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ह्यूमन हरपीज़ वायरस-6 (HHV-6)

ह्यूमन हरपीज़ वायरस (HHV-6) क्या होता है?

ह्यूमन हरपीज़ वायरस-6 (HHV-6) एक वायरस है जो आम तौर पर शुरुआती बचपन में लगभग हर किसी को संक्रमित करता है। HHV-6 रोज़िओला या सिक्स्थ डिसीज़ का कारण बनता है, यह रोग छोटे बच्चों में होने वाला एक सामान्य वायरल रोग है। रोज़ियोला के लक्षणों में बुखार और चकत्ते शामिल होते हैं। अधिकांश मामलों में बच्चे चिकित्सा उपचार के बिना ठीक हो जाते हैं। 

HHV-6 शरीर में आजीवन रहता है। संक्रमण के बाद, वायरस “सोता” रहता है और लक्षण या समस्याएँ पैदा नहीं करता है। लेकिन यदि किसी व्यक्ति का प्रतिरक्षा तंत्र कमज़ोर है, तो यह वायरस कभी-कभी सक्रिय होकर अस्वस्थता पैदा करता है। इसे रीएक्टिवेशन कहते हैं। दुर्लभ मामलों में, यह वायरस त्वचा, जिगर, दिमाग, फेफड़ों, हृदय, गुर्दे, पेट या आँत इत्यादि अंगों को संक्रमित कर सकता है। 

HHV-6 संक्रमण के लक्षण

HHV-6 से संक्रमित लोगों में संभव है कि कोई भी संकेत या लक्षण न दिखे। वायरस से संपर्क के बाद लक्षण दिखने में 15 दिन तक लग सकते हैं। 

HHV-6 संक्रमण के संकेतों और लक्षणों में ये शामिल हैं:

  • 3-5 दिनों तक रहने वाला तेज़ बुखार
  • लाल या गुलाबी रंग का ददोरा जिसमें खुजली नहीं होती, यह आम तौर पर बुखार चले जाने के बाद बनता है
  • चिड़चिड़ापन या नखरेबाज़ी
  • पलकें सूजना
  • गले में दर्द
  • नाक बहना
  • डायरिया या दस्त लगना
  • उल्टी होना
  • भूख न लगना
  • खांसी
  • सूजी हुई लसिका ग्रंथियां 
  • गले के भीतर गुलाबी या लाल धब्बे

रोज़िओला का ददोरा

रोज़ियोला से पीड़ित बच्चों में दाने आम होते हैं। यह आमतौर पर तब दिखाई देता है जब बुखार उतर जाता है। यह गुलाबी-लाल रंग का होता है और आम तौर पर इससे कोई तकलीफ़ नहीं होती है। यह ददोरा पहले छाती, पेट और पीठ/कमर पर होता है और उसके बाद बाकी सारे शरीर पर फैल जाता है। यह कुछ दिनों में चला जाता है।

HHV-6 के परीक्षण

HHV-6 के लिए कई लैब परीक्षण उपलब्ध हैं। HHV-6 PCR परीक्षण यह दिखाता है कि रक्त में वायरस से निकली आनुवंशिक सामग्री (डिऑक्सिरायबोन्युक्लिक एसिड, DNA) है या नहीं। 

यदि लक्षण अधिक गंभीर हैं तो आपकी देखभाल टीम अंगों की कार्यक्षमता की निगरानी के लिए अन्य परीक्षणों का आदेश दे सकती है। यदि किसी रोगी में इन्सेफेलाइटिस (दिमाग शोथ) के संकेत दिखते हैं, तो स्वास्थ्य देखभाल प्रदाता HHV-6 के लिए सेरिब्रोस्पाइनल फ़्लूइड का परीक्षण करने के लिए लंबर पंक्चर कर सकता है। वह दिमाग में सूजन की तलाश के लिए MRI स्कैन का भी आदेश दे सकता है।

HHV-6 संक्रमण का उपचार

अधिकांश बच्चे अपने-आप ठीक हो जाते हैं। लक्षण प्रबंधन में मदद के लिए आपका स्वास्थ्य देखभाल प्रदाता बुखार घटाने की या दर्द की दवाएँ सुझा सकता है। सुनिश्चित करें कि आपका बच्चा भरपूर मात्रा में तरल पदार्थ पिए ताकि उल्टी या दस्त के कारण पानी की कमी न होने पाए। 

यदि आपकी देखभाल टीम को किसी अधिक गंभीर संक्रमण या इन्सेफेलाइटिस का संदेह है, तो वह वायरस से लड़ने के लिए एंटीवायरल दवा लिख सकती है। HHV-6 के उपचार में उपयोग होने वाली दवाओं में शामिल हैं गैनसाइक्लोविर, वैलगैनसाइक्लोविर या फ़ॉसकारनेट।   

HHV-6 के उपचार के लिए एंटीबायोटिक दवाओं का उपयोग नहीं किया जाता है क्योंकि वे केवल बैक्टीरिया पर काम करती हैं और वायरस रोगों के लिए काम नहीं करती हैं।

यदि आपके बच्चे का बोन मैरो ट्रांसप्लांट हुआ है, तो उसकी ट्रांसप्लांट और संक्रामक रोग टीमें यह तय करेंगी कि किन उपचारों की ज़रूरत है।

HHV-6 रीएक्टिवेशन और स्टेम कोशिका ट्रांसप्लांट

ट्रांसप्लांट वाले रोगियों में HHV-6 संक्रमण के कारण अस्वस्थता का जोखिम अधिक होता है। बोन मैरो ट्रांसप्लांट (स्टेम कोशिका ट्रांसप्लांट) के बाद HHV-6 रीएक्टिवेट हो सकता है। स्टेम कोशिका ट्रांसप्लांट के दौरान, रोगियों को ऐसे उपचार मिलते हैं जो प्रतिरक्षा तंत्र को कमज़ोर करते हैं, जैसे कीमोथैरेपी व अन्य दवाओं की हाई डोज़। ये उपचार शरीर को ट्रांसप्लांट अस्वीकृत करने से रोकने में मदद देते हैं। लेकिन चूँकि प्रतिरक्षा तंत्र सामान्य से कमज़ोर होता है और संक्रमणों से नहीं लड़ सकता है, इसलिए HHV-6 रीएक्टिवेट हो सकता है और दिमाग, हृदय, फेफड़ों, गुर्दे, पेट और आँतों को प्रभावित कर सकने वाली अस्वस्थता पैदा कर सकता है। 

HHV-6 ऐसे लोगों में भी गंभीर समस्याएँ पैदा कर सकता है जो प्रतिरक्षा तंत्र को कमज़ोर करने वाली अन्य स्थितियों से ग्रस्त हैं। यदि आपके बच्चे में लक्षण हैं, तो आपकी देखभाल टीम HHV-6 संक्रमण की जाँच के लिए लैब परीक्षणों का उपयोग करेगी। परीक्षण परिणामों के आधार पर आपका स्वास्थ्य देखभाल प्रदाता उपचार सुझा सकता है।

HHV-6 कैसे फैलता है

HHV-6 वायरस संक्रमित व्यक्ति से सीधे संपर्क के ज़रिए या संक्रमित व्यक्ति के छींकने या खाँसने से निकली बूँदों के ज़रिए आसानी से फैलता है। यह व्यक्ति की लार (थूक) के ज़रिए भी फैल सकता है, जैसे कप, थाली या बर्तन साझा करने से। यह डेकेयर और स्कूलों जैसे स्थानों में आसानी से फैल सकता है। अधिकांश बच्चे 3 वर्ष के होते-होते इस वायरस से संक्रमित हो चुके होते हैं। 

अपनी देखभाल करने वाली टीम को कॉल कब करें

कमज़ोर प्रतिरक्षा तंत्र वाले रोगियों में HHV-6 गंभीर स्वास्थ्य समस्याएँ पैदा कर सकता है। इन समस्याओं में शामिल हैं रक्त कोशिकाओं की संख्या कम होना, न्यूमोनिया (फेफड़ों का संक्रमण) और इन्सेफेलाइटिस (दिमाग शोथ)। कुछ आपातकालीन चेतावनी संकेत इस प्रकार हैं:

  • अचानक, तेज़ बुखार
  • भयंकर सरदर्द
  • झपकी या नींद आना
  • गर्दन में अकड़न
  • शिशु के सिर के ऊपर उभरता हुआ नर्म धब्बा 
  • दौरे पड़ना
  • भ्रम होना
  • याददाश्त संबंधी समस्याएं
  • उल्टी होना

यदि आपको ये लक्षण दिखें तो अपने स्वास्थ्य देखभाल प्रदाता से तुरंत संपर्क करें।

अपनी देखभाल टीम से पूछे जाने वाले प्रश्न

  • क्या HHV-6 संक्रमण या वायरस के प्रसार की रोकथाम के लिए कोई तरीका है?
  • रोज़िओला का ददोरा कब तक रहता है?
  • मैं अपने बच्चे के लक्षणों का उपचार कैसे करूँ?
  • क्या मेरे बच्चे में HHV-6 रीएक्टिवेशन का जोखिम है?
  • हमें किन लक्षणों पर नज़र रखनी चाहिए?
  • HHV-6 इन्सेफेलाइटिस क्या है?
  • क्या मेरे बच्चे को एंटीवायरल दवाओं की ज़रूरत है?
  • मुझे अपने बच्चे को आपातस्थिति कक्ष कब ले जाना चाहिए?

HHV-6 संक्रमण के बारे में मुख्य बिंदु

  • ह्यूमन हरपीज़ वायरस-6 (HHV-6) एक आम वायरस है जो आम तौर पर शुरुआती बचपन में लगभग हर किसी को संक्रमित करता है।
  • HHV-6 आम तौर पर उपचार के बिना ठीक हो जाता है, लेकिन कुछ लोगों को किसी एंटीवायरल दवा की ज़रूरत पड़ सकती है।
  • स्टेम कोशिका ट्रांसप्लांट करवाने वाले या कमज़ोर प्रतिरक्षा वाले रोगियों में HHV-6 के कारण समस्याओं का जोखिम अधिक होता है।
  • यदि HHV-6 सक्रिय हो जाता है, तो वह मामूली लक्षण और गंभीर स्वास्थ्य समस्याएँ, दोनों पैदा कर सकता है।
  • यदि आपके बच्चे में किसी HHV-6 संक्रमण के बाद अधिक गंभीर समस्याओं के कोई भी लक्षण हों तो अपने चिकित्सक से संपर्क करें।


समीक्षित: जुलाई 2025

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