मुख्य विषयवस्तु में जाएं

रक्त के विकारों के बारे में

रक्त विकार क्या होते हैं?

रक्त विकार ऐसी स्वास्थ्य स्थितियाँ हैं जो रक्त के एक या अधिक भागों को ठीक से काम करने से रोकती हैं। कुछ रक्त विकार हल्के होते हैं। अन्य जीवन-घातक हो सकते हैं। रक्त विकारों के लक्षण रक्त के प्रभावित भाग पर और स्थिति की गंभीरता पर निर्भर करते हैं। आपके बच्चे का उपचार उसकी विशिष्ट बीमारी-पहचान पर निर्भर करेगा। 

रक्त विकारों के प्रकारों के बारे में जानकारी पाएँ।

रक्त के भाग

रक्त के भागों का चिकित्सीय चित्र

रक्त मुख्यतः चार भागों से मिलकर बनता है: लाल रक्त कोशिकाएँ, प्लेटलेट, सफ़ेद रक्त कोशिकाएँ और प्लाज़्मा।

रक्त कई भागों से मिलकर बनता है। इनमें शामिल है:

  • लाल रक्त कोशिकाएँ जो ऑक्सीजन ले जाती हैं। लाल रक्त कोशिकाओं में आयरन से समृद्ध एक प्रोटीन होता है जिसे हीमोग्लोबिन कहते हैं। हीमोग्लोबिन ऑक्सीजन को फेफड़ों से शरीर के अंगों व ऊतकों तक ले जाता है। लाल रक्त कोशिकाएँ शरीर को अपशिष्ट उत्पादों से छुटकारा पाने में भी मदद देती हैं।
  • प्लेटलेट जो रक्तस्राव की रोकथाम करने या उसे रोकने के लिए रक्त को थक्का जमाने में मदद देती हैं।
  • सफ़ेद रक्त कोशिकाएँ जो संक्रमणों से लड़ती हैं और बीमारीाणुओं के विरुद्ध सुरक्षा देती हैं। 
  • प्लाज़्मा जो रक्त का द्रव भाग है। इसमें पानी, प्रोटीन और ऐसे पदार्थ होते हैं जो रक्त को थक्का जमाने में मदद देते हैं।

रक्त विकारों के लक्षण

रक्त विकारों के लक्षण, विकार विशेष के आधार पर काफ़ी अलग-अलग होते हैं। 

रक्त विकारों के कुछ आम संकेत और लक्षण इस प्रकार हैं:

  • कमज़ोरी या सामान्य से अधिक थकान महसूस होना (निढालता)
  • चक्कर आना या सिर घूमना
  • त्वचा का पीला पड़ना 
  • हृदय गति में वृद्धि
  • अस्पष्ट घाव या रक्तस्राव होना
  • सामान्य से अधिक बार अस्वस्थ होना
  • जोड़ों या मांसपेशियों में दर्द
  • साँस लेने में परेशानी या साँस फूलना 

रक्त विकारों के कारण

रक्त विकारों के कई विभिन्न कारण हो सकते हैं। इनमें शामिल है:

  • जीन में बदलाव: कई रक्त विकार जीन में बदलावों के कारण होते हैं, ये बदलाव वंशानुगत (पीढ़ी-दर-पीढ़ी चलने वाले) भी हो सकते हैं। 
  • पर्यावरणीय कारक: कुछ रसायनों या विषाक्त पदार्थों से संपर्क कुछ रक्त विकारों को जन्म दे सकता है।
  • ऑटोइम्यून स्थितियाँ: प्रतिरक्षा तंत्र (कीटाणुओं के विरुद्ध सुरक्षा देने वाला शरीर का रक्षा तंत्र) कभी-कभी गलती से रक्त कोशिकाओं पर हमला कर देता है।
  • बोन मैरो की समस्याएँ: रक्त कोशिकाओं का निर्माण बोन मैरो (अस्थि मज्जा) में होता है, जो हड्डियों का नर्म भीतरी अंश है। यदि यह मैरो ठीक से काम न करे, तो रक्त विकारों का जन्म हो सकता है।

दवाएँ, संक्रमण, बीमारी और अन्य कारक भी रक्त विकारों में योगदान दे सकते हैं। कुछ मामलों में, रक्त विकार का कारण अज्ञात हो सकता है।

रक्त विकारों की पहचान करना

रक्त विकारों की पहचान आपके बच्चे के चिकित्सा इतिहास, शारीरिक परीक्षा और लैब परीक्षणों के आधार पर की जाती है। आपका देखभाल प्रदाता आपसे रक्तस्राव या नील पड़ने में जो भी बदलाव हों उनके बारे में, हालिया अस्वस्थताओं के बारे में या आपका बच्चा जो दवाएँ ले रहा है उनके बारे में पूछ सकता है।  

रक्त विकारों के लैब परीक्षणों में ये शामिल हो सकते हैं:

  • पूर्ण रक्त गणना (CBC), रक्त कोशिकाओं की संख्या व आकार मापने के लिए
  • ब्लड स्मिअर, रक्त कोशिकाओं का आकार और उनकी आकृति देखने के लिए
  • आयरन, हीमोग्लोबिन और अन्य प्रोटीनों को मापने के रक्त परीक्षण
  • रक्त थक्का कैसे जमाता है यह मापने के परीक्षण
  • किडनी और लिवर की कार्यक्षमता मापने के परीक्षण
  • बोन मैरो एस्पिरेशन (चूषण) और बायोप्सी, बोन मैरो के नमूने में पाई जाने वाली कोशिकाओं की संख्या और आकार की जांच करने के लिए
  • आनुवांशिक परीक्षण, वंशानुगत विकारों या जीन के बदलावों की जाँच के लिए

अन्य परीक्षण विशिष्ट रसायनों की या रक्त क्रिया के अन्य पहलुओं की जाँच कर सकते हैं। आपकी देखभाल टीम रक्त विकारों का कारण बन सकने वाली अंतर्निहित चिकित्सीय स्थितियों की जाँच के लिए अन्य परीक्षण कर सकती है।

रक्त विकारों के लिए उपचार

रक्त विकारों से ग्रस्त बच्चों को विशेष चिकित्सीय देखभाल की ज़रूरत होती है। हिमेटॉलजिस्ट एक ऐसा चिकित्सक होता है जो रक्त विकारों का उपचार करता है। 

आपके बच्चे की देखभाल टीम आपके बच्चे के लिए उपचार योजना बनाएगी। रक्त विकारों का उपचार विकार के प्रकार और स्थिति की गंभीरता पर निर्भर करता है। 

रक्त विकारों के लिए उपचारों में शामिल हो सकते हैं:

रक्त विकारों के साथ जीवन

कुछ रक्त विकार अस्थायी होते हैं और पूरी तरह ठीक हो जाते हैं। अन्य विकार आजीवन रह सकते हैं और उनके लिए निरंतर देखभाल ज़रूरी हो सकती है। आपके बच्चे के लिए सर्वोत्तम जीवन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु उचित प्रबंधन महत्वपूर्ण है। अपनी देखभाल टीम की चिकित्सीय सलाह का हमेशा पालन करें।

यदि आपके बच्चे को कोई रक्त विकार है तो यह करना सुनिश्चित करें:

  • स्वस्थ आदतों को बढ़ावा दें: अपने बच्चे को पर्याप्त नींद, शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्यकर खानपान के ज़रिए स्वस्थ जीवनशैली विकसित करने में मदद दें। सुनिश्चित करें कि आपका बच्चा पानी की कमी की रोकथाम में मदद के लिए काफी तरल पदार्थ पिए। हानिकारक गतिविधियों से बचें, जैसे धूम्रपान, वेपिंग और नशे या शराब का उपयोग। 
  • नियमित चिकित्सीय देखभाल प्राप्त करें: सभी अपॉइंटमेंट पर जाएँ और अपने बच्चे की स्थिति की निगरानी के लिए सुझावित के अनुसार परीक्षण करवाएँ। सभी टीके समय से लगवाएँ और अपने बच्चे के संक्रमण या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को समझें। 
  • निर्देशानुसार दवाएँ दें: यदि आपके पास आपके बच्चे की दवाओं के बारे में कोई प्रश्न हों तो अपने बच्चे की देखभाल टीम या फार्मासिस्ट से बात करें।
  • भावनात्मक स्वास्थ्य और खुशहाली में मदद करें: तनाव का प्रबंधन करने और समस्याओं का सामना करने के स्वस्थ तरीके सिखाएँ। विशिष्ट ज़रूरतें पूरी करने और चुनौतियों से पार पाने में मदद के लिए अपनी देखभाल टीम, परिवार, दोस्तों या सहायता समूहों से सहायता लें।

अपनी स्वास्थ्य देखभाल टीम से पूछे जाने वाले प्रश्न

  • मेरे बच्चे का विशिष्ट निदान क्या है और यह स्थिति उसके शरीर को किस प्रकार प्रभावित करती है? 
  • क्या-क्या उपचार विकल्प उपलब्ध हैं? 
  • हर उपचार के क्या दुष्प्रभाव हो सकते हैं?
  • मेरे बच्चे को कब-कब अनुवर्तन अपॉइंटमेंट पर जाना या परीक्षण करवाने चाहिए? 
  • मेरे बच्चे को किन गतिविधियों से बचना चाहिए?
  • हमें किन जटिलताओं या आपातकालीन चेतावनी संकेतों पर नज़र रखनी चाहिए? 
  • क्या हमें किसी क्लिनिकल परीक्षण पर विचार करना चाहिए? 
  • मेरे बच्चे की दीर्घकालिक संभावनाएँ क्या हैं? 

रक्त विकारों के बारे में मुख्य बिंदु

  • रक्त विकार रक्त के किसी भी भाग को प्रभावित कर सकता है: लाल रक्त कोशिकाएं, सफ़ेद रक्त कोशिकाएं, प्लेटलेट्स या प्लाज़्मा।
  • रक्त विकारों के लक्षण काफ़ी अलग-अलग होते हैं। 
  • रक्त विकारों के कारणों में आनुवांशिक कारक, संक्रमण, पर्यावरणीय विषाक्त पदार्थ, प्रतिरक्षा स्थितियाँ, बोन मैरो की समस्याएँ या दवाओं के दुष्प्रभाव शामिल हैं।
  • उपचार रक्त विकार के प्रकार और उसकी गंभीरता पर निर्भर करता है। 
  • देखभाल और निगरानी के लिए अपनी देखभाल टीम के निर्देशों का पालन करें। 
  • स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करें, जिसमें पौष्टिक खान-पान, नियमित व्यायाम और अच्छी नींद की आदतें शामिल हों। 


समीक्षित: सितंबर 2024

संबंधित सामग्री