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बच्चों और किशोरों को होने वाला मेडुलोब्लास्टोमा

मेडुलोब्लास्टोमा क्या है?

मेडुलोब्लास्टोमा एक ब्रेन ट्यूमर है जो सेरिबैलम में शुरू होता है। सेरेबेलम, दिमाग के पोस्टेरियर फोसा नामक भाग में पाया जाता है।

मेडुलोब्लास्टोमा एक ब्रेन ट्यूमर है जो सेरिबैलम में शुरू होता है। सेरेबेलम, दिमाग के पोस्टेरियर फोसा नामक भाग में पाया जाता है।

मेडुलोब्लास्टोमा बच्चों में सबसे आम घातक ब्रेन ट्यूमर है। इस की शुरुआत अनुदिमाग पिंडमें होती है, जो दिमाग के पिछले भाग में स्थित एक स्थान है। मेडुलोब्लास्टोमा केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (दिमाग और मेरु रज्जु) के अन्य भागों तक फैल सकता है।

संयुक्त राज्य अमेरिका में हर वर्ष बच्चों के मेडुलोब्लास्टोमा के लगभग 500 नए मामलों की पहचान होती है।

अधिकांश मामलों में मेडुलोब्लास्टोमा का कारण अज्ञात होता है। बाकी के जो थोड़े मामले बचते हैं वे ऐसे जीन बदलावों के कारण होते हैं जो पीढ़ी-दर-पीढ़ी चल सकते हैं। 

मेडुलोब्लास्टोमा 16 वर्ष से छोटे बच्चों में सबसे आम है। ये ज़्यादातर 5–9 वर्ष की आयु के बच्चों में पाए जाते हैं। बड़े किशोरों और वयस्कों में भी इसकी पहचान हो सकती है।

मेडुलोब्लास्टोमा को 4 मुख्य समूहों में बाँटा गया है जिनके कई उप-समूह हैं। ये समूह ट्यूमर कोशिकाओं की आण्विक विशेषताओं पर आधारित हैं:

  • WNT-एक्टिवेटेड (उच्चारण “विन्ट” है)
  • सोनिक हेजहॉग (SHH)-एक्टिवेटेड 
  • ग्रुप 3 (नॉन-WNT/नॉन-SHH)
  • ग्रुप 4 (नॉन-WNT/नॉन-SHH)

ट्यूमर का समूह उपचार और चिकित्सानुमान को प्रभावित करता है। इसलिए, अचूक पहचान के लिए आण्विक परीक्षण आवश्यक है।

मेडुलोब्लास्टोमा के लिए उपचार में शामिल है:

  • सर्जरी ट्यूमर को जितना संभव हो उतना हटाने के लिए
  • सर्जरी के बाद शेष बची कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए विकीरण चिकित्सा का उपयोग किया जाता है
  • कीमोथेरेपी का उपयोग अक्सर विकीरण चिकित्सा और सर्जरी के साथ

मेडुलोब्लास्टोमा तेज़ी से वृद्धि करते हैं। ये ट्यूमर अक्सर दिमाग और मेरु रज्जु के अन्य भागों तक फैल जाते हैं।

संयुक्त राज्य अमेरिका में बचपन के मेडुलोब्लास्टोमा के लिए समग्र उत्तरजीविता की कुल दर 70–80% (10 में से 7–8) है यदि बीमारी फैली नहीं है। यदि बीमारी फैल गई है, तो जीवित रहने की दर लगभग 60% (10 में से 6) है।

मेडुलोब्लास्टोमा के लक्षण

मेडुलोब्लास्टोमा के संकेत और लक्षण कई कारकों पर निर्भर करते हैं। इसमें ट्यूमर का आकार और स्थान तथा बच्चे की आयु और विकास का चरण शामिल है।

मेडुलोब्लास्टोमा के लक्षणों में निम्नलिखित शामिल हैं:

  • सिरदर्द, जो अक्सर सुबह के समय अधिक होता है या उल्टी करने के बाद थोड़ा ठीक हो जाता है
  • जी मिचलाना और उल्टी होना
  • थकावट या गतिविधि के स्तरों में परिवर्तन
  • चक्कर आना
  • संतुलन बिगड़ना, बेडौल होना
  • हस्त-लेखन की समस्याएँ 
  • दृष्टि-संबंधी परिवर्तन

यदि ट्यूमर स्पाइनल कॉर्ड/मेरु रज्जु तक फैल गया है, तो इसके लक्षणों में निम्नलिखित शामिल हो सकते हैं:

  • पीठ का दर्द
  • चलने में समस्याएं
  • मूत्र-त्याग करने में समस्याएं या मल-त्याग क्रिया में परिवर्तन

मेडुलोब्लास्टोमा सेरिबैलम का ट्यूमर है। सेरेबेलम दिमाग के पीछे के निचले भाग में होता है, उस क्षेत्र में जिसे पोस्टेरियर फोसा के नाम से जाना जाता है। सेरिबैलम के कार्यों में ये शामिल हैं:

  • गति नियंत्रण
  • संतुलन
  • मुद्रा
  • तालमेल

अधिकांश मेडुलोब्लास्टोमा सेरिबैलम के मध्य में 4थे निलय की बगल मेंहोते हैं। जब ट्यूमर बढ़ता है, तो वह दिमाग के तरल पदार्थ, जिसे सेरिब्रोस्पाइनल फ़्लुइड कहते हैं, का प्रवाह अवरुद्ध कर सकता है। इससे दिमाग के भीतर तरल पदार्थ इकट्ठा हो जाता है जिसका नाम है हाइड्रोसिफ़लस (दिमाग में पानी आ जाना).

यह तरल पदार्थ दिमाग पर दबाव बढ़ा देता है। मेडुलोब्लास्टोमा के कई लक्षण तरल पदार्थ इकट्ठा होने के कारण होते हैं।

मेडुलोब्लास्टोमा के लिए जोखिम कारक

कुछ कारक मेडुलोब्लास्टोमा का जोखिम बढ़ा सकते हैं।

  • ट्यूमर कोशिका के भीतर कुछ जीन और क्रोमोसोमबदलाव। विशेषज्ञों को आमतौर पर यह पता नहीं होता है कि ये आनुवांशिक परिवर्तन क्यों होते हैं।
  • अधिकांश मेडुलोब्लास्टोमा 5-9 वर्ष के बच्चों में होते हैं। ये ट्यूमर नवजात शिशुओं और वयस्कों में दुर्लभ हैं।
  • मेडुलोब्लास्टोमा लड़कियों की तुलना में लड़कों में थोड़ा अधिक आम है। कुछ बच्चों में दुर्लभ वंशानुगत स्थितियों या आनुवांशिक विकारों के कारण ब्रेन ट्यूमर का खतरा बढ़ सकता है, जैसे कि:
MRI स्कैन जिसमें सेरिबैलम में मेडुलोब्लास्टोमा को चिह्नों से दिखाया गया है।

MRI स्कैन जिसमें सेरिबैलम में मेडुलोब्लास्टोमा को चिह्नों से दिखाया गया है।

मेडुलोब्लास्टोमा का निदान

चिकित्सक, मेडुलोब्लास्टोमा का कई तरह से आकलन करते हैं।

  • शारीरिक परीक्षा और स्वास्थ्य इतिहास लक्षणों, सामान्य स्वास्थ्य, पिछली बीमारी और जोखिम कारकों के बारे में जानने के लिए।
  • न्यूरोलॉजिकल परीक्षण दिमाग कार्यक्षमता के आकलन के लिए। इसमें शामिल हैं स्मृति, दृष्टि, श्रवण, मांसपेशियों की शक्ति, संतुलन, तालमेल और प्रतिवर्त।
  • ट्यूमर की, उसके आकार की और उसके स्थान की पहचान में मदद के लिए इमेजिंग परीक्षण। चुंबकीय प्रतिध्वनि इमेजिंग (MRI) मुख्य इमेजिंग परीक्षण है। 
  • लंबर पंक्चर सर्जरी के बाद मस्तिष्कमेरु द्रव में कैंसर कोशिकाओं की जांच करने के लिए मस्तिष्कमेरु द्रव (सेरेब्रोस्पाइनल फ्लूइड) (CSF)। लगभग 1/3 मेडुलोब्लास्टोमा CSF से होकर दिमाग या मेरु रज्जु के अन्य भागों तक फैल जाते हैं।
  • बायोप्सी , ट्यूमर का नमूना लेने के लिए। एक बीमारीविज्ञानी (पैथलॉजिस्ट) ट्यूमर के प्रकार का पता लगाने के लिए उस ऊतक के नमूने को माइक्रोस्कोप के नीचे रखकर देखता है।
  • आण्विक समूह और उप-समूह ज्ञात करने के लिए ट्यूमर का आण्विक परीक्षण।

मेडुलोब्लास्टोमा के प्रकार

मेडुलोब्लास्टोमा का वर्गीकरण या वर्णन बीमारी के जोखिम और चिकित्सानुमान के आधार पर किया जाता है। उपचारों की योजना बनाने में मदद के लिए चिकित्सक इन पर नज़र डालते हैं:

  • आण्विक समूह (जीन बदलावों पर आधारित)
  • हिस्टॉलजी (माइक्रोस्कोप के ज़रिए ऊतकों और कोशिकाओं का अध्ययन)
  • मेटास्टेसिस (कैंसर का प्रसार)

आण्विक समूह

मेडुलोब्लास्टोमा के 4 मुख्य उप-समूह दिखा रहा एक पाई चार्ट।

मेडुलोब्लास्टोमा को ट्यूमर कोशिकाओं की आणविक विशेषताओं के आधार पर 4 उपसमूहों में विभाजित किया गया है: WNT उप-प्रकार 10% मामलों में होता है और SHH उप-प्रकार 30% मामलों में। 25% मामलों में ग्रुप 3 होता है और 35% मामलों में ग्रुप 4।

मेडुलोब्लास्टोमा के आण्विक समूह इस प्रकार हैं:

  • WNT-एक्टिवेटेड
  • सोनिक हेजहॉग (SHH)-एक्टिवेटेड
  • ग्रुप 3 (नॉन-WNT/नॉन-SHH)
  • ग्रुप 4 (नॉन-WNT/नॉन-SHH)

इन प्रकारों को आगे उप-समूहों में बाँटा गया है:

  • WNT-एक्टिवेटेड:कोई उप-समूह नहीं
  • SHH-एक्टिवेटेड: SHH-1, SHH-2, SHH-3, SHH-4
  • ग्रुप 3 और ग्रुप 4 मेडुलोब्लास्टोमा (नॉन-WNT/नॉन-SHH): G3/G4- I, G3/G4-2, G3/G4-3, G3/G4-4, G3/G4-5, G3/G4-6, G3/G4-7, G3/G4-8

सही निदान के लिए आण्विक परीक्षण का होना आवश्यक है। इससे चिकित्सक को आपके बच्चे के लिए सर्वोत्तम उपचार योजना बनाने में मदद मिलेगी।

ऊतकविज्ञान (हिस्टोलॉजी)

हिस्टॉलजी में मेडुलोब्लास्टोमा ट्यूमरों के वर्गीकरण के लिए ट्यूमर कोशिकाओं के आकार व आकृति पर नज़र डाली जाती है। इस जानकारी पर आण्विक परीक्षण के साथ विचार किया जाता है।

हिस्टॉलजिक समूहों में ये शामिल हैं:

  • मेडुलोब्लास्टोमा क्लासिक: ये ट्यूमर अधिकांशतः WNT और ग्रुप 4 श्रेणियों के होते हैं। लेकिन कुछ ग्रुप 3 और SHH ट्यूमरों की भी क्लासिक हिस्टॉलजी हो सकती है।
  • मेडुलोब्लास्टोमा लार्ज सेल एनाप्लास्टिक: ये ट्यूमर अधिकांशतः ग्रुप 3 और SHH-एक्टिवेटेड ट्यूमर होते हैं।
  • मेडुलोब्लास्टोमा डेस्मोप्लास्टिक नॉड्युलर: ये ट्यूमर लगभग हमेशा ही SHH-एक्टिवेटेड होते हैं।
  • मेडुलोब्लास्टोमा विथ एक्स्ट्रीम नॉड्युलैरिटी: ये ट्यूमर लगभग हमेशा ही SHH-एक्टिवेटेड होते हैं।

कैंसर का फैलाव

मेडुलोब्लास्टोमा को मेटास्टेसिस या बीमारी के फैलाव के अनुसार भी वर्गीकृत किया जा सकता है:

  • M0: ट्यूमर, कैंसर को फैलाए बिना एक जगह या अंग तक सीमित रहता है।
  • M1: ट्यूमर कोशिकाएँ CSF में पाई जाती हैं।
  • M2: इसमें दिमाग के अंदर (इंट्राक्रेनियल) कैंसर के फैलने के प्रमाण मिलते हैं।
  • M3: ट्यूमर रीढ़ की हड्डी तक फैल जाता है।
  • M4: ट्यूमर केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (सीएनएस) के बाहर तक फैल गया है। कैंसर के फैलाव (मेटास्टेसिस) के सामान्य स्थानों में हड्डियां, फेफड़े और जिगर शामिल हैं।

मेडुलोब्लास्टोमा का उपचार

मेडुलोब्लास्टोमा के उपचार में शामिल हैं:

  • सर्जरी
  • कीमोथेरेपी
  • दिमाग और मेरु रज्जु पर रेडिएशन  (तब के सिवाय जब आपका बच्चा 3 वर्ष से छोटा हो)

जोखिम आधारित मेडुलोब्लास्टोमा की उपचार पद्धतियाँ ट्यूमर की विशेषताओं और अनुमानित परिणामों के आधार पर रोगियों को वर्गीकृत करती हैं। चिकित्सक निम्नलिखित पर विचार करते हैं:

  • आण्विक समूह और उप-समूह
  • सर्जरी से ट्यूमर पूरी तरह निकला है या नहीं
  • ट्यूमर फैला है या नहीं
  • ट्यूमर हिस्टॉलजी (वह माइक्रोस्कोप के ज़रिए कैसा दिखता है)
  • बीमारी की पहचान के समय आयु

जोखिम-आधारित पद्धति का लक्ष्य इलाज के कारण होने वाले दुष्प्रभावों के जोखिम को कम करते हुए बीमारी को ठीक करना है।

उन रोगियों के लिए जिनको अच्छे परिणाम मिलने की पूर्वसूचना दी गई है, कम तीव्रता वाली थेरेपी, रेडिएशन और कीमोथेरेपी की दीर्घकालिक समस्याओं को कम कर सकती है। उच्च-जोखिम वाले रोगियों के लिए, अधिक गहन थेरेपी जीवित रहने की संभावना को बढ़ा सकती है।

रोगियों को क्लिनिकल परीक्षण के अंतर्गत इलाज का सुझाव दिया जा सकता है।

मेडुलोब्लास्टोमा के लिए सर्जरी

सर्जरी मेडुलोब्लास्टोमा का एक मुख्य उपचार है। इसका लक्ष्य ग्रॉस टोटल रिसेक्शन (GTR) यानी ट्यूमर को पूरी तरह निकालना है। कई मामलों में, पूरे-के-पूरे या अधिकांश ट्यूमर को सर्जरी से निकालने में सफलता मिल जाती है। लेकिन कुछ मामलों में, ट्यूमर का स्थान इस बात को सीमित कर सकता है कि कितना ट्यूमर सुरक्षित ढंग से निकाला जा सकता है।

मेडुलोब्लास्टोमा सर्जरी के बाद पोस्टीरियर फ़ोसा सिंड्रोम

पोस्टेरियर फोसा सिंड्रोम एक ऐसी स्थिति है जो कभी-कभी मस्तिष्क के पॉस्टीरियर फोसा क्षेत्र से ट्यूमर को हटाने के लिए की जाने वाली सर्जरी के बाद विकसित होती है। इसे सेरिबैलर म्यूटिज़्म भी कहा जाता है। इस सिंड्रोम से ग्रस्त बच्चों में बोलने, चलने-फिरने और मूड से संबंधित समस्याएँ हो सकती हैं। जब कोई अनुभवी न्यूरोसर्जर सर्जरी करता है तो पोस्टीरियर फ़ोसा सिंड्रोम होने का जोखिम कम होता है। ऐसा न्यूरोसर्जन ढूँढना महत्वपूर्ण है जिसने ऐसी कई सर्जरी की हों।

मेडुलोब्लास्टोमा के लिए विकीरण चिकित्सा

विकीरण चिकित्सा का उपयोग आमतौर पर मेडुलोब्लास्टोमा की सर्जरी के बाद किया जाता है। विकीरण चिकित्सा की डोज़ बीमारी की अवस्था और रोगी की जोखिम श्रेणी पर निर्भर करती है। आम तौर पर, प्राइमरी ट्यूमर स्थल पर रेडिएशन अधिक डोज़ (बूस्ट) के साथ दिमाग और मेरु रज्जु को निशाना बनाता है (क्रेनियोस्पाइनल इर्रेडिएशन)। संभावित स्वास्थ्य जोखिमों के कारण विकीरण चिकित्सा 3 वर्ष से छोटे बच्चों में उपयोग नहीं की जाती है।

चिकित्सक मेडुलोब्लास्टोमा के उपचार के लिए विकीरण चिकित्सा के नए प्रकारों, जैसे प्रोटॉन बीम रेडिएशन, का उपयोग कर सकते हैं। इस प्रकार की विकीरण चिकित्सा में, ऊर्जा की मात्रा को और ट्यूमर में भीतर जाने की उसकी सीमा को, ट्यूमर के आकार और आकृति के आधार पर अनुकूलित किया जा सकता है। इससे डॉक्टर ट्यूमर पर विकिरण की उच्च खुराक केंद्रित कर पाते हैं, जिससे आस-पास की स्वस्थ कोशिकाओं को होने वाला नुकसान कम हो जाता है। प्रोटॉन थेरेपी हर उपचार केंद्र पर उपलब्ध नहीं होती।

मेडुलोब्लास्टोमा के लिए कीमोथेरेपी

मेडुलोब्लास्टोमा के इलाज के लिए कीमोथेरेपी का उपयोग आमतौर पर विकीरण चिकित्सा और सर्जरी के साथ किया जाता है। 3 वर्ष से कम आयु के बच्चों में, बच्चे के थोड़ा बड़ा होने तक विकिरण को टालने में मदद करने के लिए कीमोथेरेपी का उपयोग किया जा सकता है। हाई-डोज़ कीमोथेरेपी का भी उपयोग किया जा सकता है।

मेडुलोब्लास्टोमा का उपचार करने के लिए कीमोथेरेपी दवाओं के संयोजन का उपयोग किया जाता है। 

मेडुलोब्लास्टोमा के लिए टारगेटेड थेरेपी

लक्षित इलाज ट्यूमर कोशिकाओं के विशिष्ट लक्षणों पर क्रिया करते हुए या उन पर लक्ष्य साधते हुए कार्य करती हैं। कुछ ट्यूमर में उन जीन और प्रोटीन में परिवर्तन हो जाते हैं जो ट्यूमर कोशिकाओं की वृद्धि और विभाजन को नियंत्रित करते हैं। 

वैज्ञानिक यह देखने के लिए दवाओं का परीक्षण कर रहे हैं कि क्या वे कुछ प्रकार की कैंसर कोशिकाओं के बढ़ने का कारण बनने वाले संकेतों को अवरुद्ध कर सकती हैं। यदि टारगेटेड थेरेपी से आपके बच्चे के उपचार में मदद मिल सकती हो तो आपके बच्चे की देखभाल टीम उपचार विकल्प के रूप में इसे सुझा सकती है।

शिशुओं में मेडुलोब्लास्टोमा

SHH-एक्टिवेटेड मेडुलोब्लास्टोमा 3 वर्ष से छोटे बच्चों में मेडुलोब्लास्टोमा का सबसे आम प्रकार है। ग्रुप 3 ट्यूमर दूसरे सबसे आम ट्यूमर हैं।

नवजात शिशुओं में SHH ट्यूमर की अक्सर अनुकूल शरीरकोष विज्ञान (हिस्टोलॉजी) और आणविक रूपरेखा होती है। इनमें से कुछ बच्चे रेडिएशन के बिना सर्जरी और कीमोथेरेपी से अच्छा करते हैं।

नवजात शिशुओं में नॉन-SHH मेडुलोब्लास्टोमा का इलाज करना कठिन होता है, खासकर तब जब बीमारी फैल गई हो। 

फ़ोकल विकीरण चिकित्सा और हाई-डोज़ कीमोथेरेपी जैसे उपचार आज़माए जा सकते हैं। लेकिन चिकित्सानुमान आम तौर पर खराब होता है। हाई-रिस्क मेडुलोब्लास्टोमा से ग्रस्त छोटे बच्चों में ऐसे दुष्प्रभाव हो सकते हैं जो उपचार के संभावित लाभों पर भारी पड़ सकते हैं।

मेडुलोब्लास्टोमा के लिए पूर्वानुमान

संयुक्त राज्य अमेरिका में बचपन के मेडुलोब्लास्टोमा के लिए समग्र उत्तरजीविता की कुल दर 70–80% (10 में से 7–8) है यदि बीमारी फैली नहीं है। यदि बीमारी फैल गई है, तो जीवित रहने की दर लगभग 60% (10 में से 6) है। आपके बच्चे के मामले के बारे में जानकारी का सबसे अच्छा स्रोत आपके बच्चे की केयर टीम ही है।

पूर्वानुमान मेडुलोब्लास्टोमा के लिए चिकित्सानुमान कई कारकों पर निर्भर होता है।

मेडुलोब्लास्टोमा ठीक होने की संभावना को प्रभावित करने वाले कारक

  • मेडुलोब्लास्टोमा की हिस्टॉलजी
    • 3 वर्ष से कम आयु के बच्चे: डेस्मोप्लास्टिक ट्यूमरों के परिणाम क्लासिक या LCA ट्यूमरों से बेहतर होते हैं।
      • 3 वर्ष से अधिक आयु के बच्चे: डेस्मोप्लास्टिक ट्यूमरों के परिणाम लार्ज सेल एनाप्लास्टिक (LCA) ट्यूमरों से बेहतर होते हैं।
    • मॉलिक्यूलर सबटाइप: ट्यूमर की विशेषताएं और जीन या क्रोमोसोम (गुणसूत्रों) में होने वाले बदलाव, जिसमें मेडुलोब्लास्टोमा के सबटाइप (WNT, SHH, ग्रुप 3, या ग्रुप 4) शामिल हैं, जोखिम की श्रेणी को प्रभावित करते हैं। WNT ट्यूमरों का चिकित्सानुमान बेहतर होता है। SHH और ग्रुप 4 मेडुलोब्लास्टोमा ट्यूमरों को मध्यवर्ती जोखिम वाला माना जाता है। ग्रुप 3 मेडुलोब्लास्टोमा ट्यूमरों का चिकित्सानुमान बदतर होता है।
    • कैंसर फैल चुका है या नहीं: दिमाग या मेरु रज्जु के अन्य भागों तक फैल चुके मेडुलोब्लास्टोमा का उपचार अधिक कठिन होता है। लोकलाइज़्ड मेडुलोब्लास्टोमा (ऐसा मेडुलोब्लास्टोमा जो फैला नहीं है) का चिकित्सानुमान बेहतर होता है।
    • सर्जरी ट्यूमर को पूरी तरह से निकाल सकती है या नहीं: जिन बच्चों में सर्जरी के बाद कोई दृश्य ट्यूमर नहीं होता (ग्रॉस टोटल रिसेक्शन) उनके ठीक होने की संभावना बेहतर होती है।
    • बीमारी-पहचान के समय उम्र: मेडुलोब्लास्टोमा के चिकित्सानुमान पर उम्र का प्रभाव मेडुलोब्लास्टोमा के उप-समूह पर और अन्य विशेषताओं पर निर्भर करता है। नवजात शिशुओं और 3 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए आमतौर पर विकीरण चिकित्सा का उपयोग नहीं किया जाता है।
    • क्या कैंसर नया है या क्या वह वापस लौटा है: पुनरावर्ती मेडुलोब्लास्टोमा के परिणाम बदतर होते हैं।

    मेडुलोब्लास्टोमा के प्रकार और चिकित्सानुमान

      WNT उपप्रकार SHH उपप्रकार समूह 3 समूह 4
    मामलों का % 10% मेडुलोब्लास्टोमा 30% मेडुलोब्लास्टोमा 25% मेडुलोब्लास्टोमा 35% मेडुलोब्लास्टोमा
    रोगी की विशेषताएं बड़े बच्चों और किशोरों में सर्वाधिक आम; नवजात शिशुओं में दुर्लभ 3 वर्ष से छोटे बच्चों और बड़े किशोरों तथा वयस्कों में सबसे आम नवजात शिशुओं और छोटे बच्चों में सर्वाधिक आम; किशोरों में दुर्लभ; पुरुषों में अधिक आम है उम्र के सभी समूहों में पाया गया लेकिन नवजात शिशुओं में मुश्किल से ही पाया गया; पुरुषों में अधिक आम है
    मेडुलोब्लास्टोमा की हिस्टॉलजी • क्लासिक (सबसे आम)
    • लार्ज सेल एनाप्लास्टिक (दुर्लभ)
    • डेस्मोप्लास्टिक / नॉड्युलर
    • MBEN
    • क्लासिक
    बड़ी कोशिका एनाप्लास्टिक
    • क्लासिक
    बड़ी कोशिका एनाप्लास्टिक
    • क्लासिक
    • लार्ज सेल एनाप्लास्टिक (दुर्लभ)
    रोग की पहचान पर मेटास्टेसिस (कैंसर का फैलाव) बीमारी की पहचान करते समय 5–10% रोगियों में कैंसर फैला हुआ (मेटास्टैटिक) बीमारी होता है बीमारी की पहचान करते समय 15–20% रोगियों में कैंसर फैला हुआ (मेटास्टैटिक) बीमारी होता है निदान के समय 30–45% रोगियों में मेटास्टैटिक रोग होता है निदान के समय 35–40% रोगियों में मेटास्टैटिक रोग होता है
    पुनरावृत्ति शायद ही कभी दोबारा होता है यदि यह दोबारा होता है, तो आम तौर पर लोकल होता है यदि यह दोबारा होता है, तो आम तौर पर मेटास्टेटिक होता है यदि यह दोबारा होता है, तो आम तौर पर मेटास्टेटिक होता है
    मेडुलोब्लास्टोमा की 5-वर्षीय उत्तरजीविता दरें >90% उत्तरजीविता 75% उत्तरजीविता 50% उत्तरजीविता 75% उत्तरजीविता
    मेडुलोब्लास्टोमा का समग्र चिकित्सानुमान बहुत अच्छा मध्यवर्ती, लेकिन नवजात शिशुओं में बेहतर पूर्वानुमान होता है खराब मध्यवर्ती

    मेडुलोब्लास्टोमा के रोगियों के लिए सहयोग

    मेडुलोब्लास्टोमा से जीत चुके लोगों में उपचार से संबंधित विभिन्न समस्याएँ हो सकती हैं। निरंतर अनुवर्तन देखभाल, लैब परीक्षण और नियमित MRI स्कैन उपचार के बाद बरोगियों की निगरानी कर सकते हैं। 

    निगरानी को पुनरावर्तन (कैंसर वापस आने) का जल्द-से-जल्द पता लगाने और उपचार के दीर्घकालिक तथा विलंबित प्रभावों पर केंद्रित होना चाहिए। देखभाल में पुनर्सुधार और तंत्रिका-सम्बंधित चिकित्सक से सलाह लेना भी शामिल होना चाहिए। आपके बच्चे की देखभाल टीम आपके बच्चे के लिए सर्वोत्तम योजना का निर्णय लेने में आपकी मदद कर सकती है।

    मेडुलोब्लास्टोमा उपचार के विलंबित प्रभाव

    बचपन के कैंसर से जीतने वालों को दीर्घकालिक अनुवर्तन स्वास्थ्य देखभाल करवानी चाहिए। कुछ उपचार देर से होने वाले प्रभाव पैदा कर सकते हैं। ये स्वास्थ्य समस्याएं हैं जो उपचार समाप्त होने के महीनों या वर्षों बाद होती हैं। 

    किसी प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल प्रदाता से नियमित जाँच और स्क्रीनिंग करवाना महत्वपूर्ण है। आपके बच्चे को उपचार पूरा करने के बाद एक  उत्तरजीविता देखभाल योजना मिलनी चाहिए। इसमें स्वास्थ्य स्क्रीनिंग, बीमारी के जोखिम कारकों और स्वास्थ्य बेहतर बनाने के तरीकों के बारे में मार्गदर्शन होता है।

    बीमारी से जीतने वालों को यह योजना उनके स्वास्थ्य देखभाल प्रदाताओं से साझा करनी चाहिए।

    सामान्य स्वास्थ्य और बीमारी रोकथाम के लिए, कैंसर से जीत चुके लोगों को अपने स्वास्थ्य की रक्षा के लिए स्वस्थ आदतें, जिनमें शारीरिक गतिविधि और स्वस्थ खानपान शामिल हैं, अपनानी चाहिए।

    मेडुलोब्लास्टोमा से जीत चुके लोगों में विलंबित प्रभावों का अधिक जोखिम होता है, जो उनके उपचारों पर निर्भर है।

    इनमें निम्नलिखित समस्याएं शामिल हो सकती हैं:

    मेडुलोब्लास्टोमा से उपचारित बच्चों को भविष्य में दैनिक जीवन के क्षेत्रों, जैसे स्कूल, कामकाज और संबंधों, में समस्याएँ हो सकती हैं। वे कम तंदुरुस्त हो सकते हैं और शारीरिक रूप से कम काम कर पाते हैं। 

    अपनी स्वास्थ्य देखभाल टीम से पूछे जाने वाले प्रश्न

    • मेरे बच्चे को किस प्रकार या उप-प्रकार का मेडुलोब्लास्टोमा है?
    • मेरे बच्चे के ट्यूमर के प्रकार के आधार पर उसका चिकित्सानुमान क्या है?
    • मेडुलोब्लास्टोमा के लिए उपचार विकल्प क्या हैं?
    • हर उपचार के क्या दुष्प्रभाव हो सकते हैं?
    • दुष्प्रभावों को प्रबंधित करने के लिए क्या किया जा सकता है?
    • उपचार स्कूल को और अन्य दैनिक गतिविधियों को कैसे प्रभावित करेगा?
    • मेरे बच्चे को किस अनुवर्तन देखभाल की ज़रूरत होगी?

    मेडुलोब्लास्टोमा के बारे में मुख्य बिंदु

    • मेडुलोब्लास्टोमा बच्चों में होने वाला सबसे आम कैंसर वाला दिमाग का कैंसर है। 
    • मेडुलोब्लास्टोमा की शुरुआत सेरिबैलम में होती है; सेरिबैलम दिमाग के पिछले भाग में स्थित एक क्षेत्र है जो संतुलन, तालमेल और संचलन का नियंत्रण करता है।
    • ट्यूमर को उप-समूहों (WNT, SHH, ग्रुप 3 और ग्रुप 4) में वर्गीकृत करने और उपचारों की योजना बनाने के लिए ट्यूमर का आण्विक परीक्षण ज़रूरी होता है।
    • मेडुलोब्लास्टोमा के उपचारों में सर्जरी, रेडिएशन और कीमोथेरेपी शामिल हो सकते हैं।
    • जल्द पहचान व उपचार और साथ में विशेषज्ञ देखभाल बेहतर परिणाम पाने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
    • मेडुलोब्लास्टोमा से जीत चुके लोगों का सामना दीर्घकालिक चुनौतियों से हो सकता है, इसलिए निरंतर निगरानी और देखभाल महत्वपूर्ण हैं।


    समीक्षित: सितंबर 2025

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