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अपराधबोध से निपटना

गंभीर रोगों से ग्रस्त बच्चों के माता-पिता और पारिवारिक देखभालकर्ताओं में अपराधबोध एक सामान्य भावना है। यह स्वाभाविक है कि आप अपने बच्चे की रक्षा करना चाहते हैं। जब आपका बच्चा कष्ट में होता है, तो हो सकता है कि आप खुद को दोष दें या अपने बच्चे की मदद करने में खुद को बेबस महसूस करें। 

अपराधबोध के स्रोत

गंभीर रोगों से ग्रस्त बच्चों के देखभालकर्ताओं में अपराधबोध के अलग-अलग स्रोत होते हैं। कुछ सामान्य ट्रिगर इस प्रकार हैं:

  • बीमारी को दूर न कर पाना
  • ऐसा महसूस होना कि बीमारी के लक्षण और संकेत नज़रअंदाज़ हो गए थे। 
  • उपचार के दुष्प्रभाव रोक न पाना
  • यह चिंता कि बीमारी आपके जीन के ज़रिए आपके बच्चों तक पहुँची है
  • यह डर कि आप बीमारी की रोकथाम कर सकते थे या यह कि आपने स्थिति और बिगाड़ दी 
  • यह चिंता कि चिकित्सीय निर्णयों से आपका बच्चा अभी या भविष्य में किस प्रकार प्रभावित होगा
  • अपने अन्य बच्चों संग कम समय बिताना और यह चिंता कि उनकी अनदेखी हो रही है
  • अपने बीमार बच्चे से दूर रहकर काम, घर और परिवार की ज़िम्मेदारियों का ध्यान रखने में समय बिताना या स्वयं के लिए समय निकालना

कभी-कभार अपराधबोध होना सामान्य है। लेकिन अपराधबोध की निरंतर भावनाओं के नकारात्मक प्रभाव हो सकते हैं। ये भावनाएँ:

  • एंग्ज़ाइटी और डिप्रेशन पैदा कर सकती हैं
  • तनाव से निपटना और कठिन बना सकती हैं
  • उपचार और देखभाल के निर्णय लेने में दख्ल दे सकती हैं
  • माता-पिता अतिसुरक्षात्मक बन सकते हैं, जो कि बच्चे के शारीरिक, सामाजिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है।
  • विवाह और पारिवारिक संबंधों को प्रभावित कर सकती हैं

अपराधबोध को संभालने के तरीके

आप अपराधबोध की भावनाओं को कई तरीकों से हल कर सकते हैं।

अपराधबोध को पहचानें

अपराधबोध को संभालने का पहला कदम अपनी भावनाओं को पहचानना है। पहचानें कि क्या चीज़ें आपके अपराधबोध को ट्रिगर करती हैं। अपनी भावनाओं को समझना आपको उनसे निपटने की योजना बनाने में मदद देता है।

सुनने के लिए किसी विश्वसनीय व्यक्ति की तलाश करें

अपनी भावनाएँ किसी से बाँटना राहत भरा हो सकता है। कोई करीबी दोस्त, परिवार का सदस्य, थैरेपिस्ट, धार्मिक गुरु, या आप जैसी स्थिति से गुज़र रहे कोई अन्य माता-पिता आपको आपकी भावनाएँ साझा करने की एक सुरक्षित जगह दे सकते हैं।

अनिश्चितता का समाधान करें

अपराधबोध अक्सर असहाय या अनिश्चित महसूस करने से जुड़ा होता है। उन भावनाओं को पूरी तरह से दूर कर पाना संभव नहीं हो सकता है। लेकिन आपके बच्चे की देखभाल टीम मदद कर सकती है। उनसे उपचार, दुष्प्रभाव, आनुवंशिकी, या अन्य चिकित्सीय विषयों से संबंधित प्रश्नों और चिंताओं के बारे में उनसे बात करें। सवालों और जवाबों को लिखें। योजना और अगले चरणों की एक नोटबुक रखें। यह आश्वस्त कर सकता है कि आप और देखभाल टीम एक कठिन परिस्थिति में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर रहे हैं।

स्वयं से कम उम्मीद रखें

कई देखभाल करने वालों के लिए, अपराधबोध बहुत अधिक मांगों और सब कुछ करने में अक्षमता से संबंधित होता है। जीवन सामान्य होने पर माता-पिता सभी ओर से अपने आप को खींचा हुआ महसूस करते हैं। किसी गंभीर बीमारी के दौरान, इसे संभालना लगभग असंभव हो सकता है।

हर समय सब कुछ संतुलित करना संभव नहीं होता है। फ़िलहाल के लिए अपनी शीर्ष प्राथमिकताओं पर ध्यान दें। पहचानें कि आपको बाद में किन चीज़ों का ध्यान रखना है। उसके बाद, ऐसे छोटे-छोटे लक्ष्य तय करें जो वास्तविकता के करीब हों। 

जाने देना सीखें

जो व्यक्ति अपराधबोध से जूझ रहा है, उसके लिए चीज़ों को 'जाने देना’ ज़रूरी है, ताकि वह उस अपराधबोध से आगे बढ़ सके। जाने देने का यह अर्थ हो सकता है:

  • अपने आप को अपराधबोध के बारे में सोचने का समय देना हो सकता है, लेकिन उस दिन के लिए विचारों की सीमा निर्धारित करें।
  • निर्णय-प्रक्रिया का हिस्सा बनना, लेकिन अपनी देखभाल टीम के सुझावों पर भरोसा करना
  • पति या पत्नी को पालन-पोषण या उपचार के विकल्पों में भाग लेने की अनुमति देना।
  • गलतियों के लिए स्वयं को या दूसरों को क्षमा करना

कुछ माता-पिता यह भी पाते हैं कि विचारों और भावनाओं को लिखना और भावनाओं को अभिव्यक्त करने में मदद कर सकता है। 

छोड़ना सीखने से आप ज़िम्मेदारियाँ बाँट पाते हैं और सबसे महत्वपूर्ण बातों पर ध्यान दे पाते हैं।

सकारात्मक चीजों पर ध्यान दें

इस बात पर ध्यान दें कि आप क्या सही कर रहे हैं। सकारात्मक बातों पर ध्यान केंद्रित करने के कुछ तरीकों में ये शामिल हैं:

  • दिन भर की अच्छी बातों की कृतज्ञता-डायरी रखें।
  • अपने जीवनसाथी या बच्चों की प्रशंसा और सराहना करने के छोटे-छोटे तरीके खोजें।
  • अपने बच्चे के साथ प्यार से चिपककर समय बिताएँ।
  • पूरा परिवार एक साथ मिलकर कोई शो देखे।
  • किसी दोस्त या प्रियजन को टेक्स्ट भेजें।
  • प्रेरणादायक उद्धरण, चित्र और गीत इकट्ठा करें। 
  • खुद के लिए समय निकालें – प्रार्थना करें, डायरी में लिखें, ध्यान करें, व्यायाम करें, या अकेले समय बिताएँ।
  • कोई सहायता समूह तलाश करें।

सकारात्मक चीज़ों पर ध्यान केंद्रित करना कठिन हो सकता है, लेकिन ऐसा करने के कई लाभ हैं। इससे:

  • मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार हो सकता है
  • आशाजनक माहौल बन सकता है
  • आत्मविश्वास बढ़ सकता है
  • आपके परिवार की जीवन की गुणवत्ता को बढ़ावा मिल सकता है

खुद के लिए समय निकालें

कई माता-पिता के लिए अपराधबोध का एक स्रोत स्वयं के लिए समय निकालना होता है। हालाँकि, यह शक्ति का एक स्रोत है। आपके बच्चे को आपके सबसे बेहतरीन रूप की ज़रूरत है, और उसे वह देने के लिए, खुद का खयाल रखना ज़रूरी है। अपने स्वास्थ्य और भलाई पर ध्यान केंद्रित करने के तरीके खोजें। जैसे, आराम करने, प्रार्थना करने, ध्यान लगाने, व्यायाम करने या अकेले रहने का समय निकालें अथवा दोस्तों संग समय बिताएँ। खुद की देखभाल करना अपने बच्चे की देखभाल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। 

सहायता कब लें

यदि अपराधबोध से निकल न पा रहे हों, तो किसी मानसिक स्वास्थ्य प्रदाता की मदद लें। ये पेशेवर आपको कठिन भावनाओं से निपटने और अपराधबोध की भावनाओं को समझने में मदद दे सकते हैं। 

सहायता समूह अपराधबोध से निपटने वाले माता-पिता के लिए एक और महत्वपूर्ण स्रोत हो सकते हैं।

आपकी देखभाल टीम से पूछने के लिए प्रश्न

  • क्या अपराधबोध की भावनाएँ सामान्य हैं?
  • मैं अपराधबोध की भावनाओं को कैसे संभालूँ?
  • क्या आप कोई ऐसा संसाधन सुझा सकते हैं, जो मेरे जैसी परिस्थितियों से गुज़र रहे माता-पिता को अपराधबोध को सुलझाने और भावनात्मक रूप से सामना करने में मदद देता हो?
  • क्या माता-पिता के लिए ऐसी कोई मानसिक स्वास्थ्य सेवाएँ या सहायता समूह हैं जिनका आप सुझाव देते हैं?

अपराधबोध को संभालने के बारे में मुख्य बिंदु

  • गंभीर रोगों से ग्रस्त बच्चों के माता-पिता और पारिवारिक देखभालकर्ताओं में अपराधबोध एक सामान्य भावना है। 
  • अपराधबोध के विभिन्न स्रोत होते हैं। इसके ट्रिगर्स में आपके समय के लिए माँगों में होड़ होना या निर्णयों पर प्रश्न उठाना शामिल है।
  • अपराधबोध की भावनाओं को पहचानना और उनसे निपटने के तरीके खोजना ज़रूरी है, जैसे किसी भरोसेमंद दोस्त से या आपकी जैसी स्थिति से गुज़र चुके किसी अन्य माता-पिता से बात करना।
  • खुद के प्रति दयालु रहें। सकारात्मक चीज़ों पर ध्यान केंद्रित करने के तरीके खोजें, जैसे 'ग्रैटिट्यूड जर्नल' (कृतज्ञता-डायरी) रखना। 


समीक्षित: अक्टूबर 2024

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