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बोन मैरो ट्रांसप्लांट (स्टेम सेल ट्रांसप्लांट)

स्टेम सेल ट्रांसप्लांट क्या है?  

इस चित्र में अंदर के दृश्य के साथ एक लंबी हड्डी को दिखाया गया है, जो बोनमैरो और खून बनाने वाली स्टेम कोशिकाएं दर्शा रहा है। यही सफेद रक्त कोशिका, लाल रक्त कोशिका और प्लेटलेट्स बन जाते हैं।

बड़ी संख्या में खून बनाने वाली स्टेम कोशिकाएं बोनमैरो में रहती हैं। ये कोशिकाएं लाल रक्त कोशिकाओं, सफेद रक्त कोशिकाओं और प्लेटलेट्स में विकसित हो जाती हैं।

स्टेम सेल या बोन मैरो ट्रांसप्लांट एक चिकित्सीय कार्यविधि है जिसमें अनुपस्थित या क्षतिग्रस्त रक्त-निर्माता स्टेम (हिमेटोपॉइटिक या प्रोजेनिटर) कोशिकाओं को स्वस्थ स्टेम कोशिकाओं से बदला जाता है। इस कार्यविधि को बोन मैरो ट्रांसप्लांट (BMT), हिमेटोपॉइटिक सेल ट्रांसप्लांट (HCT), या हिमेटोपॉइटिक स्टेम सेल ट्रांसप्लांट (HSCT) भी कहते हैं। 

बोन मैरो, स्टेम कोशिकाओं का मुख्य स्रोत होती है। बोन मैरो शरीर की अधिकांश हड्डियों के केंद्र में एक नरम, स्पंज जैसी सामग्री होता है। बोन मैरो, रक्त कोशिका बनाने की फ़ैक्टरी की तरह काम करती है और लगातार नई रक्त-निर्माता स्टेम कोशिकाएँ बनाती है। उसके बाद ये कोशिकाएँ परिपक्व होकर ये बनने वाली कोशिकाओं में बदल जाती हैं:

  • लाल रक्त कोशिकाएं (जो ऑक्सीजन ले जाती हैं)
  • प्लेटलेट्स (जो खून जमने में मदद करते हैं)
  • सफेद रक्त कोशिकाएं (जो संक्रमण से लड़ती हैं)

स्टेम सेल ट्रांसप्लांट का उपयोग बचपन के कुछ कैंसरों, सिकल सेल बीमारी, और कुछ अन्य रक्त या प्रतिरक्षा तंत्र विकारों के उपचार के लिए किया जा सकता है। ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया जटिल होती है। यह एक बड़ी चिकित्सीय कार्यविधि है और इसके गंभीर दुष्प्रभाव हो सकते हैं। आपकी देखभाल टीम आपको बताएगी कि क्या स्टेम सेल ट्रांसप्लांट आपके बच्चे के लिए एक विकल्प हो सकता है।    

स्टेम सेल ट्रांसप्लांट कैसे काम करता है

स्टेम सेल ट्रांसप्लांट 2 प्रकार के होते हैं:

  • एलोजेनिक ट्रांसप्लांट (जिसमें किसी दाता से प्राप्त स्टेम कोशिकाओं का उपयोग होता है) 
  • ऑटोलोगस ट्रांसप्लांट (जिसमें मरीज़ की खुद की कोशिकाओं का उपयोग होता है)

ट्रांसप्लांट के लिए स्टेम कोशिकाएँ बोन मैरो से आ सकती हैं (बोन मैरो हार्वेस्ट) या रक्त से आ सकती हैं (पेरिफेरल ब्लड स्टेम सेल डोनेशन)।

स्टेम सेल ट्रांसप्लांट प्रक्रिया के सामान्य चरणों में ये शामिल हैं:

  1. उपयुक्त दाता खोजना (यदि एलोजेनिक ट्रांसप्लांट है)
  2. दाता से (एलोजेनिक) या आपके बच्चे से (ऑटोलोगस) स्टेम कोशिकाओं का एकत्रण
  3. यह सुनिश्चित करने के लिए ट्रांसप्लांट-पूर्व परीक्षण और मूल्यांकन कि आपका बच्चा ट्रांसप्लांट के लिए उपयुक्त उम्मीदवार है
  4. कंडीशनिंग (अनुकूलन) या ट्रांसप्लांट-पूर्व उपचार जिसके लिए कीमोथेरेपी और/या विकीरण चिकित्सा  का उपयोग होता है
  5. किसी शिरा के ज़रिए स्टेम कोशिकाओं का ट्रांसफ़्यूज़न, काफ़ी हद तक किसी ब्लड ट्रांसफ़्यूज़न (रक्त चढ़ाने) की तरह
  6. इन्फ़्यूज़ की गईं स्टेम कोशिकाएँ बोन मैरो में पहुँचकर विभाजित होती हैं और स्वस्थ रक्त कोशिकाएँ बनाती हैं (इनग्राफ़्टमेंट)
  7. दुष्प्रभाव के प्रबंधन और संक्रमण की रोकथाम के लिए देखभाल

स्टेम सेल ट्रांसप्लांट से पहले

हर मरीज़ के लिए ट्रांसप्लांट उपयुक्त हो ऐसा नहीं है। चिकित्सा टीम कई कारकों पर विचार करेगी, जैसे आपके बच्चे की/का:

  • उम्र
  • सामान्य स्वास्थ्य
  • रोग की पहचान
  • उपचार इतिहास
  • दाता से मिलान (मैचिंग) के लिए आनुवांशिक मार्कर (यदि एलोजेनिक ट्रांसप्लांट है)

लैब परीक्षण रक्त कोशिकाओं की संख्या, गुर्दा कार्यक्षमता, यकृत कार्यक्षमता और संक्रामक बीमारीों से संपर्क को मापेंगे। आपके बच्चे के हृदय, फेफड़ों, गुर्दों और अन्य महत्वपूर्ण अंगों की जाँच के लिए भी परीक्षण किए जाएँगे।

यदि आपके बच्चे को सेंट्रल लाइन नहीं लगी हुई है तो उसे लगाने की ज़रूरत होगी।

आप भावनात्मक और मानसिक स्वास्थ्य पर चर्चा के लिए देखभाल टीम के अन्य सदस्यों, जैसे किसी समाजसेवी या मनोविज्ञानी से भी मिलेंगे। वित्तीय परामर्शदाता बीमा स्वीकृतियों और वित्तीय समस्याओं में मदद दे सकता है।

स्टेम सेल ट्रांसप्लांट के दौरान क्या उम्मीद करें 

ट्रांसप्लांट के मरीज आम तौर पर 4-6 सप्ताह या अधिक समय तक अस्पताल में ठहरते हैं। आपका बच्चा अस्पताल के एक विशेष हिस्से में रहेगा, जो ट्रांसप्लांट के मरीजों और अन्य ऐसे मरीजों के लिए होता है जिनकी प्रतिरक्षा प्रणाली का कार्य बहुत कम या बिल्कुल नहीं होता है। अस्पताल के अन्य क्षेत्रों की तुलना में ट्रांसप्लांट यूनिट में संक्रमण नियंत्रण के दिशा-निर्देश अलग होते हैं।

स्टेम कोशिकाओं का इन्फ़्यूज़न

ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया चुनौतीपूर्ण होती है। लेकिन स्टेम कोशिकाएँ प्राप्त करना अपेक्षाकृत आसान होता है। यह काफी हद तक रक्त आधान जैसा होता है। स्टेम कोशिकाएँ आपके बच्चे की सेंट्रल लाइन से एक ट्यूब के ज़रिए जुड़े एक बैग या सिरिंज में होती हैं। इसमें कुछ मिनटों से कुछ घंटों तक का समय लगता है। इसमें दर्द नहीं होता है।

इनग्राफ़्टमेंट

रक्तधारा में प्रवेश के बाद, स्टेम कोशिकाएँ बोन मैरो में पहुँचती हैं। यहाँ वे विभाजित होना शुरू कर देती हैं। स्टेम कोशिकाएँ सफ़ेद रक्त कोशिकाओं, लाल रक्त कोशिकाओं, और प्लेटलेट में बदल जाती हैं। इस प्रक्रिया को इनग्राफ़्टमेंट कहते हैं।

इनग्राफ़्टमेंट आम तौर पर आपको कोशिकाएँ मिलने के 2-4 सप्ताह बाद शुरू होता है। सफ़ेद रक्त कोशिकाएं सबसे पहले बनना शुरू होने वाली होती हैं, इसके बाद लाल रक्त कोशिकाएं और फिर प्लेटलेट्स। एनग्राफ्टमेंट की प्रतीक्षा करते समय, रक्त गणना को सुरक्षित सीमा में रखने के लिए आपके बच्चे को लाल रक्त कोशिकाओं और प्लेटलेट्स के ट्रांसफ्यूजन की आवश्यकता हो सकती है।

चिकित्सक रक्त परीक्षणों का उपयोग करके यह पुष्टि करते हैं कि नई रक्त कोशिकाएँ बन रही हों। ट्रांसप्लांट के बाद, परीक्षण के लिए आपके बच्चे से प्रति दिन रक्त लिया जाएगा। आपकी देखभाल टीम प्रगति पर नज़र रखने के लिए आपके बच्चे की लाल रक्त कोशिकाओं, सफ़ेद रक्त कोशिकाओं, और प्लेटलेट की निगरानी करेगी। 

बोन मैरो एस्पिरेशन (चूषण) से भी चिकित्सकों को यह देखने में मदद मिल सकती है कि नई स्टेम कोशिकाएँ कितने अच्छे से वृद्धि कर रही हैं। इस कार्यविधि में माइक्रोस्कोप के ज़रिए जाँच के लिए बोन मैरो के एक छोटे से नमूने को नीडल के ज़रिए निकाला जाता है।

अपने बच्चे की देखभाल करना

माता/पिता या परिवार के किसी अन्य वयस्क सदस्य को अस्पताल में आपके बच्चे के साथ रुकना होगा। ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया देखभालकर्ताओं के लिए शारीरिक और भावनात्मक रूप से निचोड़ू होती है। ऐसे 1 से अधिक पारिवारिक देखभालकर्ताओं का होना बेहतर है जो आपके बच्चे की देखभाल कर सकते हों। हर देखभालकर्ता का प्रशिक्षित होना ज़रूरी है, इसलिए पहले से योजना बनाना महत्वपूर्ण है।

संक्रमण से बचाव 

अस्पताल में प्रवास के पहले भाग के दौरान, आपके बच्चे को रेडिएशन (विकिरण) के साथ या उसके बिना, उच्च खुराक वाली कीमोथेरेपी दी जाएगी। यह उपचार स्वस्थ स्टेम कोशिकाओं के लिए जगह बनाता है और दाता कोशिकाओं के अस्वीकृत होने से रोकने में मदद देता है। यह प्रतिरक्षा तंत्र को कमज़ोर भी करता है, इसलिए आपका बच्चा संक्रमण होने के अधिक जोखिम में होगा।

संक्रमण को रोकने के लिए मरीजों और पारिवारिक देखभाल करने वालों को कई सावधानियां बरतनी चाहिए, जैसे कि मास्क पहनना और बार-बार हाथों को धोना

संभावित संक्रमणों और संक्रामक बीमारीों के लिए सभी आगंतुकों की स्क्रीनिंग आवश्यक है। हर ट्रांसप्लांट केंद्र अलग होता है। अस्पताल के आगंतुक नियमों से अवगत रहें।

ट्रांसप्लांट यूनिट के सामान्य दिशानिर्देशों में ये शामिल हैं:

  • ट्रांसप्लांट यूनिट में प्रवेश करने से पहले सभी देखभाल करने वालों और आगंतुकों को कुछ स्क्रीनिंग मानदंडों को पूरा करना होगा और संक्रमण नियंत्रण के दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा।
  • केवल मरीज और परिवार के देखभालकर्ता को रात भर रहने की अनुमति है।
  • मिलने के घंटे सीमित होते हैं। प्राथमिक देखभालकर्ता को मुलाकात करने वाला नहीं माना जाता है।
  • कमरे में कुछ सीमित संख्या में देखभालकर्ता और मुलाकात करने वाले आ सकते हैं।
  • भाई-बहनों और आगंतुकों के लिए आयु संबंधी आवश्यकताएं हो सकती हैं।
  • सभी देखभालकर्ताओं और आगंतुकों को मरीज के कमरे में प्रवेश करने और निकलने पर अपने हाथ धोने चाहिए। 

ट्रांस्प्लांट के दौरान अपने बच्चे की सहायता करना

परिवार, दोस्तों, और सामान्य गतिविधियों से दूर होना कठिन हो सकता है। आपके बच्चे की देखभाल टीम उसे अधिकतम संभव सहज महसूस कराने में मदद देगी। चाइल्ड लाइफ विशेषज्ञ खेल और क्राफ़्ट जैसी मजेदार चीज़ें दे सकते हैं। रीहैबिलिटेशन (पुनर्वास) थैरेपिस्ट आपके बच्चे के लिए एक व्यायाम योजना बनाएँगे और सक्रिय कैसे रहें इसके आइडिया देंगे।

आप अपने बच्चे को और भी घर जैसा महसूस करने में मदद देने के लिए खिलौने और अन्य चीज़ें ला सकते हैं। अपने बच्चे को टेक्स्ट, सोशल मीडिया, वीडियो चैट, ई-मेल, फोन कॉल, और पत्रों के ज़रिए दूसरों से जुड़ने को प्रेरित करें। 

शिक्षा जारी रखना

आपका बच्चा ट्रांसप्लांट के दौरान और उसके प्रतिरक्षा तंत्र के रिकवर हो जाने तक स्कूल नहीं जा पाएगा। आपका बच्चा थोड़ा स्कूलवर्क साथ-की-साथ करता रह सकता है। अपने बच्चे के स्कूल से बात करें और अपने अस्पताल की स्कूल सेवाओं से जुड़ें।

ट्रांसप्लांट के बाद घर पर देखभाल के सुझाव

जब आप ट्रांसप्लांट यूनिट से जाएँगे तब भी आपके बच्चे का प्रतिरक्षा तंत्र बहुत कमज़ोर होगा। उसमें संक्रमणों से लड़ने की क्षमता कम होगी। कुछ संक्रमण प्राणघातक हो सकते हैं। जब तक आपके बच्चे का प्रतिरक्षा तंत्र वापस सामान्य नहीं हो जाता है तब तक उसे घर पर किसी पारिवारिक देखभालकर्ता के साथ रहना होगा। इसमें कुछ महीनों से लेकर एक वर्ष तक का समय लग सकता है। कृपया अपनी देखभाल टीम से इस बारे में चर्चा करें कि आपके बच्चे के लिए क्या सबसे अच्छा है। 

क्लिनिक में मुलाकातों के लिए लौटना

अस्पताल से जाने के बाद, शुरुआती कुछ सप्ताह के दौरान आपके बच्चे के क्लिनिक में अक्सर अपॉइंटमेंट होंगे। यदि आप अस्पताल के करीब रहते हैं तो आप घर लौट सकते हैं। यदि नहीं, तो आपको अस्पताल के पास एक विशेष आवास सुविधा (स्पेशल हाउसिंग फैसिलिटी) में रहने की आवश्यकता होगी।

इन अपॉइंटमेंट में पूरे दिन रुकने के लिए तैयार रहें। आपके बच्चे की शारीरिक परीक्षा की जाएगी और उसे परीक्षणों और उपचारों की आवश्यकता हो सकती है। समय के साथ, आपको अस्पताल इतनी जल्दी-जल्दी नहीं आना पड़ेगा, तब के सिवाय जब कोई समस्या या जटिलता हो। क्लिनिक की हर मुलाकात में सारी दवाएँ साथ लाएँ।

अस्वस्थता और संक्रमण रोकें

घर जाने के बाद भी, आपको संक्रमणों का जोखिम घटाने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी।

  • आपका बच्चा तुरंत स्कूल जाना फिर से शुरू नहीं कर पाएगा। आपको घर से स्कूलवर्क पूरा करने के किसी तरीके की व्यवस्था करनी होगी, या तो स्कूल के साथ कोई व्यवस्था करके या फिर अपने स्थानीय स्कूल तंत्र की होमबाउंड सेवाओं का उपयोग करके।
  • आपके बच्चे को कुछ अधिक समय तक सार्वजनिक स्थानों, जैसे किराने की दुकानों, मॉल, फ़िल्मों, रेस्टरॉन्ट, या उपासना गृहों में नहीं जाना चाहिए।
  • अस्वस्थ लोगों या संक्रामक बीमारीों के संपर्क में आए लोगों को आपके घर नहीं आना चाहिए।
  • आपकी देखभाल टीम आपको बताएगी कि आपके बच्चे के लिए सामान्य गतिविधियाँ कब शुरू करना सुरक्षित है। यदि आपके पास किसी विशिष्ट गतिविधि की सुरक्षा के बारे में प्रश्न हों तो कृपया उनसे पूछें। 

दवा सही प्रकार से दें

आपके बच्चे को स्टेम सेल ट्रांसप्लांट के बाद कई दवाओं की ज़रूरत हो सकती है। सुनिश्चित करें कि आप सभी दवाएँ जैसे वे प्रिस्क्राइब की गई हैं वैसे ही दें। यदि आपको यह समझ न आ रहा हो कि कोई दवा कैसे देनी है, समय पर दवाएँ देने में परेशानी हो रही हो, या यदि आपके बच्चे को दवाएँ लेने में परेशानी हो रही हो तो अपने चिकित्सक या फार्मासिस्ट से संपर्क करें। यदि आपका बच्चा तय समय पर दवाएँ नहीं लेता है या उनकी सही डोज़ नहीं लेता है, तो इससे उसकी स्थिति बदतर हो सकती है या प्राणघातक संक्रमण अथवा दुष्प्रभाव हो सकते हैं।

अपनी देखभाल करने वाली टीम को कॉल कब करें 

यदि आपके बच्चे में इनमें से कोई भी लक्षण हो तो अपने स्वास्थ्य देखभाल प्रदाता को कॉल करें या चिकित्सा सहायता लें:

  • ज्वर
  • ऐसा ददोरा या खुजली जो गंभीर है, बदतर हो रही है, या ठीक नहीं हो रही है
  • नील का बढ़ना, त्वचा का पीला पड़ना, रक्तस्राव, या पेटेकी (त्वचा पर बैंगनी-लाल रंग के बारीक धब्बे) होना
  • मुंह के छाले
  • सांस लेने में तकलीफ
  • कान में दर्द, गले में खराश/दुखन, या सर्दी-ज़ुकाम अथवा फ़्लू के अन्य लक्षण
  • उबकाई, उल्टियाँ, दस्त, और/या वज़न घटना
  • लगातार सिरदर्द
  • बेहोश हो जाना
  • नींद से जागने में कठिनाई
  • हालत में बड़ा बदलाव

यदि आपका बच्चा चिकनपॉक्स, शिंगल्स, खसरे, रूबेला (जर्मन खसरे), या हैपेटाइटिस के संपर्क में आया है तो अपनी देखभाल टीम को सूचित करें।

अपनी स्वास्थ्य देखभाल टीम से पूछे जाने वाले प्रश्न

  • बोन मैरो ट्रांसप्लांट के लाभ और जोखिम क्या हैं?
  • अन्य कौन से उपचार विकल्प उपलब्ध हैं?
  • ट्रांसप्लांट कैसे काम करेगा और हमें हर चरण के दौरान क्या उम्मीद करनी चाहिए?
  • मेरे बच्चे को अस्पताल में कब तक रहना होगा?
  • मेरा बच्चा ट्रांसप्लांट के बाद कब सामान्य गतिविधियों पर कब लौट सकता है?
  • मेरे बच्चे को किस अनुवर्तन देखभाल की ज़रूरत होगी?
  • बोन मैरो ट्रांसप्लांट के संभावित दुष्प्रभाव क्या हैं?

स्टेम सेल ट्रांसप्लांट के बारे में मुख्य बिंदु

  • स्टेम सेल (बोन मैरो) ट्रांसप्लांट में क्षतिग्रस्त या नष्ट हो चुकीं रक्त-निर्माता स्टेम कोशिकाओं को स्वस्थ रक्त-निर्माता स्टेम कोशिकाओं से बदला जाता है। 
  • कुछ कैंसरों और रक्त विकारों के लिए स्टेम सेल ट्रांसप्लांट एक उपचार विकल्प हो सकता है।
  • ट्रांसप्लांट 2 प्रकार का होता है: एलोजेनिक और ऑटोलोगस। एलोजेनिक ट्रांसप्लांट में किसी दाता से प्राप्त कोशिकाओं का उपयोग होता है। ऑटोलोगस ट्रांसप्लांट में मरीज की खुद की कोशिकाओं का उपयोग होता है। 
  • बोन मैरो ट्रांसप्लांट के बाद मरीज आम तौर पर 4-6 सप्ताह या इससे भी अधिक समय तक अस्पताल में रहते हैं।  
  • नई कोशिकाओं को वृद्धि करना शुरू करने में 2-4 सप्ताह लगते हैं। इसे इनग्राफ़्टमेंट कहते हैं। 
  • आपके बच्चे के प्रतिरक्षा तंत्र को सामान्य स्थिति में लौटने में 1 वर्ष तक का समय लगेगा। 

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समीक्षित: अगस्त 2025

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