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थ्रॉम्बोटिक थ्रॉम्बोसायटोपेनिक परप्यूरा (TTP)

TTP क्या है?

थ्रॉम्बोटिक थ्रॉम्बोसाइटोपीनिक पर्पूरा (TTP) एक दुर्लभ और गंभीर रक्त विकार है। इसमें पूरे शरीर की छोटी रक्त वाहिकाओं में रक्त के थक्के बनते हैं। 

रक्त के थक्के रक्त प्रवाह को अवरुद्ध कर सकते हैं और दिमाग तथा गुर्दे जैसे महत्वपूर्ण अंगों तक पहुँच सकने वाली ऑक्सीजन की मात्रा घटा सकते हैं। इसके कारण गंभीर चिकित्सा समस्याएँ हो सकती हैं, जैसे अंग क्षति या स्ट्रोक। 

चूँकि TTP के कारण सामान्य से अधिक थक्के बनते हैं, इसलिए शरीर अधिक प्लेटलेट का उपयोग करता है। इससे रक्तधारा में प्लेटलेट की संख्या घट जाती है। प्लेटलेट वे रक्त कोशिकाएँ हैं जो रक्तस्राव रोकने में मदद देती हैं। जब आपके बच्चे में प्लेटलेट की संख्या कम होती है तो उसे अधिक आसानी से नील पड़ सकते हैं और आसानी से रक्तस्राव हो सकता है। आपके बच्चे को चोट लगने पर सामान्य से अधिक रक्तस्राव हो सकता है या बिना किसी कारण के रक्तस्राव हो सकता है।

थक्के रक्त में तैरते हैं और लाल रक्त कोशिकाओं को नुकसान पहुँचाते हैं, जिससे वे छिन्न-भिन्न हो जाती हैं। इसके कारण एक दुर्लभ प्रकार का एनीमिया होता है जिसे हीमोलिटिक एनीमिया कहते हैं।

TTP अचानक विकसित हो सकता है। यह आम तौर पर कई दिनों या सप्ताह तक रहता है लेकिन रिकवरी में कई महीने लग सकते हैं।

TTP जीवन-घातक हो सकता है। TTP का तुरंत उपचार लेना महत्वपूर्ण होता है।

रिकवरी में कई सप्ताह या महीने लग सकते हैं। TTP के भड़कने या दोबारा होने (पुनरावर्तन) की घटनाएँ हो सकती हैं। निरंतर चिकित्सा देखभाल महत्वपूर्ण है।

थ्रॉम्बोटिक थ्रॉम्बोसायटोपेनिक परप्यूरा (TTP)

थ्रॉम्बोटिक: रक्त के थक्के (थ्रॉम्बी)

थ्रोम्बोसाइटोपेनिया: प्लेटलेट की संख्या कम होना

पर्पूरा: रक्तस्राव के कारण त्वचा का लाल या बैंगनी हो जाना

TPP के लक्षण

पेटीचियाई का चित्रण

TTP से ग्रस्त बच्चों में रक्तस्राव के कारण त्वचा पर पेटीचियाई हो सकते हैं जो चपटे, ददोरे-जैसे धब्बे होते हैं।

TTP के लक्षण रक्त के थक्कों, प्लेटलेट की कम संख्या या लाल रक्त कोशिकाओं की क्षति के कारण हो सकते हैं।

TTP के संकेतों और लक्षणों मे निम्नलिखित शामिल हैं:

  • पेटीकिया: त्वचा पर छोटे-छोटे लाल या बैंगनी “सुई की नोक जितने” धब्बे जो ददोरे जैसे दिख सकते हैं
  • पर्पूरा: रक्तस्राव के कारण त्वचा के नीचे लाल या बैंगनी धब्बे
  • पीलिया: त्वचा या आँखों के सफ़ेद भाग का पीलापन
  • बिना कारण रक्तस्राव या नील पड़ना
  • पीलापन
  • थका हुआ या कमज़ोर महसूस करना
  • ज्वर
  • सिरदर्द
  • जी मिचलाना या उल्टी होना
  • तेज हृदय गति
  • साँस की तकलीफ होना
  • भ्रम, उच्चारण में बदलाव, धुँधली दृष्टि या दौरे
  • मूत्र (पेशाब) की कम मात्रा या आपके मूत्र में प्रोटीन या रक्त

यदि आपके बच्चे में इनमें से कोई भी लक्षण है तो अपनी देखभाल टीम से तुरंत संपर्क करें।

TTP के कारण

TTP तब होता है जब एक एंज़ाइम जिसे ADAMTS13 कहते हैं। यह एंज़ाइम वॉन विलीब्रांड फ़ैक्टर (VWF) को छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ता है। VWF एक प्रोटीन है जो रक्त को थक्का जमाने में मदद देता है। जब ADAMTS13 ठीक से काम नहीं करता, तो प्लेटलेट आपस में चिपक सकती हैं और रक्त के बहुत अधिक थक्के बना सकती हैं। 

TTP महिलाओं में और अश्वेत या अफ़्रीकी पृष्ठभूमि के लोगों में अधिक सामान्य है।

TTP के प्रकार

TTP 2 प्रकार के होते हैं: अधिगृहीत और वंशानुगत।

अधिगृहीत TTP

अधिगृहीत का यह अर्थ है कि व्यक्ति इस रोग के साथ नहीं जन्मा था। शरीर ऐसे एंटीबॉडी (प्रोटीन) बनाता है जो ADAMTS13 एंज़ाइम को ठीक से काम करने से रोकते हैं। अधिगृहीत TTP सबसे सामान्य प्रकार का TTP है। इसका कोई स्पष्ट कारण नहीं होता है। इसकी रोकथाम का कोई तरीका नहीं है।

वंशानुगत TTP

वंशानुगत या आनुवंशिक TTP तब होता है जब ADAMTS13 का नियंत्रण करने वाली जीन में कोई समस्या होती है। माता-पिता वंशानुगत TTP के लिए ज़िम्मेदार जीन बदलाव (उत्परिवर्तन) को अपने बच्चों को दे सकते हैं। यह TTP का एक दुर्लभ कारण है। लक्षण अक्सर छोटी उम्र में विकसित हो जाते हैं लेकिन कुछ मामलों में वे वयस्क अवस्था में जाकर विकसित होते हैं।

TTP की पहचान करना

आपके बच्चे का चिकित्सक उसे किसी हिमेटॉलजिस्ट को रेफ़र कर सकता है। हिमेटॉलजिस्ट रक्त विकारों की पहचान और उपचार करता है। TTP की पहचान आपके बच्चे के चिकित्सा इतिहास, शारीरिक परीक्षा और लैब परीक्षणों के आधार पर की जाती है। चिकित्सक आपसे रक्तस्राव या नील पड़ने में जो भी बदलाव हों उनके बारे में, हालिया अस्वस्थताओं के बारे में या आपका बच्चा जो दवाएँ ले रहा है उनके बारे में पूछ सकता है।

लैब परीक्षणों में ये शामिल हो सकते हैं:

  • ADAMTS13 परीक्षण: यह मापता है कि ADAMTS13 एंज़ाइम कितना सक्रिय है। यदि सक्रियता कम है तो आपके बच्चे को TTP हो सकता है।
  • ब्लड स्मिअर परीक्षण: चिकित्सक आपके बच्चे का थोड़ा-सा रक्त एक स्लाइड पर रखते हैं। वे माइक्रोस्कोप के ज़रिए रक्त को देखते हैं। यदि आपके बच्चे को TTP है तो लाल रक्त कोशिकाएँ टूटी-फूटी दिखती हैं।
  • बिलिरूबिन परीक्षण: जब लाल रक्त कोशिकाएँ क्षतिग्रस्त होती हैं तो वे रक्त में हीमोग्लोबिन छोड़ती हैं। हीमोग्लोबिन को बिलीरुबिनमें तोड़ा जाता है। के उच्च स्तर बिलीरुबिन हैं तो यह TTP का संकेत हो सकता है।
  • पूर्ण रक्त गणना (CBC): यह परीक्षण आपके बच्चे के रक्त में लाल रक्त कोशिकाओं, सफ़ेद रक्त कोशिकाओं और प्लेटलेट की संख्या मापता है। TTP ग्रस्त लोगों के रक्त में लाल रक्त कोशिकाओं और प्लेटलेट की संख्या कम होती है।
  • क्रिएटिनिन परीक्षण: क्रिएटिनिन रक्त में एक अपशिष्ट उत्पाद होता है जिसे आम तौर पर गुर्दे बाहर निकाल देते हैं। TTP ग्रस्त लोगों के रक्त में क्रिएटिनिन के उच्च स्तर हो सकते हैं।
  • लैक्टेट डीहाइड्रोजनेज़ (LDH) परीक्षण: यह एक एंज़ाइम है जो अधिकांश कोशिकाओं में होता है। जब कोशिकाएँ टूटती हैं तो यह एंज़ाइम रक्त में मुक्त हो जाता है। यदि आपके बच्चे को TTP है तो उसमें LDH का स्तर सामान्य से अधिक होगा।
  • मूत्र और गुर्दा कार्यक्षमता परीक्षण:ये परीक्षण यह बता सकते हैं कि आपके बच्चे के गुर्दे सामान्य ढंग से काम कर रहे हैं या नहीं। यदि आपके बच्चे को TTP है, तो उसके मूत्र में प्रोटीन या रक्त कोशिकाएँ हो सकती हैं।

TTP का उपचार

यदि TTP का तुरंत उपचार न किया जाए तो यह प्राणघातक हो सकता है। आपके बच्चे को स्ट्रोक, दौरे, रक्तस्राव या उसके अंगों को और क्षति से बचने के लिए उपचार की ज़रूरत होती है। यदि TTP की पहचान के जल्द बाद उपचार शुरू हो जाए तो अधिकांश बच्चे अच्छी रिकवरी करते हैं।

प्लाज़्मा उपचार TTP के उपचार का सबसे सामान्य तरीका हैं। इसका उपचार दवा या सर्जरी से भी किया जा सकता है।

प्लाज़्मा उपचार

प्लाज़्मा थैरेपी 2 प्रकार की होती है: प्लाज़्मा एक्सचेंज और फ़्रेश फ़्रोज़न प्लाज़्मा इन्फ़्यूज़न।

थैराप्यूटिक (उपचारात्मक) प्लाज़्मा एक्सचेंज (प्लाज़्माफेरेसिस) का उपयोग अधिगृहीत TTP के उपचार के लिए होता है। प्लाज़्मा एक्सचेंज में अस्वस्थ प्लाज़्मा (रक्त का द्रव अंश) को निकाला जाता है और उसके स्थान पर किसी दाता से प्राप्त स्वस्थ प्लाज़्मा डाला जाता है।

थैरप्यूटिक प्लाज़्मा एक्सचेंजके बारे में और जानें।

फ़्रेश फ़्रोज़न प्लाज़्मा का उपयोग वंशानुगत TTP के उपचार के लिए होता है। आपके बच्चे को किसी दाता से प्राप्त स्वस्थ प्लाज़्मा शिरा में IV के ज़रिए दिया जाता है। यह प्लाज़्मा इन्फ़्यूज़न अनुपस्थित या दोषपूर्ण ADAMTS13 एंज़ाइम की भरपाई करता है।

आपका बच्चा लक्षणों में सुधार होने तक प्लाज़्मा थैरेपी उपचार दोहराता है। इसमें कुछ समय लग सकता है। आपके बच्चे के मामले में कितना समय लग सकता है इस बारे में अपनी देखभाल टीम से बात करें।

दवाइयां

इम्यून TTP के लिए, आपके बच्चे का चिकित्सक प्रतिरक्षा तंत्र को ADAMTS13 पर हमला करने से रोकने में मदद देने के लिए दवाएँ लिख सकता है। इन दवाओं में स्टेरॉइड दवाएँ और रिटक्सिमैबशामिल हैं।

आपका स्वास्थ्य देखभाल प्रदाता TTP के लिए अन्य दवाएँ लिख सकता है। उनमें शामिल है कैपलेसिज़ुमैब नामक दवा जो प्लेटलेट को आपस में चिपकने से रोकने में मदद देती है, ताकि रक्त के थक्के न बन पाएँ।

सर्जरी

दुर्लभ मामलों में, यदि अन्य उपचार काम न करें तो सर्जन को बच्चे का स्प्लीन (तिल्ली) निकालना पड़ता है, इस सर्जरी को स्प्लेनेक्टमी कहते हैं। ADAMTS13 एंज़ाइम पर हमला करने वाले एंटीबॉडी स्प्लीन में बनते हैं। स्प्लीन को निकाल देने से शरीर ये एंटीबॉडी नहीं बना पाता है।

TTP के साथ जीवन गुज़ारना

उचित देखभाल के साथ, आपका बच्चा लक्षण मुक्त जीवन जी सकता है। यदि लक्षण लौट आएँ, तो उपचार दोबारा शुरू करने के लिए अपनी हिमेटॉलजी देखभाल टीम से जल्द-से-जल्द संपर्क करें।

अपने बच्चे को सुरक्षित रखने में मदद के लिए, इनसे पहले अपने बच्चे की देखभाल टीम से बात करें:

  • रक्त पतला कर सकने वाली कोई भी नई दवा शुरू करने या लेने से पहले
  • गहन शारीरिक गतिविधियाँ या आपके बच्चे को गिरने या चोट के जोखिम में डाल सकने वाली गतिविधियाँ करवाने से पहले

TTP एक गंभीर स्थिति है। यदि लक्षण दिखें, तो उनका तुरंत उपचार ज़रूरी है।

सुनिश्चित करें कि आपके बच्चे के सारे सुझावित परीक्षण और चिकित्सीय देखभाल हो। हमेशा अपनी देखभाल टीम द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करें।

अपनी देखभाल टीम से पूछे जाने वाले प्रश्न

  • हमारे पास उपचार के कौन-कौनसे विकल्प हैं?
  • TTP मेरे बच्चे के जीवन को किस प्रकार प्रभावित करेगा?
  • क्या TTP उपचार के बाद वापस आएगा?
  • TTP से पीड़ित बच्चों के लिए दीर्घकालिक दृष्टिकोण क्या है?
  • क्या मेरे बच्चे को अन्य चिकित्सकों को दिखाने की ज़रूरत पड़ेगी?
  • हमें किन चेतावनी संकेतों पर नज़र रखनी चाहिए?

TTP के बारे में मुख्य बिंदु

  • थ्रॉम्बोटिक थ्रॉम्बोसायटोपेनिक पर्पूरा (TTP) एक रक्त विकार है जिसमें पूरे शरीर की छोटी रक्त वाहिकाओं में रक्त के थक्के बनते हैं।
  • TTP प्लेटलेट की संख्या घटा सकता है जिससे रक्तस्राव और नील पड़ने का जोखिम बढ़ जाता है
  • अधिकांश मामलों में TTP ऐसे एंटीबॉडी के कारण होता है जो शरीर में मौजूद एक एंज़ाइम पर हमला करते हैं। 
  • दुर्लभ मामलों में, TTP वंशानुगत हो सकता है (पीढ़ी-दर-पीढ़ी चल सकता है)।
  • TTP के उपचारों में प्लाज़्मा थैरेपी और दवाएँ शामिल हैं।


समीक्षित: सितंबर 2024

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