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जी मिचलाना और उल्टी होना

किसी अस्वस्थता के कारण या किसी दवा अथवा रोगोपचार के दुष्प्रभाव के रूप में आपके बच्चे का पेट खराब हो सकता है। उबकाई या उल्टी किसी भी समय हो सकती है। आपकी स्वास्थ्य देखभाल टीम, जी मिचलाने और उल्टी की समस्या को रोकने के लिए दवा लिख सकती है। गैर-दवा उपचार जैसे पूरक पद्धतियाँ या आहार के बदलाव भी मदद कर सकते हैं।

जी मिचलाना क्या है?

जी मिचलाना, बीमारी या बेचैनी की वह भावना है जो व्यक्ति को उल्टी करने की इच्छा के साथ महसूस होती है। जी मिचलाना में आम तौर पर ये शामिल होता है:

  • गले या पेट में अप्रिय संवेदनाएँ
  • चक्कर आना
  • निगलने में कठिनाई
  • पसीना आना
  • अत्यधिक ठंड या तमतमाहट महसूस होना

उल्टी क्या है?

उल्टी, या भोजन उगलना, तब होता है जब उदर की मांसपेशियाँ संकुचित होकर पेट में मौजूद भोजन को ऊपर धकेलती हैं जिससे वह मुँह से बाहर आ जाता है। आपको एमेसिस (वमन) शब्द भी देखने या सुनने को मिल सकता है। एमेसिस, उल्टी का नैदानिक नाम है। उबकाई-रोधी या वमन-रोधी दवाएँ वे दवाएँ हैं जो उबकाई और उल्टी का उपचार करती हैं।

जी मिचलाना और उल्टी होना एक-दूसरे से संबंधित हैं, लेकिन आपको इनमें से कोई एक दूसरे के बिना भी हो सकता है।

जी मिचलाना और उल्टी के कारण

आपके बच्चे को कई कारणों से उबकाई या उल्टी हो सकती है। उबकाई और उल्टी रोग या संक्रमण के आम लक्षण होते हैं। यदि दवाएँ या अन्य उपचार आपके बच्चे के पेट या पाचन तंत्र को प्रभावित करते हैं तो उसका पेट खराब हो सकता है। स्वास्थ्य स्थितियाँ, जैसे पेट और आँतों की समस्याएँ या दिमाग में दबाव बढ़ने से भी उल्टी हो सकती है।

चिकित्सीय उपचार भी दिमाग के विभिन्न क्षेत्रों को ट्रिगर कर सकते हैं। दिमाग का एक क्षेत्र (एरिया पोस्त्रेमा) उबकाई का नियंत्रण करता है। ब्रेनस्टेम में स्थित एक अन्य क्षेत्र उल्टी का नियंत्रण करता है। ये क्षेत्र एक-दूसरे से अलग होते हैं। इसलिए, यह संभव है कि आपके बच्चे को उबकाई हो लेकिन उल्टी न हो।

कभी-कभी, उपचार के विचार मात्र से भी उबकाई या उल्टी हो सकती है। इसे पूर्वानुमानी उबकाई और उल्टी कहते हैं।

उबकाई और उल्टी के कुछ अन्य कारण इस प्रकार हैं:

  • कीमोथेरेपी
  • विकीरण चिकित्सा
  • बुखार और संक्रमण
  • दवाएँ, जिनमें शामिल हैं एंटीबायोटिक्स (जीवाणु नाशक दवाइयां), ओपिओइड ओपिओइड दवाएँ, और दौरा-रोधी दवाएँ
  • कैंसर, खासकर अगर ट्यूमर दिमाग या पाचन प्रणाली को प्रभावित करता है
  • पेट या पाचन तंत्र की समस्याएँ
  • एसिड रीफ़्लक्स (गले में एसिड आना)
  • आंतरिक कान की समस्या
  • हॉर्मोन्स
  • तनाव और चिंता
  • मोशन सिकनेस (यात्रा में उबकाई और/या उल्टी)
  • बहुत अधिक खाना
  • अप्रिय दृश्य या गंध
  • दर्द

उबकाई और उल्टी का प्रबंधन कैसे करें

मतली-रोधी दवाएं

आपकी देखभाल टीम कुछ दवाओं का सुझाव दे सकती है जिन्हें एंटीमेटिक्स जी मिचलाने और उल्टी को रोकने तथा उसके उपचार के लिए। आपके बच्चे को इन दवाओं से लाभ हो सकता है या नहीं यह जानने के लिए अपने स्वास्थ्य देखभाल प्रदाता या फार्मासिस्ट से बात करें। जी मिचलाने की दवाओं के लिए खुराक संबंधी निर्देशों का पालन करें। सुनिश्चित करें कि आप पर्चे में लिखी दवाओं के खत्म होने से पहले ही उन्हें फिर से खरीद कर लेते हैं। यदि दवा से आपके बच्चे की उबकाई या उल्टी नियंत्रित न हो तो अपनी देखभाल टीम से बात करें।

उबकाई और उल्टी के प्रबंधन के लिए आहार में बदलाव

अपने बच्चे के आहार में बदलाव करने से उबकाई और उल्टी रोकने या घटाने में मदद मिल सकती है। पूरे दिन थोड़े-थोड़े समय के अंतराल पर छोटे भोजन और स्नैक्स की योजना बनाएं।

अपने बच्चे को उसके पसंदीदा खाद्य पदार्थ तब तक न दें जब तक उबकाई और उल्टी रुक न जाएँ। इससे आपका बच्चा इन खाद्य पदार्थों का संबंध अस्वस्थता के एहसास से नहीं जोड़ पाएगा।

भोजन में:

  • अपने बच्चे को सूखे और बहुत ही सादा (कम फ़ाइबर, नर्म, और बेमसाला) खाद्य पदार्थ दें, जैसे क्रैकर्स, टोस्ट, प्रेट्ज़ेल्स, और वैनिला वेफ़र्स।
  • तले, मसालेदार, चिकनाईदार, या बहुत अधिक कैलरी वाले खाद्य पदार्थ देने से बचें।
  • अपने बच्चे को धीरे-धीरे खाने और पीने के लिए प्रेरित करें।
  • तेज़ गंध वाले खाद्य पदार्थों से बचें।
  • ऐसी जगह पर खाएं जहां तेज़ गंध न हो। बच्चे के आस-पास खाने-पीने और सिगरेट पीने से बचें।
  • भोजन में द्रवों को सीमित करें।

भोजनों के बीच:

  • अपने बच्चे को भोजनों के बीच ठंडे व पारदर्शी द्रव दें।
  • आपने बच्चे को च्यूइंग गम या चूसने वली हार्ड कैंडी, पॉपसिकल या बर्फ़ आज़माने को कहें।
  • सुनिश्चित करें कि आपका बच्चा भोजन के बाद सपाट न लेटे। उसे उसका सिर उठा हुआ रखकर आराम करवाएँ।
मैडी

“अपनी उबकाई की दवा समय पर लो। आपको सुबह उठने पर भले ही उबकाई महसूस न हो, लेकिन बाद में हो सकती है। मैंने यह बात ‘ठोकर खाकर’ सीखी। और बार्फ़ बैग (उल्टी करने के बैग) सभी जगह रखें। एक बार्फ़ बैग अपने बैकपैक में रखें। कुछ बार्फ़ बैग कार में रखें - जहाँ भी आपको उनकी ज़रूरत पड़ सकती हो। आपको कभी या कहीं उनकी ज़रूरत पड़ सकती है।”

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रोगियों और उनके परिवारों के लिए सुझाव

  • लक्षणों का रिकॉर्ड रखें। लिखें कि उबकाई कब आती है, क्या चीज़ें उसे बढ़ाती हैं, और क्या चीज़ों से उसमें राहत मिलती है।
  • जो भी अन्य लक्षण हों उन पर नज़र रखें। यदि आपके बच्चे को अन्य लक्षण भी हों, जैसे दर्द, भूख न लगना, दस्त, या कब्ज़, तो अपनी देखभाल टीम को बताएँ।
  • उल्टी के बाद अपने बच्चे को कुल्ला करवाएँ। पेट से निकले एसिड से मुंह में जलन हो सकती है और दांत खराब हो सकते हैं।
  • कब और क्या खाना है इसकी योजना बनाने में अपने बच्चे को शामिल करें। जब आपका बच्चा बेहतर महसूस करे तब उसे भोजन और स्नैक्स देकर लक्षणों के प्रबंधन में उसकी मदद करें।

यदि आपके बच्चे की उबकाई या उल्टी बढ़ जाए या उसमें सुधार न हो तो अपनी देखभाल टीम को बताएँ। यदि आपके बच्चे को तरल पदार्थ या पोषण पाने में समस्याएँ हो रही हों तो भी अपनी देखभाल टीम को बताएँ। आपके बच्चे को पानी की कमी की रोकथाम के लिए IV के ज़रिए तरल पदार्थों की या उसे उसकी ज़रूरत का पोषण मिले यह सुनिश्चित करने के लिए अन्य पोषण सहायता की ज़रूरत पड़ सकती है।

उबकाई और उल्टी के बारे में मुख्य बिंदु

  • बच्चे में उबकाई और उल्टी के कई कारण हो सकते हैं, जैसे बुखार, संक्रमण, दवाएँ, एंग्ज़ाइटी, और पेट या पाचन तंत्र में उत्तेजना।
  • कैंसर या अन्य गंभीर रोगों से ग्रस्त बच्चों में उबकाई और उल्टी कीमोथैरेपी, विकीरण चिकित्सा, या अन्य चिकित्सीय उपचार के दुष्प्रभाव हो सकती हैं।
  • आपके बच्चे की उबकाई और उल्टी के प्रबंधन में मदद के लिए आपका स्वास्थ्य देखभाल प्रदाता दवाएँ लिख सकता है या आहार में बदलाव सुझा सकता है।
  • यदि उबकाई और उल्टी के लक्षणों में सुधार न हो या वे बढ़ जाएँ तो अपनी देखभाल टीम को बताएँ।


समीक्षित: सितंबर 2024

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