कीमोथैरेपी के बाद तंत्रिका क्षति (पेरिफेरल न्यूरॉपथी)
पेरिफ़ेरल न्यूरोपैथी क्या है?
पेरिफेरल न्यूरॉपथी हथेलियों और पंजों में होने वाली एक प्रकार की तंत्रिका क्षति है। यह स्थिति कुछ कीमोथैरेपी दवाओं का दुष्प्रभाव हो सकती है।
दर्द, संवेदनहीन होना या हाथ या पैर में झुनझुनी होना लक्षणों में शामिल हैं। जैसे-जैसे पैरों की नसों की क्षति बढ़ती है, मांसपेशियां कमजोर हो सकती हैं और पैर लटकने का कारण बन सकती हैं। इसके कारण आप चलते समय पंजे के अग्र भाग को उठाने में अक्षम हो सकते हैं और आपको पंजे घिसटकर चलना पड़ सकता है।
पेरिफेरल न्यूरॉपथी को ठीक नहीं किया जा सकता है। लेकिन संभव है कि आपकी देखभाल टीम लक्षणों को और बिगड़ने से रोक सके।
कीमोथैरेपी के कारण हुई तंत्रिका क्षति आम तौर पर उपचार खत्म होने के बाद ठीक होने लगती है, लेकिन कुछ मांसपेशियों की कमज़ोरी लंबे समय तक बनी रह सकती है।
परिधीय न्यूरोपैथी के लक्षण
पेरिफेरल यानी परिधीय तंत्रिकाएँ संकेतों को दिमाग से शरीर के बाकी सभी भागों तक लेकर जाती हैं।
इन संकेतों के विभिन्न कार्य होते हैं:
गत्यात्मक (चलना-फिरना, हिलना-डुलना)
संवेदी (दर्द, स्पर्श)
स्वायत्त (तापमान, रक्तचाप)
मोटर लक्षण
संतुलन और तालमेल में कमी
चाल में बदलाव जिसके कारण आप लड़खड़ा या गिर सकते हैं
पंजे के अग्र भाग को उठाने में कठिनाई। इसे “फ़ुट ड्रॉप” कहते हैं।
मांसपेशियों की कमज़ोरी और मांसपेशियों के द्रव्यमान का घटना
मांसपेशियों में ऐंठन और कड़ापन
बारीक संचालक कौशल के साथ समस्याएं जैसे लिखना, जूते बांधना या कपड़ों में बटन लगाना
संवेदक लक्षण
सुन्नपन, झुनझुनी, या सुई चुभने का एहसास
मुंह या जबड़े का दर्द
गर्मी या ठंड महसूस न कर पाना
दर्द, जैसे छाले या कट, को महसूस न कर पाना
तेज, अचानक, बहुत ज़्यादा दर्द
कब्ज या पेशाब करने में परेशानी
मुँह सूखना
स्वायत्तता के लक्षण
कब्ज या पेशाब करने में परेशानी
पसीना होने में कमी
खड़े होने पर या तेज़ी से चलने पर चक्कर आना। इससे बेहोशी हो सकती है।
मुंह सूखना
त्वचा के रंग में बदलाव
शरीर के तापमान के नियंत्रण में समस्याएँ
समस्याएँ आम तौर पर रीढ़ की हड्डी (स्पाइनल कॉर्ड) से सबसे दूर की तंत्रिकाओं में शुरू होती हैं। यही कारण है कि हाथ और पैर सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। हाथों की जगह पहले पैरों से कमजोरी की शुरुआत होती है।
पेरिफ़ेरल (सतही) न्यूरोपैथी के कारण
कीमोथेरेपी की दवाइयां नसों को नुकसान पंहुचा सकती हैं। तंत्रिका क्षति कर सकने के सबसे अधिक जोखिम वाली कुछ दवाएँ इस प्रकार हैं:
दवाओं की अधिक मात्राएँ और उनके संयोजन तंत्रिका क्षति की संभावना बढ़ा सकते हैं। छोटे बच्चों में अधिक जोखिम हो सकता है, क्योंकि उनका तंत्रिका तंत्र अभी भी विकसित हो रहा होता है। विकीरण चिकित्सा भी रेडिएशन के क्षेत्र में मौजूद तंत्रिकाओं को क्षति पहुँचा सकती है। ऐसा होना आम नहीं है।
चिकित्सीय स्थितियां जैसे कि मधुमेह (डायबिटीज) तंत्रिकाओं को क्षति पहुँचा सकती हैं और पेरिफेरल न्यूरॉपथी का जोखिम बढा सकती हैं।
आपके बच्चे के पंजों में संवेदना की हानि है या नहीं यह देखने के लिए उसका फिज़िकल थैरेपिस्ट संवेदी परीक्षण कर सकता है।
पेरिफेरल न्यूरॉपथी की पहचान
पेरिफेरल न्यूरॉपथी की पहचान करने के लिए, आपके बच्चे की देखभाल टीम इन चीज़ों पर नज़र डालती है:
लक्षण के प्रकार
लक्षणों, जैसे दर्द, की गंभीरता। वह यह देखती है कि लक्षण दैनिक जीवन को कितना प्रभावित करते हैं।
समय के साथ लक्षणों में बदलाव
आपके बच्चे का न्यूरोलॉजिकल परीक्षण और अन्य परीक्षण किए जा सकते हैं। एक न्यूरोलॉजिकल परीक्षा रिफ्लेक्सिस, संवेदनाओं और तंत्रिका संकेतों को मापती है देखभाल प्रदाता तंत्रिका क्षति के ग्रेड, यानी गंभीरता, के निर्धारण के लिए एक रेटिंग पैमाने का उपयोग कर सकते हैं।
रोग-पहचान और उपचार योजनाओं में मदद के लिए आपका बच्चा किसी फिज़िकल थैरेपिस्ट को भी दिखा सकता है। फिज़िकल थैरेपिस्ट इन चीज़ों पर नज़र डाल सकता है:
पेरिफेरल न्यूरॉपथी को ठीक नहीं किया जा सकता है। लेकिन आप इसका प्रबंधन कर सकते हैं। आपके बच्चे की स्वास्थ्य देखभाल टीम लक्षणों को बिगड़ने से बचाने में मदद के लिए आपके साथ काम कर सकती है।
यदि आपके बच्चे को दवाओं के कारण पेरिफेरल न्यूरॉपथी हुई है, तो देखभाल टीम तंत्रिका क्षति का जोखिम घटाने के लिए उपचार योजना को अपडेट कर सकती है। जब भी हो सके, देखभाल प्रदाता इनकी कोशिश करते हैं:
दवा की मात्रा सीमित करना
आराम के लिए ब्रेक लेने की योजना बनाना
दवाओं के ऐसे संयोजनों से बचना जो न्यूरॉपथी का जोखिम बढ़ाते हैं
कभी-कभी उपचार खत्म होने के बाद लक्षणों में सुधार हो जाता है। लेकिन संभव है कि लक्षण पूरी तरह खत्म न हों। और आगे चलकर नए लक्षण विकसित हो सकते हैं। उपचार के बाद देरी से दिखाई देने वाले प्रभाव ये हैं।
स्वास्थ्य देखभाल प्रदाता दर्द के लक्षणों में मदद के लिए दवाएँ लिख सकता है। फिज़िकल थैरेपी और ऑक्युपेशनल थैरेपी से दर्द, संवेदना की हानि, और मांसपेशियों में कड़ापन और/या कमज़ोरी इत्यादि समस्याओं में मदद मिल सकती है।
उपचार के प्रकार
कार्यनीतियों में ये शामिल हो सकते हैं:
दर्द का प्रबंधन आपके बच्चे की देखभाल टीम तंत्रिकाओं के दर्द के लिए विभिन्न प्रकार की दवाएँ आज़मा सकती है। उनमें शामिल हो सकती हैं डिप्रेशन-रोधी दवा, दौरा-रोधी दवा जैसे गाबापेंटिन, और/या दर्दनाशी दवाएँ जैसे ओपिऑइड औरलिडोकेन.
पुनर्वास सहायता: इसमें फिज़िकल थैरेपी और ऑक्युपेशनल (व्यवसाय-संबंधी) थैरेपी शामिल होती हैं। उपचार निम्न शामिल हो सकते हैं:
ताकत, गति की सीमा और संतुलन में सुधार करने के लिए व्यायाम
चलने में मदद के लिए सचलता सहायक, जैसे वॉकर, बैसाखियाँ, या बेंत
जोड़ों को संरेखित करने और गति में सुधार करने के लिए आर्च या टखने के सहारे जैसे उपकरण
दैनिक गतिविधियों में मदद के लिए सहायक डिवाइस। इसमें लिखने, कपड़ों के बटन लगाने, या दाँत ब्रश करने में मदद के लिए टूल शामिल हो सकते हैं।
घर में व्यायाम और परिवार की शिक्षा
एकीकृत चिकित्सा: रोगियों को विभिन्न माइंड-बॉडी थैरेपी जैसे मालिश, एक्यूपंक्चर, बायोफ़ीडबैक, योग, और अन्य शिथिलन तकनीकों से मदद मिल सकती है। कोई भी नई थैरेपी आज़माने से पहले देखभाल टीम से बात करके यह सुनिश्चित करें कि वह सुरक्षित हो।
चक्कर का उपचार: कभी-कभी, पेरिफेरल न्यूरॉपथी से ग्रस्त लोगों को खड़े होने पर चक्कर आते हैं। ऐसा आम तौर पर रक्तचाप में अल्पकालिक गिरावट के कारण होता है। उपचारों में धीरे-धीरे सीधे बैठना, पानी का सेवन बढ़ाना, और दवाएँ लेना शामिल हो सकता है। यदि रोगी बेहोश हो जाए, तो उसे सपाट लेटाएँ और उसके पैर ऊँचे उठा दें। इसके बाद उसे तुरंत वापस होश में आ जाना चाहिए।
आपका बच्चा पेरिफेरल न्यूरॉपथी के लक्षणों के उपचार में मदद के लिए किसी फिज़िकल या ऑक्युपेशनल थैरेपिस्ट के साथ काम कर सकता है।
पेरिफेरल न्यूरॉपथी के लिए पूर्वानुमान
पेरिफेरल न्यूरॉपथी से ग्रस्त अधिकांश लोगों में लक्षण ठीक हो जाते हैं और मांसपेशियों की कमज़ोरी में सुधार होता है। मांसपेशियों में इतनी कमज़ोरी होना आम नहीं है जो व्यक्ति को अशक्त बना दे।
मांसपेशियों की कमजोरी, चाल में बदलाव और जोड़ों के खराब संरेखण के कारण दीर्घकालिक स्वास्थ्य समस्याएँ हो सकती हैं। घुटने, कूल्हे और रीढ़ समय के साथ क्षतिग्रस्त हो सकते हैं। इससे दर्द होता है और कार्यक्षमता घटती है। और इससे गिरने का जोखिम बढ़ सकता है।
पेरिफेरल न्यूरॉपथी के कारण अक्सर शारीरिक गतिविधि का स्तर घट जाता है। यह अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है या उन्हें बढ़ा सकता है।
पेरिफेरल न्यूरॉपथी का प्रबंधन करने से आपके बच्चे की जीवन की गुणवत्ता में सुधार होगा। अपनी देखभाल टीम के निर्देशों का पालन करें। देखभाल टीम के साथ फ़ॉलो-अप अपॉइंटमेंट में भाग लें।
रोगियों और उनके परिवारों के लिए सुझाव
ऐसे जूते पहनें जो सहारा देते हों पर बहुत कसे हुए न हों: रबर के सोल वाले जूते चुनें। ऐसे जूतों से बचें जो फिसलना या गिरना आसान बनाते हैं। यदि फ़ुट ड्रॉप मौजूद है तो नंगे पैर चलने से बचें।
आपकी देखभाल टीम द्वारा प्रिस्क्राइब किए अनुसार स्प्लिंट या ऑर्थोटिक्स इत्यादि डिवाइस का उपयोग करें: ये टूल बच्चों को गतिविधियों में भाग लेने और आत्मनिर्भरता बनाए रखने में मदद देते हैं। ये डिवाइस चलने में और गिरने की रोकथाम में भी मदद कर सकते हैं। बच्चे शुरुआत में डिवाइस के उपयोग का विरोध कर सकते हैं। लेकिन वे अधिक सामान्य ढंग से चल-फिर और खेल पाएँगे। घावों यया फफोलों से बचाने के लिए डिवाइस की फिटिंग नियमित रूप से जाँचें।
हथेलियों और पंजों को चोट से बचाएँ: संवेदना की हानि के कारण कटना और जलना अधिक आसान हो सकता है। फफोलों, खरोंचों, और कट के लिए नियमित रूप से जाँचें। नंगे पैर चलने से बचें।
हाथ धोने या नहाने से पहले पानी का तापमान जाँचें: संवेदना की हानि पानी के बहुत गर्म होने पर जलने का जोखिम बढ़ा सकती है।
गर्म मौसम में समस्याओं पर नज़र रखें: कुछ रोगियों में गर्मी के कारण लक्षण बढ़ सकते हैं या पसीना कम आने की समस्या हो सकती है।
मद्धिम प्रकाश वाले स्थानों में और ऊँची-नीची सतहों पर लड़खड़ाना या गिरना घटाने में मदद के लिए सावधानी बरतें: इसमें ज़ीनों वाले स्थान, दरवाज़ों की देहरियाँ, कालीन, या फ़र्श पर पड़े तार शामिल हैं।
पेरिफेरल न्यूरॉपथी के बारे में मुख्य बिंदु
पेरिफेरल न्यूरॉपथी हथेलियों और पंजों में होने वाली एक प्रकार की तंत्रिका क्षति है। कीमोथैरेपी की कुछ दवाएँ तंत्रिका क्षति कर सकती हैं।
लक्षणों में दर्द, सुन्नता, झुनझुनी, और मांसपेशियों में कमज़ोरी शामिल हो सकते हैं।
पेरिफेरल न्यूरॉपथी को ठीक नहीं किया जा सकता है। लेकिन आप इसका प्रबंधन कर सकते हैं। आपके बच्चे की स्वास्थ्य देखभाल टीम लक्षणों को बिगड़ने से बचाने में मदद कर सकती है।
सहायक डिवाइस और टूल के उपयोग के बारे में आपके बच्चे की स्वास्थ्य देखभाल टीम जो निर्देश दे उनका पालन करें। इससे जोड़ों को स्वस्थ रखने में और कार्यक्षमता सुधारने में मदद मिल सकती है।
पेरिफेरल न्यूरॉपथी के साथ आपके बच्चे को संवेदी, गत्यात्मक, और स्वायत्त लक्षण हो सकते हैं। इससे उनके गिरने या खुद को चोट पहुँचाने की संभावना बढ़ जाती है। अपनी देखभाल टीम से इस बारे में पूछें कि अपने बच्चे को घर पर सुरक्षित कैसे रखें।
गंभीर बीमारी से ग्रस्त बच्चों को फिज़िकल थेरेपी, ऑक्युपेशनल (व्यावसायिक) थेरेपी, ऑडियॉलजी, और स्पीच-लैंग्वेज थेरेपी की ज़रूरत हो सकती है। पुनर्सुधार सेवा के बारे में ज़्यादा जानें।
आपके बच्चे के ठीक होने और उसके कुशल-क्षेम के लिए लक्षणों और दुष्प्रभाव का प्रबंधन करना महत्वपूर्ण है। लक्षणों और उपचार के दुष्प्रभाव के बारे में और जानें।