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लिंफोब्लास्टिक लिंफोमा

लिंफोब्लास्टिक लिंफोमा क्या है?

लिंफोब्लास्टिक लिंफोमा एक आक्रामक प्रकार का नॉन-हॉजकिन लिंफोमा होता है।

लिंफोमा सफ़ेद रक्त कोशिकाओं के कैंसर को कहते हैं। ये कोशिकाएँ शरीर के प्रतिरक्षा प्रणाली का भाग होती हैं।

लिंफोब्लास्टिक लिंफोमा की शुरुआत लिंफोब्लास्ट नामक अपरिपक्व प्रतिरक्षा कोशिकाओं में होती है। सामान्यतः लिंफोब्लास्ट T लिंफोसाइट्स या B लिंफोसाइट्स विकसित होते हैं, जो संक्रमण और बीमारी से लड़ती हैं। इन कोशिकाओं में एक आनुवांशिक बदलाव उनके कैंसरग्रस्त होने का कारण बनता है। वे लिम्फेटिक सिस्टम या लसीका तंत्र से होकर शरीर के अन्य भागों तक पहुँचती हैं।

उपयुक्त उपचार के साथ, संयुक्त राज्य अमेरिका में बच्चों की 5-वर्षीय उत्तरजीविता की संभावना 80–90% से अधिक है, जो कैंसर की अवस्था पर निर्भर है।

लिंफोब्लास्टिक लिंफोमा के लक्षण

  • गर्दन, बगल या कमर के जोड़ में लिम्फ नोड्स (लसीका ग्रंथियों) में सूजन
  • मुश्किल सांस लेने में
  • घरघराहट
  • थकान
  • आसानी से नील पड़ना
  • त्वचा का पीला पड़ना

लिंफोब्लास्टिक लिंफोमा के जोखिम कारक

  • एक आनुवांशिक विकार
  • किशोरों और युवा वयस्कों में अधिक आम
  • महिलाओं की तुलना में पुरुषों में अधिक आम

लिंफोब्लास्टिक लिंफोमा का निदान

कैंसर की पहचान के लिए कुछ परीक्षण और कार्यविधियाँ आवश्यक होते हैं। चिकित्सक आपके बच्चे की शारीरिक परीक्षा करेगा, उसका स्वास्थ्य इतिहास पूछेगा और परीक्षणों का आदेश देगा। इनमें ये शामिल हो सकते हैं:

जाँच के परिणामों की प्रतीक्षा करना देखें

लिंफोब्लास्टिक लिंफोमा के प्रकार

लिंफोब्लास्टिक लिंफोमा का चित्र

लिंफोब्लास्टिक लिंफोमा, जैसा माइक्रोस्कोप से दिखता है

लिंफोब्लास्टिक लिंफोमा के 2 प्रकार होते हैं:

  • T-लिंफोब्लास्टिक लिंफोमा (T-LL) शरीर के मीडियास्टीनमनामक भाग में होता है, जो फेफड़ों के बीच का स्थान है। वहाँ T लिम्फोसाइट थायमस नामक एक अंग में वृद्धि करती हैं। कैंसर तेज़ी से बढ़ सकता है और लसीका तंत्र से होकर फैल सकता है। तुरंत पहचान और उपचार महत्वपूर्ण हैं। यदि यह कैंसर रक्त और बोन मैरो तक फैल जाए, तो इसे T-एक्यूट लिंफोब्लास्टिक लूकीमिया (T-ALL) कहते हैं।
  • B-लिंफोब्लास्टिक लिंफोमा (B-LL) B लिम्फोसाइट में शुरू होता है और त्वचा, हड्डी या लिम्फ नोड (लसीका आसंधियों) जैसे क्षेत्रों में अधिक धीमे बढ़ता है। यदि यह कैंसर रक्त और बोन मैरो तक फैल जाए, तो इसे B-एक्यूट लिंफोब्लास्टिक लूकीमिया (B-ALL) कहते हैं।

T-LL और B-LL, दोनों शरीर के अन्य भागों तक फैल सकते हैं।

लिंफोब्लास्टिक लिंफोमा की अवस्थाएँ

कैंसर के स्तर के आधार पर देखभाल टीम इलाज की योजना बनाती है। कुछ ट्यूमर तेज़ी से बढ़ते हैं। इसलिए देखभाल टीम के लिए जल्द-से-जल्द लिंफोमा का अवस्था-निर्धारण आवश्यक होता है।

NHL की अवस्था का पता लगाने के लिए चिकित्सक और परीक्षणों का आदेश दे सकते हैं, जैसे:

अवस्था से यह पता चलता है कि कितना कैंसर उपस्थित है और क्या वह शरीर के अन्य भागों तक फैल गया है।

इंटरनेशनल पीडियाट्रिक नॉन-हॉजकिन लिंफोमा स्टेजिंग सिस्टम (अंतरराष्ट्रीय बाल नॉन-हॉजकिन लिंफोमा अवस्था-निर्धारण तंत्र)बचपन के लिंफोब्लास्टिक लिंफोमा को इस आधार पर 4 अवस्थाओं में बाँटता है कि पहचान के समय शरीर के किन भागों में बीमारी दिख रहा है। लिंफोब्लास्टिक लिंफोमा के मामले में, सभी अवस्थाओं का उपचार लगभग समान होता है और इसमें वही उपचार शामिल होते हैं जिनका उपयोग लिंफोब्लास्टिक लूकीमिया के लिए किया जाता है।

लिंफोब्लास्टिक लिंफोमा का इलाज

उपचार निम्न पर निर्भर करता है:

  • लिंफोमा का प्रकार और जीन में कोई भी बदलाव
  • इसमें उपचार से कितने अच्छे से लाभ मिल सकता है
  • उपलब्ध उपचार
  • रोगी की उम्र और उसका स्वास्थ्य

ये इलाज में शामिल हो सकते हैं:

चिकित्सक उपचार विकल्पों की समीक्षा करेगा। कुछ रोगियों के मामले में चिकित्सक लिंफोमा को (…) तक फैलने से रोकने के लिए विभिन्न पद्धतियों से युक्त कीमोथेरेपी का कोई क्लिनिकल परीक्षण सुझा सकता है। केंद्रीय तंत्रिका प्रणाली.

रिलैप्स हुई बीमारी

के लिए उपचार पुनरावर्ती उपचार में कीमोथेरेपी और/या हेमेटोपोएटिक सेल प्रत्यारोपण के साथ उच्च खुराक वाली कीमोथेरेपी शामिल है (इसे बोन मैरो प्रत्यारोपण या स्टेम सेल प्रत्यारोपण भी कहा जाता है) रिलैप्स के कुछ मामलों के लिए रेडिएशन का उपयोग किया जा सकता है। संभव है कि कुछ मरीज़ नए उपचारों को परखने वाले  क्क्क्लिनिकल परीक्षणों में भाग ले पाएँ।

अस्पताल के बिस्तर पर बोन मैरो ट्रांसप्लांट करवा रहे एक बच्चे का चित्र

डिफ़्यूज़ लार्ज B-सेल लिंफोमा के उपचार में स्टेम कोशिका (बोन मैरो) ट्रांसप्लांट शामिल हो सकता है।

लिंफोब्लास्टिक लिंफोमा के लिए पूर्वानुमान

पूर्वानुमान बहुत से कारकों पर निर्भर करता है। इसमें बीमारी की अवस्था और लिंफोमा का कारण बनने वाले आनुवांशिक बदलाव शामिल हैं।

उचित उपचार के साथ, अमेरिका में सीमित अवस्था (अवस्था 1 या 2) के लिंफोब्लास्टिक लिंफोमा से ग्रस्त बच्चों के मामले में 5-वर्षीय उत्तरजीविता दर लगभग 90% है।

अधिक उन्नत (स्तर 3 या 4) लिंफोब्लास्टिक लिंफोमा के लिए 5 साल तक जीवित रहने की दर आम तौर पर 80% से अधिक होती है।

लिंफोब्लास्टिक लिंफोमा के लिए सहायता

कैंसर की पहचान और उपचार का सामना करना मरीज़ और परिवार के लिए तनावपूर्ण हो सकता है। आप चाहें तो किसी समाजसेवी, मनोविज्ञानी या किसी अन्य मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से बात कर सकते हैं।

जानें कि अपने बच्चे से कैंसर के बारे में बात कैसे करें।

उपचार के बाद, पुनरावर्तन पर नज़र रखने के लिए आपके बच्चे का चिकित्सक इमेजिंग परीक्षणों और जाँचों का उपयोग कर सकता है। बचपन के कैंसर से जीत चुके लोगों को अपने पूरे जीवन भर फॉलो-अप देखभाल लेनी चाहिए। कुछ उपचारों से विलंबित प्रभाव हो सकते हैं। ये ऐसी स्वास्थ्य समस्याएँ हैं जो उपचार समाप्त हो जाने के कई महीनों या वर्षों बाद होती हैं।

उपचार पूरा करने के बाद, ये करना महत्वपूर्ण है:

  • प्राथमिक देखभाल प्रदाता द्वारा नियमित जांच और स्क्रीनिंग करवाएं
  • स्वस्थ आदतें बनाए रखें, जिसमें शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्यप्रद खान-पान शामिल है
  • स्वास्थ्य प्रदाताओं से साझा करने के लिए एक उत्तरजीविता देखभाल योजना (सर्वाइवरशिप केयर प्लान) तैयार रखें। इस योजना में ये चीज़ें होनी चाहिए:
    • स्वास्थ्य स्क्रीनिंग के बारे में मार्गदर्शन
    • बीमारी के जोखिम कारक
    • स्वास्थ्य सुधार कैसे करें

अपनी स्वास्थ्य देखभाल टीम से पूछे जाने वाले प्रश्न

  •  बायोप्सी क्या दिखाती है?
  • मेरे बच्चे को किस स्तर का कैंसर है?
  • मेरे बच्चे के उपचार विकल्प क्या हैं?
  • हर उपचार के क्या दुष्प्रभाव हो सकते हैं?
  • मेरा बच्चा दुष्प्रभाव कैसे संभालेगा?
  • क्या मेरे बच्चे को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता होगी?
  • उपचार कहां उपलब्ध है? क्या यह घर के करीब है या हमें कहीं बाहर जाकर उपचार करवाना होगा?
  • इस बीमारी का सामना करने में मदद के लिए हम किन संसाधनों का उपयोग कर सकते हैं?
  • मेरे बच्चे को उपचार के बाद किस-किस निगरानी की ज़रूरत है?
  • मैं अपने बच्चे को स्वस्थ बने रहने में मदद कैसे दूँ?
  • उपचार के देर से होने वाले संभावित दुष्प्रभाव क्या हैं?

लिंफोब्लास्टिक लिंफोमा के बारे में मुख्य बिंदु

  • लिंफोब्लास्टिक लिंफोमा एक प्रकार का नॉन-हॉजकिन लिंफोमा है जो लिंफोब्लास्ट नामक विकासशील लिम्फोसाइट में शुरू होता है।
  • चिकित्सक शारीरिक परीक्षा, रक्त परीक्षण, इमेजिंग, बायोप्सी, मीडियास्टाइनॉस्कपी और थोरेसेन्टीसिस की मदद से इस कैंसर की पहचान कर सकते हैं।
  • उपचार लिंफोब्लास्टिक लिंफोमा के प्रकार, आनुवांशिक बदलावों, बीमारी की अवस्था, मरीज़ के स्वास्थ्य और उपलब्ध उपचारों पर निर्भर करता है।
  • उपचार विकल्पों में कीमोथेरेपी, रेडिएशन (आम तौर पर केवल रिलैप्स हुई बीमारी के लिए), इम्यूनोथेरेपी, टारगेटेड थेरेपी, स्टेम सेल थेरेपी या संभावित रूप से कोई क्लिनिकल परीक्षण शामिल हो सकते हैं।
  • अमेरिका में सीमित अवस्था  (अवस्था 1 या 2) के लिंफोब्लास्टिक लिंफोमा से ग्रस्त बच्चों के मामले में 5-वर्षीय उत्तरजीविता दर लगभग 90% है।
  • अधिक उन्नत (अवस्था 3 या 4) के लिंफोब्लास्टिक लिंफोमा के लिए 5-वर्षीय उत्तरजीविता दर 80% से अधिक है।

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समीक्षित: जून 2023

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