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पिनियोब्लास्टोमा

अन्य नाम: पीनियल ग्रंथि का ट्यूमर, पाइनालोब्लास्टोमा

दिमाग की संरचना का चिकित्सीय चित्र

पिनियोब्लास्टोमा एक दुर्लभ प्रकार का ट्यूमर है जो दिमाग के पीनियल ग्रंथि में विकसित होता है।

पिनियोब्लास्टोमा क्या है?

पिनियोब्लास्टोमा एक दुर्लभ दिमाग ट्यूमर है जो बच्चों और युवा वयस्कों में हो सकता है। इस ट्यूमर की शुरुआत पिनियल ग्रंथि में होती है, यह ग्रंथि दिमाग की गहराई में स्थित एक नन्ही संरचना है।

पिनियल ग्रंथि में पाए जाने वाले सभी ट्यूमरों में से लगभग 30% (10 में से 3) ट्यूमर पिनियोब्लास्टोमा होते हैं। इन ट्यूमरों के स्थान के कारण इनका उपचार कठिन हो सकता है। पिनियोब्लास्टोमा ट्यूमर बचपन के दिमाग ट्यूमरों का 1% से कम होते हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका में बचपन के पिनियोब्लास्टोमा की 5-वर्षीय उत्तरजीविता दर 67–85% है, जो प्रकार पर निर्भर है।

पिनियल ग्रंथि हॉर्मोन मेलाटोनिननामक हॉर्मोन स्रावित करती है, जो नींद का नियंत्रण करता है। मेलाटोनिन पिट्यूटरी (पीयूषिका) ग्रंथि से प्रजनन हॉर्मोन्स जैसे ल्यूटिनाइजिंग हार्मोन (LH) और कूप-उत्तेजक हार्मोन (FSH) के स्राव के नियंत्रण में भी मदद करता है। ये हॉर्मोन प्रजनन क्षमता और प्रजनन स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। पिनियोब्लास्टोमा के कुछ उपचार प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं।

पिनियोब्लास्टोमा के लक्षण

पिनियोब्लास्टोमा के संकेत और लक्षण ट्यूमर के आकार और इस बात पर निर्भर करते हैं कि क्या यह मस्तिष्क के अन्य हिस्सों में फैल गया है। अक्सर, बढ़ते हुए ट्यूमर के कारण दिमाग में मस्तिष्कमेरु द्रव (सेरेब्रोस्पाइनल फ्लूइड) अक्सर, बढ़ते हुए ट्यूमर के कारण दिमाग में द्रव इकट्ठा होने लगता है, जिससे दबाव बढ़ता है। इसे हाइड्रोसैफलस कहते हैं। बढ़ा हुआ दबाव ऐसे कुछ लक्षण पैदा कर सकता है जो पिनियल ट्यूमरों के साथ होते हैं।

पिनियोब्लास्टोमा लक्षणों में निम्नलिखित शामिल हैं:

  • आँखों की पुतलियों का आकार सामान्य से अधिक होना या अलग-अलग आकारों का होना
  • आँखों के संचलन में बदलाव, विशेष रूप से ऊपर की ओर देखने में समस्याएँ
  • सिरदर्द
  • शरीर में पानी की कमी (निर्जलीकरण)
  • सामान्य से अधिक प्यास
  • अचानक बिस्तर गीला करने लगना
  • रात में बार-बार मूत्रत्याग (पेशाब आना)
  • जी मिचलाना और उल्टी होना
  • ऊर्जा स्तर में बदलाव
  • थकावट
  • समन्वय, संतुलन, या गति संबंधी क्रियाओं में समस्याएं
  • शरीर के 1 ओर के भाग में कमज़ोरी
  • दौरे पड़ना
  • व्यवहार में परिवर्तन
  • वृद्धि की धीमी दर
हाइड्रोसैफलस का चिकित्सीय चित्र

दिमाग में तरल पदार्थ इकट्ठा होने से दबाव बढ़ सकता है। इस स्थिति को हाइड्रोसैफलस कहते हैं और इसके लिए उपचार की ज़रूरत पड़ सकती है।

पिनियोब्लास्टोमा के जोखिम कारक

अक्सर, चिकित्सकों को पिनियोब्लास्टोमा का कारण ज्ञात नहीं होता है। लेकिन कुछ कारक जोखिम बढ़ाते हैं। पिनियोब्लास्टोमा:

यदि ज़रूरत हो तो आपके बच्चे की देखभाल टीम आपको किसी आनुवांशिक परामर्शदाता को रेफ़र कर सकती है।

पिनियोब्लास्टोमा बीमारी की पहचान

पिनियोब्लास्टोमा की पहचान के परीक्षणों में ये शामिल हैं:

  • शारीरिक परीक्षा और चिकित्सा इतिहास लक्षणों, सामान्य स्वास्थ्य, पिछली बीमारी और जोखिम कारकों के बारे में जानने के लिए।
  • दिमाग की कार्यक्षमता के आकलन के लिए तंत्रिकीय जाँच। इसमें शामिल हैं स्मृति, दृष्टि, श्रवण, मांसपेशियों की शक्ति, संतुलन, तालमेल और प्रतिवर्त।
  • इमेजिंग परीक्षण , ट्यूमर की, उसके आकार और उसके स्थान की पहचान में मदद के लिए। चुंबकीय प्रतिध्वनि इमेजिंग  (MRI) मुख्य इमेजिंग परीक्षण है।
  • लंबर पंक्चर , सेरिब्रोस्पाइनल फ़्लुइड (CSF) में कैंसर कोशिकाओं की तलाश के लिए।
  • बायोप्सी , ट्यूमर का नमूना लेने के लिए। एक बीमारीविज्ञानी (पैथलॉजिस्ट) ट्यूमर के प्रकार का पता लगाने के लिए उस ऊतक के नमूने को माइक्रोस्कोप के नीचे रखकर देखता है।
  • रक्त परीक्षण जैसे पूर्ण रक्त गणना या रक्त अध्ययन, ट्यूमर मार्करों (कुछ ट्यूमरों द्वारा स्रावित पदार्थों) की तलाश के लिए।
  • पहचान करने और उपचारों की योजना बनाने में मदद के लिए ट्यूमर का आण्विक या आनुवांशिक परीक्षण।

पिनियोब्लास्टोमा के प्रकार

ट्यूमर का कारण बनने वाले आनुवांशिक बदलावों (उत्परिवर्तनों) के आधार पर पिनियोब्लास्टोमा विभिन्न प्रकार का होता है। अचूक पहचान के लिए और सर्वोत्तम उपचार ज्ञात करने के लिए आपके बच्चे के ट्यूमर को आण्विक परीक्षण की ज़रूरत होती है।

बच्चों में पिनियोब्लास्टोमा के कुछ प्रकार ये हैं:

  • पिनियोब्लास्टोमा-miRNA1
  • पिनियोब्लास्टोमा-miRNA2
  • पिनियोब्लास्टोमा, FOXR2 एक्टिवेटेड
  • पिनियोब्लास्टोमा, RB1 एक्टिवेटेड

पिनियोब्लास्टोमा की अवस्थाएँ (स्टेज)

यह कैंसर आम तौर पर दिमाग और मेरु रज्जु (केंद्रीय तंत्रिका तंत्र) में सीमित रहता है। 10–20% मामलों में, पिनियोब्लास्टोमा सेरिब्रोस्पाइनल फ़्लुइड के ज़रिए शरीर के अन्य भागों तक फैल जाता है।

पिनियोब्लास्टोमा का वर्गीकरण मेटास्टेसिस, यानी बीमारी के प्रसार, द्वारा किया जाता है:

  • M0: ट्यूमर 1 स्थान में है और शरीर के अन्य भागों तक फैलने के कोई संकेत नहीं हैं।
  • M1: ट्यूमर कोशिकाएँ सेरिब्रोस्पाइनल फ़्लुइड (CSF) में फैल गई हैं।
  • M2: ट्यूमर दिमाग के अन्य भागों तक फैल गया है
  • M3: ट्यूमर रीढ़ की हड्डी तक फैल जाता है।
  • M4: ट्यूमर केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (सीएनएस) के बाहर तक फैल गया है।

पिनियल ग्रंथि के ट्यूमरों को इस आधार पर भी समूहबद्ध किया जाता है कि वे माइक्रोस्कोप के ज़रिए कैसे दिखते हैं और वे शरीर में कितनी तेज़ी से बढ़ व फैल सकते हैं। ट्यूमर कोशिकाएं जितनी अधिक असामान्य दिखती हैं, ट्यूमर की श्रेणी उतनी ही अधिक होती है श्रेणी का होता है। पिनियोब्लास्टोमा उच्च-श्रेणी (श्रेणी 4) के ट्यूमर हैं।

पिनियोब्लास्टोमा का उपचार

पिनियोब्लास्टोमा का उपचार इन पर निर्भर करता है:

  • पिनियोब्लास्टोमा का प्रकार
  • निदान के समय रोगी की उम्र और उसका स्वास्थ्य
  • क्या कैंसर फैल गया है
  • क्या ट्यूमर को सर्जरी द्वारा निकाला जा सकता है
  • क्या रोगी की उम्र इतनी है कि उसे रेडियोथेरेपी दी जा सके
  • उपलब्ध उपचार

उपचारों में निम्न शामिल हो सकते हैं:

चिकित्सक उपचार विकल्पों की समीक्षा करेगा।

पिनियोब्लास्टोमा के लिए पूर्वानुमान

यह पूर्वानुमान पिनियोब्लास्टोमा के लिए पूर्वानुमान कई कारकों पर निर्भर करता है। संयुक्त राज्य अमेरिका में बचपन के पिनियोब्लास्टोमा की 5-वर्षीय उत्तरजीविता दर 67–85% है, जो प्रकार पर, आपके बच्चे की उम्र पर और उसे मिले उपचारों पर निर्भर है।

आपके बच्चे के मामले के बारे में जानकारी का सबसे अच्छा स्रोत आपके बच्चे की केयर टीम ही है।

उपचार से ठीक होने की संभावना को प्रभावित कर सकने वाले कारकों में शामिल हैं:

  • पिनियोब्लास्टोमा का प्रकार
  • बीमारी की पहचान के समय आयु
  • क्या कैंसर फैल गया है।
  • क्या ट्यूमर को सर्जरी द्वारा निकाला जा सकता है
  • क्या रोगी की उम्र इतनी है कि उसे विकीरण चिकित्सा दी जा सके
  • क्या ट्यूमर का नया निदान हुआ है या ट्यूमर लौट आया है (पुनरावर्तन)

पिनियोब्लास्टोमा से ग्रस्त बच्चों में ट्यूमर निकालने में सफलता और विकीरण चिकित्सा से उपचार का संबंध बेहतर परिणामों से पाया गया है। 

पिनियोब्लास्टोमा के मरीजों के लिए सहयोग

कैंसर की पहचान और उपचार का सामना करना आप और आपके परिवार के लिए तनावपूर्ण हो सकता है। आप चाहें तो किसी समाजसेवी, मनोविज्ञानी या किसी अन्य मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से बात कर सकते हैं।

उपचार के बाद, पुनरावर्तन पर नज़र रखने के लिए आपके बच्चे का चिकित्सक इमेजिंग परीक्षणों और जाँचों का उपयोग कर सकता है। आपके बच्चे को तंत्रिकीय, संज्ञानात्मक और अंतःस्रावी समस्याओं के लिए भी उपचार की ज़रूरत पड़ सकती है।

कुछ उपचारों से विलंबित प्रभाव हो सकते हैं। ये ऐसी स्वास्थ्य समस्याएँ हैं जो उपचार का अंत हो चुकने से कई महीनों या वर्षों बाद होती हैं। जिन मरीजों की पिनियल ग्रंथि पर विकीरण चिकित्सा दी गई है उनमें दीर्घकालिक  अंतःस्रावी (एंडोक्राइन) समस्याओं का जोखिम होता है, जैसे पिट्यूटरी (पीयूषिका) की कार्यक्षमता में कमी। अंतःस्रावी ग्रंथियाँ शरीर के कार्यों को नियंत्रित करने वाले हॉर्मोन बनाती हैं। इससे निम्नादि समस्याएँ हो सकती हैं: 

हॉर्मोन स्तरों की निरंतर निगरानी महत्वपूर्ण है। जब शरीर अपनी ज़रूरत लायक हॉर्मोन नहीं बनाता है तो प्राकृतिक हॉर्मोनों की कमी की भरपाई के लिए मरीजों को दवाओं, जिनमें हॉर्मोन रिप्लेसमेंट शामिल है, की ज़रूरत पड़ सकती है।

पिनियल ग्रंथि पर विकीरण चिकित्सा पाने वाले मरीजों के अंतःस्रावी तंत्र में दीर्घकालिक बदलावों का जोखिम होता है, ये बदलाव कई समस्याएँ कर सकते हैं जैसे वृद्धि में देरी, निढालता और प्रजनन क्षमता की समस्याएँ।

जिन मरीजों की पिनियल ग्रंथि पर विकीरण चिकित्सा दी गई है उनके अंतःस्रावी तंत्र में दीर्घकालिक बदलावों का जोखिम होता है।

उपचार पूरा करने के बाद, ये करना महत्वपूर्ण है:

  • प्राथमिक देखभाल प्रदाता द्वारा नियमित जांच और स्क्रीनिंग करवाएं
  • स्वस्थ आदतें बनाए रखें, जिसमें शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्यप्रद खान-पान शामिल है
  • स्वास्थ्य प्रदाताओं से साझा करने के लिए एक उत्तरजीविता देखभाल योजना (सर्वाइवरशिप केयर प्लान) तैयार रखें। इस योजना में ये चीज़ें होनी चाहिए:
    • स्वास्थ्य स्क्रीनिंग के बारे में मार्गदर्शन
    • बीमारी के जोखिम कारक
    • स्वास्थ्य सुधार कैसे करें

बचपन के कैंसर से जीत चुके लोगों को अपने पूरे जीवन भर फॉलो-अप देखभाल लेनी चाहिए।

अपनी स्वास्थ्य देखभाल टीम से पूछे जाने वाले प्रश्न

  • मेरे बच्चे को किस प्रकार का पिनियोब्लास्टोमा है?
  • ट्यूमर कहाँ स्थित है और दिमाग की कौनसी संरचनाएँ प्रभावित हुई हैं?
  • मेरे बच्चे के पिनियोब्लास्टोमा के उपचार विकल्प क्या हैं?
  • हर उपचार के क्या दुष्प्रभाव हो सकते हैं?
  •  मेरे बच्चे को किस प्रकार की निगरानी और अनुवर्तन की ज़रूरत होगी?

पिनियोब्लास्टोमा के बारे में मुख्य बिंदु

  • पिनियोब्लास्टोमा पिनियल ग्रंथि का एक दुर्लभ दिमाग ट्यूमर है, यह ग्रंथि दिमाग के भीतर गहराई में स्थित होती है।
  • इन ट्यूमरों के स्थान की वजह से इनका उपचार कठिन हो सकता है।
  • पिनियोब्लास्टोमा की पहचान के लिए शारीरिक परीक्षा, बायोप्सी, इमेजिंग परीक्षणों, तंत्रिकीय जाँच, लंबर पंक्चर, रक्त परीक्षणों और आनुवांशिक परीक्षणों की ज़रूरत पड़ सकती है।
  • उपचार ट्यूमर पर निर्भर करता है, लेकिन इसमें सर्जरी, रेडिएशन और कीमोथेरेपी शामिल हो सकते हैं।
  • ठीक होने की संभावना कई कारकों पर निर्भर करती है, जैसे पिनियोब्लास्टोमा का प्रकार, बच्चे की उम्र, बीमारी फैल गया है या नहीं और दिए गए उपचारों के प्रकार।  


समीक्षित: अक्टूबर 2025

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