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एंटरल पोषण (नली के द्वारा पोषण)

एंटरल पोषण क्या है?

एनजी ट्यूब दिखाई दे रही है और कैंसर से ग्रस्त नवजात शिशु मुस्कुरा रहा है

अस्वस्थता और रिकवरी के दौरान, आपके बच्चे को उसकी ज़रूरत की कैलोरी और पोषक तत्व पाने में मदद के लिए फ़ीडिंग ट्यूब की ज़रूरत पड़ सकती है।

ट्यूब फ़ीडिंग, जिसे एंटेरल (आंत्रीय) पोषण भी कहते हैं, द्रव या फ़ॉर्मुला रूप में पोषण प्रदान करती है। यह ऐसे बच्चों की मदद करती है जिन्हें मुँह से खाने या पीने के द्वारा पर्याप्त कैलोरी या पोषक तत्व नहीं मिल पाते हैं। खिलाने वाली नली के माध्यम से कुछ दवाइयां भी दी जा सकती हैं। 

एंटेरल (आंत्रीय) पोषण आपके बच्चे का पूरा पोषण या उसका कोई भाग प्रदान कर सकता है। कई बच्चे फ़ीडिंग ट्यूब लगी होने पर भी मुँह से चीज़ें खा और पी पाते हैं।     

अपने बच्चे को यह समझने में मदद देना महत्वपूर्ण है कि फ़ीडिंग ट्यूब कोई सज़ा नहीं है। पोषण सहायता की ज़रूरत पड़ना उनकी गलती नहीं है। वृद्धि, ऊर्जा और ठीक होने के लिए अच्छा पोषण महत्वपूर्ण होता है। आपका डायटीशियन ट्यूब फ़ीडिंग की योजना बनाने के लिए आप और आपके स्वास्थ्य देखभाल प्रदाता के साथ काम करेगा। डायटीशियन एक ऐसा स्वास्थ्य पेशेवर होता है जिसे आहार और पोषण में विशेष प्रशिक्षण मिला होता है।  

डायटीशियन आपके बच्चे की इन चीज़ों की ज़रूरतों के आधार पर उसका पोषण फ़ॉर्मुला निर्धारित करेगा: 

  • कैलोरी 
  • हाइड्रेशन (जलयोजन) 
  • कार्बोहाइड्रेट 
  • वसा 
  • प्रोटीन 
  • विटामिन और खनिज 

खिलाने वाली नलियों के प्रकार

फ़ीडिंग ट्यूब सीधे पेट या आँत में द्रव पोषण पहुँचाती हैं। एंटरल फ़ीडिंग के लिए, खिलाने वाली नली लगाने के दो मुख्य तरीके हैं: 

  1. नाक के माध्यम से (ऑपरेशन के बगैर) 
  2. पेट में एक छोटा सा कट या चीरा (ऑपरेशन) के माध्यम से 

सबसे सामान्य फ़ीडिंग ट्यूब में शामिल हैं नेज़ोगैस्ट्रिक (NG) ट्यूब (नाक के ज़रिए) और गैस्ट्रॉस्टमी (G) ट्यूब (एक चीरे के ज़रिए)। लेकिन पाचन प्रणाली में ट्यूब कैसे और कहां रखा जाता है, इसके आधार पर कई प्रकार के खिलाने वाली नली होते हैं। 

खिलाने वाली नली लगाने के बारे में ज़्यादा जानें

एंटेरल (आंत्रीय) फ़ीडिंग कैसे काम करती है

कई रोगी ट्यूब फ़ीडिंग के लिए बने मानक फ़ॉर्मुलों (पोषक तत्वों के द्रव मिश्रणों) से पोषण पा सकते हैं। अन्य बच्चों को चिकित्सीय स्थितियों, जैसे एलर्जी, डायबिटीज़ या पाचन समस्याओं, के लिए विशेष फ़ॉर्मुलों की ज़रूरत होती है। नवजात शिशुओं के लिए अक्सर माँ के दूध को वरीयता दी जाती है।

ट्यूब फ़ीडिंग देने के 3 मुख्य तरीके हैं: 

  • बोलस फ़ीडिंग: रोगियों को दिन में कई बार फ़ॉर्मुला की बड़ी खुराक दी जाती हैं। उनका समय आम तौर पर सामान्य खान-पान दिनचर्या जैसा होता है।
  • कंटीन्युअस फ़ीडिंग: एक इलेक्ट्रॉनिक पंप दिन में अधिकतम 24 घंटों तक, लंबी समयावधियों के दौरान फ़ॉर्मुला की छोटी-छोटी मात्राएँ देता है। कुछ बच्चों को उबकाई और उल्टियाँ रोकने में मदद के लिए इस प्रकार की फ़ीडिंग की ज़रूरत हो सकती है।
  • ग्रैविटी फ़ीडिंग: फ़ॉर्मुला एक IV पोल पर लटके एक फ़ीडिंग बैग के ज़रिए धीमी गति से बूँद-बूँद करके टपकता है। ग्रैविटी फ़ीडिंग के उपयोग के लिए समय की अवधि अलग-अलग रोगियों में अलग-अलग होती है। ग्रैविटी फ़ीडिंग एक कम तकनीकी, मैन्युअल विकल्प है जो घर पर अच्छे से काम करता है।

नली के द्वारा पोषण के दुष्प्रभाव

नली के द्वारा पोषण के सबसे सामान्य दुष्प्रभाव जी मिचलाना और उल्टी, पेट में ऐंठन, दस्त, कब्ज और पेट फूलना हैं। 

अन्य संभावित दुष्प्रभावों में निम्न हो सकते हैं: 

  • जहाँ ट्यूब लगी है वहाँ संक्रमण या जलन 
  • ट्यूब अपनी जगह से हट रही है या निकल रही है 
  • फ़ॉर्मूला फेफड़ों में जा रहा है 

आप देखभाल और फ़ीडिंग के निर्देशों का पालन करके अधिकांश साइड इफ़ेक्ट की रोकथाम कर सकते हैं। जलन या संक्रमण को रोकने के लिए ट्यूब स्थान के आसपास त्वचा की देखभाल के लिए निर्देशों का पालन करें। सुनिश्चित करें कि आपका बच्चा ट्यूब को न तो छुए और न खींचे।  

अपने पोषण पेशेवर के साथ नज़दीकी से काम करना महत्वपूर्ण है। पोषण की ज़रूरत स्वास्थ्य कारकों और उल्टी या दस्त जैसे दुष्प्रभावों के आधार पर बदल सकती है। 

घर पर ट्यूब फ़ीडिंग

खिलाने वाली नली लगे हुए भी बच्चे घर जा सकते हैं। देखभाल टीम सुनिश्चित करेगी कि आप जानते हों कि ये काम कैसे करने हैं: 

  • अपने बच्चे का फ़ॉर्मुला मिलाना 
  • फ़ीडिंग देना 
  • फ़ीडिंग ट्यूब की देखभाल करना 

आपूर्ति की जरूरत

  • फ़ॉर्मुला: अधिकांश फ़ॉर्मूला इस्तेमाल करने के लिए तैयार मिलते हैं। कुछ फ़ॉर्मूला पाउडर या तरल के रूप में आते हैं जिन्हें आप पानी के साथ मिलाते हैं।
  • सिरिंज: बिना नीडल की सिरिंज जो फ़ीडिंग ट्यूब से जुड़ती है (ENFit सिरिंज)
  • फ़ीडिंग पंप, यदि कंटीन्युअस या ग्रैविटी फ़ीडिंग का उपयोग कर रहे हैं
  • ट्यूबिंग के साथ फ़ॉर्मुला बैग, यदि कंटीन्युअस या ग्रैविटी फ़ीडिंग का उपयोग कर रहे हैं
  • अंतःशिरा पोल, यदि कंटीन्युअस या ग्रैविटी फ़ीडिंग का उपयोग कर रहे हैं
  • फ़ीडिंग अडैप्टर ट्यूब, यदि आपके बच्चे को "बटन" G-ट्यूब लगी है

घर पर ट्यूब फ़ीडिंग के सुझाव

घर पर ट्यूब फ़ीडिंग के लिए इन सुझावों को ध्यान में रखें: 

  • फ़ीडिंग देने से पहले और बाद में या फ़ीडिंग ट्यूब की देखभाल करने से पहले और बाद में हमेशा साबुन व पानी से हाथ धोएँ या हैंड सैनिटाइज़र का उपयोग करें। 
  • फ़ीडिंग के लिए अपने बच्चे को सीधे बैठाएँ या किसी झुकी सतह पर बैठाएँ ताकि उसका सिर उसके पेट से ऊँचा हो। 
  • फ़ीडिंग के दौरान सिरिंज या बैग को पूरी तरह से खाली न होने दें। यदि फ़ीडिंग ट्यूब में हवा चली जाए तो वह पेट फूलने की समस्या या तकलीफ़ पैदा कर सकती है। 
  • जी मिचलाना, उल्टी, पेट में सूजन या चिड़चिड़ापन के लक्षण देखें। यदि ये चीज़ें हों, तो फ़ीडिंग रोकें और अपने स्वास्थ्य देखभाल प्रदाता से संपर्क करें। 
  • जलन या संक्रमण के संकेत के लिए जहां ट्यूब लगी है वहां के आसपास की त्वचा की जांच करें। 
  • हर इस्तेमाल के बाद सिरिंज (और एडेप्टर अगर इस्तेमाल किया गया है तो) को गर्म पानी और बर्तन धोने वाले साबुन से धो लें। 
  • निर्देशानुसार फ़ॉर्मुला तैयार करें और स्टोर करें:   
    • मिक्स किए गए फ़ॉर्मूले को फ्रिज में रखें और 24 घंटे के बाद फ़ेंक दें।  
    • रेडी-टू-फीड फॉर्मूला को तब तक फ्रिज में रखने की ज़रूरत नहीं होती, जब तक कि उन्हें खोला न गया हो। एक बार खुल जाने पर, वह केवल 24 घंटों तक ही खिलने योग्य रहता है।  
    • 24 घंटे या उससे अधिक समय के लिए रेफ्रिजरेटर में खोलकर रखे गए किसी भी तैयार फ़ॉर्मूले को फेंक दें। 

स्वस्थ खान-पान समय की दिनचर्या बनाकर रखना

फ़ीडिंग को आरामदेह और तनाव-मुक्त बनाने की कोशिश करें। अपने बच्चे से बात करें और मज़े करें। इससे आपके बच्चे को अनुकूलित होने और फ़ीडिंग के बारे में बेहतर महसूस करने में मदद मिलेगी। 

सामान्य भोजन दिनचर्या बनाए रखने में मदद के लिए विभिन्न आयु वर्गों हेतु कुछ सुझाव इस प्रकार हैं: 

  • शिशु: फ़ीडिंग के दौरान अपने शिशु को अपनी बाँहों में थामें। अपने बच्चे से बात करें, उसे कोई गीत सुनाएँ, नज़रें मिलाएँ और एक खास जुड़ाव समय बनाएँ। 
  • एक से तीन वर्ष के बच्चे: अपने बच्चे को उसी कुर्सी पर बैठने दें जिस पर वह फ़ीडिंग ट्यूब लगने से पहले बैठता था। उसे बर्तन पकड़ने दें या नकली भोजन से खेलने दें। 
  • बड़े बच्चे: भोजन के समयों पर अपने बच्चे को परिवार संग बैठाएँ। भोजन की योजना बनाने और भोजन तैयार करने में अपने बच्चे को शामिल करें। इस समय को एक-दूसरे से जुड़ने का खास समय बनाएँ। 

मुँह और चेहरे की हरकतों का अभ्यास करना

अपने बच्चे को उसके मुँह और होंठों का उपयोग जारी रखने में मदद दें ताकि वह मुँह से खाने के मामले में सहज रह सके। स्पर्श, खेलों और आयु-उपयुक्त गतिविधियों का उपयोग करने से मुखीय कौशल और सजगता विकसित होती है। इससे आपके बच्चे को बाद में खाना व पीना अधिक आसानी से दोबारा शुरू करने में मदद मिल सकती है।  

  • शिशु:अपने शिशु को कोई पैसिफ़ायर, खिलौना या कंपन करने वाला टीथर दें। फ़ीडिंग के दौरान अपने शिशु के होंठों, मुँह और मसूढ़ों को छुएँ। आप गीत गाते हुए या साथ मिलकर मज़ेदारा आवाज़ें निकालते हुए अपने शिशु को छू सकते हैं, सहला सकते हैं या थपथपा भी सकते हैं। 
  • एक से तीन वर्ष के बच्चे: फ़ीडिंग के दौरान अपने बच्चे के होंठों, मुँह या मसूढ़ों को छुएँ। अपने बच्चे को मुँह में लेने वाले खिलौने दें। उनसे ऐसी मज़ेदार आवाज़ें निकलवाएँ जिनमें मुँह को अलग-अलग ढंग से चलाना होता है। फ़ीडिंग के दौरान अलग-अलग सतही बनावट वाली चीज़ें अपने बच्चे के चेहरे पर रगड़ें। 
  • प्रीस्कूल और स्कूली उम्र के बच्चे:फ़ीडिंग के दौरान अपने बच्चे से बुलबुले बनवाएँ या वाद्य यंत्र बजवाएँ। 

स्पीच-लैंग्वेज पैथॉलजिस्ट आपके बच्चे को फ़ीडिंग और निगलने के लिए ज़रूरी कौशलों के विकास में मदद देने के लिए मुखीय उद्दीपन टूल या स्पीच थैरेपी की गतिविधियाँ सुझा सकता है। 

अपनी देखभाल टीम को कब कॉल करें

अपने बच्चे की देखभाल टीम को कॉल करें यदि आप निम्न स्थितियों को नोटिस करते हैं:

  • उल्टियाँ या दस्त जो रुक न रहे हों
  • वज़न में ऐसी कमी या वृद्धि जो असामान्य लगे
  • पानी की कमी के संकेत (मुँह सूखना, सूखे डायपर, गहरा पीला मूत्र)
  • ट्यूब के स्थान के आस-पास लालिमा, सूजन या रिसाव
  • बुखार या संक्रमण के संकेत
  • ट्यूब की समस्याएँ, जैसे ट्यूब बाहर निकल आना, रिसना या अवरुद्ध हो जाना
  • ट्यूब या नाक से फ़ॉर्मुला रिसना
  • फ़ीडिंग के दौरान खाँसी, गला घुटना या साँस लेने में परेशानी
  • फ़ीडिंग के दौरान या बाद में पेट में दर्द, पेट फूलना या चिड़चिड़ापन
  • व्यवहार में बदलाव, जैसे अधिक थकान, चिड़चिड़ापन या सामान्य से कम सक्रियता

आपकी देखभाल टीम से पूछने के लिए प्रश्न

  • मेरे बच्चे को फ़ीडिंग ट्यूब की ज़रूरत क्यों है?
  • मेरे बच्चे को कब तक ट्यूब फ़ीडिंग की ज़रूरत रहेगी?
  • क्या मेरा बच्चा अभी-भी मुँह से खा या पी सकता है?
  • मेरे बच्चे के लिए किस प्रकार का फ़ॉर्मुला सर्वोत्तम है?
  • मुझे कैसे पता चलेगा कि मेरे बच्चे को पर्याप्त पोषण मिल रहा है या नहीं?
  • यदि मेरे बच्चे को साइड इफ़ेक्ट हों, जैसे उल्टियाँ या दस्त, तो मुझे क्या करना चाहिए?
  • मैं घर पर फ़ीडिंग ट्यूब की देखभाल कैसे करूँ?
  • मुझे किन सामानों की ज़रूरत होगी?
  • यदि मेरे कोई प्रश्न या चिंताएँ हों तो मैं किसे कॉल करूँ?

ट्यूब फ़ीडिंग के बारे में मुख्य बिंदु

  • एंटेरल (आंत्रीय) पोषण (ट्यूब फ़ीडिंग) आपके बच्चे को उसकी ज़रूरत का पोषण तब देता है जब उसे वह मुँह से खाने या पीने के द्वारा नहीं मिलता है।
  • ट्यूब फ़ीडिंग सीधे पेट या आँत में द्रव पोषण पहुँचाती है।
  • कई बच्चे फ़ीडिंग ट्यूब लगी होने पर भी मुँह से चीज़ें खा या पी पाते हैं।
  • डायटीशियन आपके बच्चे की उम्र, स्वास्थ्य और पोषण संबंधी ज़रूरतों के आधार पर सही फ़ॉर्मुला चुनने में मदद करेगा।
  • फ़ीडिंग देने के कई तरीके हैं - बोलस, कंटीन्युअस या ग्रैविटी - जो इस पर निर्भर हैं कि आपके बच्चे के लिए कौनसा तरीका सबसे उपयुक्त है।
  • घर पर देखभाल के लिए अपनी देखभाल टीम के निर्देशों का पालन करें, जिनमें शामिल है कि फ़ॉर्मुला तैयार और स्टोर कैसे करें, फ़ीडिंग कैसे दें और किन समस्याओं पर नज़र रखें।


समीक्षित: दिसंबर 2025

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