नॉन-रैब्डोमायोसारकोमा नरम ऊतक सारकोमा क्या है?
नॉन-रैब्डोमायोसारकोमा सॉफ़्ट टिशू सारकोमा (NRSTS) एक ट्यूमर है जो शरीर के नर्म ऊतकों में विकसित होता है। इन ट्यूमरो के कई प्रकार होते हैं। लेकिन उनका उपचार आम तौर पर समान तरीके से होता है।
NRSTS ट्यूमर बचपन के सभी कैंसरों का लगभग 4% हिस्सा हैं। वे किशोरों में सबसे आम होते हैं।
NRSTS शरीर में कहीं भी बन सकता है। लेकिन यह अधिकांशतः बाँहों या पैरों में होता है। एक NRSTS सिर और गर्दन, छाती, पेट या पेडू में भी हो सकता है।
बच्चों में होने वाले NRSTS के सबसे आम प्रकारों में निम्नलिखित शामिल हैं:
- फाइब्रोसार्कोमा
- सिनोवियल सार्कोमा
- घातक परिसरीय तंत्रिका आवरण ट्यूमर
NRSTS ट्यूमरों के अन्य प्रकार ये हैं:
- क्लियर सेल सारकोमा
- एपिथीलिऑइड सारकोमा
- हिमेंजियोपेरिसाइटोमा
- लियोमायोसार्कोमा
- लिपोसारकोमा
- मलिग्नैंट फ़ाइब्रस हिस्टियोसाइटोमा
- नॉन-सायनोवियल सेल सारकोमा
- अनडिफ़रेंशियेटेड (अविभेदित) सारकोमा
NRSTS के लक्षण
NRSTS के लक्षण ट्यूमर के स्थान पर निर्भर करते हैं। अक्सर दर्द रहित गाँठ के अलावा शुरुआती चरणों में कोई लक्षण नहीं होते।
ट्यूमर के बढ़ने के कारण अन्य संरचनाओं पर दबाव पड़ने से दर्द या कमज़ोरी जैसी समस्याएं विकसित हो सकती हैं।
अधिक उन्नत बीमारी से कई बार बुखार, पसीना आना या वजन कम होने के लक्षण उत्पन्न हो सकते हैं।
NRSTS के जोखिम कारक और कारण
बच्चों में NRSTS के ट्यूमर अधिकांशतः नवजात शिशुओं और किशोरों में देखने को मिलते हैं। ये ट्यूमर पुरुषों में थोड़ा अधिक आम हैं। वपिछले विकिरण चिकित्सा उपचार से NRSTS होने का जोखिम बढ़ भी सकता है।
पीढ़ी-दर-पीढ़ी चलने वाली कुछ स्थितियाँ NRSTS का जोखिम बढ़ा सकती हैं। इनमें शामिल है:
- ली-फ़्रॉमेनी सिंड्रोम
- न्यूरोफाइब्रोमैटोसिस टाइप 1
- पारिवारिक एडिनोमेटस पॉलीपोसिस
- वेर्नर सिंड्रोम
- रेटिनोब्लास्टोमा 1 जीन बदलाव
- SMARCB1 जीन बदलाव
- मिसमैच रिपेयर सिंड्रोम
- जुवेनाइल मायोफ़ाइब्रोमटोसिस टाइप 1
NRSTS बीमारी की पहचान करना
NRSTS के निदान के लिए कई प्रकार की प्रक्रियाओं और परीक्षणों का उपयोग किया जाता है। इनमें शामिल है:
- लक्षणों, सामान्य स्वास्थ्य, पिछली बीमारी और जोखिम कारकों के बारे में जानने के लिए स्वास्थ्य इतिहास , शारीरिक परीक्षा और खून की जांचें ।
- प्राथमिक ट्यूमर का आकलन करने के लिए MRI या सीटी स्कैन सहित इमेजिंग जांचें।
- एक बायोप्सी (टुकड़ा निकालना) ट्यूमर की
- फेफड़ों में कैंसर फैलने की जांच के लिए छाती का सीटी स्कैन
- कैंसर की तलाश के लिए हड्डी स्कैन या PET स्कैन द्वारा पूरे शरीर की इमेजिंग जो हड्डी में तथा शरीर के अन्य भागों में फैल चुका है
- लसीका आसंधियों (लिम्फ नोड) की इमेजिंग और बायोप्सी
NRSTS के स्तर का पता लगाना
नरम ऊतक सारकोमा को उसके स्तर द्वारा वर्गीकृत किया जाता है। स्टेजिंग (अवस्था निर्धारण) ट्यूमर की विशेषताओं पर आधारित होती है, जैसे:
- आकार
- क्या वह फैल गया है
- ट्यूमर का ग्रेड (श्रेणी)
NRSTS का उपचार
सर्जरी
कैंसर को जितना संभव हो उतना निकालने के लिए सर्जरी का उपयोग किया जाता है। डॉक्टर ट्यूमर के चारों ओर के ऊतकों की एक छोटी मात्रा और पास की लसीका ग्रंथियों को भी निकाल देते हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पीछे कोई कैंसर बाकी न रह जाए।
यदि बिना किसी कैंसर कोशिकाओं को छोड़े ट्यूमर को पूरी तरह निकाला जा सकता है तो कम जोखिम वाले बीमारी का इलाज केवल सर्जरी से हो सकता है।
विकीरण चिकित्सा
जिन NRSTS को सर्जरी से पूरी तरह नहीं निकाला जा सकता उनका इलाज करने के लिए विकीरण चिकित्सा का उपयोग किया जा सकता है। कुछ स्थितियों में, ट्यूमर को निकालना आसान बनाने के लिए सर्जरी से पहले रेडिएशन का उपयोग किया जा सकता है।
कीमोथेरेपी
कीमोथेरेपी कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने या उन्हें बढ़ने तथा नई कैंसर कोशिकाएं बनाने से रोकने के लिए शक्तिशाली दवाइयों का उपयोग करती है। अधिकांश NRSTS रोगियों को कीमोथेरेपी से अधिक लाभ नहीं मिलता है।
इसका उपयोग अधिकांशतः हाई-रिस्क रोगियों के उपचार के लिए किया जाता है। इनमें ऐसे रोगी शामिल हैं जिनका बीमारी फैल गया है या जिनका सर्जरी से उपचार नहीं हो सकता है।
लक्षित उपचार
वैज्ञानिक NRSTS के उपचार के लिए टारगेटेड थेरेपी का अध्ययन कर रहे हैं। ये दवाएं कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने से रोकने के लिए उनके विशेष लक्ष्य क्षेत्रों पर कार्य करती हैं। कुछ चिकित्साएं विशिष्ट रूप से ।NRSTS के उपप्रकारों के लिए होती हैं। इनमें से कई इलाजों का नैदानिक परीक्षणों में अध्ययन किया जा रहा है।
NRSTS के लिए पूर्वानुमान
NRSTS के ठीक होने की संभावना इन पर निर्भर करती है:
- ट्यूमर का प्रकार
- शरीर के किस भाग में ट्यूमर का निर्माण हुआ है
- ट्यूमर की श्रेणी और कोशिकाएं माइक्रोस्कोप में कैसी दिखती हैं (शरीरकोष विज्ञान); निम्न श्रेणी के ट्यूमर में बेहतर पूर्वानुमान होता है।
- ट्यूमर का आकार बड़े ट्यूमरों (5 cm से बड़े) का उपचार कठिन होता है
- ट्यूमर, त्वचा में कितनी गहराई में स्थित है
- कैंसर लसिका ग्रंथियों या शरीर के अन्य भागों में फैला है (मेटास्टैटिक) या नहीं
- क्या सर्जरी से ट्यूमर पूरी तरह निकल सकता है या नहीं
- कैंसर पहली बार हुआ है या दोबारा हुआ है
- क्या कैंसर का इलाज करने के लिए रेडिएशन का उपयोग किया गया है
जिन रोगियों में ट्यूमर कुछ विशिष्ट मानदंडों को पूरा करता है, उनमें बीमारी‑पूर्वानुमान बेहतर होता है:
लगभग 15% रोगियों में बीमारी की पहचान करते समय कैंसर फैला हुआ होता है। NRSTS कैंसर के फैलाव का सबसे आम स्थान फेफड़ा है।
ऐसा बहुत ही कम होता है कि NRSTS हड्डी या लसिका ग्रंथियों तक फैलता हो।
यदि बीमारी की पहचान करते समय कैंसर पहले से ही फैला हुआ होता है (मेटास्टैटिक बीमारी), तो इसमें लंबे समय तक जीवित रहने की संभावना 20% से भी कम होती है।
उपचार बाद लौटे NRSTS का उपचार कठिन होता है। ठीक होने की संभावना कम है। कोई क्लिनिकल परीक्षण भी एक विकल्प हो सकता है।
कैंसर-निर्देशित थेरेपी के साथ जीवन की गुणवत्ता को संतुलित बनाए रखना आवश्यक है। अपनी देखभाल टीम से बात करें कि कौन सी समस्याएं आ सकती हैं और कौन से तरीके उनका प्रबंधन करने में मदद कर सकते हैं।