ओस्टियोसारकोमा किसी भी हड्डी में हो सकता है। लेकिन यह आम तौर पर पैर या बाँह की लंबी हड्डियों के चौड़े सिरों के भीतर बनता है। यह ज़्यादातर हड्डी की अपरिपक्व कोशिकाओं में होना शुरू होता है, जो हड्डी के नए ऊतक का निर्माण करती हैं।
ओस्टियोसारकोमा होने के कुछ सबसे आम स्थान इस प्रकार हैं:
- घुटने के पास जाँघ की हड्डी का निचला भाग
- पिंडली का ऊपरी भाग
- कंधे के पास ऊपरी बाँह की हड्डी
यह कभी-कभी सपाट हड्डियों जैसे कि पेडू या खोपड़ी में भी निर्मित होता है।
दुर्लभ स्थितियों में, हड्डियों का कैंसर (ओस्टियोसारकोमा) हड्डी के अलावा कोमल ऊतक में निर्मित हो सकता है।
हड्डियों के कैंसर (ओस्टियोसारकोमा) हड्डी के अंदर या हड्डी की बाहरी सतह पर निर्मित हो सकते हैं। बच्चों में होने वाले अधिकांश हड्डियों के कैंसर (ओस्टियोसारकोमा) हड्डी के अंदर स्थित होते हैं।
हड्डियों के कैंसर (ओस्टियोसारकोमा) का इलाज आमतौर पर कीमोथेरेपी द्वारा और उसके बाद सर्जरी द्वारा किया जाता है।
जिन बच्चों में केवल एक स्थान पर ऐसा ओस्टियोसारकोमा होता है जिसे सर्जरी से निकाला जा सकता है, उनमें दीर्घकाल तक बीमारी-मुक्त रहने की संभावना 65–70% होती है। यदि पहचान के समय कैंसर फैल चुका है तो उत्तरजीविता की दरें कम होती हैं।
हड्डियों के कैंसर (ओस्टियोसारकोमा) के लक्षण
हड्डियों का कैंसर (ओस्टियोसारकोमा) हड्डी को क्षतिग्रस्त या कमज़ोर कर देता है। लक्षण ट्यूमर के स्थान पर निर्भर करते हैं। शुरुआत में उनका दिख या महसूस हो पाना कठिन हो सकता है। वे अन्य स्थितियों के लक्षणों जैसे भी हो सकते हैं।
हड्डियों के कैंसर (ओस्टियोसारकोमा) के लक्षणों में निम्नलिखित शामिल हैं:
- हड्डी या जोड़ों में दर्द होना
- जोड़ वाली जगह को हिलाने में समस्याएं
- हड्डी के ऊपर कोई गाँठ या सूजन
- लंगड़ाहट या चलने में समस्या
- हड्डी का टूटना
दर्द सप्ताह या महीनों में और बढ़ जाता हो। दर्द के कारण आपका बच्चा आधी रात को जाग जाता हो।
डॉक्टर के पर्चे के बिना मिलने वाली दर्द निवारक दवाइयां जैसे आइबुप्रोफ़ेन या एसिटामिनोफ़ेन से अधिक समय तक पर्याप्त रूप से दर्द में राहत न मिलती हो।
ओस्टियोसारकोमा के जोखिम कारक
ओस्टियोसारकोमा आम तौर पर 10 वर्ष की उम्र के बाद होता है। 5 वर्ष की उम्र से पहले यह दुर्लभ है।
इन कारकों से हड्डियों का कैंसर (ओस्टियोसारकोमा) होने का जोखिम बढ़ सकता है:
- हड्डियों का कैंसर (ओस्टियोसारकोमा) अक्सर महिलाओं की तुलना में पुरुषों में थोड़ा ज़्यादा सामान्य होता है।
- अश्वेत बच्चों में ओस्टियोसारकोमा का जोखिम श्वेत बच्चों से अधिक होता है।
- कैंसर से जीवित बचे लोग जिनका उपचार विकीरण चिकित्सा से हुआ था उनमें ओस्टियोसारकोमा होने का अधिक जोखिम होता है।
- आनुवांशिक कारकों से हड्डियों का कैंसर (ओस्टियोसारकोमा) होने का जोखिम बढ़ सकता है। बहुत थोड़े-से बच्चों की जीन में ऐसे बदलाव होते हैं जिनसे उनमें कुछ कैंसरों का जोखिम बढ़ जाता है। अधिक जोखिम वाले लोगों में शामिल हैं जिन्हें है/जिनका है:
- ऐसा रेटिनोब्लास्टोमा जो पीढ़ी-दर-पीढ़ी चलता है
- कई कैंसरों का इतिहास
- परिवार में इनका मज़बूत इतिहास
- पीढ़ी-दर-पीढ़ी चलने वाली अन्य दुर्लभ स्थितियाँ भी ओस्टियोसारकोमा का जोखिम बढ़ा सकती हैं। इनमें शामिल है:
ओस्टियोसारकोमा का निदान
ओस्टियोसारकोमा का निदान करने के लिए कई जांचों का उपयोग किया जाता है। इनमें शामिल हैं:
- स्वास्थ्य इतिहास और शारीरिक परीक्षा
- लक्षणों, सामान्य स्वास्थ्य, पिछली अस्वस्थताओं और जोखिम कारकों के बारे में जानने के लिए रक्त की जांचें।
- ट्यूमर का पता लगाने और अन्य आवश्यक जांचों का निर्धारण करने में मदद के लिए इमेजिंग जांचें।
- एक्स-रे , यह देखने के लिए कि क्या ओस्टियोसारकोमा हड्डी के अन्य भागों तक फैल गया है।
- एक छाती का सीटी स्कैन यह देखने के लिए कि हड्डियों का कैंसर (ओस्टियोसारकोमा) फेफड़ों तक फैला है या नहीं।
- ट्यूमर का आकलन करने और सर्जरी की योजना बनाने में सहायता के लिए MRI का उपयोग किया जाता है।
- शरीर के अन्य भागों में हड्डियों का कैंसर (ओस्टियोसारकोमा) फैला है या नहीं इसका पता लगाने के लिए हड्डी के स्कैन या PET स्कैन का इस्तेमाल करते हुए पूरे शरीर की इमेजिंग की जाती है।
- बायोप्सी (टुकड़ा निकालना)। बायोप्सी में चिकित्सक ट्यूमर से ऊतक का एक छोटा सा भाग निकालता है। चिकित्सक कैंसर के संकेत ढूँढने के लिए कोशिकाओं को माइक्रोस्कोप से देखेंगे।
हड्डियों के कैंसर (ओस्टियोसारकोमा) के स्तर
हड्डियों के कैंसर (ओस्टियोसारकोमा) को आमतौर पर स्थानिक (एक जगह या अंग तक सीमित) या मेटास्टैटिक (कैंसर फैला हुआ) के रूप में वर्णित किया जाता है।
- एक जगह या अंग तक सीमित ओस्टियोसारकोमा का यह अर्थ है कि केवल 1 स्थान पर एक ट्यूमर है।
- मेटास्टॅटीक ओस्टियोसारकोमा का यह अर्थ है कि कैंसर अन्य स्थानों तक फैल गया है।
हड्डियों के कैंसर (ओस्टियोसारकोमा) का उपचार
हड्डियों के कैंसर (ओस्टियोसारकोमा) का इलाज आमतौर पर कीमोथेरेपी द्वारा और उसके बाद सर्जरी द्वारा किया जाता है।
यदि ट्यूमर निकाला नहीं जा सकता है या सर्जरी के बाद बीमारी का कोई अंश बच गया है तो विकीरण चिकित्सा जैसे अन्य उपचार ज़रूरी हो सकते हैं।
हड्डियों के कैंसर (ओस्टियोसारकोमा) के लिए पूर्वानुमान
पूर्वानुमान बहुत से कारकों पर निर्भर करता है:
- कैंसर शरीर के अन्य भागों में फैला है या नहीं
- ट्यूमर को पूरी तरह से निकालने की सर्जरी की क्षमता
- ट्यूमर में कीमोथेरेपी से लाभ
- क्या कैंसर वापस आगया है
एक एकल, एक जगह या अंग तक सीमित हड्डियों के कैंसर (ओस्टियोसारकोमा) वाले मरीज़ जिनमें से इस ट्यूमर को पूरी तरह से निकाला जा सकता है, उनके लंबे समय तक ठीक रहने की 65-70% संभावना होती है।
यदि बीमारी की पहचान करते समय हड्डियों का कैंसर (ओस्टियोसारकोमा) पहले से ही फैला हुआ है, तो इसमें जीवित रहने की संभावना लगभग 30% होती है।
लगभग 30% मरीज़ों में कैंसर वापस आ जाता है। यह ज़्यादातर फेफड़ों में होता है।
जिनमें रिलैप्स होता है उनके ठीक होने की संभावना निम्नादि कारकों पर निर्भर करती है:
- ट्यूमर निकालने की योग्यता
- रिलैप्स कब होता है। पहचान से 18 महीनों के भीतर लौट आने वाले कैंसर का उपचार इसके बाद लौटने वाले कैंसर की तुलना में आम तौर पर अधिक कठिन होता है।
यदि कैंसर का उपचार होने के बाद वह वापस आता है, तो 10-वर्षीय उत्तरजीविता दर लगभग 17% होती है। थेरेपी में प्रगतियाँ कुछ बच्चों को मदद देना जारी रखे हुई हैं।
संभावित समस्याओं और उन्हें प्रबंधित करने के तरीकों के बारे में अपनी केयर टीम से बात करें। प्रशामक (पैलिएटिव) देखभाल आपको लक्षणों का प्रबंधन करने, जीवन की गुणवत्ता को बढ़ावा देने और जानकार निर्णय लेने में मदद दे सकती है।
हड्डियों का कैंसर (ओस्टियोसारकोमा) के बाद जीवन
कैंसर की वापसी की निगरानी
कैंसर लौट आया है या नहीं यह देखने के लिए आपके बच्चे को हर कुछ महीनों पर फ़ॉ़लो-अप देखभाल की ज़रूरत है। ये मुलाकातें उपचार खत्म होने के कई वर्षों बाद तक होती हैं।
स्क्रीनिंग परीक्षणों में आम तौर पर ये शामिल होते हैं:
- खून की जाँचें
- फेफड़ों के CT स्कैन
- प्रभावित हड्डी के एक्स-रे
वे मरीज़ जो कुछ वंशानुगत सिंड्रोम या आनुवांशिक स्थितियों से ग्रस्त हैं, उनमें भविष्य में कैंसर होने का जोखिम हो सकता है। उन्हें अन्य अनुवर्तन देखभाल की ज़रूरत हो सकती है।
अंग को बचा कर ट्यूमर निकालने की सर्जरी या अंगविच्छेदन के बाद जीवन
अंगविच्छेदन या अंग को बचा कर ट्यूमर निकालने की सर्जरी करवाने वाले अधिकांश ओस्टियोसारकोमा मरीज़ समय के साथ बेहतर परिणाम प्राप्त करते हैं।
वे अच्छी शारीरिक क्रिया और जीवन की गुणवत्ता होने की रिपोर्ट करते हैं। अनुवर्तन देखभाल महत्वपूर्ण है।
आपके बच्चे को मांसपेशियों और हड्डियों की कार्यक्षमता की जाँच के लिए वार्षिक जाँच करवानी चाहिए। यह सुनिश्चित करना आवश्यक होता है कि कोई लंबे अरसे से चली आ रही समस्याएं तो नहीं हैं। अंग की असमान लंबाई, आपके बच्चे के चलने के तरीके में परिवर्तन, जोड़ों की समस्याओं या अन्य समस्याओं के कारण क्रॉनिक (पुराना) दर्द या अक्षमता हो सकती है।
- यदि आपके बच्चे की बाँह या पैर काटा गया था, तो उसे अपनी प्रॉस्थेटिक बाँह या पैर की कार्यक्षमता बनाए रखने के लिए वार्षिक जाँच भी करवानी चाहिए।
- यदि आपके बच्चे को कोई बोन ग्राफ़्ट और/या मेटल इंप्लांट लगा है तो आपके बच्चे को किसी ऑर्थोपेडिक सर्जन से वर्ष में एक बार जाँच करवानी चाहिए।
- यदि आपके बच्चे की लिम्ब-स्पेयरिंग सर्जरी (अंग बचाने वाली सर्जरी) हुई है, तो वयस्क होने तक अंग की लंबाई बढ़ाने के लिए उन्हें अन्य ऑपरेशनों की आवश्यकता हो सकती है
हड्डियों के कैंसर (ओस्टियोसारकोमा) के बाद स्वास्थ्य
बीमारी से ठीक होकर जीवित बचे सभी लोगों को एक प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल प्रदाता द्वारा नियमित जांच और स्क्रीनिंग करानी जारी रखनी चाहिए। हम आपके बच्चे को शारीरिक रूप से सक्रिय रहने, स्वस्थ आहार लेने और पर्याप्त नींद लेने का सुझाव देते हैं। जीवनशैली की ये आदतें संपूर्ण स्वास्थ्य को बढ़ावा देती हैं और बीमारीों की रोकथाम में मदद करती हैं।
हड्डी के कैंसर से बचने वाले लोग कम सक्रिय होते हैं। स्वास्थ्य, फिटनेस और शारीरिक क्रियाओं को बनाए रखने के लिए नियमित व्यायाम आवश्यक है। यह ऐसे मरीज़ों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है जिनकी लिम्ब-स्पैरिंग (बाँह या पैर बचाने वाली) सर्जरी हुई थी या जिनकी बाँह या पैर को काटा गया था।
कैंसर से ठीक हुए वे लोग जिनका इलाज पूरे शरीर में कीमोथेरपी या रेडिएशन देकर किया गया था, उनकी थेरेपी के देरी से दिखाई देने वाले प्रभावों के लिए निगरानी की जानी चाहिए।
उपचार खत्म होने के बाद आपके बच्चे की देखभाल टीम को आपको एक उत्तरजीविता देखभाल योजना देनी चाहिए। इस रिपोर्ट में आवश्यक स्क्रीनिंग टेस्ट (जांच) और स्वस्थ जीवनशैली के लिए सुझाव शामिल होंगे।
यदि आपने ओस्टियोसारकोमा का उपचार कराया है या आपको विलंबित प्रभाव हैं, तो अपने बच्चे के स्वास्थ्य देखभाल प्रदाता से बात करें। हमेशा अपनी देखभाल टीम द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करें।