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थ्रोम्बोसाइटोपेनिया (कम प्लेटलेट्स)

थ्रॉम्बोसाइटोपीनिया क्या है?

थ्रॉम्बोसाइटोपीनिया एक स्थिति है जिसके कारण प्लेटलेट (थ्रॉम्बोसाइट) की संख्या कम हो जाती है। प्लेटलेट वे रक्त कोशिकाएँ हैं जो रक्त को थक्का जमाने और रक्तस्राव को रोकने में मदद देती हैं। यदि किसी व्यक्ति में बहुत कम प्लेटलेट हों, तो उसे अधिक आसानी से रक्तस्राव हो सकता है या नील पड़ सकते हैं।

प्लेटलेट की संख्या में कमी अक्सर कीमोथैरेपी, विकीरण चिकित्सा, कुछ दवाओं और अन्य उपचारों के दुष्प्रभाव के रूप में होती है।

प्लेटलेट की सामान्य संख्या प्रति माइक्रोलीटर रक्त में 150,000 से 400,000 होती है। लेकिन यह आपके बच्चे की उम्र पर निर्भर हो सकती है। अपनी देखभाल टीम से पूछें कि आपके बच्चे के लिए प्लेटलेट की कितनी संख्या सामान्य है।

प्लेटलेट की संख्या की रेंज

इसका क्या अर्थ है

150,000 – 450,000 / माइक्रोलीटर प्लेटलेट की सामान्य संख्या
50,000 – 100,000 / माइक्रोलीटर चोट लगने पर रक्तस्राव का मामूली जोखिम
50,000 / माइक्रोलीटर से कम नील पड़ने में वृद्धि
20,000 / माइक्रोलीटर से कम अपने-आप रक्तस्राव होने का जोखिम
10,000 / माइक्रोलीटर से कम गंभीर रक्तस्राव का जोखिम

प्लेटलेट की संख्या को प्रति माइक्रोलीटर (µL) रक्त में प्लेटलेट की संख्या के रूप में बताया जाता है।

यह जानकारी एक सामान्य मार्गदर्शिका है। परीक्षण के विशिष्ट परिणामों और उनके अर्थ के लिए हमेशा अपनी देखभाल टीम से परामर्श करें। 

थ्रॉम्बोसाइटोपीनिया के लक्षण

पेटीचियाई का ग्राफिक, जो त्वचा पर छोटे लाल या बैंगनी रंग के पिनपॉइंट डॉट्स होते हैं जो रैश की तरह दिख सकते हैं।

पेटीचियाई रक्तस्राव के कारण त्वचा पर चपटे, ददोरे-जैसे धब्बे होते हैं।

हल्के थ्रॉम्बोसाइटोपीनिया से संभव है कि दिखने या महसूस होने लायक लक्षण न हों। या आपके बच्चे को अधिक आसानी से नील पड़ सकते हैं या कोई कट या चोट लगने के बाद अधिक लंबे समय तक रक्तस्राव हो सकता है।

थ्रॉम्बोसाइटोपीनिया के कुछ अन्य संकेत और लक्षण इस प्रकार हैं:

  • थकान महसूस करना
  • नाक से रक्तस्राव होता है
  • मसूढ़ों से रक्त आना
  • मासिक धर्म में अधिक रक्तस्राव या सामान्य से अधिक समय तक मासिक धर्म
  • मूत्र में रक्त
  • काली या रक्त-युक्त विष्ठा (मल)
  • उल्टी में रक्त
  • जब मासिक धर्म का समय नहीं है तब योनि से रक्तस्राव
  • तेज़ सिरदर्द
  • दृष्टि-संबंधी परिवर्तन
  • भ्रमित या सामान्य से अधिक उनींदा महसूस करना
  • पर्प्यूरा: त्वचा, होठों या मुँह के अंदर नीले-बैंगनी रंग के धब्बे या नील के निशान
  • पेटीचियाई: त्वचा पर छोटे-छोटे लाल या बैंगनी “सुई की नोक जितने” धब्बे जो ददोरे जैसे दिख सकते हैं

यदि आपके बच्चे में रक्तस्राव का कोई नया संकेत दिखे या कोई संकेत और बदतर होने लगे तो तुरंत देखभाल टीम को बताएँ।

थ्रॉम्बोसाइटोपीनिया के कारण

थ्रॉम्बोसाइटोपीनिया चिकित्सीय उपचारों, जैसे कीमोथेरेपी, विकीरण चिकित्सा और कुछ दवाओं का एक सामान्य दुष्प्रभाव है। यह चोट या सर्जरी के कारण हुई रक्त हानि के बाद भी हो सकता है। 

प्लेटलेट कम होने के कुछ कारण इस प्रकार हैं:   

थ्रॉम्बोसाइटोपीनिया की पहचान  

थ्रॉम्बोसाइटोपीनिया की पहचान आपके बच्चे के चिकित्सा इतिहास, शारीरिक परीक्षा और लैब परीक्षणों के आधार पर की जाती है। आपका चिकित्सक आपसे रक्तस्राव या नील पड़ने में जो भी बदलाव हों उनके बारे में, हालिया अस्वस्थताओं के बारे में या आपका बच्चा जो दवाएँ ले रहा है उनके बारे में पूछ सकता है।

लैब परीक्षणों में ये शामिल हो सकते हैं:

  • पूर्ण रक्त गणना (CBC), प्लेटलेट्स और अन्य रक्त कोशिकाओं की संख्या व आकार मापने के लिए।
  • माइक्रोस्कोप के नीचे प्लेटलेट्स और अन्य रक्त कोशिकाओं के आकार और आकृति की जांच करने के लिए पेरिफेरल ब्लड स्मीयर
  • मूत्र और मल परीक्षण, मूत्र या मल में रक्त होने की जाँच के लिए
  • बोन मैरो एस्पिरेशन (चूषण) और बायोप्सी, यह देखने के लिए कि क्या प्लेटलेट का निर्माण सामान्य ढंग से हो रहा है
  • रक्त का थक्का जमने के परीक्षण (जिन्हें कोएगुलेशन पैनल भी कहते हैं), यह देखने के लिए कि रक्त कितने अच्छे से थक्का जमा रहा है और इसमें कितना समय लगता है  

आपकी देखभाल अन्य चिकित्सीय स्थितियों की या रक्तस्राव के अंतर्निहित कारणों की तलाश के लिए अन्य परीक्षण कर सकती है।

थ्रोम्बोसाइटोपेनिया का उपचार

ऐसा नहीं है कि सभी बच्चों को कम प्लेटलेट्स के उपचार की ज़रूरत पड़े। आपकी देखभाल टीम आपके बच्चे के ब्लड काउंट की जाँच करेगी और लक्षणों पर नज़र रखेगी, ताकि यह पता चल सके कि उपचार की ज़रूरत कब है और (जरूरत) है भी या नहीं।

यदि थ्रॉम्बोसाइटोपीनिया किसी उपचार के दुष्प्रभाव के रूप में हुआ है तो उपचार पूरा होने के बाद प्लेटलेट की संख्या सामान्य तौर पर फिर से सामान्य हो जाती है।

थ्रॉम्बोसाइटोपीनिया के कुछ उपचार इस प्रकार हैं:

  • कारण का उपचार करना: जैसे, यदि प्लेटलेट की कम संख्या किसी चिकित्सीय स्थिति के कारण है, तो उस स्थिति के उपचार से समस्या का हल हो सकता है। 
  • प्लेटलेट आधान: प्लेटलेट की हानि की भरपाई के लिए किसी शिरा के ज़रिए दाता प्लेटलेट का ट्रांसफ़्यूज़न (आधान) चढ़ाया जा सकता है।  
  • दवाइयां: आपकी देखभाल टीम शरीर को अधिक प्लेटलेट बनाने में, प्रतिरक्षा अनुक्रिया घटाने में, या रक्तस्राव का नियंत्रण करने में मदद देने वाली दवाएँ लिख सकती है।
  • स्प्लेनेक्टमी: यदि अन्य उपचारों से लाभ न हो तो स्प्लीन (प्लीहा/तिल्ली) निकालने की सर्जरी का उपयोग किया जा सकता है। 

थ्रॉम्बोसाइटोपीनिया का प्रबंधन कैसे करें

जब आपके बच्चे में प्लेटलेट की संख्या कम होती है, तो रक्तस्राव और नील पड़ने की रोकथाम के उपाय करना महत्वपूर्ण होता है। 

  • कुछ दवाओं और सप्लिमेंट से बचें। उनमें डॉक्टर के पर्चे के बिना मिलने वाली ऐसी दवाएँ शामिल हैं जो रक्तस्राव का जोखिम बढ़ा सकती हैं, जैसे एस्पिरिन और आइबुप्रोफ़ेन। अपनी देखभाल टीम से उन चीज़ों की एक लिस्ट माँगें जिनसे आपको बचना चाहिए।
  • दांतों को मुलायम टूथब्रश से आराम से साफ़ करें।
  • गिरने या चोट लगने के अधिक जोखिम वाली गतिविधियों या खेलों से बचें।
  • अपने बच्चे का तापमान गुदा से न मापें।
  • अपने बच्चे को जूते पहनाकर रखें, घर के भीतर भी।
  • नुकीली वस्तुओं का उपयोग करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें। यदि आपका बच्चा थोड़ा बड़ा है, तो उसे शेविंग के लिए इलेक्ट्रिक रेज़र का उपयोग करना चाहिए।
  • त्वचा को रूखी होने और होंठों को फटने से बचाने के लिए लोशन और लिप बाम का इस्तेमाल करें।
  • सुनिश्चित करें कि आपका बच्चा पपड़ियों/खुरंट या मुँहासों को नोंचे नहीं।
  • जिन लड़कियों को मासिक धर्म होता है उन्हें टैम्पॉन की जगह सैनिटरी पैड का उपयोग करना चाहिए। 

घर पर मामूली रक्तस्रावों के उपचार का तरीका

दैनिक गतिविधियाँ रक्तस्राव या नील पड़ने का कारण बन सकती हैं। घर पर अपने बच्चे की देखभाल के लिए इन सुझावों का उपयोग करें।

  • छोटे-मोटे कट और घाव: किसी साफ़ कपड़े से घाव पर तब तक दबाव डालें जब तक रक्तस्राव रुक न जाए। घाव को साबुन व पानी से साफ़ करें। स्थान को सुखाएँ और किसी स्टेराइल बैंडेज या गॉज़ लगा दें।
  • मुँह या मसूढ़ों में रक्तस्राव: अपने बच्चे के मुँह को बर्फ या ठंडे पानी से धुलाएँ (कुल्ला कराएँ) मसूढ़ों से रक्तस्राव की रोकथाम में मदद के लिए अपनी देखभाल टीम के निर्देशों का पालन करें।
  • नाक से रक्तस्राव: अपने बच्चे को सीधा और थोड़ा आगे झुकी हुई स्थिति में बैठाएँ। नाक के ब्रिज से ठीक नीचे, प्रत्येक नासाछिद्र के बाहर दबाव डालें। अंगूठे और उंगली से उस जगह को धीरे से 5-10 मिनट के लिए पिंच करके पकड़कर रखें। दबाव धीरे से छोड़कर देखें कि क्या रक्तस्राव रुक गया है।
  • नील पड़ना: उस स्थान पर लगभग 20 मिनटों तक बर्फ़ लगाएँ।

यदि रक्तस्राव बहुत अधिक हो या बंद न हो रहा हो, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें।

 देखभाल टीम से पूछने के लिए प्रश्न

  • मेरे बच्चे में प्लेटलेट की संख्या कम होने का क्या कारण है?
  • मेरे बच्चे में रक्तस्राव का कितना जोखिम है?
  • प्लेटलेट काउंट की निगरानी के लिए मेरे बच्चे को कितनी बार टेस्ट की आवश्यकता होगी?
  • जब मेरे बच्चे के प्लेटलेट की संख्या कम हो तो क्या उन्हें कुछ गतिविधियों से बचना चाहिए?
  • क्या रक्तस्राव की रोकथाम के लिए कुछ अन्य सावधानियाँ हैं?
  • हमें रक्तस्राव के किन संकेतों पर नज़र रखनी चाहिए?

थ्रॉम्बोसाइटोपीनिया के बारे में मुख्य बिंदु

  • थ्रॉम्बोसाइटोपीनिया, यानी कम प्लेटलेट, कीमोथैरेपी और विकीरण चिकित्सा इत्यादि कुछ उपचारों और कुछ दवाओं का एक सामान्य दुष्प्रभाव है।
  • थ्रॉम्बोसाइटोपीनिया किसी अंतर्निहित चिकित्सीय स्थिति के कारण भी हो सकता है।  
  • यदि आपके बच्चे में प्लेटलेट की संख्या कम है, तो उसे नील पड़ सकते हैं या रक्तस्राव हो सकता है। 
  • अधिकांश थ्रॉम्बोसाइटोपीनिया अस्थायी होते हैं और उन्हें उपचार की ज़रूरत नहीं भी पड़ सकती है। आपके बच्चे को किन परीक्षणों और उपचारों की ज़रूरत है यह बात आपकी देखभाल टीम आपको बताएगी।
  • अपने बच्चे के रक्तस्राव के जोखिम को कम करने के तरीकों और रक्तस्राव होने पर क्या करें, इस बारे में अपनी देखभाल टीम से बात करें।


समीक्षित: दिसंबर 2024

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