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बचपन में होने वाले कैंसर के उपचार के बाद तंत्रिकाजन्य मूत्राशय

न्यूरोजेनिक मूत्राशय क्या है?

बचपन के कैंसर से बचने वाले अधिकांश लोगों को अपने उपचार के परिणामस्वरूप मूत्राशय से संबंधित समस्याएं नहीं होती हैं। लेकिन कुछ प्रकार के कैंसर और कैंसर के उपचारों से मूत्राशय को नुकसान पहुंच सकता है।

ऐसी ही एक स्थिति तंत्रिकाजन्य मूत्राशय है। तंत्रिकाजन्य मूत्राशय एक ऐसा रोग है जिसमें दिमाग, रीढ़ के अंदर की नस या तंत्रिका की समस्या के कारण मूत्राशय नियंत्रण में कमी आ जाती है। 

तंत्रिकाजन्य मूत्राशय कम सक्रिय (पूरी तरह से खाली न होना) या अतिसक्रिय (बहुत बार या बहुत जल्दी-जल्दी खाली होना) हो सकता है। 

न्यूरोजेनिक मूत्राशय से ग्रस्त लोगों में मूत्र पथ संक्रमण (यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फ़ेक्शन, UTI) और गुर्दा क्षति का भी अधिक जोखिम होता है। 

तंत्रिकाजन्य मूत्राशय के जोखिम कारक

तंत्रिकाजन्य मूत्राशय के जोखिम कारक

  • मूत्राशय, पौरुष ग्रंथि, पेड़ू या रीढ़ के ट्यूमर या ऐसी तंत्रिकाओं अथवा दिमाग के ऐसे क्षेत्रों में ट्यूमर जो मूत्राशय को प्रभावित करते हैं
  • इन भागों में सर्जरी या रेडिएशन

तंत्रिकाजन्य मूत्राशय के लक्षण

तंत्रिकाजन्य मूत्राशय के संकेतों और लक्षणों में शामिल हैं:

  • अचानक पेशाब करने की तीव्र इच्छा होना
  • सामान्य से अधिक बार मूत्रत्याग की आवश्यकता पड़ना
  • मूत्र की कमज़ोर धारा
  • मूत्रत्याग के लिए दम लगाना पड़ना
  • मूत्रत्याग नहीं कर पाना
  • मूत्रत्याग करते समय दर्द
  • अपना मूत्र नियंत्रित नहीं कर पाना
वॉइडिंग सिस्टोयूरेथ्रोग्राम (VCUG) का चिकित्सीय चित्र। बायीं ओर व्यक्ति की तस्वीर। दायीं ओर गुर्दों और मूत्राशय की तीन तस्वीरें हैं। एक तस्वीर यह दिखाती है कि मूत्रपथ से होकर मूत्राशय तक एक कैथेटर लगाया गया है। दायीं ओर दूसरी तस्वीर कॉन्ट्रास्ट द्रव की है जो मूत्राशय में जाता है। दायीं ओर तीसरी तस्वीर एक वॉइडिंग सिस्टोयूरेथ्रोग्राम (VCUG) की है जो यह दिखा सकता है कि मूत्र गलत दिशा में तो नहीं बह रहा है।

VCUG परीक्षण से न्यूरोजेनिक मूत्राशय की पहचान में मदद मिल सकती है।

तंत्रिकाजन्य मूत्राशय रोग की पहचान करना

न्यूरोजेनिक मूत्राशय की पहचान के लिए, चिकित्सक यह मापने के परीक्षणों का आदेश देगा कि मूत्राशय मूत्र को कितने अच्छे ढंग से स्टोर कर सकता है और खला सकता है। 

इन जाँचों में विओडिंग सिस्टोअरेथोग्राम (VCUG) या ब्लैडर सिस्टोमेट्री शामिल है। सिस्टोमेट्री वह जाँच है जो मूत्राशय के अंदर के दबाव को मापती है।

तंत्रिकाजन्य मूत्राशय का उपचार

उपचार समस्याओं के कारण पर निर्भर करता है। इसमें शामिल हो सकते हैं:

  • अतिसक्रिय मूत्राशय को शांत करने की दवाएँ
  • रोगियों को मूत्राशय समस्याओं के प्रबंधन में मदद देने के लिए प्रशिक्षण और परामर्श
  • मूत्राशय नियंत्रण और कार्यक्षमता में सुधार के लिए सर्जरी
  • जो रोगी अपने मूत्राशय को खला नहीं सकते हैं उनके लिए यूरिनरी कैथेटर। यूरिनरी कैथेटर एक संकरी ट्यूब होती है जो मूत्राशय में जाती है। यह प्रक्रिया मूत्राशय में दवाब को बढ़ने से रोकती है। दबाव, मूत्र के प्रवाह में बाधा डाल सकता है।

अपने स्वास्थ्य सेवा प्रदाता को कॉल करें यदि:

  • रात में सामान्य से अधिक बार पेशाब करने के लिए उठते हैं
  • मूत्र का रिसाव हो 
  • आपको बुखार हो या मूत्रत्याग करते समय दर्द हो
  • आपको अपने मूत्र में रक्त दिखे

न्यूरोजेनिक मूत्राशय के बारे में अपनी देखभाल टीम से पूछने के प्रश्न

  • मुझे क्या-क्या परीक्षण और स्क्रीनिंग करवानी चाहिए?
  • यदि मुझमें किसी समस्या के लक्षण हों तो मुझे कब चिकित्सक को कॉल करना चाहिए?
  • क्या मुझे किसी विशेष आहार का पालन करना होगा?
  • क्या मुझे मेरे स्कूल या कार्यस्थल में कोई बदलाव करने होंगे?

न्यूरोजेनिक मूत्राशय के बारे में मुख्य बिंदु

  • तंत्रिकाजन्य मूत्राशय एक ऐसा रोग है जिसमें दिमाग, रीढ़ के अंदर की नस या तंत्रिका की समस्या के कारण मूत्राशय नियंत्रण में कमी आ जाती है। 
  • यह पेड़ू क्षेत्र के ट्यूमरों के रेडिएशन और सर्जरी से उपचार का एक दुर्लभ दुष्प्रभाव है।
  • लक्षणों में मूत्रत्याग से संबंधित समस्याएँ शामिल हो सकती हैं। समस्याओं में सामान्य से अधिक बार मूत्रत्याग की आवश्यकता पड़ना, मूत्रत्याग नहीं कर पाना, या मूत्रत्याग में दर्द शामिल हो सकते हैं।
  • उपचार में सर्जरी, दवाएँ, या यूरिनरी कैथेटर शामिल हो सकते हैं। 


समीक्षित: अक्टूबर 2023

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