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पेरिफेरल ब्लड स्टेम सेल (PBSC) का दान  

पेरिफेरल ब्लड स्टेम सेल (PBSC) कलेक्शन क्या है?

पेरिफेरल ब्लड स्टेम सेल (PBSC) संग्रह, नसों के रक्त (पेरिफेरल ब्लड) से निकालने की एक प्रक्रिया है स्टेम सेल्स निकालने की एक प्रक्रिया है। इस प्रक्रिया को स्टेम सेल डोनेशन (दान) या स्टेम सेल हार्वेस्ट' (संग्रहण) भी कहा जाता है।  

स्टेम सेल (जिन्हें प्रोजेनिटर (प्रजनक) कोशिकाएँ या हिमेटोपॉइटिक स्टेम कोशिकाएँ भी कहते हैं) वे कोशिकाएँ होती हैं जो विकसित होकर अन्य प्रकार की कोशिकाओं, जैसे रक्त कोशिकाओं, में बदल सकती हैं। ट्रांसप्लांट हेतु स्टेम कोशिकाएँ रक्त से या बोन मैरो (हड्डी के अंदर जहां खून बनता है)से आ सकती है। बोन मैरो अधिकांश हड्डियों के भीतर मौजूद नर्म, स्पंज जैसा ऊतक होती है। 

स्टेम सेल ट्रांसप्लांट कुछ कैंसरों और रक्त विकारों का एक उपचार है। स्टेम सेल रोगी से या डोनर से आ सकती हैं, डोनर (या दाता) वह व्यक्ति है जो ट्रांसप्लांट की ज़रूरत वाले रोगी को स्टेम सेल दान में देता है।  

  • ऑटोलोगस ट्रांसप्लांट में रोगी की खुद की स्टेम कोशिकाओं का उपयोग होता है। 
  • एलोजेनिक ट्रांसप्लांट में किसी अन्य व्यक्ति (डोनर/दाता) से एकत्र स्टेम सेल का उपयोग होता है। 

PBSC कलेक्शन के चरण इस प्रकार हैं: 

  • स्क्रीनिंग जाँच और परीक्षण   
  • रक्त में स्टेम सेल की संख्या बढ़ाने की दवा  
  • किसी शिरा के ज़रिए रक्त से स्टेम सेल का कलेक्शन 

PBSC डोनेशन से पहले

स्क्रीनिंग जाँच और रक्त परीक्षण 

स्टेम सेल कलेक्शन से पहले, डोनर - या तो रोगी या कोई अन्य व्यक्ति - की शारीरिक परीक्षा और रक्त परीक्षण किए जाते हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि आगे बढ़ना सुरक्षित है। इन परीक्षणों में संपूर्ण स्वास्थ्य की जाँच की जाती है और संक्रमणों के लिए स्क्रीनिंग की जाती है। यह चरण महत्वपूर्ण है क्योंकि ट्रांसप्लांट रोगियों का प्रतिरक्षा तंत्र कमज़ोर होता है और संक्रमणों से अच्छी तरह लड़ नहीं सकता है।  

स्टेम सेल की संख्या बढ़ाने की दवा (मोबिलाइज़ेशन/एकजुट करना) 

स्टेम सेल को बोन मैरो से रक्त में लाने में मदद के लिए ग्रोथ फ़ैक्टर नामक एक दवा दी जाती है। इस प्रक्रिया को मोबिलाइज़ेशन (यानी एकजुट करना) कहते हैं।  

एक से अधिक ग्रोथ फ़ैक्टर दवाएँ दी जा सकती हैं। इसे आम तौर पर कुछ दिनों तक प्रतिदिन एक बार इंजेक्शन (शॉट) के रूप में दिया जाता है। गर्भधारण की उम्र वाली महिलाओं को ग्रोथ फ़ैक्टर दिए जाने से पहले उनका गर्भावस्था परीक्षण करवाना ज़रूरी है। 

ग्रोथ फ़ैक्टर के दुष्प्रभाव: ग्रोथ फ़ैक्टर के अधिकांश दुष्प्रभाव हल्के होते हैं और इंजेक्शन रुकने पर जल्द ही चले जाते हैं। दुष्प्रभावों में निम्नलिखित शामिल हो सकते हैं: 

  • निढालता (थकान महसूस होना) 
  • इन्सोम्निया (नींद आने में परेशानी) 
  • सिरदर्द 
  • हल्का बुखार 
  • हड्डियों और जोड़ो का दर्द 
  • ठंड लगना 
  • जी मिचलाना और उल्टी होना  

लक्षणों से राहत के लिए देखभाल टीम एसिटमिनोफेन (Tylenol®) या अन्य दवाएँ दे सकती है। 

PBSC कलेक्शन (एफरीसिस) के दौरान क्या उम्मीद करें

एफरीसिस का चित्र जिसमें सलाइन बैग, स्टेम सेल का बैग और एफरीसिस मशीन दिख रहे हैं

स्टेम सेल का कलेक्शन एफरीसिस नामक कार्यविधि के ज़रिए होता है।

स्टेम सेल को एफरीसिस नामक एक प्रक्रिया के ज़रिए रक्त से एकत्र किया जाता है।  

एफरीसिस के दौरान: 

  1. हर बाँह की एक शिरा में एक नीडल या छोटी-सी ट्यूब (कैथेटर) लगाई जाती है।   
  2. एक बाँह की शिरा से रक्त निकाला जाता है। एक एफरीसिस मशीन रक्त को लेती है और स्टेम कोशिकाओं को अन्य प्रकार की रक्त कोशिकाओं से अलग कर देती है। स्टेम कोशिकाओं को एक स्टेराइल बैग में एकत्र किया जाता है।  
  3. बाकी रक्त को दूसरी बाँह के ज़रिए शरीर में वापस पहुँचा दिया जाता है।  

रक्त को एफरीसिस मशीन में थक्का बनाने से रोकने के लिए साइट्रेट का उपयोग किया जाता है। साइट्रेट से हो सकने वाली प्रतिक्रियाओं की रोकथाम के लिए कैल्सियम भी दिया जाता है। 

अधिकांश मामलों में, इस प्रक्रिया के लिए बाँहों में लगे अस्थायी IV का उपयोग किया जाता है। कभी-कभार, सर्जरी द्वारा लगाई गई सेंट्रल लाइन की ज़रूरत हो सकती है। 

एफरीसिस प्रक्रिया में हर बार 3-8 घंटे लगते हैं। डोनर किसी आराम कुर्सी पर या बिस्तर पर बैठता है। एफरीसिस तब तक की जाती है जब तक ट्रांसप्लांट के लिए पर्याप्त स्टेम सेल एकत्र न हो जाएँ, इसमें 1-3 दिन लगते हैं। 

एफरीसिस के दुष्प्रभाव 

एफरीसिस के दुष्प्रभाव, रक्तदान के दुष्प्रभाव जैसे होते हैं। सबसे आम दुष्प्रभाव हैं: 

  • मतली
  • चक्कर आना 
  • बेहोश हो जाना 
  • नीडल स्थल पर दर्द या नील पड़ना 

कुछ लोगों को साइट्रेट से दुष्प्रभाव हो सकते हैं। इनमें शामिल है: 

  • मांसपेशियों में ऐंठन 
  • सुन्नपन 
  • ठंड लगना 
  • झुनझुनी की संवेदनाएँ 
  • बेचैनी 
  • मुँह में अजीब या धातु जैसा स्वाद 
  • दौरे (दुर्लभ मामलों में) 

स्टेम सेल डोनर के लिए महत्वपूर्ण दवा रिमाइंडर

ऐसी दवाओं से बचें जो आपका रक्तस्राव का जोखिम बढ़ा सकती हैं:

  • ग्रोथ फ़ैक्टर के इंजेक्शन लगवाने के दौरान और आपके डोनेशन के बाद 2 सप्ताह तक एस्पिरिन, एस्पिरिन युक्त दवाएँ, या आइबुप्रोफ़ेन (NSAID) जैसी पीड़ाहारी दवाएँ न लें, तब के सिवाय जब आपका स्वास्थ्य देखभाल प्रदाता कहे कि वे सुरक्षित हैं।
  • आप वर्तमान में जो भी रक्त पतला करने वाली या थक्का-रोधी दवाएँ लेते हों उन पर अपने चिकित्सक से चर्चा करके पता करें कि स्टेम सेल कलेक्शन से पहले कब ये दवाएँ रोकी जा सकती हैं।
  • रक्तचाप की दवाओं, जैसे एंजियोटेंसिन-कन्वर्टिंग एंज़ाइम (ACE) इनहिबिटर, के बारे में अपने स्वास्थ्य देखभाल प्रदाता से बात करें। वे कार्यविधि के दौरान रक्तचाप कम होने से रोकने में मदद के लिए इन दवाओं को अस्थायी रूप से रोकने का सुझाव दे सकते हैं। ACE इनहिबिटर के कुछ उदाहरण इस प्रकार हैं:
    • बेनाज़ेप्रिल (Lotensin)
    • कैप्टोप्रिल (Capoten)
    • अनालैप्रिल (Vasotec, Epaned)
    • फ़ोसिनोप्रिल (Monopril)
    • लिसिनोप्रिल (Zestril, Prinivil)
    • मोएक्ज़िप्रिल (Univasc)
    • पेरिंडोप्रिल (Aceon)
    • क्विनेप्रिल (Accupril)
    • रैमिप्रिल (Altace)
  • अपने स्वास्थ्य सेवा प्रदाता को उन सभी दवाओं के बारे में बताएं जो आप लेते हैं। इस समय के दौरान कोई भी दवा बदलने से पहले हमेशा अपने स्वास्थ्य देखभाल प्रदाता से पूछें। 

अपनी देखभाल करने वाली टीम को कॉल कब करें

 बहुत दुर्लभ या अज्ञात दुष्प्रभाव का जोखिम हमेशा होता है। यदि आपको एफरीसिस के दौरान कोई दुष्प्रभाव, असामान्य एहसास या तकलीफ़ महसूस हो तो तुरंत किसी नर्स या चिकित्सक को बताएँ।

यदि आपके पास एफरीसिस के बारे में प्रश्न हों तो कृपया अपने स्वास्थ्य देखभाल प्रदाता से या रक्त दाता केंद्र के स्टाफ़ से बात करें।

अपनी देखभाल टीम से पूछे जाने वाले प्रश्न

  • पेरिफेरल ब्लड स्टेम सेल कलेक्शन कैसे किया जाता है?
  • PBSC डोनेशन के जोखिम क्या हैं?
  • मुझे स्टेम सेल डोनेशन के लिए तैयारी कैसे करनी चाहिए?
  • स्टेम सेल कलेक्शन में कितना समय लगता है?
  • मुझे किन दुष्प्रभाव पर नज़र रखनी चाहिए?
  • मैं एफरीसिस के बाद सामान्य गतिविधियों पर कब लौट सकता/ती हूँ?

PBSC डोनेशन के बारे में मुख्य बिंदु

  • पेरिफेरल ब्लड स्टेम सेल (PBSC) कलेक्शन शिराओं में मौजूद रक्त (परिधीय रक्त या पेरिफरल ब्लड) से स्टेम कोशिकाएँ प्राप्त या एकत्र करने की एक प्रक्रिया है। 
  • ट्रांसप्लांट के लिए स्टेम सेल रोगी से या किसी डोनर (दाता) से ली जा सकती हैं।  
  • स्टेम सेल को बोन मैरो से रक्तधारा में लाने में मदद के लिए ग्रोथ फ़ैक्टर नामक दवाएँ दी जाती हैं।
  • स्टेम सेल को एफरीसिस नामक एक कार्यविधि के उपयोग द्वारा रक्त से एकत्र किया जाता है।  
  •   पेरिफेरल ब्लड स्टेम सेल कलेक्शन के अधिकांश दुष्प्रभाव हल्के होते हैं और डोनेशन के बाद जल्द ही चले जाते हैं।
  • यदि आपके पास स्टेम सेल कलेक्शन के बारे में कोई प्रश्न या चिंताएँ हों तो अपनी देखभाल टीम से बात करें।


समीक्षित: जनवरी 2026

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