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अवत्वचीय पोर्ट (त्वचा के नीचे पोर्ट)

इस उदाहरण में एक बच्चा दिखाया गया है जिसकी सबक्लेवियन नस में एक पोर्ट लगा हुआ है। पोर्ट के हिस्सों पर लेबल लगा होता है: कैथेटर, सेप्टम, डिस्क और ह्यूबर सुई। पास से दिखाया गया है कि ह्यूबर सुई को पोर्ट में डाला जा रहा है। ह्यूबर सुइयों की मदद से दवाई को सेप्टम के ज़रिए अंदर डाला जाता है।

एक अवत्वचीय पोर्ट एक केंद्रीय शिरापरक कैथेटर या केंद्रीय लाइन है जो त्वचा के नीचे स्थित होता है। ह्यूबर सुई की मदद से अवत्वचीय पोर्ट के ज़रिए दवा दी जाती है।

अवत्वचीय पोर्ट क्या होता है?

अवत्वचीय पोर्ट एक लंबी व पतली ट्यूब (कैथेटर) होता है जो दीर्घकालिक वीनस (शिरा की) एक्सेस प्रदान करता है। यह एक प्रकार का केंद्रीय शिरापरक कैथेटर (सेंट्रल लाइन) होती है जिसे सामान्य तौर पर छाती में पूरी तरह से त्वचा के नीचे लगाया जाता है। यह पोर्ट एक छोटी डिस्क जैसा दिखता है जिसका केंद्र उठा हुआ होता है। एक कैथेटर (नली) से शुरू होकर पोर्ट एक बड़ी शिरा से गुज़रती है जो आपके बच्चे के हृदय के समीप होती है, तक जाता है। 

पोर्ट को कभी-कभी पोर्ट-अ-कैथ, इंप्लांट-योग्य पोर्ट, या अवत्वचीय इन्फ़्यूज़ापोर्ट, सबक्यू पोर्ट, या इंप्लांट-योग्य वीनस एक्सेस डिवाइस (IVAD) भी कहा जाता है। इससे आपके बच्चे को दवाएँ, पोषण, रक्त उत्पाद, और तरल पदार्थ दिए जा सकते हैं। खून के नमूने भी लिए जा सकते हैं।  

अच्छी देखभाल होने पर, पोर्ट महीनों से लेकर सालों तक अपनी जगह पर रह सकता है। पोर्ट की अच्छी देखभाल करना और संक्रमण को रोकने के लिए और नली को ठीक से काम करते रहने के लिए, सभी निर्देशों का पालन करना महत्वपूर्ण है। 

अवत्वचीय पोर्ट कैसे काम करता है

देखभाल टीम त्वचा के नीचे पोर्ट और कैथेटर लगाने के लिए एक छोटा चीरा लगाती है। फिर वह कैथेटर को तब तक आगे बढ़ाती है जब तक वह हृदय के समीप मौजूद एक बड़ी शिरा तक नहीं पहुँच जाता है। पोर्ट के ऊपर की त्वचा को बंद कर दिया जाता है। 

पोर्ट का केंद्र, जिसे सेप्टम कहा जाता है, रबर से बना हुआ उभरा हुआ हिस्सा होता है। दवाएं या अन्य द्रवों को सेप्टम में डाला जाता है और वह केंद्रीय लाइन से होते हुए नसों में जाते हैं। इस पोर्ट के ज़रिए एक विशेष सुई की मदद से, जिसे ह्यूबर सुई कहा जाता है, दवाई दी जाती है। सुई लगाने से पहले उस स्थान पर सुन्न करने वाली क्रीम का उपयोग किया जा सकता है।  

इस पोर्ट के 1 या 2 एक्सेस पॉइंट हो सकते हैं (सिंगल ल्यूमेन या डबल ल्यूमेन)। लूमेन एक छिद्र या मार्ग होता है जिसके ज़रिए दवाएँ और तरल पदार्थ दिए जा सकते हैं। 

अवत्वचीय पोर्ट के लाभ

अवत्वचीय पोर्ट के कुछ लाभ इस प्रकार हैं:

  • एक अवत्वचीय पोर्ट दवाइयों, तरल पदार्थ, पोषण, रक्त उत्पादों और रक्त के नमूनों के लिए सुई की आवश्यकता को कम करता है। हालाँकि, पोर्ट को एक्सेस करने के लिए अभी-भी नीडल का उपयोग किया जाता है।
  • इस प्रकार की सेंट्रल लाइन पूरी तरह से त्वचा के नीचे स्थित होती है और शरीर के बाहर कोई भी ट्यूबिंग निकली नहीं रहती है।
  • पोर्ट लंबे समय तक शरीर के अंदर रह सकता है।
  • कुछ दवाओं से आपके बच्चे की छोटी रक्त वाहिकाओं में जलन हो सकती है। पोर्ट को उच्च रक्त प्रवाह वाली बड़ी नस में लगाया जाता है, इसलिए जलन कम होती है।
  • आप घर पर अवत्वचीय पोर्ट के ज़रिए दवाएँ दे सकते हैं, जिससे आपके बच्चे के लिए थैरेपी जारी रखना आसान हो जाता है।
  • पोर्ट के कुछ प्रकारों से, एक ही समय पर एक से अधिक प्रकार की दवाई या सॉल्यूशन दिए जा सकते हैं।
  • इस पोर्ट का रखरखाव व इस पर ध्यान देने की ज़रूरत कम होती है क्योंकि यह पूरी तरह से त्वचा के अंदर होता है।
  • पोर्ट के साथ संक्रमण का दीर्घकालिक जोखिम, अन्य प्रकार की सेंट्रल लाइनों से कम होता है।
  • आपका बच्चा पोर्ट लगे हुए भी नहा और तैर सकता है बशर्ते उसका स्वास्थ्य इसकी अनुमति दे और आपकी देखभाल टीम इसकी स्वीकृति दे।

 अवत्वचीय पोर्ट कैसे लगाया जाता है

बचपन में होने वाले कैंसर के उपचार में अक्सर अंदर डाले जाने वाले सिंगल-लुमेन टनल वाले अवत्वचीय पोर्ट का चित्र।

एक अवत्वचीय पोर्ट एक केंद्रीय शिरापरक कैथेटर होता है जो कि पूरी तरह से त्वचा के नीचे स्थित होता है। इस पोर्ट के ज़रिए एक विशेष सुई की मदद से, जिसे ह्यूबर सुई कहा जाता है, दवाई दी जाती है।

क्या उम्मीद करनी है यह जानने से आप और आपके बच्चे को पोर्ट लगाए जाने से पहले और के दौरान अधिक सहज महसूस करने में मदद मिल सकती है।

पोर्ट को लगाने के लिए बच्चों को जनरल एनेस्थीसिया दिया जाएगा। इसका यह अर्थ है कि कार्यविधि के दौरान आपके बच्चे को दर्द महसूस नहीं होगा या वह सजग नहीं होगा। कार्यविधि से पहले कब आपके बच्चे को खाना-पानी रोक देना चाहिए इस बारे में NPO (मुंह से कुछ भी नहीं) निर्देशों का पालन करना ज़रूरी है। पूरी प्रक्रिया, जिसमें एनेस्थीज़िया और रिकवरी शामिल है, में सामान्य तौर पर लगभग 1–2 घंटे लगते हैं।

अवत्वचीय पोर्ट के जोखिम

हर चिकित्सीय कार्यविधि के कुछ जोखिम होते हैं, उनके भी जिनमें एनेस्थीज़िया और सर्जरी शामिल होती हैं। आपके बच्चे की देखभाल टीम इन जोखिमों को कम-से-कम रखने के उपाय करती है। 

अवत्वचीय पोर्ट लगाए जाने के दौरान के जोखिम 

जब पोर्ट लगाया जा रहा होता है, तब संभावित जोखिमों में ये शामिल होते हैं: 

  • किसी रक्त वाहिका में छेद होना 
  • रक्तस्राव या नील पड़ना 
  • आस-पास की संरचनाओं या अंगों को क्षति 
  • गलत शिरा में घुसाना 
  • शिरा में रक्त के थक्के बनना 
  • रक्त में हवा 
  • हृदय की अनियमित धड़कन 
  • तंत्रिकाओं को चोट 
  • संक्रमण 
  • दवाओं या कंट्रास्ट (एक्स-रे डाई) से एलर्जी की प्रतिक्रिया, यदि इनका उपयोग किया गया हो 

अवत्वचीय पोर्ट लगाए जाने के बाद के जोखिम 

संभावित जटिलताओं में ये शामिल हैं: 

  • रक्त के थक्के 
  • सूजन 
  • संक्रमण 
  • पोर्ट के इर्द-गिर्द त्वचा समस्याएँ 
  • असुविधा 
  • अवरुद्ध पोर्ट 
  • रिसाव 
  • फेफड़े पिचकना (न्यूमोथोरैक्स) - दुर्लभ 

महत्वपूर्ण जानकारी  

गंभीर समस्याएँ दुर्लभ हैं, लेकिन वे हो सकती हैं। यदि आप कार्यविधि के किसी भाग के बारे में अनिश्चित हों तो हमेशा प्रश्न पूछें। अपने बच्चे की देखभाल टीम के किसी भी निर्देश का पालन करें। 

अवत्वचीय पोर्ट की देखभाल कैसे करें

आपकी देखभाल टीम आपको अवत्वचीय पोर्ट की देखभाल का तरीका सिखाएगी। लाइन को सामान्य ढंग से काम करती बनाए रखने के लिए हमेशा अपनी देखभाल टीम से मिले निर्देशों का पालन करें और संक्रमण की रोकथाम के उपाय करें।  

घाव का जल्दी से भरना 

कुछ दिनों तक उस स्थान पर दर्द/दुखन रहेगी। जहाँ कट लगाया गया था वहाँ मेडिकल ग्लू होगा। उस स्थान पर थोड़ी सूजन या घाव रह सकता है। आपका बच्चा जैसे ही उसका मन करे वैसे ही अपनी अधिकांश सामान्य दैनिक गतिविधियों पर लौट सकता है।  

पोर्ट को एक्सेस करना 

उपचार (दवाएँ दिए जाने) के दौरान, पोर्ट को एक्सेस करने के लिए एक हूबर नीडल का उपयोग किया जाता है। आपके बच्चे को सुई चुभोए जाने पर एक “भोंक” का अनुभव हो सकता है। सुन्न करने वाली क्रीम, फ़्रीज़ स्प्रे, Buzzy®, या अन्य दर्द प्रबंधन रणनीतियों का उपयोग किया जा सकता है। जब पोर्ट का उपयोग नहीं हो रहा है तो सुई को निकाल लिया जाता है और आपका बच्चा अपनी अधिकांश दैनिक गतिविधियाँ कर सकता है। 

दवाएँ सिरिंज से या IV बैग से दी जा सकती हैं। यदि आपके बच्चे को दवाएँ प्राप्त करते समय कोई दर्द या तकलीफ़ हो तो अपनी देखभाल टीम को बताएँ। 

पोर्ट में प्रत्येक 4 सप्ताह हेपरिन डाल कर साफ़ किया जाना चाहिए। हेपरिन एक ऐसी दवा होती है जो खून का थक्का जमने से रोकती है ताकि नली खुली रहे।  

अवत्वचीय पोर्ट के साथ जीवन

जहाँ नीडल लगी हुई है उस स्थान के ऊपर आपका बच्चा एक ड्रेसिंग पहनेगा। ड्रेसिंग साफ़ और सूखी रखना ज़रूरी है।  

ऐसी गतिविधियों से बचें जिनसे पोर्ट स्थान को टक्कर लगने की संभावना हो, जैसे संपर्क वाले खेल या उछल-कूद।  

अपने बच्चे की छाती पर एक नर्म पैड लगाकर पोर्ट के आस-पास की त्वचा को सीट बेल्ट से बचाएँ।  

आपकी देखभाल टीम आपके पोर्ट के बारे में जानकारी से युक्त एक कार्ड आपको दे सकती है। यह कार्ड अपने साथ सारे समय रखें। अपने बच्चे के अध्यापकों, स्कूल नर्सों, और देखभालकर्ताओं को पोर्ट के बारे में बताएँ।  

संक्रमण से बचाव

पोर्ट वाले मरीजों में एक गंभीर संक्रमण का खतरा होता है जिसे सेंट्रल लाइन-एसोसिएटेड ब्लड स्ट्रीम इंफेक्शन (CLABSI) कहा जाता है, जो जानलेवा हो सकता है संक्रमण की रोकथाम में मदद के लिए: 

  •  लाइन की कोई भी देखभाल करने से पहले और बाद में हमेशा अपने हाथ धोएँ। 
  • सेंट्रल लाइन के स्थान को साफ़ और सूखा रखें। 
  • सुनिश्चित करें कि ड्रेसिंग को हर 7 दिन पर बदला जाए, या यदि वह गीली, गंदीया ढीली हो जाए तो और जल्दी बदला जाए। 
  • सुनिश्चित करें कि आपका बच्चा रोज़ाना नहाए और कपड़े बदले।
  • अपने बच्चे के बिस्तर की चादरें सप्ताह में एक बार, या यदि वे गंदी हो जाएँ तो और जल्दी, बदलें।
  • मुँह में बैक्टीरिया घटाने के लिए  मुँह की अच्छी देखभाल  करें, इसमें हर दिन दो बार दाँत ब्रश करना शामिल है। 
  • संक्रमण का कोई भी संकेत, जैसे दर्द, लालिमा, सूजन, रिसाव या बुखार, दिखते ही तुरंत चिकित्सा देखभाल प्राप्त करें।
पोर्ट सही तरीके से काम करे इसके लिए परिवार के सदस्यों को कैसे देखभाल करनी है इसे वे जानेंगे और संक्रमण को रोकने में मदद करेंगे। इस फ़ोटो में, कैंसर के एक रोगी के पोर्ट को हेपरिन से साफ़ किया गया है।

पोर्ट सही तरीके से काम करे इसके लिए परिवार के सदस्यों को कैसे देखभाल करनी है इसे वे जानेंगे और संक्रमण को रोकने में मदद करेंगे।

अपनी देखभाल करने वाली टीम को कॉल कब करें

यदि आपको इनमें से कुछ भी दिखे तो अपनी देखभाल टीम को कॉल करें:

  • पोर्ट स्थल पर लालिमा, दर्द, रिसाव, गर्माहट या सूजन जो बदतर हो जाए या 24 घंटों में ठीक न हो
  • शरीर की जिस साइड से पोर्ट घुसाई गई है उस साइड चेहरे, गर्दन, कंधे, छाती या बाँह में सूजन
  • बुखार (आपकी देखभाल टीम द्वारा दिए गए बुखार संबंधी दिशानिर्देशों का पालन करें)
  • कंपकंपी, उबकाई, कमज़ोरी, छाती में दर्द, साँस फूलना, तेज़ हृदयगति, चक्कर आना या भ्रम
  • पोर्ट के उपयोग में समस्याएँ

अपनी देखभाल टीम से पूछे जाने वाले प्रश्न

  • मेरे बच्चे को अवत्वचीय पोर्ट की ज़रूरत क्यों है?
  • मेरे बच्चे को इंप्लांट किए गए पोर्ट की कब तक ज़रूरत रहेगी?
  • मैं पोर्ट लगाए जाने से पहले, के दौरान और बाद में क्या उम्मीद कर सकता/ती हूँ?
  • मुझे लाइन की देखभाल की गतिविधियाँ कितनी बार करनी होंगी?
  • नीडल चुभोने के दर्द का प्रबंधन कैसे किया जाता है?
  • क्या मेरा बच्चा पोर्ट लगी होने के साथ शावर ले सकता है या नहा सकता है?
  • पोर्ट लगी होने के साथ मेरे बच्चे को क्या-क्या गतिविधियाँ नहीं करनी चाहिए?
  • क्या पोर्ट के कोई दीर्घकालिक प्रभाव हैं?
  • मुझे कैसे पता चलेगा कि मेरे बच्चे को कोई संक्रमण है?
  • मुझे देखभाल टीम को कब कॉल करना चाहिए?

अवत्वचीय पोर्ट के बारे में मुख्य बिंदु

  • अवत्वचीय (इंप्लांट किया गया) पोर्ट एक प्रकार का केंद्रीय शिरापरक कैथेटर (सेंट्रल लाइन) होता है जो त्वचा के नीचे स्थित होता है और इसमें कोई बाहरी ट्यूबिंग नहीं होती है।
  • अवत्वचीय पोर्ट आपके बच्चे को जनरल एनेस्थीज़िया देकर सर्जरी द्वारा लगाए जाते हैं।
  • उपचार की ज़रूरत पड़ने पर हूबर नीडल नामक एक विशेष नीडल त्वचा से होकर पोर्ट में जाती है।
  • इस पोर्ट के ज़रिए दवाएँ, पोषण, रक्त उत्पाद, और तरल पदार्थ दिए जा सकते हैं। खून के नमूने भी लिए जा सकते हैं।
  • अपने बच्चे के अवत्वचीय पोर्ट की देखभाल कैसे करनी है इस बारे में अपनी देखभाल टीम से मिले निर्देशों का पालन करें।
  • यदि आपको संक्रमण के संकेत दिखें तो तुरंत अपनी देखभाल टीम से संपर्क करें।


समीक्षित: फरवरी 2026

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