रक्त में ग्लूटमीन की मात्रा बढ़ाकर काम करता है। इससे लाल रक्त कोशिकाओं में होने वाली क्षति घटाने में मदद मिल सकती है। इसका उपयोग आम तौर पर दर्द की घटनाओं और अन्य समस्याओं को घटाने के लिए अन्य दवाओं के साथ किया जाता है।

क्रिज़ानलिज़ुमैब (Adakveo)

क्रिज़ानलिज़ुमैब एक दवा है जो रक्त कोशिकाओं की चिपचिपाहट घटाकर काम करती है। सिकल (दराँती/हँसिया) जैसी आकृति वाली लाल रक्त कोशिकाएँ शरीर में अधिक स्वतंत्र रूप से बहती हैं जिससे दर्द की घटनाएँ कम हो जाती हैं। क्रिज़ानलिज़ुमैब IV के ज़रिए महीने में एक बार दी जाती है। यह सिकल सेल बीमारी से ग्रस्त ऐसे लोगों के लिए स्वीकृत है जिनकी उम्र 16 वर्ष या अधिक है।

लाल रक्त कोशिका का आधान

लाल रक्त कोशिका ट्रांसफ़्यूज़न (आधान) एक कार्यविधि है जिसमें किसी शिरा के ज़रिए स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाएँ चढ़ाई जाती हैं। यह सिकल सेल बीमारी से होने वाली विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं, जिनमें स्ट्रोक शामिल है, की रोकथाम या उपचार कर सकता है। कभी-कभी बस एक बार ट्रांसफ़्यूज़न की ज़रूरत पड़ती है। अन्य मरीजों को “दीर्घकालिक” ट्रांसफ़्यूज़न की ज़रूरत पड़ती है, जिसका अर्थ कई वर्षों तक हर माह एक बार रक्त चढ़ाया जाना हो सकता है। रक्त उत्पाद ट्रांसफ़्यूज़न और रेड ब्लड सेल एक्सचेंज (लाल रक्त कोशिका आदान-प्रदान) के बारे में और जानें।

स्टेम सेल ट्रांसप्लांट

स्टेम सेल (बोन मैरो) ट्रांसप्लांट सिकल सेल बीमारी का एकमात्र ज्ञात इलाज है। स्टेम कोशिका ट्रांसप्लांट में रोगी की रक्त-निर्माता स्टेम कोशिकाओं को किसी ऐसे दाता जो बोगी का करीबी मिलान (मैच) होता है, आम तौर पर उसका सगा भाई या बहन, से प्राप्त स्वस्थ स्टेम कोशिकाओं से बदला जाता है। सिकल सेल बीमारी से ग्रस्त अधिकांश लोग इस उपचार के लिए उपयुक्त नहीं होते हैं। स्टेम कोशिका ट्रांसप्लांट एक बड़ी चिकित्सीय कार्यविधि है और इसके गंभीर दुष्प्रभाव हो सकते हैं। स्टेम कोशिका ट्रांसप्लांट के बारे में और जानें।

जीन चिकित्सा

सिकल सेल बीमारी के उपचारों का अध्ययन कर रहे हैं जीन चिकित्सा नए उपचारों का अध्ययन कर रहे हैं। जीन थेरेपियाँ मरीज की स्टेम सेल (मूल कोशिकाओं) में जीन को जोड़कर, बदलकर या उनकी मरम्मत करके काम करती हैं। सिकल सेल बीमारी की वर्तमान जीन थेरेपी फ़ीटल (भ्रूणीय) हीमोग्लोबिन की मात्रा बढ़ाकर काम करती हैं; फ़ीटल हीमोग्लोबिन, हीमोग्लोबिन का एक ऐसा प्रकार है जो जन्म के बाद सामान्यतः नहीं बनता है। एक अन्य प्रकार की जीन थेरेपी लाल रक्त कोशिकाओं की चिपचिपाहट घटाकर काम करती है, जिससे लाल रक्त कोशिकाओं का आपस में चिपकना और उससे रक्त वाहिकाओं का अवरुद्ध होना रुकता है। ये थेरेपी काफ़ी नई हैं और केवल कुछ विशेषज्ञ अस्पतालों में ही की जाती हैं।

सिकल सेल बीमारी के साथ जीवन

ध्यान रखें कि सिकल सेल बीमारी से ग्रस्त बच्चे सारे समय अस्वस्थ नहीं होते हैं। असल में, वे अधिकांश समय अन्य बच्चों की तरह खेल सकते हैं और स्कूल जा सकते हैं। बड़े होने पर वे कॉलेज जा सकते हैं, करियर बना सकते हैं और अधिकांशतः सामान्य जीवन जी सकते हैं। यदि आपके बच्चे को सिकल सेल बीमारी है, तो समस्याओं की रोकथाम में और उन्हें अधिकतम संभव स्वस्थ बनाए रखने में मदद के लिए आप कुछ चीज़ें कर सकते हैं।

  • नियमित चिकित्सीय देखभाल प्राप्त करें: आपके बच्चे को निरंतर चिकित्सीय देखभाल की ज़रूरत होगी। ऐसा कोई एक उपचार नहीं है जो हर बच्चे के लिए सही हो। सिकल सेल बीमारी से ग्रस्त बच्चों के उपचार में विशेषज्ञता रखने वाले हिमेटॉलजिस्ट के साथ नियमित अपॉइंटमेंट से मदद मिल सकती है। सुनिश्चित करें कि आपके बच्चे की सभी नियमित स्वास्थ्य व तंदुरुस्ती जाँचें की जाएँ और उसे सभी अनुशंसित टीके लगें।
  • निर्देशानुसार दवाएँ दें: आपके बच्चे को प्रति दिन दवाएँ लेने की ज़रूरत हो सकती है। सुनिश्चित करें कि आपका बच्चा सभी दवाएँ निर्देशानुसार ले। अगर आपके प्रश्न हैं तो अपने स्वास्थ्य सेवा प्रदाता या फार्मासिस्ट से बात करें।
  • दर्द के ट्रिगर जानें: दर्द संकट के ट्रिगर, यानी उसे सक्रिय करने वाली चीज़ों, से बचें जैसे बहुत गर्म या बहुत ठंडा होना, पानी की कमी, अधिक ऊँचाई या अतिशय व्यायाम। अपने बच्चे के दर्द के प्रबंधन के तरीकों के बारे में अपनी देखभाल टीम से बात करें।
  • स्वस्थ आदतों को बढ़ावा दें: अपने बच्चे को शारीरिक सक्रियता, स्वस्थ खानपान और नींद की उत्तम आदतों के ज़रिए स्वस्थ जीवनशैली विकसित करने में मदद दें। सुनिश्चित करें कि आपका बच्चा पर्याप्त तरल पदार्थ पिए और धूमपान या वेपिंग न करे

अपनी स्वास्थ्य देखभाल टीम से पूछे जाने वाले प्रश्न

  • मेरे बच्चे को किस प्रकार का सिकल सेल बीमारी है?
  • क्या-क्या उपचार उपलब्ध हैं? कौनसा उपचार मेरे बच्चे के लिए सबसे अच्छा है?
  • मेरे बच्चे को कब-कब जाँचों की ज़रूरत होगी?
  • मेरे बच्चे को किन टीकों की ज़रूरत है?
  • मेरे बच्चे को किन गतिविधियों से बचना चाहिए?
  • यदि मेरे बच्चे में दर्द संकट हो तो मुझे क्या करना चाहिए?
  • मुझे किन आपात चेतावनी संकेतों पर नज़र रखनी चाहिए?
  • क्या हमें किसी क्लिनिकल परीक्षण पर विचार करना चाहिए?

यदि आपके पास सिकल सेल बीमारी, अपने बच्चे के उपचार या उसके अनुमानित भावी-पथ के बारे में प्रश्न हों तो अपने स्वास्थ्य देखभाल प्रदाता से बात करें। हमेशा अपनी देखभाल टीम द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करें।

सिकल सेल बीमारी के बारे में मुख्य बिंदु

  • सिकल सेल बीमारी एक वंशानुगत रक्त विकार है जो लाल रक्त कोशिकाओं को प्रभावित करता है।
  • सिकल सेल बीमारी से ग्रस्त लोगों में लाल रक्त कोशिकाएँ कठोर, चिपचिपी और सिकल (दराँती/हँसिया) जैसी आकृति की होती हैं।
  • सिकल सेल बीमारी शरीर के विभिन्न भागों को प्रभावित करने वाली कई स्वास्थ्य समस्याएँ पैदा कर सकती है।
  • सिकल सेल बीमारी की पहचान आम तौर पर एक नवजात स्क्रीनिंग परीक्षण के ज़रिए की जाती है।
  • उपचारों से सिकल सेल बीमारी की जटिलताओं को घटाने या रोकने में मदद मिल सकती है।
  • स्वास्थ्यकर आदतें अपनाने से दर्द की घटना सक्रिय होने का जोखिम घट सकता है और जीवन की गुणवत्ता को बढ़ावा मिल सकता है।
  • आपके बच्चे को सिकल सेल बीमारी से ग्रस्त बच्चों का उपचार करने वाले किसी प्रदाता से निरंतर देखभाल की ज़रूरत है।


समीक्षित: दिसंबर 2024

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