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यूरिनरी (फ़ोली) कैथेटर

यूरिनरी कैथेटर क्या है?

यूरिनरी कैथेटर एक संकरी ट्यूब होती है जो मूत्राशय में जाती है। मूत्र (पेशाब) एक ट्यूब से होकर एक बैग में एकत्र होता है। 

यूरिनरी कैथेटर की ज़रूरत हो सकती है:

  • यदि आपका बच्चा मूत्रत्याग नहीं कर सकता है या उससे मूत्र का रिसाव होता है
  • बनने वाले मूत्र की मात्रा मापने के लिए (जैसे तब यदि आपका बच्चा गहन देखभाल में है)
  • कुछ सर्जरी के दौरान और बाद में
  • गुर्दे या मूत्राशय के कुछ परीक्षणों के दौरान
व्हीलचेयर में बैठी एक बच्ची का चित्र, जिसे यूरिनरी कैथेटर लगा हुआ है; चित्र में कैथेटर के विभिन्न भाग दिखाए गए हैं जिनमें शामिल हैं मूत्राशय, मूत्रमार्ग (यूरेथ्रा), कैथेटर, और एकत्रण बैग

यूरिनरी कैथेटर मूत्र निकालने के लिए मूत्राशय में घुसाई जाने वाली ट्यूब है।

यूरिनरी कैथेटर का उपयोग केवल ज़रूरी होने पर ही किया जाता है। उन्हें जल्द-से-जल्द निकाल लिया जाना चाहिए। देखभाल टीम के सदस्य संक्रमण का जोखिम घटाने के लिए उन्हें घुसाने के सर्वोत्तम तरीके में प्रशिक्षित होते है।

कैथेटर के प्रकार

अधिकांश कैथेटर मूत्राशय में एक निश्चित समय के लिए रहते हैं और एक बैग में मूत्र एकत्र करते हैं। इन्हें इन्ड्वेलिंग कैथेटर कहते हैं। अधिकांश इन्ड्वेलिंग कैथेटर, जिनमें फ़ोली कैथेटर शामिल हैं, उन्हें मूत्रमार्ग (यूरेथ्रा)के ज़रिए घुसाया जाता है। सुप्राप्यूबिक कैथेटर ऐसा यूरिनरी कैथेटर होता है जिसे पेट में एक छोटे-से छेद (स्टोमा) के ज़रिए घुसाया जाता है। 

संभव है कि कुछ रोगियों को इन्ड्वेलिंग कैथेटर न लगाया जाए। कैथेटर को मूत्राशय खाली करने के लिए मूत्रमार्ग में घुसाया जा सकता है और फिर निकाल दिया जाता है। इसे कभी-कभी स्वच्छ सविराम कैथेटराइज़ेशन या सेल्फ़-कैथेटर कहते हैं। 

आपकी देखभाल टीम यह जानने में आपकी मदद करेगी कि आपके बच्चे की चिकित्सीय ज़रूरतों के लिए किस प्रकार का कैथेटर सर्वश्रेष्ठ है और घर पर देखभाल के जो भी निर्देश हों वे आपको सिखाएगी।

यूरिनरी कैथेटर की देखभाल कैसे करें

कैथेटर की देखभाल के लिए देखभाल टीम के निर्देशों का पालन करें। सभी देखभालकर्ताओं को आपके बच्चे के कैथेटर को छूने से पहले और बाद में अपने हाथ साबुन व पानी से धोने चाहिए या किसी एल्कोहॉल-आधारित हैंड क्लीनर का उपयोग करना चाहिए।

यदि आप यह देखें कि स्टाफ़ सदस्यों ने अपने हाथ साफ़ नहीं किए हैं, तो कृपया उनसे कहें कि वे कैथेटर को छूने से पहले अपने हाथ साफ़ करें।

परिवार के सदस्यों के लिए सुझाव

  • कैथेटर और ड्रेन ट्यूब को अलग न करें। 
  • कैथेटर को पैर से बाँधकर रखें। इससे वह खिंचने से बचा रहता है।
  • कैथेटर को उमेठने या ऐंठने से बचें।
  • बैग को मूत्राशय से नीचे रखें। इससे मूत्र वापस मूत्राशय में नहीं जा पाता है। 
  • बैग को बहुत अधिक न भरने दें। पूरे भरे बैग का वज़न मूत्रमार्ग को खींचकर उसे नुकसान पहुँचा सकता है। 

यूरिनरी ड्रेनेज बैग की देखभाल कैसे करें।

यदि आपके बच्चे को ऐसा कैथेटर लगा है जो मूत्राशय में लगा छोड़ा जाता है (इन्ड्वेलिंग कैथेटर), तो मूत्र एक ड्रेनेज बैग में एकत्र होगा। यह बैग बिस्तर से या व्हीलचेयर से लटकाया जा सकता है। कुछ रोगियों को लेग बैग मिलता है जिसे पैर पर बाँधकर स्थिर रखा जा सकता है। बैग खलाने और बदलने के लिए अपनी देखभाल टीम के निर्देशों का पालन करें।

  • ड्रेनेज बैग का हिलना-डुलना सीमित रखें ताकि ट्यूब बाहर न निकलने पाए।
  • बैग को अपने बच्चे के मूत्राशय के स्तर से नीचे रखें ताकि मूत्र वापस न जाने पाए।
  • बैग को फ़र्श न छूने दें।

ड्रेनेज बैग कैसे खाली करें

बैग केवल तब खाली करें यदि आपको ऐसा करने का प्रशिक्षण मिला हो। यदि आपका बच्चा अस्पताल में है, तो देखभाल टीम का कोई सदस्य बैग खाली करेगा। बैग 2/3 भर जाने पर, या कम-से-कम हर 8 घंटों पर (भले ही भरा न हो) खाली करें।

साबुन और पानी से अच्छी तरह हाथ धोएं और सुखाएं या अल्कोहल से निर्मित हैंड सैनिटाइज़र का उपयोग करें। यदि आपके पास दस्ताने हों या आपसे उनके उपयोग को कहा जाए तो उन्हें पहन लें।

  • बैग खलाते समय स्पाउट को किसी भी चीज़ से छूने न दें।
  • ड्रेन स्पाउट के नीचे कोई साफ़ व खाली कंटेनर रखें और स्पाउट खोलकर मूत्र बाहर निकलने दें।
  • स्पाउट और कंटेनर का स्पर्श न होने दें या स्पाउट को अपने हाथों से न छुएँ। यदि आप इनमें से कुछ भी कर देते हैं तो स्पाउट को एल्कोहॉल वाइप से साफ़ करें।
  • बैग खाली हो जाने पर स्पाउट बंद कर दें।
  • मूत्र को शौचालय में उड़ेलकर बहा दें।
एकत्रण बैग 2/3 भर जाने पर उसे खाली करें

ड्रेनेज बैग बहुत अधिक भरने से पहले उसे खाली कर दें। समय बैग के प्रकार पर निर्भर करेगा।

कैथेटर-संबद्ध मूत्रपथीय संक्रमण (कैथेटर-एसोसिएटेड यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फ़ेक्शन, CAUTI)

रोगाणु कैथेटर से होकर अंदर जा सकते हैं और मूत्राशय या गुर्दों में संक्रमण कर सकते हैं। इसे कैथेटर-संबद्ध मूत्रपथीय संक्रमण (कैथेटर-एसोसिएटेड यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फ़ेक्शन, CAUTI) कहते हैं। यह गंभीर हो सकता है और अन्य संक्रमणों को जन्म दे सकता है।

जिन लोगों में यूरिनरी कैथेटर लगे हैं उनमें मूत्रपथीय संक्रमण (UTI) होने का जोखिम ऐसे लोगों से काफ़ी अधिक होता है जिन्हें कैथेटर नहीं लगे हैं। मूत्र तंत्र में मूत्राशय और गुर्दे शामिल हैं। इन स्थानों में आम तौर पर रोगाणु नहीं होते हैं। लेकिन, यदि मूत्राशय या गुर्दों में रोगाणु पहुँच जाएँ, तो संक्रमण हो सकता है।

मूत्रपथीय संक्रमण के लक्षण

मूत्र मार्ग संक्रमण के संकेतों और लक्षणों में ये शामिल हो सकते हैं:

  • पेशाब में खून निकलना
  • धुँधला या असामान्‍य रंग वाला मूत्र
  • मूत्रत्याग करते समय दर्द या जलन
  • कमर या निचले उदर (आमाशय के नीचे) दर्द या दबाव
  • कैथेटर निकालने के बाद, आपके बच्चे को अक्सर मूत्रत्याग करने की ज़रूरत पड़ना या वह कितनी बार मूत्रत्याग करता है इसमें वृद्धि होना
  • मूत्र या कैथेटर से बदबू या गंध आना
  • ज्वर

कुछ लोगों में इनमें से किसी भी लक्षण के बिना भी संक्रमण हो सकता है। यदि आपको लगता है कि आपके बच्चे में संक्रमण हो सकता है तो तुरंत अपने चिकित्सक से संपर्क करें।

कैथेटर-संबद्ध मूत्रपथीय संक्रमण की रोकथाम के उपाय

  • कैथेटर की देखभाल करने से पहले और बाद में हमेशा अपने हाथ साफ़ करें।
  • कैथेटर प्रणाली के किसी भी भाग को छूने से पहले और बाद में हमेशा अपने हाथ साफ़ करें।
  • अपने बच्चे को विशेष कपड़ों, वाइप्स या साबुन व पानी से प्रति दिन नहलाएँ।
  • हर 12 घंटों पर और हर मल त्याग के बाद यौनांग क्षेत्र और कैथेटर को विशेष वाइप्स, कपड़ों, या साबुन व पानी से साफ़ करें। यह कार्य प्रशिक्षित देखभालकर्ताओं द्वारा किया जाना चाहिए।
  • मूत्र बैग को मूत्राशय के स्तर से नीचे रखें।
  • ट्यूबिंग को झटके देने या खींचने से बचें।
  • कैथेटर ट्यूबिंग को उमेठने या ऐंठने से बचें।
  • अपने बच्चे की देखभाल टीम से प्रति दिन पूछें कि क्या कैथेटर की अभी-भी ज़रूरत है।

प्रमुख बिंदु

  • यूरिनरी कैथेटर मूत्राशय से मूत्र निकालते हैं। फ़ोली कैथेटर एक प्रकार का इन्ड्वेलिंग कैथेटर है।
  • संक्रमण की रोकथाम के लिए कैथेटर को साफ़ रखें और देखभाल के सभी निर्देशों का पालन करें।
  • कैथेटर-संबद्ध मूत्रपथीय संक्रमण (कैथेटर-एसोसिएटेड यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फ़ेक्शन, CAUTI) के कुछ लक्षण हो सकते हैं जिनमें बुखार और निचले उदर में दर्द शामिल हैं। लेकिन कभी-कभी उनके कोई भी लक्षण नहीं होते हैं।
  • संक्रमणों की रोकथाम या उपचार कब और कैसे करना है, इस बारे में हमेशा अपनी देखभाल टीम की सलाह का पालन करें।


समीक्षित: जनवरी 2023