एपिन्डाइमोमा दिमाग की पानी से भरी वेन्ट्रीकल और मेरुरज्जु की केंद्रीय नलिका को पंक्तिबद्ध करने वाली कोशिकाओं से उत्पन्न होते हैं।
एपिन्डाइमोमा दिमाग और मेरुरज्जु का एक ट्यूमर है। अमेरिका में हर वर्ष लगभग 200 बच्चों में एपिन्डाइमोमा रोग की पहचान होती है।
एपिन्डाइमोमा सामान्य तौर पर 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों में अधिक पाया जाता है। पर ये ट्यूमर किसी भी उम्र में हो सकते हैं। दुर्लभ मामलों में, वे सेरिब्रोस्पाइनल फ़्लुइड (CSF) में फैल जाते हैं। यह तरल पदार्थ दिमाग और मेरु रज्जु को घेरे रखकर उनकी सुरक्षा करता है।
बच्चों में, लगभग 75% एपिन्डाइमोमा दिमाग के पोस्टीरियर फ़ोसा क्षेत्र में होते हैं। यह खोपड़ी के निचले हिस्से में एक जगह होती है जहाँ सेरिबेलम और ब्रेन‑स्टेम स्थित होते हैं। लेकिन एपिन्डाइमोमा केंद्रीय तंत्रिका प्रणाली (CNS) के अन्य क्षेत्रों में भी बन सकते हैं।
CNS के कौनसे भाग प्रभावित होते हैं यह बात ट्यूमर के स्थान पर निर्भर करती है। उनमें ये शामिल हैं:
कई एपिन्डाइमोमा पोस्टीरियर फ़ोसा के भीतर 4चतुर्थ निलय में बनते हैं। इन ट्यूमर से ब्रेनस्टेम और सेरेबेलम के प्रभावित होने की सबसे अधिक संभावना होती है।
एपिन्डाइमोमा के उपचार में ये शामिल हैं:
बचपन में होने वाले एपिन्डाइमोमा के लिए जीवित रहने की दर 50-70% (10 में से 5–7) है। पूर्वानुमान इन पर निर्भर है:
चिकित्सक एपिन्डाइमोमा के जैविक और आणविक लक्षणों के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। ये विवरण यह पूर्वानुमान लगाने में मदद कर सकते हैं कि किसी ट्यूमर में उपचार से कैसा लाभ मिल सकता है। एपिन्डाइमोमा के कई आण्विक उप-प्रकार होते हैं जिनकी अलग-अलग क्लिनिकल विशेषताएँ होती हैं।
एपिन्डाइमोमा उपचार के बाद वापस आ सकता है। इस पर नज़र रखने के लिए बच्चों को अक्सर दीर्घकालिक देखभाल की ज़रूरत होती है।
बचपन के एपिन्डाइमोमा के संकेत और लक्षण कई कारकों पर निर्भर करते हैं। उनमें शामिल हैं ट्यूमर का आकार और स्थान तथा बच्चे की उम्र और विकास का चरण।
एपिन्डाइमोमा लक्षणों में निम्नलिखित लक्षण शामिल हो सकते हैं:
ट्यूमर के बढ़ने के साथ, CSF का सामान्य प्रवाह अवरुद्ध हो सकता है। इसके कारण दिमाग के अंदर तरल जमा होता जाता है जिसे हाइड्रोसेफेलसके रूप में जाना जाता है। यह तरल पदार्थ दिमाग के भीतर दबाव बढ़ा देता है। एपिन्डाइमोमा के कई लक्षण हाइड्रोसेफेलस के कारण होते हैं।
कभी-कभी एपिन्डाइमोमा सेरिब्रोस्पाइनल फ़्लुइड (सीएसएफ) के सामान्य प्रवाह को अवरुद्ध कर सकता है। हाइड्रोसिफ़लस तब होता है जब वेंट्रिकल्स में बहुत अधिक सीएसएफ बनने लगता है।
अधिकांश एपिन्डाइमोमा शिशुओं और 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों में होते हैं।
ट्यूमर कोशिकाओं में जीन और गुणसूत्रों में होने वाले कुछ परिवर्तन एपिन्डाइमोमा से जुड़े पाए गए हैं। ये सामान्य तौर पर माता/पिता से बच्चों को नहीं मिलते हैं। अधिकतर मामलों में, यह ज्ञात नहीं है कि ये आनुवंशिक परिवर्तन क्यों होते हैं।
कुछ बच्चों में न्यूरोफ़ाइब्रोमटोसिस टाइप 2 (NF2) के कारण एपिन्डाइमोमा का जोखिम अधिक हो सकता है। यह दुर्लभ स्थिति पीढ़ी-दर-पीढ़ी चलती है।
बहुत से एपेन्डिमोमा, पोस्टेरियर फोसा भाग में 4थे वेन्ट्रीकल में बनते हैं। इस स्थान में होने वाले ट्यूमर से ब्रेनस्टेम और सेरेबेलम के प्रभावित होने की सबसे अधिक संभावना होती है।
एपिन्डाइमोमा की पहचान के परीक्षणों में ये शामिल हैं:
निम्नलिखित के आधार पर एपिन्डाइमोमा के अलग-अलग नाम हो सकते हैं:
एपिन्डाइमोमा के विभिन्न प्रकार हैं, इसलिए आपके बच्चे के ट्यूमर को अचूक पहचान के लिए आण्विक परीक्षण की ज़रूरत होती है।
बच्चों में एपिन्डाइमोमा के कुछ सामान्य प्रकार ये हैं:
आपके बच्चे के ट्यूमर का आण्विक परीक्षण बहुत महत्वपूर्ण है। इससे चिकित्सक को आपके बच्चे के लिए सर्वोत्तम उपचार योजना बनाने में मदद मिलेगी।
एपिन्डाइमोमा के उपचार में सामान्य तौर पर सर्जरी के बाद विकीरण चिकित्सा शामिल होती है। कुछ रोगियों को कीमोथेरेपी भी मिल सकती है।
उपचार इन पर निर्भर करता है:
जोखिम‑आधारित उपचार पद्धतियाँ ट्यूमर की विशेषताओं और अनुमानित परिणामों के आधार पर रोगियों को वर्गीकृत करती हैं। चिकित्सक निम्नलिखित पर विचार करते हैं:
शंट एक छोटी नली होती है जो CSF को बाहर निकालकर तरल के जमा होने से रोकती है।
हायड्रोसेफलस से ग्रस्त कुछ बच्चों में एपिन्डाइमोमा के कारण दिमाग में बाहरी ड्रेन या शंट बनाए जा सकते हैं ताकि CSF जमा न होने पाए।
अमेरिका में बच्चों में एपिन्डाइमोमा के लिए 10-वर्ष तक जीवित रहने की दर लगभग 50–70% है।
उपचार से ठीक होने की संभावना को प्रभावित करने वाले कारकों में शामिल हैं:
कुछ प्रकार के एपिन्डाइमोमा से पीड़ित बच्चों में लंबे समय तक जीवित रहने की अधिक संभावना होती है। लेकिन देर से पुनरावृत्तियाँ या पुनरावर्तन (5 वर्ष के बाद) हो सकते हैं।
ट्यूमर को हटाने के लिए सफल सर्जरी के बिना एपिन्डाइमोमा को ठीक करना मुश्किल है। यदि सर्जरी अधूरी हो या एपिन्डाइमोमा दोबारा हो जाए, तो दीर्घकालिक रोग-पूर्वानुमान आमतौर पर खराब होता है।
एपिन्डाइमोमा का अनुमानित भावी-पथ कई कारकों पर निर्भर है। हर मामला अलग होता है। अपने बच्चे के मामले के बारे में हमेशा अपनी देखभाल टीम से बात करें।
"यदि ज़रूरत लगे तो थोड़ा आत्म-चिंतन करने में कुछ गलत नहीं है। लेकिन उम्मीद का दामन कभी न छोड़ें। एक बार में 1 दिन का लक्ष्य रखें। अगले दिन तक पहुँचने के लिए अपनी हर संभव कोशिशें करें, और सोच पॉज़िटिव रखें।"
प्रशामक देखभाल और पुनर्सुधार, मनोविज्ञान और सामाजिक कार्य जैसी सहायक सेवाओं को शामिल करने से एपिन्डाइमोमा से पीड़ित रोगियों और परिवारों को लक्षणों का प्रबंधन करने, जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाने और देखभाल निर्णयों को लेने में मदद मिल सकती है। अपनी देखभाल टीम से बात करें कि कौन सी समस्याएं आ सकती हैं और कौन से तरीके उनका प्रबंधन करने में मदद कर सकते हैं।
रोग की पुनरावृत्ति और अन्य चिकित्सा समस्याओं पर नज़र रखने के लिए रोगियों की निरंतर अनुवर्तन देखभाल, लैब परीक्षणों और नियमित इमेजिंग की आवश्यकता होती है। देखभाल टीम, ट्यूमर प्रकार, उपचार की प्रतिक्रिया और रोगी की व्यक्तिगत आवश्यकताओं के आधार पर एक कार्य-योजना निर्धारित करेगी।
एपिन्डाइमोमा से बचे लोगों में निम्नलिखित समस्याओं का जोखिम होता है, जैसे:
ये समस्याएँ स्वयं ट्यूमर के कारण हो सकती हैं, या फिर उपचार से जुड़े दीर्घकालिक या देर से होने वाले प्रभावों के रूप में उत्पन्न हो सकती हैं।
कैंसर से बचे सभी लोगों को स्वस्थ जीवनशैली की आदतें अपनानी चाहिए और किसी प्राथमिक देखभाल प्रदाता द्वारा नियमित चिकित्सा जाँचें करवानी चाहिए।
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समीक्षित: अक्टूबर 2025
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