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आघात और सिकल सेल बीमारी

आघात क्या है?

दिमाग को जाने वाला रक्त प्रवाह धीमा पड़ने या रुकने के कारण दिमाग ऊतक को क्षति होने के फलस्वरूप आघात होता है। इसके कारण दिमाग को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती है और दिमाग का वह भाग मृत हो जाता है तथा अच्छे से काम नहीं कर पाता है।

यदि आपके बच्चे को सिकल सेल बीमारी है, तो उसे आघात होने की संभावना ऐसे व्यक्ति से अधिक है जिसे सिकल सेल बीमारी नहीं है।

आघात एक मेडिकल इमरजेंसी होता है।

यदि आपको लगे कि आपके बच्चे को आघात हो रहा है या हो चुका है तो 911 को कॉल करें। आघात आपके बच्चे की जान ले सकता है। तुरंत चिकित्सीय सहायता प्राप्त करें।

आघात के लक्षण

बच्चों में आघात के कुछ संकेत और लक्षण इस प्रकार हैं: 

  • शरीर के एक ओर के भाग में कमज़ोरी या सुन्नपन  
  • चलने में समस्याएं 
  • अस्पष्ट बोली या बोलने में परेशानी
  • भ्रम या समझने में कठिनाई  
  • भयंकर सरदर्द
  • दृष्टि-संबंधी परिवर्तन
  • चक्कर आना 
  • चेहरे या मुँह का लटकना, सामान्य ढंग से मुस्कुरा न पाना
  • सामान्य से अधिक नींद आना या जगाना मुश्किल होना
  • व्यवहार में परिवर्तन
  • सोचने-विचारने, सीखने या स्मृति संबंधी समस्याएं
  • दौरे पड़ना

सिकल सेल बीमारी में आघात के जोखिम कारक

सिकल सेल बीमारी से ग्रस्त लोगों में लाल रक्त कोशिकाएँ कठोर, चिपचिपी और दराँती (सिकल) जैसी आकृति की होती हैं। समय के साथ, सिकल सेल बीमारी रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुँचा सकता है। सिकल सेल साथ में जुड़कर गुच्छा बना लेती हैं और रक्त वाहिकाओं को औरोधित कर सकती हैं। इससे दिमाग को जाने वाली रक्तापूर्ति प्रभावित हो सकती है और आघात हो सकता है।

कुछ प्रकारों के सिकल सेल बीमारी से ग्रस्त हर 10 में से 1 बच्चे तक में आघात का अधिक जोखिम होगा। इन प्रकारों में शामिल हैं हीमोग्लोबिन SS रोग (जिसे सिकल सेल एनीमिया भी कहते हैं) और सिकल बीटा ज़ीरो थैलेसीमिया

एक टेकनीशियन एक बच्चे का ट्रांसक्रेनियल डॉप्लर अल्ट्रासाउंड कर रहा है

ट्रांसक्रेनियल डॉप्लर (TCD) नामक एक दर्दहीन परीक्षण आघात के जोखिम का पता लगा सकता है।

सिकल सेल बीमारी में आघात के लिए जाँच

ट्रांसक्रेनियल डॉप्लर (TCD) अल्ट्रासाउंड एक दर्दहीन परीक्षण है जिसका उपयोग आपके बच्चे के दिमाग में रक्त का वेग मापने के लिए किया जाता है। यह जाँच बता सकती है कि क्या आपके बच्चे में आघात होने का अधिक जोखिम है। यदि परीक्षण से यह पता चले कि आपका बच्चा अधिक जोखिम में है, तो आघात की रोकथाम में मदद का उपचार दिया जा सकता है। आपकी देखभाल टीम आघात के जोखिम की निगरानी के लिए यह परीक्षण हर वर्ष कर सकती है।

TCD और सिकल सेल बीमारी के बारे में और जानें।

आघात की पहचान

आघात की पहचान करने के लिए, दिमाग की तस्वीरें लेने वाले इमेजिंग परीक्षणों का उपयोग किया जाता है। इनमें शामिल हैं चुंबकीय प्रतिध्वनि इमेजिंग (MRI) या कंप्यूटरीकृत टोमोग्राफी (CT) स्कैन (जिसे CAT स्कैन भी कहते हैं)। जो भी दिमाग क्षति होगी वह तस्वीरों में दिख जाएगी। इससे चिकित्सक जान पाएँगे कि आपके बच्चे को स्ट्रोक हुआ है या नहीं।

सिकल सेल बीमारी में स्ट्रोक का उपचार

रक्त आधान

ब्लड ट्रांसफ़्यूज़न (रक्ताधान/रक्त चढा़ना) एक कार्यविधि है जिसमें किसी दाता से प्राप्त सिकल कोशिका रहित रक्त आपके बच्चे को चढ़ाया जाता है। इससे सिकल कोशिकाओं की सांद्रता घटाने में मदद मिलती है, जिससे रक्त प्रवाह बेहतर होता है, और स्ट्रोक होने की संभावना घटती है। कबी-कभी, सिकल (दराँती/हँसिया) जैसी आकृति की हो चुकी लाल रक्त कोशिकाओं को सामान्य लाल रक्त कोशिकाओं से बदला जा सकता है, और इसे एक्सचेंज ट्रांसफ़्यूज़न कहते हैं।

यदि आपके बच्चे को स्ट्रोक हुआ है तो, और जब तक उसे उपचार न मिले तब तक, उसे एक और स्ट्रोक होने की संभावना 70% जितनी अधिक हो सकती है। भविष्य में हो सकने वाले स्ट्रोक की रोकथाम में मदद के लिए हर महीने ब्लड ट्रांसफ़्यूज़न की ज़रूरत पड़ेगी।

बोन मैरो ट्रांसप्लांट एक उपचार है जो स्ट्रोक से ग्रस्त हो चुके बच्चों में सिकल सेल बीमारी को संभावित रूप से ठीक कर सकता है। इस उपचार में, सिकल (दराँती/हँसिया) जैसी आकृति वाली लाल रक्त कोशिकाएँ बनाने के लिए ज़िम्मेदार बोन मैरो कोशिकाओं को किसी स्वस्थ दाता (जो कभी-कभी कोई संबंधी होता है) से प्राप्त बोन मैरो से बदला जाता है।

पुनर्सुधार इलाज

स्ट्रोक के बाद, दिमाग के भागों को हुई क्षति से विभिन्न समस्याएँ हो सकती हैं। आपके बच्चे को चलने, बात करने, संतुलन साधने, या सीखने में समस्याएँ हो सकती हैं। शरीर की एक साइड कमज़ोर हो सकती है। थैरेपी के साथ, लक्षणों में अक्सर सुधार होता है। 

स्ट्रोक के बाद पुनर्वास के कुछ प्रकार ये हैं:

  • शारीरिक चिकित्सा
  • व्यावसायिक थेरेपी
  • स्पीच-लैंग्वेज थेरेपी

स्ट्रोक प्राणघातक हो सकता है। आपकी देखभाल टीम द्वारा सुझावित सभी स्क्रीनिंग और निगरानी करवाना सुनिश्चित करें। यदि आपके बच्चे में स्ट्रोक के कोई भी संकेत या लक्षण हों तो तुरंत चिकित्सीय सहायता प्राप्त करें।

अपनी देखभाल टीम से पूछे जाने वाले प्रश्न

  • सिकल सेल बीमारी स्ट्रोक का जोखिम कैसे बढ़ाती है?
  • बच्चों में स्ट्रोक के संकेत और लक्षण क्या हैं?
  • मेरे बच्चे में स्ट्रोक का कितना जोखिम है?
  • मेरे बच्चे को किस तरह की जाँच और निगरानी की ज़रूरत होगी?
  • क्या मेरे बच्चे को स्ट्रोक की रोकथाम में मदद के लिए उपचारों की ज़रूरत होगी?
  • ब्लड ट्रांसफ़्यूज़न (रक्ताधान/रक्त चढ़ाने) से स्ट्रोक की रोकथाम में कैसे मदद मिलती है?
  • क्या ब्लड ट्रांसफ़्यूज़न को छोड़कर और कोई विकल्प हैं?
  • हमें स्ट्रोक के किन आपात चेतावनी संकेतों पर नज़र रखनी चाहिए?

स्ट्रोक और सिकल सेल बीमारी के बारे में मुख्य बिंदु

  • स्ट्रोक में रक्त प्रवाह की हानि के कारण दिमाग के एक भाग को क्षति होती है।
  • सिकल सेल बीमारी स्ट्रोक का जोखिम बढ़ाती है।
  • आपका बच्चा स्ट्रोक के जोखिम में है या नहीं यह देखने के लिए आपकी देखभाल टीम वार्षिक ट्रांसक्रेनियल डॉप्लर (TCD) अल्ट्रासाउंड परीक्षण सुझा सकती है।
  • जिन बच्चों को स्ट्रोक हो चुका है उन्हें भविष्य में हो सकने वाले स्ट्रोक की रोकथाम में मदद के लिए हर महीने ब्लड ट्रांसफ़्यूज़न की ज़रूरत पड़ेगी।
  • आघात एक मेडिकल इमरजेंसी होता है। यदि आपके बच्चे में स्ट्रोक का कोई भी लक्षण दिखे तो तुरंत चिकित्सीय देखभाल प्राप्त करें।


समीक्षित: जून 2024

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