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संक्रमण और सिकल सेल बीमारी

सिकल सेल बीमारी (SCD) से ग्रस्त बच्चों और किशोरों में संक्रमण होने का अधिक जोखिम होता है। इनमें शामिल है:

यदि आपके बच्चे को सिकल सेल बीमारी है, तो संक्रमण प्राणघातक हो सकते हैं। संक्रमण, सिकल सेल बीमारी से ग्रस्त नवजात शिशुओं और छोटे बच्चों में मृत्यु का एक सबसे बड़ा कारण है।

यदि आपके बच्चे को बुखार है या संक्रमण के अन्य संकेत हैं तो तुरंत चिकित्सा देखभाल प्राप्त करें।

संक्रमण के लक्षण

संक्रमण के संकेतों और लक्षणों में ये शामिल हैं: 

  • ज्वर 
    • मुँह द्वारा लिया गया 101°F (38.3°C) या उससे अधिक का तापमान
    • बांह के नीचे (कांख) में 100°F (37.8°C) या उससे अधिक का तापमान
  • ठंड लगना 
  • पसीना आना
  • खांसी
  • नाक बहना
  • गले में दर्द
  • छाती में दर्द 
  • सांस लेने में तकलीफ, साँस लेने में परेशानी, या तेज़ साँस लेना
  • चिड़चिड़ापन या नखरेबाज़ी
  • त्वचा का रंग फीका पड़ना
  • भोजन उगलना (उल्टी करना) 
  • डायरिया या दस्त लगना
  • सामान्य से अधिक सोना या जागा न रह पाना
  • त्वचा में, या किसी हड्डी अथवा जोड़ के ऊपर सूजन, कोमलता या लालिमा

कुछ रोगियों में, बुखार संक्रमण का एकमात्र लक्षण हो सकता है।

सिकल सेल बीमारी में संक्रमणों के कारण

ज़्यादातर मामलों में, शरीर हानिकारक कीटाणुओं के विरुद्ध स्वयं की रक्षा कर सकता है। लेकिन सिकल सेल बीमारी आपके बच्चे के प्रतिरक्षा तंत्र को कमज़ोर कर सकती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि स्प्लीन (प्लीहा/तिल्ली) रोगाणुओं को फ़िल्टर करने और संक्रमण से लड़ने के लिए ठीक से काम नहीं करता है। 

शरीर में स्प्लीन (प्लीहा/तिल्ली) का स्थान दिखा रहा चित्र

सिकल सेल बीमारी से ग्रस्त बच्चों का स्प्लीन (प्लीहा/तिल्ली) संक्रमणों से लड़कर उन्हें खत्म करने का काम सामान्य जितना अच्छे से नहीं कर पाता है।

स्प्लीन (तिल्ली) एक अंग है जो पसली-पिंजर के नीचे शरीर की बायीं साइड पर होता है। यह लगभग एक मुट्ठी के आकार का होता है। तिल्ली ये कार्य करती है:

  • संक्रमणों से लड़ना
  • श्वेत रक्त कोशिकाएं बनाना
  • रक्त बनाना, स्टोर करना, और फ़िल्टर करना 

सिकल सेल बीमारी के कारण लाल रक्त कोशिकाओं सख्त, चिपचिपी और केले के आकार जैसी हो जाती हैं। सिकल (दराँती/हँसिया) जैसी आकृति की हो चुकी लाल रक्त कोशिकाएँ आपस में चिपककर स्प्लीन (प्लीहा/तिल्ली) के भीतर रक्त वाहिकाओं को जाम कर देती हैं। इसके फलस्वरूप नुकसान होता है और तिल्ली ठीक से काम नहीं कर पाती है।

आपके बच्चे को संक्रमण अधिक आसानी से हो सकता है और संक्रमण अधिक गंभीर, यहाँ तक कि जानलेवा भी हो सकता है।

अगर आपके बच्चे को बुखार है या उसमें संक्रमण के लक्षण दिख रहे हैं तो क्या करें

सिकल सेल बीमारी से ग्रस्त बच्चों में बुखार एक मेडिकल इमरजेंसी होता है। यदि आपको आपके बच्चे में बुखार दिखे या संक्रमण के अन्य संकेत दिखें तो तुरंत चिकित्सा देखभाल प्राप्त करें।  

जब तक आपकी देखभाल टीम न कहे, बुखार के लिए बुखार घटाने वाली दवाएँ, जैसे एसिटेमिनोफेन या आइबुप्रोफ़ेन न दें। ये दवाएँ संक्रमण के लक्षणों को छिपा सकती हैं। एसिटेमिनोफेन या आइबुप्रोफ़ेन देने से पहले हमेशा अपने बच्चे का तापमान मापें।

अपने बच्चे को उसके क्लिनिक या स्थानीय इमरजेंसी रूम ले जाएँ। संक्रमण का कारण ढूँढने के लिए आपका स्वास्थ्य देखभाल प्रदाता एक जाँच करेगा और लैब परीक्षणों का आदेश देगा। संभव है कि वह संक्रमण के उपचार के लिए कोई एंटीबायोटिक (जीवाणु नाशक दवा) लिखेगा।

911 को कब कॉल करें

911 पर कॉल करें या अपने बच्चे को निकटतम इमरजेंसी रूम ले जाएँ यदि: 

  • उसका तापमान 101.3°F (38.5°C) या अधिक हो
  • सांस लेने में कठिनाई हो
  • वह प्रतिक्रिया न दे रहा हो और आपसे बात न कर सकता हो
  • सोते से जाग न पा रहा हो
  • उसके शरीर के किसी भाग में अचानक कमज़ोरी हो, कुछ महसूस न हो, या वह उसे चला न पा रहा हो

संक्रमण कैसे रोकें

आप अपने बच्चे को स्वस्थ रहने में मदद के लिए घर पर कुछ उपाय कर सकते हैं।

सही से हाथ धोने का अभ्यास करें

संक्रमण से बचने के सर्वोत्तम तरीकों में से एक है अपने हाथों को साफ़ रखना। साबुन और पानी से कम से कम 15–20 सेकंड तक अपने हाथ धोएं या अल्कोहल से निर्मित हैंड सैनिटाइज़र का उपयोग करें। सुनिश्चित करें कि आपका बच्चा जानता हो कि हाथ अच्छे से कैसे धोए जाते हैं। छोटे बच्चों को हाथ धोने में मदद दें। 

समय से टीके लगवाते रहें

टीके कई गंभीर संक्रमणों की रोकथाम कर सकते हैं। यह सुनिश्चित करें कि आपके बच्चे को वे सभी टीके (वैक्सीन) लगें जिनकी सिफारिश उनकी केयर टीम ने की है। इन टीकों में निम्नलिखित शामिल होती हैं:

  • फ़्लू का टीका, हर वर्ष
  • हैपेटाइटिस B का टीका
  • मेनिन्जाइटिस का टीका
  • न्यूमोकॉकस (न्यूमोनिया) का टीका
  • आपकी देखभाल टीम जो अन्य टीके सुझाए वे सारे टीके

निर्देशानुसार दवाएँ दें

सिकल सेल बीमारी से ग्रस्त सभी नवजात शिशुओं और छोटे बच्चों में संक्रमणों की रोकथाम के लिए दैनिक पेनिसिलिन लिखी जाती है। सिकल सेल बीमारी से ग्रस्त कुछ लोगों को आजीवन पेनिसिलिन लेनी पड़ सकती है। सुनिश्चित करें कि आपका बच्चा सभी दवाएँ निर्देशानुसार ले। अगर आपके प्रश्न हैं तो अपने स्वास्थ्य सेवा प्रदाता या फार्मासिस्ट से बात करें।

संक्रमणों का जल्द उपचार करें

संक्रमणों  की रोकथाम करना हमेशा संभव नहीं होता है। आपके बच्चे को इन सभी दिशानिर्देशों के पालन के बाद भी संक्रमण हो सकते हैं। चिकित्सीय देखभाल प्राप्त करें ताकि संक्रमणों को शुरुआत में ही पकड़ा जा सके। 

  • संक्रमण के संकेतों और लक्षणों पर नज़र रखें।
  • अपनी देखभाल टीम से इस बारे में बात करें कि यदि आपके बच्चे को बुखार हो या वह बीमार हो जाए तो क्या करें। 
  • जानें कि यदि आपके बच्चे को, जब अस्पताल/क्लिनिक बंद हो तब या वीकेंड पर बुखार हो जाए तो क्या करें।
  • जानें कि आपातकालीन देखभाल कब प्राप्त करें। 
  • दूसरों को अपने बच्चे की स्थिति के बारे में बताएँ। स्कूल के लिए, यात्रा के लिए, और जब अन्य देखभालकर्ता आपके बच्चे की देखभाल कर रहे हो सकते हैं उन समयों के लिए एक योजना बनाकर रखें। 
  • सुनिश्चित करें कि आपका बच्चा सभी दवाएँ ठीक वैसे ले जैसे लिखी गई हैं।  

अगर संक्रमण के बारे में आपके कोई भी प्रश्न हैं, तो अपनी देखभाल टीम से बात करें। हमेशा अपनी देखभाल टीम द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करें।

अपनी देखभाल टीम से पूछे जाने वाले प्रश्न  

  • मेरे बच्चे में संक्रमण का कितना जोखिम है?
  • यदि मेरे बच्चे को बुखार हो तो मुझे क्या करना चाहिए?
  • मेरे बच्चे का तापमान मापने का सबसे अच्छा तरीका कौन सा है?
  • मुझे मेरे बच्चे का तापमान कब-कब लेना चाहिए?
  • इस बात के संकेत क्या हैं कि संक्रमण शायद बदतर हो रहा है?
  • मुझे देखभाल टीम को कब कॉल करना चाहिए?
  • संक्रमण की रोकथाम के सबसे अच्छे तरीके क्या हैं?

संक्रमण और सिकल सेल बीमारी के बारे में मुख्य बिंदु

  • सिकल सेल बीमारी से ग्रस्त बच्चों और किशोरों में संक्रमण होने का अधिक जोखिम होता है।
  • सिकल सेल बीमारी से ग्रस्त बच्चों में, मुँह का तापमान 101°F (38.3°C) या अधिक होने को बुखार माना जाता है।
  • सिकल सेल बीमारी से ग्रस्त लोगों के लिए बुखार एक मेडिकल इमरजेंसी होता है।
  • अपने बच्चे को संक्रमणों से बचने में मदद के कदम उठाएँ, इसमें आपकी देखभाल टीम द्वारा सुझाए गए टीके लगवाना शामिल है।
  • यदि आपको लगे कि आपके बच्चे में कोई संक्रमण विकसित हो रहा है तो चिकित्सीय देखभाल प्राप्त करें। 


समीक्षित: अक्टूबर 2024

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