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पोस्टेरियर फोसा सिंड्रोम

पोस्टेरियर फोसा सिंड्रोम (दिमाग के पिछले भाग) क्या है?

पोस्टीरियर फ़ोसा सिंड्रोम को सेरिबेलर म्यूटिज़्म सिंड्रोम भी कहते हैं। पोस्टीरियर फ़ोसा सिंड्रोम से ग्रस्त बच्चों में संचार, गत्यात्मक कौशलों, और मूड से संबंधित समस्याएँ हो सकती हैं। यह सिंड्रोम कभी-कभी पोस्टीरियर फ़ोसा में मौजूद दिमाग ट्यूमर को निकालने की सर्जरी के बाद विकसित होता है।  

पोस्टीरियर फ़ोसा खोपड़ी की हड्डी के आधार के पिछले भाग के पास मौजूद एक खाली स्थान है। इसमें अनुमस्तिष्क पिंड और दिमाग के स्तंभ होते हैं.

बच्चों में होने वाले लगभग आधे मस्तिष्क के कैंसर, दिमाग के पिछले भाग (पोस्टेरियर फोसा) में होते हैं। वे बच्चे जिनकी मेडुलोब्लास्टोमा, पोस्टेरियर फोसा ट्यूमर हटाने के लिए सर्जरी की गई है, उनमें से लगभग 25% बच्चों को पोस्टेरियर फोसा सिंड्रोम (दिमाग के पिछले भाग) होने की शिकायत होगी।

बच्चों में होने वाले लगभग आधे मस्तिष्क के कैंसर, दिमाग के पिछले भाग (पोस्टेरियर फोसा) में होते हैं। वे बच्चे जिनकी मेडुलोब्लास्टोमा, पोस्टेरियर फोसा ट्यूमर हटाने के लिए सर्जरी की गई है, उनमें से लगभग 25% बच्चों को पोस्टेरियर फोसा सिंड्रोम (दिमाग के पिछले भाग) होने की शिकायत होगी।

पोस्टेरियर फोसा सिंड्रोम (दिमाग के पिछले भाग) के जोखिम के कारक

पोस्टीरियर फ़ोसा सिंड्रोम पोस्टीरियर फ़ोसा के भीतर मौजूद दिमाग ट्यूमर को निकालने की सर्जरी के बाद हो सकता है। 

दिमाग ट्यूमर वाले बच्चों में से लगभग आधे बच्चों में यह ट्यूमर पोस्टीरियर फ़ोसा में होता है। मेडुलोब्लास्टोमा दिमाग के इस भाग में होता है। यह बच्चों में होने वाला सबसे आम घातक (मैलिग्नेंट) दिमाग का ट्यूमर है। मेडुलोब्लास्टोमा को निकालने के लिए सर्जरी कराने वाले लगभग 25% बच्चों में 'पोस्टीरियर फोसा सिंड्रोम' विकसित हो सकता है। 

लेकिन पोस्टीरियर फ़ोसा सिंड्रोम पोस्टीरियर फ़ोसा में मौजूद अन्य प्रकारों के दिमाग ट्यूमर को निकालने की सर्जरी के बाद भी हो सकता है। उनमें एस्ट्रोसाइटोमा और अपेंडिमोमा शामिल हैं।

चिकित्सक ठीक-ठीक नहीं जानते कि यह स्थिति क्यों कुछ बच्चों को प्रभावित करती है और अन्य को नहीं। कम उम्र के बच्चों में पोस्टीरियर फ़ोसा सिंड्रोम का जोखिम अधिक होता है। इस सिंड्रोम के होने की तब भी संभावा होती है जब बच्चे का दिमाग ट्यूमर:

  • सेरिबेलम के दो अर्द्धांशों के बीच स्थित होता है
  • उसमें सेरिबेलम के दोनों अर्द्धांश, विशेष रूप से दोनों अर्द्धांशों में गहरे मौजूद महत्वपूर्ण संरचनाएँ शामिल होती हैं
  • बड़ा होता है 
  • ब्रेनस्टेम तक पहुँच जाता है 
  • नॉन-SHH सब-टाइप मेडुलोब्लास्टोमा होता है
  • दिमाग ट्यूमर की कार्यविधियों में कम अनुभव रखने वाले सर्जन द्वारा निकाला जाता है

पोस्टेरियर फोसा सिंड्रोम (दिमाग के पिछले भाग) के लक्षण

पोस्टीरियर फ़ोसा सिंड्रोम से ग्रस्त बच्चों में 3 मुख्य प्रकार के लक्षण दिखते हैं:

  • बोलने और संचार करने में कठिनाइयाँ
  • मांसपेशियों के नियंत्रण और तालमेल में समस्याएँ
  • मनोदशा परिवर्तन

बोलने और संचार करने में कठिनाइयाँ

कुछ बच्चे बोलने की क्षमता खो देते हैं, इसे म्यूटिज़्म (मूकता) भी कहते हैं। अन्य बच्चे बस कुछ शब्द बोल पाते हैं या छोटे-छोटे वाक्यांश बोल पाते हैं।

अधिकांश बच्चे अगले कुछ दिनों या सप्ताह में फिर से बोलने लगते हैं। लेकिन कुछ की बोलने की क्षमता महीनों तक सीमित रहती है। आपके बच्चे की बोली सर्जरी से पहले की तुलना में अलग सुनाई दे सकती है।

आपके बच्चे की बोलने की क्षमता समय के साथ बेहतर हो सकती है। लेकिन बोलने से संबंधित कुछ कठिनाइयाँ संभव है कि पूरी तरह ठीक न हों।

मांसपेशियों के नियंत्रण और तालमेल में समस्याएँ

पोस्टेरियर फोसा सिंड्रोम मोटर समस्याएँ। ये सेरिबेलम को चोट पहुँचने का परिणाम होते हैं। 

पोस्टीरियर फ़ोसा सिंड्रोम से ग्रस्त बच्चे में गतियों के तालमेल में समस्याएँ होंगी। इसे एटैक्सिया के नाम से जाना जाता है। एटैक्सिया (गतिविभ्रम) ग्रस्त बच्चे को निम्नलिखित आदि बड़ी गतियों और/या सूक्ष्म गत्यात्मक कौशलों में परेशानी होगी: 

  • सहारे या सहायता के बिना बैठना 
  • स्थिर ढंग से चलना 
  • 2 पैरों या 1 पैर पर खड़े होकर संतुलन साधना
  • खाते समय बर्तनों का उपयोग करना या लिखने अथवा चित्र बनाने के लिए पेंसिल या पेन का उपयोग करना 
  • छोटी वस्तुओं को अपने हाथों में पकड़ना, हिलाना इत्यादि  

आपके बच्चे को अन्य गत्यात्मक कठिनाइयाँ भी हो सकती हैं, जैसे:

  • गत्यात्मक कार्यों के भागों को संयुक्त करके एक सुचारू, तालमेल-युक्त प्रक्रिया में बदलना।
    • आपके बच्चे की गत्यात्मक प्रक्रियाएँ अस्थिर या तालमेल-हीन दिख सकती हैं।
    • कई भागों वाले कार्य धीमे पड़ सकते हैं और उनमें काफ़ी कोशिशें लग सकती हैं। बच्चे को किसी प्रक्रिया के 2 भाग एक साथ करने में परेशानी हो सकती है।
  • अन्य गत्यात्मक क्रियाओं को प्रभावित करने वाला एप्रैक्सिया। शुरुआत में, कुछ बच्चों को चलने-फिरने या हिलने-डुलने की कहने पर उन्हें ऐसा करने में काफ़ी मुश्किल हो सकती है। संभव है कि कुछ बच्चे एक प्रतिवर्त के रूप में अपने शरीर से कुछ गतियाँ कर पाएँ। लेकिन संभव है कि वह आदेश देने पर अपने शरीर से वही गतियाँ न कर पाए। जैसे, संभव है कि वह नाक पर खुजली होने पर अपनी नाक खुजा पाए, लेकिन जब उससे ऐसा करने को कहा जाए तब वह ऐसा न कर पाए।
  • किसी वस्तु तक पहुँचने या उसकी ओर इशारा करने में कठिनाई (डिसमेट्रिया)। इसके कारण व्यक्ति उस चीज़ तक पहुँचने में असफल हो सकता है जिस तक वह पहुँचने की कोशिश कर रहा है। वह अपनी पहुँच के तरीके में काफ़ी छोटा पड़ सकता है। या वह जिस चीज़ तक पहुँचना चाह रहा है वहाँ से काफ़ी आगे निकल सकता है। डिसमेट्रिया बाँहों या पैरों को प्रभावित कर सकता है।

मनोदशा परिवर्तन

पोस्टीरियर फ़ोसा सिंड्रोम से ग्रस्त बच्चों में भावनाओं के नियंत्रण में या उन्हें ज़ाहिर करने में अक्सर समस्याएँ होती हैं।

वे स्थिति के अनुसार बहुत अतिरंजित प्रतिक्रियाएँ दिखा सकते हैं। वे बहुत चिड़चिड़े या उत्तेजित हो सकते हैं और अक्सर रो सकते हैं। लेकिन, असामान्य मात्रा में हँसी के साथ अतिरिक्त चपलता भी हो सकती है।

बच्चों की मनोदशा बदलती रहती है या उन्हें शांत करना कठिन हो सकता है। आपका बच्चा उसके आस-पास की चीज़ों पर बहुत कम या मंदित प्रतिक्रिया दिखा सकता है। इसे अक्सर समतल भाव कहा जाता है।

मूड के बदलाव आपके बच्चे की दैनिक गतिविधियों में भाग लेने की योग्यता या इच्छा के आड़े आ सकते हैं।

मनोविज्ञान के बारे में जानें

पोस्टीरियर फ़ोसा सिंड्रोम का मार्ग और रिकवरी

पोस्टीरियर फ़ोसा सिंड्रोम के लक्षण आम तौर पर सर्जरी के बाद के 1-2 दिनों के भीतर शुरू हो जाते हैं। लेकिन लक्षण हमेशा सर्जरी के बाद के पहले सप्ताह के भीतर शुरू होते हैं।

पोस्टेरियर फोसा सिंड्रोम (दिमाग के पिछले भाग) के लक्षण हल्के से गंभीर प्रकार तक के होते हैं। अधिकांश बच्चे धीरे-धीरे ठीक होने लगते हैं और बोलने की योग्यता वापस हासिल कर लेते हैं। अधिकांश बच्चे खुद चलने की योग्यता वापस हासिल कर लेते हैं। लेकिन बोलने, गत्यात्मक कौशलों, और/या मूड से संबंधित कुछ कठिनाइयाँ लंबी चल सकती हैं - यहाँ तक कि कई वर्षों तक चल सकती हैं।

यदि आपके बच्चे की बोली, गतियों और मूड से संबंधित लक्षण पोस्टीरियर फ़ोसा सिंड्रोम शुरू होने के बाद के पहले सप्ताह में सुधरने लगें, तो इस बात की संभावना कम है कि उसे दीर्घकालिक सहायता की आवश्यकता वाली समस्याएँ होंगी। यदि सुधार के संकेत दिखने में अधिक समय लगा तो इस बात की संभावना अधिक है कि आपके बच्चे में सहायता की आवश्यकता वाली समस्याएँ बनी रहेंगी।

स्पीच थैरेपी आदि थैरेपी बोलने और निगलने से संबंधित कठिनाइयों को सुधारने में मदद कर सकती हैं।

फिज़िकल और ऑक्युपेशनल थैरेपी खुद की देखभाल वाली गतिविधियों में, चलने-फिरने में, और खुद खेलने में भाग लेने की आपकी बच्चे की योग्यता को बेहतर बनाने के लिए प्रेरक गतिविधियों और व्यायाम का उपयोग कर सकती हैं।

किसी मनोविज्ञानी (साइकोलॉजिस्ट) के साथ काम करने से आपके बच्चे को मूड और भावनाओं का बेहतर प्रबंधन करने में मदद मिल सकती है। एक न्यूरोसाइकॉलजिस्ट (तंत्रिकामनोविज्ञानी) आपके बच्चे के सोचने के कौशलों को बेहतर बनाने के लिए उसके साथ काम कर सकता है; ऐसे कुछ कौशल इस प्रकार हैं:

  • ध्यान
  • स्मरण शक्ति
  • ओरिएंटेशन
  • संज्ञानात्मक संचार
  • दृश्य तर्कणा (विज़ुअल रीज़निंग) कौशल

पोस्टीरियर फ़ोसा सिंड्रोम और संज्ञानात्मक प्रभाव

पोस्टीरियर फ़ोसा सिंड्रोम की पहचान के लिए संज्ञानात्मक प्रभावों (स्मृति, ध्यान, और निर्णय प्रक्रिया से संबंधित समस्याओं) का उपयोग नहीं किया जाता है। लेकिन वे इस स्थिति से ग्रस्त बच्चों में आम हैं।

पोस्टीरियर फ़ोसा सिंड्रोम से ग्रस्त बच्चों में सोचने के कौशलों और अकादमिक योग्यताओं से संबंधित समस्याएँ अक्सर अधिक होती हैं। इनमें से कुछ कठिनाइयाँ दिमाग ट्यूमर की पहचान के मात्र 1 वर्ष बाद शुरू हो सकती हैं। अन्य कठिनाइयाँ वर्षों बाद जाकर अधिक महसूस हो सकती हैं।

संभव है कि आपका बच्चा:

  • कार्यों को अधिक धीमी गति से करे
  • ध्यान देने में कठिनाई होती है
  • चीज़ों को संगठित/व्यवस्थित करने और योजना बनाने में समस्या महसूस करे
  • समस्याओं को सुलझाने और विचारों को साझा करने में कम सक्षम होना

इन कठिनाइयों की कुछ हद तक बने रहने की संभावना होती है। 

पोस्टीरियर फ़ोसा सिंड्रोम से ग्रस्त रह चुके कुछ बच्चों को स्कूल में औपचारिक अकादमिक समायोजन होने से लाभ मिलेगा। 

चिकित्सक तंत्रिकीयमनोवैज्ञानिक आकलन (एक ऐसा परीक्षण जो ध्यान, स्मृति, भाषा कौशल, निर्णय-प्रक्रिया और अन्य चीज़ों के मापन में मदद दे सकता है) सुझा सकते हैं। यह व्यक्ति के सोचने के कौशलों और अकादमिक कौशलों में शक्तियों और कमज़ोरियों के पैटर्नों की पहचान में मदद कर सकता है। इसका उपयोग समायोजन और संशोधन सुझाने के लिए किया जा सकता है। 

संज्ञानात्मक देर से होने वाले प्रभावों के बारे में जानें

पोस्टीरियर फ़ोसा सिंड्रोम के बारे में मुख्य बिंदु

  • पोस्टीरियर फ़ोसा सिंड्रोम को कभी-कभी सेरिबेलर म्यूटिज़्म सिंड्रोम कहते हैं।
  • पोस्टीरियर फ़ोसा सिंड्रोम के लक्षणों में संचार, गत्यात्मक कौशलों, और मूड से संबंधित समस्याएँ शामिल हैं।
  • पोस्टीरियर फ़ोसा सिंड्रोम कभी-कभी पोस्टीरियर फ़ोसा (खोपड़ी की हड्डी के आधार के पिछले भाग के पास के खाली स्थान) में मौजूद दिमाग ट्यूमर को निकालने की सर्जरी के बाद विकसित होता है।
  • पोस्टीरियर फ़ोसा सिंड्रोम के लक्षण आम तौर पर सर्जरी के बाद के 1-2 दिनों में शुरू हो जाते हैं।
  • यदि आपके बच्चे के लक्षण पोस्टीरियर फ़ोसा सिंड्रोम शुरू होने के बाद के पहले सप्ताह में सुधरने लगें, तो इस बात की संभावना कम है कि उसे स्मृति और भाषा के संबंध में दीर्घकालिक सहायता की आवश्यकता वाली समस्याएँ होंगी।
  • यदि सुधार के संकेत दिखने में अधिक समय लगा तो इस बात की संभावना अधिक है कि आपके बच्चे में समस्याएँ बनी रहेंगी।
  • पोस्टीरियर फ़ोसा सिंड्रोम से ग्रस्त बच्चों के लिए अकादमिक समायोजन उपलब्ध हैं।


समीक्षित: अप्रैल 2023

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