स्प्लेनेक्टमी स्प्लीन (प्लीहा/तिल्ली) को निकालने की सर्जिकल कार्यविधि है।
स्प्लेनेक्टमी स्प्लीन (प्लीहा/तिल्ली) को निकालने की सर्जरी (ऑपरेशन) है। यदि स्प्लीन क्षतिग्रस्त है, रोगग्रस्त है, या शरीर में समस्याएँ कर रहा है तो आपके बच्चे को स्प्लेनेक्टमी की ज़रूरत हो सकती है।
स्प्लीन (तिल्ली) एक अंग है जो पसली-पिंजर के नीचे शरीर की बायीं साइड पर होता है। यह लगभग एक मुट्ठी के आकार का होता है। तिल्ली ये कार्य करती है:
लोग स्प्लीन के बिना सामान्य व सक्रिय जीवन जी सकते हैं। लेकिन स्प्लीन निकलवा देने के बाद, शरीर की रोगों और संक्रमण से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है। स्प्लेनेक्टमी के बाद संक्रमणों की रोकथाम के लिए अपनी देखभाल टीम के सुझावों का पालन करें।
यदि आपके बच्चे का स्प्लीन (प्लीहा/तिल्ली) कुछ रोगों या उपचारों के कारण क्षतिग्रस्त हो गया है तो उसे स्प्लेनेक्टमी की ज़रूरत हो सकती है। स्प्लेनेक्टमी का उपयोग कुछ स्वास्थ्य स्थितियों के उपचार के लिए भी किया जा सकता है। स्प्लेनेक्टमी के कुछ कारण इस प्रकार हैं:
आपके बच्चे की देखभाल टीम स्प्लेनेक्टमी के जोखिमों और लाभों के बारे में आपसे बात करेगी। आप सर्जरी टीम के सदस्यों से भी मिलेंगे। वे आपसे सर्जरी के बारे में बात करेंगे और सर्जरी के लिए तैयारी कैसे करें इस बारे में निर्देश देंगे।
आपके बच्चे को सर्जरी से पहले जनरल एनेस्थीज़िया दिया जाएगा। इससे वह पूरी तरह बेहोश हो जाएगा, मानो गहरी नींद की तरह। आपके बच्चे को सर्जरी के दौरान दर्द महसूस नहीं होगा।
स्प्लेनेक्टमी के लिए 2 मुख्य प्रकार की कार्यविधियाँ हैं: लैपरोस्कोपिक या ओपन।
लैपरोस्कोपिक स्प्लेनेक्टमी एक न्यूनतम-आक्रामक कार्यविधि है जिसमें आपके बच्चे के पेट में 3-4 नन्हे कट लगाए जाते हैं। इस कार्यविधि में एक छोटे-से चिकित्सा उपकरण (लैपरोस्कोप) का उपयोग होता है जिसके एक सिरे पर कैमरा और लाइट लगे होते हैं। चिकित्सक इसकी मदद से, कोई भी बड़ा चीरा लगाए बिना, पेट के भीतर के ऊतक और अंग देख पाते हैं। इससे, बड़े चीरे वाली सर्जरी की तुलना में, रिकवरी तेज़ होती है और दर्द कम होता है। इस कार्यविधि में लगभग 2-4 घंटे लगते हैं।
ओपन या पारंपरिक स्प्लेनेक्टमी में, चिकित्सक थोड़ा बड़ा चीरा (कट) लगाता है, जो आम तौर पर पेट के बीच में या बायीं साइड पर लगाया जाता है। वह स्प्लीन बाहर निकालकर कट को टाँकों या स्टेपल से बंद कर देता है। इस कार्यविधि में लगभग 1-2 घंटे लगते हैं।
कार्यविधि के बाद आपके बच्चे को अस्पताल में 1-2 दिन या और अधिक समय तक रुकना पड़ सकता है। यह सर्जरी के प्रकार पर और अन्य चिकित्सीय ज़रूरतों पर निर्भर होगा।
इस समय के दौरान आपकी देखभाल टीम:
आपकी देखभाल टीम आपको इस बारे में निर्देश देगी कि घर पर अपने बच्चे की देखभाल कैसे करें। इन निर्देशों का पालन करना सुनिश्चित करें। अगर आपके कोई भी प्रश्न हैं, तो अपनी देखभाल टीम से बात करें।
अधिकांश बच्चे लैपरोस्कोपिक स्प्लेनेक्टमी के लगभग 2 सप्ताह बाद अपनी सामान्य गतिविधियों पर लौट सकते हैं। ओपन सर्जरी के बाद रिकवरी में अधिक समय लगता है।
किसी भी सर्जरी की तरह स्प्लेनेक्टमी के भी कुछ जोखिम हैं। एनेस्थीज़िया संबंधी समस्याएँ या आस-पास के अंगों को चोट इस कार्यविधि के मुख्य जोखिम हैं। कार्यविधि के बाद की सबसे आम समस्याएँ इस प्रकार हैं:
यदि आपके बच्चे में किसी संक्रमण के संकेत विकसित हो जाएँ तो आपको चिकित्सीय सहायता प्राप्त करनी चाहिए। संक्रमण जानलेवा हो सकता है यदि तुरंत उपचार न किया जाए।
यदि आपको अपने बच्चे में इनमें से कोई भी संकेत दिखे तो अपने चिकित्सक को कॉल करें:
शरीर में ऐसे अन्य अंग हैं जो तिल्ली के समान कार्य करते हैं। व्यक्ति तिल्ली के बिना भी स्वस्थ जीवन जी सकता है। यदि आपके बच्चे की तिल्ली निकाली गई है, तो उसमें गंभीर संक्रमण होने का जोखिम अधिक है। आपके बच्चे को संक्रमण का जोखिम घटाने में मदद के लिए आजीवन प्रति दिन दवा लेनी पड़ सकती है।
आपके बच्चे को स्वस्थ बने रहने के लिए विशेष देखभाल की ज़रूरत होगी।
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समीक्षित: अगस्त 2025
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