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रक्त के थक्के

रक्त का थक्का क्या होता है?

रक्त का थक्का रक्त का एक जैल-जैसा पिंड होता है जो रक्त कोशिकाओं और प्रोटीन के साथ चिपककर बने पिंड से बनता है। रक्त पूरे शरीर में धमनियों और शिराओं नामक वाहिकों में बहता रहता है। यदि कोई चोट लगती है, जैसे कट या घाव, तो उस स्थान पर रक्तस्राव रोकने के लिए एक थक्का बन जाता है।

कभी-कभी रक्त का थक्का (थ्रॉम्बस) किसी रक्त वाहिका के भीतर वहाँ बन जाता है जहाँ उसकी ज़रूरत नहीं होती है और फिर वह रक्त का प्रवाह अवरुद्ध कर देता है। इसे थ्रॉम्बोसिस कहते हैं। थक्का अपनी जगह से टूटकर फेफड़ों या दिमाग में भी जा सकता है (एम्बोलिज़्म)।

रक्त के थक्के गंभीर स्वास्थ्य समस्याएँ कर सकते हैं, जो प्राणघातक हो सकती हैं।

रक्त के थक्के: थ्रॉम्बोसिस और एम्बोलिज़्म

यदि किसी रक्त वाहिका में रक्त का थक्का बने और फिर वह टूटकर अपनी जगह से अलग होकर शरीर के किसी अन्य भाग में पहुँच जाए तो वह हानिकारक हो सकता है।

रक्त के थक्के के लक्षण

रक्त के थक्के के संकेत और लक्षण उसके स्थान पर निर्भर करते हैं।

डीप वेन थ्रॉम्बोसिस या DVT: यदि रक्त का थक्का किसी मांसपेशी, आम तौर पर किसी पैर या बाँह की मांसपेशी, के भीतर गहराई में है तो संकेतों और लक्षणों में ये शामिल हो सकते हैं:

  • दर्द / संवेदनशीलता
  • सूजन
  • गर्माहट
  • त्वचा में लालिमा या उसका बेरंग होना

फेफड़ा संबंधी एम्बोलिज़्म: यदि रक्त का थक्का फेफड़ों में पहुँच जाए, तो संकेतों और लक्षणों में ये शामिल हो सकते हैं:

  • छाती में दर्द
  • सांस लेने में तकलीफ़
  • तेज़ हृदयगति या हृदय का तेज़ी से धड़कना
  • बिना किसी स्पष्ट कारण के खाँसी आना या खाँसी में रक्त आना

आघात (लकवा) यदि रक्त का थक्का दिमाग में पहुँच जाए, तो संकेतों और लक्षणों में ये शामिल हो सकते हैं:

  • एक साइड पर चेहरे, बाँहों या पैरों में सुन्नता या कमज़ोरी 
  • अचानक व तेज़ सिर दर्द
  • चक्कर आने या संतुलन की समस्याएँ
  • दृष्टि-संबंधी परिवर्तन
  • बोलने में परेशानी

रक्त का थक्का चिकित्सीय आपातस्थिति होता है। यदि आपके बच्चे में इनमें से कोई भी संकेत या लक्षण हो तो तुरंत चिकित्सीय सहायता प्राप्त करें।

रक्त के थक्कों के कारण

कुछ कारक आपके बच्चे में रक्त के थक्के का जोखिम बढ़ा सकते हैं। इनमें शामिल है:

  • हालिया सर्जरी या चोट
  • अक्रियता या बेडरेस्ट की लंबी अवधियाँ
  • सेंट्रल वीनस कैथेटर (सेंट्रल लाइन) लगा होना
  • कुछ अस्वस्थताएँ, जैसे दीर्घकालिक शोथकारी रोग, कैंसर, रक्त विकार या थक्का-संबंधी विकार
  • कुछ दवाएँ, जैसे हॉर्मोन थैरेपी या गर्भनिरोधक गोलियाँ
  • मोटापा
  • धूम्रपान
  • परिवार में रक्त के थक्के बनने का इतिहास
  • ऐसे वंशानुगत विकार जो रक्त में थक्कों का कारण बनते हैं

रक्त के थक्कों की पहचान

रक्त के थक्कों की पहचान चिकित्सा इतिहास, शारीरिक परीक्षा, रक्त परीक्षणों और इमेजिंग परीक्षणों की मदद से की जाती है।

रक्त के थक्कों का उपचार

रक्त के थक्के का उपचार आपके बच्चे के चिकित्सा इतिहास, रक्त के थक्के के स्थान और उसके कारण पर निर्भर करता है। 

एंटीकोएगुलेंट नामक दवाएँ (रक्त पतला करने वाली दवाएँ) रक्त के थक्कों का मुख्य उपचार हैं। कुछ मामलों में, यदि रक्त का थक्का प्राणघातक है तो उसे निकालने के लिए सर्जरी ज़रूरी हो सकती है।

रक्त के थक्के की निगरानी के लिए आपके बच्चे को अतिरिक्त इमेजिंग परीक्षणों की ज़रूरत हो सकती है।  

पोस्ट-थ्रॉम्बोटिक सिंड्रोम (PTS) 

पोस्ट-थ्रॉम्बोटिक सिंड्रोम (PTS) डीप वेन थ्रॉम्बोसिस के बाद हो सकने वाली एक संभावित रूप से दीर्घकालिक जटिलता है। यदि रक्त वाहिका को नुकसान हुआ है, तो आपके बच्चे के प्रभावित पैर या बाँह में दर्द और सूजन हो सकते हैं। 

पोस्ट-थ्रॉम्बोटिक सिंड्रोम के संकेतों और लक्षणों में ये शामिल हो सकते हैं:

  • दर्द
  • सूजन
  • खुजली
  • त्वचा का बेरंग होना 

गंभीर रूप में, पोस्ट-थ्रॉम्बोटिक सिंड्रोम से त्वचा पर घाव या छाले हो सकते हैं। उनका ठीक होना मुश्किल हो सकता है।

ये संकेत और लक्षण थ्रॉम्बोसिस के संकेतों और लक्षणों जैसे भी हो सकते हैं। यदि लक्षण बने रहें, बदतर हो जाएँ या यदि आप कारण को लेकर अनिश्चित हों तो चिकित्सीय देखभाल प्राप्त करें।

पोस्ट-थ्रॉम्बोटिक सिंड्रोम के प्रबंधन में मदद के तरीकों में ये शामिल हैं:

  • प्रिस्क्राइब किए गए अनुसार एंटीकोएगुलेंट दवा से रक्त के थक्के का उपचार करें।
  • यदि सुझाया जाए तो कंप्रेशन स्टॉकिंग्स पहनें
  • शारीरिक रूप से सक्रिय रहें
  • यदि सूजन हो जाए तो प्रभावित पैर या बाँह को प्रति दिन 20-30 मिनटों तक हृदय से अधिक ऊँचा उठाकर रखें।

अपने बच्चे के रक्त के थक्कों के जोखिम के बारे में और किन संकेतों व लक्षणों पर नज़र रखनी है इस बारे में अपनी देखभाल टीम से बात करें। रक्त के थक्कों की रोकथाम और प्रबंधन के लिए अपनी देखभाल टीम से मिले निर्देशों का हमेशा पालन करें। 

देखभाल टीम से पूछने के लिए प्रश्न

  • मेरे बच्चे का रक्त के थक्कों का जोखिम क्या है?
  • मैं अपने बच्चे में रक्त का थक्का होने का जोखिम कैसे घटाऊँ?
  • मुझे रक्त के थक्कों के किन लक्षणों पर नज़र रखनी चाहिए?
  • रक्त के थक्कों का उपचार कैसे होता है? 
  • मुझे देखभाल टीम को कब कॉल करना चाहिए?

रक्त के थक्कों के बारे में मुख्य बिंदु

  • रक्त के थक्के कभी-कभी तब भी बन जाते हैं जब उनकी ज़रूरत नहीं होती है, और वे रक्त प्रवाह को बाधित करते हैं। इसे थ्रॉम्बोसिस कहते हैं।
  • कभी-कभी कोई थक्का फेफड़ों या दिमाग में जा सकता है। इसे एम्बोलिज़्म कहते हैं। 
  • रक्त के थक्के के लक्षण उसके स्थान पर निर्भर करते हैं और उनमें किसी स्थान (अक्सर पैर या बाँह) में सूजन, लालिमा, दर्द या गर्माहट अथवा यदि थक्का फेफड़ों में चला जाए तो साँस लेने में कठिनाई शामिल हो सकते हैं। 
  • यदि आपके बच्चे में कुछ जोखिम कारक हैं, जैसे आनुवंशिक क्लॉटिंग विकार, हालिया सर्जरी, लंबे समय से अचलता, सेंट्रल लाइन लगी होना, संक्रमण, कुछ दीर्घकालिक अस्वस्थताएँ या मोटापा, तो उसमें रक्त के थक्कों का अधिक जोखिम हो सकता है। 
  • जल्द पहचान और उपचार रक्त के थक्कों के प्रबंधन और प्राणघातक जटिलताओं की रोकथाम के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। यदि आपके बच्चे में रक्त के थक्के के संकेत या लक्षण हों तो तुरंत चिकित्सा देखभाल प्राप्त करें।


समीक्षित: दिसंबर 2024

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