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दवाओं का सुरक्षित प्रबंधन कैसे करें

परिवारों के पास ट्रैक करने और प्रबंधित करने के लिए कई दवाएँ होती हैं। हर दवा के अलग-अलग निर्देश हो सकते हैं। इस कारण यह काम काफ़ी कठिन लग सकता है। लेकिन, व्यवस्थित रहने और दवाओं का सुरक्षित प्रबंधन करने के लिए आप कुछ चीज़ें कर सकते हैं। बड़े बच्चे और किशोर भी अपनी दवाओं का ऐसे तरीकों से प्रबंधन करने में मदद देना सीख सकते हैं जो उनकी उम्र और चिकित्सीय ज़रूरतों के अनुसार सुरक्षित हों।

एक महिला फार्मेसी के काउंटर पर भुगतान कर रही है

जब आप फार्मेसी जाएँ तो अपने बच्चे की दवाओं की एक सूची साथ लेकर जाएँ। सुनिश्चित करें कि आप हर उस दवा जिसे आपका बच्चा लेता है, के उद्देश्य और निर्देशों को समझते हों।

सभी दवाओं का रिकॉर्ड रखें

दवा सुरक्षा के लिए, अपने बच्चे की दवाओं को ट्रैक करना महत्वपूर्ण है। इसमें मदद के लिए:

  • अपने बच्चे की दवाओं, दवा की जानकारी और निर्देशों की एक साधारण तथा उपयोग-में-आसान सूची बनाकर रखें।
  • सुनिश्चित करें कि यह सूची सभी देखभालकर्ताओं की पहुँच में हो।
  • जब-जब आप अपने स्वास्थ्य देखभाल प्रदाता से मिलने या फार्मेसी जाएँ तो दवा की वह सूची अपने साथ ले जाएँ।

हर दवा के बारे में बुनियादी जानकारी प्राप्त करने से कई तरीकों से मदद मिलती है: 

  • मरीज़ों और परिवारजनों को इलाज योजना में अधिक नियंत्रण और भागीदारी प्रदान करती है
  • यह परिवारजनों और देखभाल करने वाली टीम के बीच संवाद बेहतर करने में मदद करती है
  • दवा संबंधी त्रुटियों को रोकने में मदद मिलती है, जैसे:  
    • गलत डोज़ देना
    • गलत समय पर दवा देना
    • दवा आवश्यकता से अधिक या कम बार/कम मात्रा में देना
    • गलत दवा दे देना
    • दवा गलत ढंग से स्टोर करना 

निम्न दवाओं की जानकारियों को अपने रिकॉर्ड में रखें:

  • दवा का नाम:हर उस दवा जिसे आपका बच्चा लेता है, के ब्रांड नाम, जिनेरिक नाम और लेबल पर मौजूद सटीक नाम से अवगत रहें। उपनामों, जैसे “नारंगी गोली”, का उपयोग न करें। 
  • दवा का उद्देश्य: जानें कि आपका बच्चा अमुक दवा क्यों लेता है, जैसे दर्द के लिए, संक्रमण के लिए या उसके बीमारी के उपचार के लिए। इससे आपको देखभाल योजना का पालन करने में और अपने स्वास्थ्य देखभाल प्रदाता या फार्मासिस्ट से बात करने में मदद मिलती है। इससे बहुत अधिक मात्रा में दवा लेने या खतरनाक अंतरक्रियाएँ होने जैसी समस्याओं से बचने में भी मदद मिलती है।
  • दुष्प्रभाव: जानें कि किन दुष्प्रभाव पर नज़र रखनी है, इसमें आम और दुर्लभ, दोनों प्रकार के दुष्प्रभाव शामिल हैं। इससे आपको समस्याओं को शुरू में ही पकड़ने और अपनी देखभाल टीम को उनकी सूचना देने में मदद मिलेगी। 
  • रंग-रूप: इस बात से अवगत रहें कि दवा कैसी दिखती है, या दवा और उसके लेबल की अपने सेल फोन से तस्वीर ले लें। दवा की बोतल पर मौजूद लेबल में भी दवा के रंग-रूप का वर्णन होना चाहिए। अगर दवा देखने में या स्वाद में सामान्य से अलग है, तो तुरंत अपने फॉर्मासिस्ट से संपर्क करें। सुरक्षित रहने की दृष्टि से इस बारे में प्रश्न पूछ लेना ही सही रहता है।
  • भंडारण और निपटान: कुछ दवाएँ फ़्रिज में रखी जानी चाहिए। जबकि अन्य दवाओं को कमरे के तापमान पर स्टोर किया जा सकता है। दवा का सही तरीके से काम करना सुनिश्चित करने के लिए, दिए गए निर्देशों का पालन करें। दवाओं को नम जगहों, जैसे कि बाथरूम में स्टोर न करें। दवाओं को बच्चों की पहुंच से बाहर रखें। बची हुई दवाओं के निपटान के बारे में अपने फॉर्मासिस्ट से जानकारी प्राप्त करें।
  • सुरक्षित हैंडलिंग: कुछ दवाएँ, जैसे कीमोथेरेपी की दवाएँ, देखभालकर्ताओं के लिए खतरनाक हो सकती हैं। इनकी सुरक्षित हैंडलिंग के लिए निर्देशों का पालन करें। 
  • अंतरक्रियाएँ: जानें कि क्या आपके बच्चे को यह दवा लेने के दौरान खाने-पीने की कुछ चीज़ों, सप्लिमेंट, या ओवर-द-काउंटर दवाओं से बचना चाहिए। अंतरक्रियाओं से दवाओं का प्रभाव कम हो सकता है या दुष्प्रभाव की संभावना बढ़ सकती है।

हर दवा के निर्देश जानें

हर उस दवा जिसे आपका बच्चा लेता है, के विशिष्ट निर्देशों से अवगत रहें। इन निर्देशों में ये शामिल होने चाहिए:

दवा की खुराक:

  • हर बार कितनी दवा ली जानी चाहिए?
  • हरेक दवा का मापन किस प्रकार से करना है (गोली, सीरिंज या दवा का कप)?  फार्मेसी से मिले मापन डिवाइस का उपयोग करें, घरेलू चम्मचों का नहीं।

दवाओं की समय-सारणी: 

  • दवा कब-कब ली जानी चाहिए?
  • हर दवा किस समय ली जानी चाहिए?
  • यदि कोई डोज़ छूट जाए तो क्या करना है?

दवा देने के विशेष निर्देश: 

  • दवा भोजन के साथ ली जाए या उसके बिना?
  • क्या दवा को दिन के किसी निश्चित समय पर लिया जाना चाहिए?
  • क्या दवा को किसी निश्चित तरीके से तैयार किया जाना चाहिए?

दवाओं के प्रबंधन की युक्तियां

घर पर:

  • दवाओं को उनके मूल कंटेनर में ही रखें।
  • दवाओं को और खुराक आपूर्तियों को एक निर्धारित स्थान पर व्यवस्थित तरीके से रखें।
  • आपको दवा देने के समय के बारे में याद दिलाने के लिए चार्ट, कैलेंडर या अलर्ट सुविधा का उपयोग करें।
  • प्रति दिन समान समय-सारणी बनाए रखें।
  • आपने हरेक दवा कब दी है उसे ट्रैक करें ताकि कोई खुराक न छूटे और न ही गलती से कोई अतिरिक्त खुराक दे दी जाए।
  • जानें कि कितनी दवा बची है, ताकि उसके खत्म होने से पहले ही आप और दवा ला सकें।
  • एक्सपायरी दिनांक पर ध्यान दें। कुछ दवाएँ एक निश्चित समयावधि बीत जाने के बाद प्रभाव खो सकती हैं या असुरक्षित हो सकती हैं।

फॉर्मेसी पर:

  • सभी दवाओं के लिए एक ही फॉर्मेसी का उपयोग करें और अपने फॉर्मासिस्ट के बारे में जानकारी प्राप्त कर लें।
  • आपके बच्चे को जो भी एलर्जियाँ हों (दवाओं, खाने-पीने की चीज़ों या पर्यावरणीय कारकों से होने वाली एलर्जिक प्रतिक्रियाएँ शामिल) उनके बारे में अपने फार्मासिस्ट को बताएँ।
  • फार्मेसी से जाने से पहले हर प्रिस्क्रिप्शन को जाँचें। यदि कोई बात अस्पष्ट हो तो प्रश्न पूछें।
  • सुनिश्चित करें कि सभी लेबल पढ़ने में आसान हों और उन पर सारी महत्वपूर्ण जानकारी हो।
  • अपने स्वास्थ्य देखभाल प्रदाता से कहें कि वह निर्देश लिखकर दे ताकि आपको सारे विवरण याद न करने पड़ें।

प्रिस्क्रिप्शन रिफ़िल करवाना

अपने स्वास्थ्य देखभाल प्रदाता या फार्मासिस्ट से रीफ़िल के बारे में पूछें। कुछ दवाएँ प्राप्त करने के लिए कुछ अतिरिक्त चरण आवश्यक हो सकते हैं। जैसे, दवा रिफ़िल किए जा सकने से पहले क्लिनिक में मुलाकातें या लैब परीक्षण आवश्यक हो सकते हैं।

कुछ प्रिस्क्रिप्शन एक निश्चित समय के बाद एक्सपायर हो जाते हैं या उनमें एक निश्चित संख्या में ही रिफ़िल की अनुमति होती है। जब ऐसा होता है, तो किसी स्वास्थ्य देखभाल प्रदाता द्वारा दवा दोबारा प्रिस्क्राइब किए जाने के बाद ही आप प्रिस्क्रिप्शन फ़िल करवा सकते हैं। 

प्रिस्क्रिप्शन रिफ़िल किया जा सके उससे पहले फार्मेसी बीमा योजनाएँ कवरेज दोबारा जाँच सकती हैं या नई स्वीकृति आवश्यक कर सकती हैं। 

योजना बनाने में खुद की मदद के लिए, हर दवा के रिफ़िल निर्देश लिख लें, जैसे: 

  • “5 गोलियाँ बचने पर फार्मेसी को कॉल करना है।”
  • “रिफ़िल से पहले इस दवा की बीमे से स्वीकृति मिलना आवश्यक है।” 
  • “रिफ़िल से पहले लैब परीक्षण आवश्यक हैं।”

आपकी दवाओं की सूची को ट्रैक करने के उपकरण

व्यवस्थित बने रहने और दवाओं का ट्रैक रखने में विभिन्न टूल आपकी मदद कर सकते हैं। आपके लिए क्या सबसे अच्छा रहेगा इस बारे में अपने स्वास्थ्य देखभाल प्रदाता से बात करें और विशेष निर्देशों से अवगत रहें। दवाओं के प्रबंधन में आपकी मदद कर सकने वाले कुछ टूल इस प्रकार हैं:

  • पिलबॉक्स: इन्हें फार्मेसी से खरीदा जा सकता है और इनसे दवाओं को दिन तथा दिन के समय के अनुसार व्यवस्थित रखने में मदद मिलती है। पिलबॉक्स आम तौर पर बाल-प्रतिरोधी नहीं होते हैं, इसलिए उन्हें बच्चों की पहुँच से दूर रखें।
  • इलेक्ट्रॉनिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड या फार्मेसी वेबसाइट: आप अपने बच्चे के चिकित्सा रिकॉर्ड में अक्सर मुलाकात के नोट्स, प्रिस्क्रिप्शन और अन्य जानकारी देख सकते हैं।
  • एक दवा चार्ट या कैलेंडर: अपने स्वास्थ्य देखभाल प्रदाता के साथ काम करके ऐसा सिस्टम बनाएँ जो आपके लिए काम करता हो। हर दवा के लिए स्टिकर या कलर कोडिंग का उपयोग करें और दवा देते समय उसे ट्रैक करें। 
  • दवाओं को ट्रैक करने के लिए एक मोबाइल ऐप: ऐसे बहुत से ऐप उपलब्ध हैं जो अलर्ट और ट्रैकिंग जैसी सुविधाएं प्रदान करते हैं।
  • दवाइयों की सूची: अपने चिकित्सक या फॉर्मासिस्ट से दवाओं की मुद्रित सूची और प्रत्येक के लिए रोगी शिक्षा संबंधी हैंडआउट्स की मांग करें।

आपको अपने चिकित्सक या फॉर्मासिस्ट से कौनसे प्रश्न पूछने चाहिए

  • दवाओं का ट्रैक रखने के लिए आप किन टूल का सुझाव देते हैं?
  • यदि मुझसे दवा की कोई डोज़ छूट जाए या मैं अतिरिक्त डोज़ या अथवा अधिक दवा दे दूँ तो मुझे क्या करना चाहिए?
  • अगर मेरे बच्चे को दवा लेने के बाद उल्टी हो जाती है तो मुझे क्या करना चाहिए?
  • अगर मेरे बच्चे को दवा लेने में कोई परेशानी आ रही हो, तो मुझे क्या करना चाहिए?
  • क्या दवा को भोजन या पेय पदार्थों के साथ मिलाया जा सकता है?
  • अगर मेरे पास दवा या आपूर्ति खत्म हो जाए तो मुझे क्या करना चाहिए?

दवा सुरक्षा के बारे में मुख्य बिंदु

  • अपने बच्चे की दवाओं की एक सूची बनाकर रखें और जब-जब आप अपने स्वास्थ्य देखभाल प्रदाता या फार्मासिस्ट से मिलने जाएँ तो वह सूची अपने साथ ले जाएँ। 
  • सुनिश्चित करें कि आपके पास हर दवा के स्पष्ट निर्देश हों, इनमें यह शामिल है कि दवा कितनी लेनी है, कब लेनी है और कैसे लेनी है। 
  • अपने स्वास्थ्य देखभाल प्रदाता या फार्मासिस्ट से हर दवा के बारे में पूछें कि उसे कैसे रिफ़िल करना है। कुछ दवाएँ रिफ़िल करवाने के लिए कुछ अतिरिक्त चरण आवश्यक हो सकते हैं। 
  • हर दवा का विवरण जानें, इसमें दवा का नाम, उपयोग, दुष्प्रभाव, रंग-रूप, भंडारण व निपटान, सावधानियाँ, अंतरक्रियाएँ और जोखिम शामिल हैं। 
  • व्यवस्थित बने रहने और दवाओं का ट्रैक रखने में खुद की मदद के लिए चार्ट, मोबाइल ऐप्स और रोगी शिक्षण संसाधन इत्यादि टूल का उपयोग करें।

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समीक्षित: दिसंबर 2025

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