मुख्य विषयवस्तु में जाएं

डायपर रैश (डायपर डर्मेटाइटिस)

डायपर रैश क्या है?

अलग-अलग रंगतों की त्वचा पर डायपर डर्मेटाइटिस

डायपर रैश, या डायपर डर्मेटाइटिस, डायपर एरिया पर त्वचा में होने वाली एक सामान्य उत्तेजना है।

डायपर रैश या डायपर डर्मेटाइटिस डायपर एरिया पर त्वचा में उत्तेजना को कहते हैं। डायपर एरिया में हिप्स (नितंब), जांघें और जननांग वाली जगह शामिल हैं। डायपर रैश को इनकॉन्टिनेंस-एसोसिएटेड डर्मेटाइटिस भी कहा जाता है। यह मूत्र (पेशाब) या विष्ठा (मल) के कारण होता है।

डायपर रैश शिशुओं और घुटनों के बल चलने वाले बच्चों में सामान्य है, विशेष रूप से 4 से 15 माह की उम्र के बच्चों में। यह 9 से 12 माह की उम्र के बीच सबसे अधिक होता है। हालांकि, डायपर रैश किसी भी आयु में हो सकता है। डायपर रैश से दर्द और असुविधा हो सकती है। यदि उपचार न किया जाए तो संक्रमण हो सकता है।

गंभीर रोगों से ग्रस्त बच्चों को डायपर रैश होने का जोखिम अधिक हो सकता है। कीमोथैरेपीयदि मूत्र या मल के ज़रिए बाहर निकले तो वह डायपर एरिया की त्वचा में जलन कर सकती है। स्टेरॉयड दवाइयों के उपयोग से या प्रतिरक्षा प्रणाली कमज़ोर होने से भी जोखिम बढ़ सकता है। विकीरण चिकित्सा से त्वचा अधिक संवेदनशील बन सकती है और जलन से प्रभावित हो सकती है।

डायपर रैश को रोकने और उसके उपचार में मदद के लिए, डायपर बदलते समय त्वचा को साफ़ और सूखा रखें। अपने स्वास्थ्य देखभाल प्रदाता द्वारा अनुशंसित नमी रक्षक उत्पाद लगाएँ। 

अपनी केयर टीम को त्वचा में जलन के किसी भी संकेत के बारे में अवश्य सूचित करें। 

डायपर रैश के लक्षण

डायपर रैश के संकेत और लक्षण कारण पर निर्भर करते हैं। प्रत्येक बच्चे के लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं। 

डायपर रैश के सामान्य संकेतों और लक्षणों में निम्नलिखित शामिल हैं: 

  • डायपर एरिया में चमकदार, लाल रैश
  • लड़कों में अंडकोष और शिश्न पर लाल, खुरदरी त्वचा
  • लड़कियों में योनि क्षेत्र में लाल, खुरदरी त्वचा
  • फुंसी, छाले, घाव, बड़े उभार या मवाद से भरे धब्बे
  • छोटे-छोटे लाल धब्बे जो बढ़ सकते हैं और मुख्य रैश में शामिल हो सकते हैं
  • चिड़चिड़ाना, रोना या असहज व्यवहार करना, विशेषकर डायपर बदलते समय 

गहरे रंग की त्वचा पर, डायपर रैश त्वचा का रंग हल्का या गहरा होने के रूप में दिखाई दे सकता है।

डायपर रैश के कारण

डायपर रैश होने या इसका जोखिम बढ़ाने वाले कारकों में शामिल हैं:

  • नमी
  • मूत्र या मल
  • बार-बार मल त्याग
  • डायरिया या दस्त लगना
  • नए खाद्य पदार्थ जो पाचन प्रणाली में परिवर्तन का कारण होते हैं
  • घर्षण, त्वचा उतरना या रगड़ लगना
  • कुछ साबुन, कपड़े धोने के डिटर्जेंट, वाइप्स या लोशन जैसी उत्तेजक चीज़ों से प्रतिक्रिया
  • एंटीबायोटिक या जीवाणु नाशक दवाइयां जिनके कारण खमीर के संक्रमण (एक तरह की फफूंद जो गर्म और नमी वाले भागों में पनपती है) या दस्त होते हैं
  • वह कीमोथैरेपी या अन्य दवाएँ जो मूत्र और मल में निकलती हैं
  • त्वचा पर बैक्टीरियल या फ़ंगल (यीस्ट) संक्रमण  
  • डायपर क्षेत्र को मिला रेडिएशन

कुछ रोगियों को अपनी चिकित्सीय स्थिति के कारण से मूत्राशय या मलाशय पर नियंत्रण नहीं रह पाता (इनकॉन्टिनेंस या असंयम) और उन्हें डायपर, ट्रेनिंग पैंट या दूसरे असंयम उत्पाद पहनने पड़ सकते हैं। इससे त्वचा में जलन और असंयम से जुड़े डर्मेटाइटिस का जोखिम बढ़ जाता है।

डायपर रैश के प्रकार

डायपर रैश के अलग-अलग कारण और लक्षण हो सकते हैं। डायपर रैश के कुछ प्रकार ये हैं:

  • कॉन्टैक्ट डायपर रैश: यह डायपर रैश का सबसे सामान्य प्रकार है। यह तब होता है जब त्वचा किसी उत्तेजक चीज़ जैसे मूत्र (पेशाब) या विष्ठा (मल) के संपर्क में आती है। एक लाल, चमकदार रैश नितंब पर शुरू होता है और जांघों, पेट व कमर के हिस्सों तक फैल सकता है। इसमें सामान्य तौर पर त्वचा में सिलवटों वाले हिस्से प्रभावित नहीं होते हैं। 
  • कैंडिडा डायपर रैश: यह रैश कैंडिडा यीस्टके कारण होता है। यह सामान्य तौर पर डायपर एरिया की सिलवटों में शुरू होता है और फिर फैलता है। यह चेहरे, सिर की त्वचा या गर्दन पर भी दिख सकता है। रैश सामान्य तौर पर गहरे लाल, चमकदार रैश होते हैं, जिनमें मुख्य रैश के बाहर सूजे हुए, लाल या बैंगनी रंग के दाने होते हैं। इस तरह के रैश का संबंध मुँह में यीस्ट संक्रमण, जिसे थ्रश कहते हैं, से हो सकता है।
  • सेबोरीक डायपर रैश: यह रैश लाल होता है और उस पर तैलीय, पीले धब्बे होते हैं। यह त्वचा की सिलवटों को प्रभावित करता है। यह रैश चेहरे, सिर की त्वचा, या गर्दन पर भी हो सकता है। इसका कारण पता नहीं है।

कभी-कभी, डायपर रैश जैसा दिखने वाला रैश कुछ और भी हो सकता है। इन स्थितियों में ये शामिल हैं:

  • इम्पेटिगो बैक्टीरियल संक्रमण के कारण होता है।
  • पेरिएनल स्ट्रेप्टोकोकल बीमारी ग्रुप A स्ट्रेप्टोकोकस के कारण होती है।
  • एलर्जिक डर्मेटाइटिस साबुन, डिटर्जेंट, डायपर या अन्य उत्तेजक चीज़ों के कारण से होता है।

डायपर रैश किसी अंदरूनी बीमारी का संकेत भी हो सकता है। उदाहरण के लिए, डायपर एरिया में कोई रैश कभी-कभी किसी स्टेम सेल (बोन मैरो) ट्रांसप्लांट के बाद ग्राफ्ट-वर्सेस-होस्ट डिसीज़ (GVHD) का प्रारंभिक संकेत हो सकता है। जिन शिशुओं और बच्चों का ट्रांसप्लांट हुआ है, उनकी त्वचा में होने वाले बदलावों पर बारीकी से नज़र रखना महत्वपूर्ण है। 

डायपर रैश का उपचार

डायपर डर्मेटाइटिस का उपचार लक्षणों, बच्चे की आयु, स्वास्थ्य और रैश की तीव्रता पर निर्भर करता है। इसका लक्ष्य कारण का उपचार करना और त्वचा को ठीक होने देना है।

डायपर रैश को रोकने और उसके उपचार में मदद के कदम:

  • डायपर नियमित रूप से चेक करें और गीले या गंदे होने पर उन्हें बदल दें: जिन बच्चों को डायपर रैश का अधिक जोखिम होता है, उन्हें कम-से-कम हर 2 घंटे पर अपने डायपर चेक करवाने चाहिए। यदि आपके बच्चे को दस्त हो या जब उसे IV तरल दिए जाएँ तो डायपर बदलने की ज़रूरत अधिक बार पड़ती है।
  • त्वचा को हल्के हाथों से साफ़ करें: त्वचा को किसी हल्के साबुन और पानी या पानी आधारित वाइप से साफ़ करें। अल्कोहल या सुगंध युक्त उत्पादों का उपयोग न करें। त्वचा को स्क्रब न करें। हमेशा धीरे से नीचे की ओर वाइप करें। त्वचा को थपथपाकर सुखाएँ।
  • देखभाल टीम द्वारा सुझाए गए ऑइंटमेंट या पेस्ट का उपयोग करें: त्वचा पर नमी रक्षक ऑइंटमेंट या पेस्ट (डायपर क्रीम) अच्छी तरह से लगाएँ। सभी क्रीम नमी रक्षक नहीं होती हैं। सामान्य तौर पर ज़िंक ऑक्साइड वाले ऑइंटमेंट सुझाए जाते हैं। 

नमी रक्षक क्रीम का उपयोग कैसे करें

  • डायपर एरिया को गर्म पानी और हल्के साबुन की मदद से किसी मुलायम कपड़े से साफ़ करें और थपथपाकर सुखा लें।
  • आपको मौजूदा नमी रक्षक क्रीम को हटाने की ज़रूरत नहीं है।
  • पूरे प्रभावित हिस्से पर स्वीकृत क्रीम की एक मोटी परत लगाएँ। जब आपको क्रीम के आर-पार त्वचा दिखनी बंद हो जाए तो इसका यह अर्थ है कि आपने पर्याप्त क्रीम लगा दी है।
  • हर बार डायपर बदलने के बाद क्रीम का उपयोग करें। प्रभावित जगह को कवर करने के लिए ज़रूरत के हिसाब से दोबारा लगाएँ।
  • यदि आपके बच्चे को कीमोथैरेपी की दवाएँ दी जाती हैं, तो बताए गए तरीके से डायपर बदलने के लिए दस्ताने और अन्य व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE) पहनें। कीमोथैरेपी के बाद शरीर के तरल पदार्थों को सुरक्षित तरीके से संभालने के लिए हमेशा निर्देशों का पालन करें।

हल्के डायपर रैश सामान्य तौर पर सही देखभाल से 2-4 दिनों में ठीक हो जाते हैं। यीस्ट संक्रमण के कारण होने वाले रैश को ठीक होने में अधिक समय लग सकता है। 

किसी स्वास्थ्य देखभाल प्रदाता से संपर्क करें यदि आपका बच्चा:

  • बच्चे में घाव, फफोले, फुंसी, फोड़े या पपड़ियां बनती हैं
  • बच्चे में 24 घंटे के अंदर कोई सुधार नहीं होता
  • बच्चे में एक ऐसा रैश है जिसमें से खून निकलता है, जो लाल ठोस हो जाता है या यदि रैश डायपर क्षेत्र के बाहर तक फैल जाता है
  • बच्चे को रैश के कारण सोने में समस्या हो रही है
  • बुखार हो जाता है
  • बच्चा बीमार लगता है

परिवारों के लिए सलाह

  • अपने बच्चे की त्वचा को नियमित रूप से चेक करें: अपने बच्चे की त्वचा को रोज़ाना चेक करें, इसमें डायपर एरिया भी शामिल है। त्वचा की जलन होने के अधिक जोखिम वाले रोगियों की अधिक बार जाँच की जरूरत होती है। हो सकता है कि बड़े बच्चे जाँच करवाने से बचें। लेकिन जलन के प्रारंभिक संकेतों का पता लगाने के लिए नियमित निगरानी करना आवश्यक होता है। 
  • केवल अपने स्वास्थ्य सेवा प्रदाता द्वारा सुझाई गई डायपर क्रीम का ही उपयोग करें: कई क्रीम और ऑइंटमेंट त्वचा में उत्तेजना पैदा कर सकते हैं और डायपर रैश को बदतर बना सकते हैं। 
  • बेबी पाउडर से बचें: पाउडर श्वास द्वारा अंदर जा सकता है, जिससे श्वास और फेफड़े से संबंधित समस्याएं हो सकती हैं।
  • डायपर को ढीला रखें या डायपर उतार दें: हवा का बहाव बढ़ाने, नमी कम करने और रगड़ कम करने के लिए डायपर-मुक्त समय दें। नमी रक्षक क्रीम को अपनी जगह पर लगाए रखें, चाहे डायपर पहना हो या नहीं। 
  • सुनिश्चित करें कि सभी देखभालकर्ताओं को पता हो कि त्वचा की देखभाल कैसे करनी है।
  • हाथों को साफ़ रखने की आदत अपनाएँ: डायपर बदलने से पहले और बाद में हमेशा अपने हाथों कोसाबुन और पानी से धोएँ या हैंड सैनिटाइज़र का उपयोग करें। 

त्वचा में जो भी उत्तेजना या शोथ हो उसके बारे में अपनी देखभाल टीम को बताएँ।

देखभाल टीम से पूछने के लिए प्रश्न

  • डायपर रैश किस कारण से होता है?
  • मुझे कैसे पता चलेगा कि मेरे बच्चे को डायपर रैश है?
  • डायपर रैश के उपचार का सबसे अच्छा तरीका क्या है?
  • मुझे अपने बच्चे का डायपर कितनी बार बदलना चाहिए?
  • मुझे संक्रमण या बिगड़ते लक्षणों के बारे में कब चिंता करनी चाहिए?
  • डायपर रैश को रोकने के लिए हम क्या कर सकते हैं?
  • हमें किन साबुनों, वाइप्स या डायपर क्रीम से बचना चाहिए?
  • क्या यह रैश किसी अधिक गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है?

डायपर रैश के बारे में मुख्य बिंदु

  • डायपर रैश डायपर एरिया में त्वचा की एक सामान्य समस्या है, विशेष रूप से शिशुओं और छोटे बच्चों में। 
  • डायपर रैश के लक्षणों में त्वचा में उत्तेजना, लालिमा और लाल दाने शामिल हैं।
  • डायपर रैश सामान्य तौर पर त्वचा के मूत्र, मल या अन्य उत्तेजक पदार्थों के साथ लंबे समय तक संपर्क में आने के कारण होता है।  
  • डायपर रैश को रोकने और उसका उपचार करने के तरीकों में बार-बार डायपर चेक करना और डायपर बदलना, त्वचा की सफ़ाई करना और निर्देशानुसार नमी रक्षक क्रीम लगाना शामिल है। 
  • यदि रैश बदतर हो जाए या ठीक न हो, या यदि आपको घाव, छाले या संक्रमण के संकेत दिखाई दें, तो अपनी देखभाल टीम को बताएँ। 


समीक्षित: फरवरी 2026

संबंधित सामग्री