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खिलाने वाली नली (फीडिंग ट्यूब) वाले स्थानों के लिए त्वचा की देखभाल

एक छोटा लड़का मंकी बार से लटका हुआ है और एक फ़ीडिंग ट्यूब दिख रही है।

फ़ीडिंग ट्यूब के स्थानों की उचित देखभाल से त्वचा पर खुजली व जलन तथा अन्य समस्याओं की रोकथाम में मदद मिल सकती है।

ट्यूब फ़ीडिंग, जिसे एंटेरल (आंत्रीय) पोषण भी कहते हैं, एक खोखली नली के माध्यम से तरल पोषण प्रदान करती है, जो सीधे पेट या आंत में जाती है। फ़ीडिंग ट्यूब लगाने के 2 मुख्य तरीके हैं: नाक से होकर (नेज़ोगैस्ट्रिक) और उदर में एक छोटे चीरे से होकर (गैस्ट्रॉस्टमी)।

यदि आपके बच्चे को कोई फ़ीडिंग ट्यूब लगी है तो ट्यूब के आस-पास की त्वचा की देखभाल करना महत्वपूर्ण है। इससे असुविधा घटेगी और संक्रमण व अन्य समस्याओं का जोखिम घटेगा।

खिलाने वाली नली वाले स्थानों के लिए सामान्य देखभाल

  • ट्यूब के आसपास की त्वचा को साफ़ और सूखी रखें।
  • ट्यूब की जाँच करने या ट्यूब के माध्यम से पोषण या दवाएँ देने से पहले, हमेशा अपने हाथों को साबुन और पानी से धोएँ या हैंड सैनिटाइज़र का उपयोग करें।
  • कम से कम प्रतिदिन एक बार, ट्यूब और आसपास की त्वचा की दिखावट में होने वाले परिवर्तनों को देखें। लालिमा, खुजली व जलन, दर्द, रक्तस्राव या स्राव के संकेतों की जाँच करें।
  • त्वचा के खिलाफ ट्यूब के दबाव और हिलने-डुलने को सीमित करें।
  • त्वचा की देखभाल और सुरक्षा के लिए अपनी देखभाल टीम के निर्देशों का पालन करें।

नेज़ोगैस्ट्रिक (NG) ट्यूब के स्थानों की देखभाल

नाक से होकर लगाई गईं ट्यूब (NG, ND या NJ ट्यूब) नाक के भीतर और जहाँ ट्यूब को टेप से त्वचा पर चिपकाया गया है वहाँ त्वचा पर परेशानी पैदा कर सकती हैं। आपकी देखभाल टीम ट्यूब बदलते समय दोनों नासाछिद्रों का उपयोग बारी-बारी से कर सकती है ताकि त्वचा में टूट-फूट से बचा जा सके।

नाक की ट्यूबों से कभी कभी दबाव से होने वाली चोटें लग सकती हैं। ट्यूब से त्वचा पर जिस जगह दबाव पड़ता है या त्वचा रगड़ खाती है, उस स्थान पर लालिमा या जलन होने की जाँच करें।

NG ट्यूब से होने वाली असुविधा और त्वचा समस्याओं की रोकथाम में मदद के तरीके

  • ट्यूब को हिलने-डुलने न दें और ट्यूब द्वारा त्वचा पर रगड़ को सीमित रखें।
  • केवल देखभाल टीम द्वारा स्वीकृत टेप और ड्रेसिंग का ही उपयोग करें।
  • देखभाल टीम द्वारा अनुशंसित त्वचा संरक्षक का उपयोग करें।
  • टेप और ड्रेसिंग हटाते समय त्वचा को नुकसान से बचाने की सावधानी बरतें। यदि आवश्यकता हो तो ऐडहेसिव रिमूवर का उपयोग करें।
  • ट्यूब के आसपास की त्वचा को हल्के गरम पानी और वॉश क्लॉथ से आराम से साफ़ करें। यदि आवश्यकता पड़े तो एक सौम्य साबुन का उपयोग करें।
  • यदि टेप या चिपकाने वाले पदार्थ से त्वचा में जलन होती है, तो टेप लगाने के स्थान को बदलें और उस जगह की त्वचा को ठीक होने दें।
  • ट्यूब का जब उपयोग न किया जा रहा हो तो उसके ढ़ीले सिरे को टेप से बांध कर रखें। सावधान रहें कि ट्यूब खिंचकर बाहर न निकलने पाए।

नेज़ोगैस्ट्रिक (NG) ट्यूब की देखभाल के बारे में और जानें।

G-ट्यूब स्टोमा (छिद्र) स्थानों की देखभाल कैसे करें

गैस्ट्रोस्टोमी (जी) ट्यूबें, गैस्ट्रो-जेजुनोस्टोमी (जीजे) ट्यूबें और जेजुनोस्टोमी (जे) ट्यूबें वे खिलाने वाली नलियां हैं जिन्हें पेट की भित्ति में किए गए एक छोटे से छेद (स्टोमा) के माध्यम से लगाया जाता है। वे लंबी या लो-प्रोफ़ाइल ट्यूबें हो सकती हैं।

घाव भर जाने के बाद, ट्यूब के आसपास की त्वचा दर्दरहित होनी चाहिए। छेद का आकार और आकृति खिलाने वाली नली के आकार के अनुसार ठीक-ठाक फिट होनी चाहिए। स्वस्थ जी-ट्यूब स्थानों के लिए बहुत अधिक देखभाल की आवश्यकता नहीं होती। उस भाग को साफ़ रखने के लिए आमतौर पर हर रोज साबुन और पानी से स्नान करना ही काफी है।

खिलाने वाली नली वाले स्टोमा स्थानों के लिए सामान्य देखभाल के सुझावों में निम्नलिखित शामिल हैं:

  • ट्यूब के स्थान को साफ़ रखें: स्टोमा (छिद्र) के आस-पास के स्थान को कम-से-कम प्रतिदिन एक बार, और जब भी कभी कोई रिसाव हो तब, साबुन व पानी से साफ़ करें। ट्यूब के आसपास के स्थान को साफ़ करने के लिए रूई के फाहे का उपयोग करें। स्थान को साफ़ गॉज़ पैड से सुखाएँ।
  • स्थान के आसपास की त्वचा को सूखा रखें। लोशन, क्रीम या मरहम का उपयोग तब तक न करें जब तक ऐसा करने का निर्देश न मिले।
  • अनुशंसित अनुसार ट्यूबों को घुमाएं: G-ट्यूब और बटन ट्यूब को हर दिन 1 पूरा चक्कर (360 अंश) घुमाया जाना चाहिए। यदि आपके बच्चे को GJ-ट्यूब लगी है, तो इस ट्यूब को कभी न घुमाएँ क्योंकि ऐसा करने पर ट्यूब अपनी जगह से हट सकती है और ठीक से काम करना बंद कर सकती है। पूछें कि क्या आपके बच्चे की ट्यूब को घुमाया जाना चाहिए, और यदि हाँ, तो कैसे।
  • नए स्टोमा की देखभाल के निर्देशों का पालन करें: ट्यूब लगाए जाने के बाद उसके स्थान को गॉज़ ड्रेसिंग कवर करेगी। गॉज़ और टेपिंग को 24 घंटों के बाद या देखभाल टीम के निर्देशों के अनुसार हटाया जाना चाहिए। स्टेराइल वॉटर वाइप की मदद से स्थान को हल्के हाथों से साफ़ करें। उसके बाद, साफ़ गॉज़ से थपथपाकर सुखाएँ। ट्यूब को उसके स्थान पर फ़िक्स करने के लिए नया टेप लगाएँ।

G-ट्यूब के साथ हो सकने वाली त्वचा समस्याएँ

ट्यूब के इर्द-गिर्द हो रहे रिसाव से त्वचा में खुजली व जलन

ट्यूब के आसपास रिसाव हो सकता है। नमी और पेट के अम्लीय तरल से त्वचा लाल हो सकती है और उसमें जलन हो सकती है। यदि ऐसा हो, तो त्वचा को हर दिन कई बार, या यदि ज़रूरत हो तो और अधिक बार, पानी से साफ़ करें। साफ़ करने के बाद त्वचा को सावधानी से सुखाएं। आपकी देखभाल टीम किसी बैरियर पाउडर या मरहम का सुझाव दे सकती है।

पेट के अम्ल को नियंत्रित करने वाली या पेट को खाली करने की क्रिया को बढ़ाने वाली दवाइयां रिसावों से पहुंचने वाली क्षति को कम करने में मदद कर सकती हैं। यदि त्वचा में सुधार नहीं आता या रिसाव होना जारी रहता है या रिसाव अधिक मात्रा में होता है, तो अपनी देखभाल टीम से संपर्क करें।

फ़ीडिंग ट्यूब के स्थान के इर्द-गिर्द रिसाव होने के कारणों में ये शामिल हैं:

  • बहुत अधिक या बहुत तेजी से खिलाना ट्यूब में कभी-कभी बोलस फीडिंग (एक ही समय में बड़ी मात्रा में पोषण (जैसे एक भोजन) सिरिंज के ज़रिए दिया जाता है)के दौरान रिसाव हो सकता है। आहार-संभरण की दर को धीमा करना या एक भिन्न आहार-संभरण योजना का उपयोग करना मदद कर सकता है। अपने बच्चे के पोषण में कोई भी बदलाव करने से पहले किसी डायटीशियन या स्वास्थ्य-देखभाल टीम के किसी अन्य सदस्य से परामर्श करें।
  • आंतरिक बैलून के साथ समस्याएं। बैलून में भरे पानी की मात्रा की जाँच करें। यदि इसमें ज़रूरत से कम पानी है, तो इसे सही मात्रा में दुबारा भरें। बैलून की अगले दिन फिर जाँच करें। यदि बैलून पिचकना जारी रहता है, तो उसमें रिसाव हो सकता है। निर्देशों के लिए देखभाल टीम से संपर्क करें। बलून में पानी जाँचने के लिए:
    • बलून पोर्ट से एक सिरिंज जोड़ें।
    • प्लंजर पीछे खींचें ताकि बलून से सारा पानी निकल आए।
    • यदि ज़रूरत हो तो सिरिंज में सही मात्रा में पानी डालें और पानी को वापस बलून में डाल दें।
    • सिरिंज अलग कर लें।
  • ट्यूब का गलत फिट होना। यह कभी-कभी तब हो सकता है जब बच्चे का वजन बढ़ जाता है या कम हो जाता है। वजन बढ़ने से, बैठते समय ट्यूब पेट की आसपास की त्वचा पर पड़ने वाली सिलवट में दब सकती है। यदि ट्यूब की नलिका को बटन के नीचे देखा जा सकता है, तो ट्यूब आपके बच्चे के लिए बहुत लंबी हो सकती है। यदि ट्यूब अब सही आकार की नहीं रह गई है तो उसे बदलने की आवश्यकता हो सकती है।
  • पेट या ट्यूब पर दबाव। यदि आपका बच्चा अपने पेट के बल सोता है तो इससे ट्यूब पर दबाव पड़ सकता है। करवट या उनकी पीठ के बल सुलाने से दबाव कम हो सकता है।
  • गैस और कब्ज। गैस और कब्ज से पाचन नाल में भारीपन और दबाव महसूस हो सकता है। शारीरिक रूप से सक्रिय रहने और पानी की कमी न होने देने से इन लक्षणों को संभालने में मदद मिल सकती है। आपकी देखभाल टीम दवाओं या पोषण में बदलाव भी सुझा सकती है। कुछ प्रकार की ट्यूब के लिए, आपको अतिरिक्त हवा निकालने के उद्देश्य से ट्यूब से हवा को बाहर निकलने देने या ट्यूब को “डकार” दिलवाने की ज़रूरत पड़ सकती है।

ग्रेन्युलेशन टिशू

ग्रेनुलेशन टिशू वह अतिरिक्त त्वचा ऊतक है जो स्टोमा के इर्द-गिर्द बन सकता है। ग्रेन्युलेशन टिशू या कणांकुर ऊतक होना सामान्य बात है। यह आमतौर पर मुंह के अंदर की त्वचा के समान, लाल और नम दिखाई देता है। यह ऊतक नाजुक होता है और इसमें थोड़ा रक्तस्राव या रिसाव भी हो सकता है। ग्रेन्युलेशन टिशू या कणांकुर ऊतक त्वचा पर ट्यूब के रगड़ खाने से होने वाले घर्षण के कारण हो सकता है।

ग्रेन्युलेशन टिशू या कणांकुर ऊतक बनने से रोकने में मदद करने वाले तरीकों में प्रभावित स्थान को सूखा रखना, ट्यूब की हिलने की गति को सीमित करना और ट्यूब बिल्कुल फिट बैठती है यह सुनिश्चित करना शामिल है। ग्रेन्युलेशन टिशू या कणांकुर ऊतक का इलाज सिल्वर नाइट्रेट लगाकर किया जा सकता है।

रक्तस्राव होना

स्टोमा के आसपास रक्तस्राव होने के कई कारण हो सकते हैं। ट्यूब बदलने के बाद प्रभावित स्थान में रक्तस्राव हो सकता है। रक्तस्राव ग्रेन्युलेशन टिशू या कणांकुर ऊतक के कारण भी हो सकता है जो त्वचा को और अधिक नाजुक बना सकता है। थोड़ा बहुत रक्तस्राव होना कोई गंभीर बात नहीं है।

यदि कुछ मिनट बाद तक रक्तस्राव नहीं रुकता या और बढ़ जाता है, तो उस भाग पर दबाव डालें और अभी देखभाल टीम को कॉल करें।

संक्रमण

एक स्वस्थ बच्चे में स्टोमा या इसके चारों ओर की त्वचा पर संक्रमण दुर्लभ ही होता है। हालांकि, कमज़ोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले बच्चों में ट्यूब के स्थान पर संक्रमण होने का अधिक जोखिम होता है। संक्रमण के संकेतों में निम्नलिखित शामिल हैं:

  • स्टोमा के इर्द-गिर्द त्वचा में लालिमा जो बढ़ती है, विशेष रूप से तब यदि कोई रिसाव नहीं है
  • ज्वर
  • दर्द, खराश या सूजन
  • मवाद या दुर्गंध

यद्यपि लाली और स्राव संक्रमण के संकेत हो सकते हैं, लेकिन उनके होने के अन्य कारण भी हो सकते हैं। कभी-कभी पेट की सामग्री त्वचा पर मौजूद जीवाणु के साथ मिश्रित हो सकती है और उससे दुर्गंधयुक्त स्राव हो सकता है। स्रावों के कारण होने वाली लालिमा का आमतौर पर त्वचा को बार-बार साफ़ करके इलाज किया जा सकता है।

न्यूट्रोपीनिया के कारण त्वचा में बदलाव

न्यूट्रोपीनिया (सफ़ेद कोशिकाओं की कमी) तब होता है जब एब्सोल्यूट न्यूट्रोफिल काउंट (ANC) 500 से कम हो जाता है। चूँकि प्रतिरक्षा तंत्र कमज़ोर है, इसलिए शरीर संक्रमणों से लड़ने में कम समर्थ है और ठीक होने में अधिक समय लग सकता है। इसके कारण प्रभावित स्टोमा स्थल गीला रहता है, उसमें रिसाव और दर्द होता है। बैक्टीरिया संक्रमण कर सकते हैं या उसे बढ़ा सकते हैं। कुछ मामलों में, स्टोमा स्थल का आकार बढ़ सकता है।

प्रभावित स्थल में तब तक सुधार नहीं आएगा जब तक कि रक्त कोशिकाओं की संख्या फिर से नहीं बढ़ जाती है। कभी-कभी प्रभावित स्थान बेहतर दिखना शुरू होने से पहले और खराब दिखाई देने लगेगा। यदि ऐसा होता है तो देखभाल टीम के सुझाव के अनुसार स्थान का उपचार करें।

याद रखें, स्थान को साफ़ और सूखा रखने से ठीक होने की प्रक्रिया को मदद मिलेगी।

अपनी देखभाल करने वाली टीम को कॉल कब करें 

यदि आपको इनमें से कुछ भी दिखे तो अपनी देखभाल टीम से संपर्क करें:

  • संक्रमण के संकेत, जैसे बुखार, मवाद, दुर्गंध, सूजन, कोमलता या लालिमा जो बदतर हो या फैले 
  • ऐसी खुजली व जलन, दर्द या दुखन जो ठीक न हो या जो आपके बच्चे की दैनिक गतिविधियों में बाधा डाले
  • ऐसा रक्तस्राव या रिसाव जो अक्सर होता हो, बड़ी मात्रा में हो या जो रुके नहीं
  • ट्यूब को फ़िक्स करने में समस्या 

आपकी देखभाल टीम से पूछने के लिए प्रश्न

  • हमें फ़ीडिंग ट्यूब के स्थान के आस-पास की त्वचा को कैसे साफ़ करना चाहिए?
  • यदि फ़ीडिंग ट्यूब के आस-पास की त्वचा में लालिमा, खुजली व जलन, पपड़ी या दुखन हो तो हमें क्या करना चाहिए?
  • क्या ऐसे कोई मरहम या क्रीम हैं जो त्वचा समस्याओं की रोकथाम या उपचार में मदद कर सकते हैं?
  • हम फ़ीडिंग ट्यूब को उसके स्थान पर फ़िक्स कैसे कर सकते हैं और त्वचा पर रगड़ने या खिंचने से कैसे रोक सकते हैं?
  • ग्रेनुलेशन टिशू क्या है और इसकी रोकथाम कैसे की जा सकती है?
  • हमें किन त्वचा समस्याओं पर नज़र रखनी चाहिए, और हमें चिकित्सीय देखभाल कब प्राप्त करनी चाहिए?

फ़ीडिंग ट्यूब के स्थानों के लिए त्वचा की देखभाल के बारे में मुख्य बिंदु

  • ट्यूब या ट्यूब के स्थान की देखभाल करने से पहले हमेशा अपने हाथों को साबुन व पानी से धोएँ या हैंड सैनिटाइज़र का उपयोग करें।
  • ट्यूब के स्थान को साफ़ और सूखा रखें।
  • जब भी कभी ट्यूब के स्थान के आस-पास रिसाव या तरल पदार्थ हो तो त्वचा को साफ़ करें।  
  • फ़ीडिंग ट्यूब को हिलने-डुलने न दें ताकि ट्यूब द्वारा त्वचा पर रगड़ सीमित रहे। जब एक्सटेंशन ट्यूबिंग सीधे उपयोग में न हो तो उसे हटा लें।
  • G-ट्यूब बटन को हर दिन एक-चौथाई चक्कर घुमाएँ। GJ-ट्यूब या बटन को कभी न घुमाएँ।
  • अपने बच्चे की त्वचा पर कोई भी त्वचा रक्षक या क्रीम का उपयोग करने से पहले अपनी देखभाल टीम से पूछ लें।
  • यदि फ़ीडिंग ट्यूब या फ़ीडिंग ट्यूब के स्थान में कोई बदलाव दिखे तो अपनी देखभाल टीम से संपर्क करें।


समीक्षित: सितंबर 2025

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