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नर्सिंग और रोगी की देखभाल

नर्स मुस्कुराती हुई रुककर एक छोटे-से कैंसर रोगी के साथ बातचीत कर रही है।

नर्सें रोगी की देखभाल और उपचार के कई अलग-अलग पहलुओं के लिए ज़िम्मेदार होती हैं।

नर्स आपके बच्चे की देखभाल टीम की ज़रूरी सदस्य हैं। आपके बच्चे की नर्स जो रोगी देखभाल के काम कर सकती है उनमें से कुछ इस प्रकार हैं:

  • जाँच करना महत्वपूर्ण संकेत
  • आकलन और जाँच करना
  • लैब परीक्षण के लिए रक्त निकालना या अन्य नमूने लेना
  • रक्त उत्पाद या तरल पदार्थ देना
  • रोगियों को उपचार या सर्जरी के लिए तैयार करना
  • कीमोथेरेपी और अन्य दवाएँ देना
  • रोज़ाना की ज़रूरतों और स्वच्छता देखभाल में मदद करना
  • देखभाल योजनाओं और शेड्यूल की देखरेख करना

नर्सें देखभाल के लिए शिक्षा और निर्देश भी देती हैं। वे परिवारों को यह समझने में मदद देती हैं:

  • रोग-पहचान और बीमारी की जानकारी
  • दवाएँ और उपचार योजनाएँ
  • चिकित्सा उपकरण और देखभाल संबंधी निर्देश
  • लक्षण और दुष्प्रभाव का प्रबंधन करना
  • घर पर अपने बच्चे की देखभाल कैसे करें
  • देखभाल की विभिन्न ज़रूरतों के लिए कब और किसे कॉल करें

नर्सिंग टीमें और शिफ़्ट

आपके बच्चे की देखभाल और उपचार के दौरान कई नर्सें हो सकती हैं। नर्सों की संख्या कितनी होगी और वे किस-किस तरह की देखभाल देंगी, यह बात आपके बच्चे की चिकित्सीय ज़रूरतों पर निर्भर करती है, जिनमें ये शामिल हैं:

  • क्या आपके बच्चे की हाल ही में कोई सर्जरी या चिकित्सीय कार्यविधि हुई है
  • आपके बच्चे को किन उपचारों या दवाओं की ज़रूरत है
  • बीमारी का निदान कितना हाल ही में हुआ है
  • बीमारी कितनी बढ़ी हुई है

नर्सें सामान्य तौर पर एक बार में 8-12 घंटे काम करती हैं। इन्हें शिफ़्ट कहते हैं। जब एक नर्स की शिफ़्ट खत्म होती है, तो दूसरी नर्स की शिफ़्ट शुरू होती है। इस समय को शिफ़्ट चेंज कहते हैं।

शिफ़्ट चेंज के दौरान, नर्सें आपके बच्चे की देखभाल के बारे में बात करेंगी। इससे यह सुनिश्चित करने में मदद मिलती है कि आपके बच्चे को बिना किसी रुकावट के ज़रूरी देखभाल मिले।

नर्सें अक्सर एक शिफ़्ट के दौरान कई रोगियों की देखभाल करती हैं। लेकिन कुछ रोगियों को दूसरों की तुलना में अधिक देखभाल की ज़रूरत होती है। जिन रोगियों को अधिक गंभीर स्वास्थ्य समस्याएँ हैं, उनके लिए एक नर्स हो सकती है जो केवल उन्हीं के साथ काम करती है। ऐसा सामान्य तौर पर इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) में होता है। ICU में भर्ती रोगी बहुत अस्वस्थ होते हैं। वे वेंटिलेटर जैसी विशेष मशीनों पर हो सकते हैं या उन्हें ऐसी दवाओं की ज़रूरत हो सकती है जिन पर बारीकी से नज़र रखी जानी होगी।

नर्सों के प्रकार

आपके बच्चे की देखभाल टीम में कई तरह की नर्सें होंगी जो अलग-अलग भूमिकाओं में काम करेंगी। कुछ तरह की नर्सों को उनकी विशेष भूमिका के आधार पर अधिक विशेष ट्रेनिंग मिलती है। इससे टीमों को जटिल और कई सेवाएं प्रदान करने की अनुमति मिलती है।

अलग-अलग तरह की नर्सों की भूमिकाओं और काम को समझने से आपको अपने बच्चे की देखभाल को बेहतर ढंग से समझने और प्रबंधित करने में मदद मिल सकती है।

रजिस्टर्ड नर्स (RN): विभिन्न प्रकार की नर्सिंग देखभाल प्रदान करती है। वे रोगियों की निगरानी करती हैं, आकलन करती हैं, दवाएँ देती हैं, रोज़ की ज़रूरतों का ध्यान रखती हैं, और रोगियों व परिवारों को रोग-पहचान और उपचार के बारे में बताती हैं।

नर्स प्रैक्टिशनर (NP): चिकित्सक के साथ मिलकर काम करते हुए देखभाल की योजना बनाना, शारीरिक परीक्षा करना, टेस्ट करना और उपचार निर्धारित करती हैं।

लाइसेंस प्राप्त प्रैक्टिकल नर्स (LPN)बेडसाइड पर या क्लीनिकों में रोगियों के लिए रोजाना देखभाल गतिविधियों और कुशल नर्सिंग की सेवा देती है, जहां पर उपचार किया जाता है; इन्हें लाइसेंसी वोकेशनल नर्स (LVN) के रूप में भी जाना जाता है।

नर्सिंग असिस्टेंट: RN या LPN की निगरानी में काम करता/करती है और बुनियादी दैनिक देखभाल के कार्य प्रदान करता/करती है

नर्स सुपरवाइजर/नर्स मैनेजर: नर्सिंग टीमों की निगरानी करता है, प्रशिक्षण आयोजित करता है, प्रशासनिक कार्यों का प्रबंधन करता है, और रोगियों की देखभाल की गुणवत्ता सुनिश्चित करता है।

नर्स केस मैनेजर या केयर कोऑर्डिनेटर: रोगियों की जटिल चिकित्सीय आवश्यकताओं को संभालने में सहायता करने के लिए उनके दीर्घकालिक उपचार और देखभाल का समन्वय करता है।

शिशु चिकित्सा हेमाटोलॉजी/ऑन्कोलॉजी नर्स: कैंसर या रक्त‑संबंधी विकारों से पीड़ित बच्चों और किशोरों को विशेष नर्सिंग देखभाल प्रदान करता है, मूल्यांकन करता है, कीमोथेरेपी और अन्य दवाएँ देता है, दुष्प्रभावों की निगरानी करता है, और रोगियों व परिवारों को निदान और उपचार के बारे में शिक्षित करता है

ऑन्कोलॉजी क्लिनिकल नर्स स्पेशलिस्ट (OCNS): जटिल रोगी‑सम्बंधी मुद्दों पर नर्सिंग स्टाफ के लिए नैदानिक विशेषज्ञ और सलाहकार के रूप में कार्य करता/करती है, तथा देखभाल की दक्षता और उपलब्धता में सुधार पर ध्यान केंद्रित करता/करती है; इन्हें ऑन्कोलॉजी‑प्रमाणित एडवांस्ड प्रैक्टिस नर्स (APN) भी कहा जाता है

ऑपरेशन से पहले (प्री-ऑप) नर्स: देखभाल प्रदान करती है और रोगियों को सर्जरी और अन्य प्रक्रियाओं के लिए तैयार करती है

नर्स एनेस्थेटिस्ट (CRNA): रोगियों को एनेस्थीज़िया के लिए तैयार करती है, सर्जरी या अन्य कार्यविधियों के दौरान एनेस्थीज़िया या सिडेशन (बेहोशी) की दवाएँ देती है, और कार्यविधियों के दौरान रोगियों की निगरानी करती है

ऑपरेशन करने का कमरा (ऑपरेटिंग रूम) (ओआर) नर्स: अन्य सर्जिकल टीम के सदस्यों के साथ सर्जरी के दौरान रोगियों की देखभाल करती है

पोस्ट-एनेस्थीसिया केयर यूनिट (PACU) नर्स — जैसे ही रोगी पर एनेस्थिसिया (बेहोशी की दवा) का असर खत्म होता है, ये नर्स सर्जरी के बाद रोगियों के साथ काम करती हैं; इन्हें रिकवरी रूम नर्स कहा जाता है

आपातकालीन कक्ष (ER) नर्स: अस्पताल ER में रोगियों का उपचार करती है और बीमारी, आघात या घाव के कारण पैदा होने वाली विभिन्न स्थितियों में देखभाल करती हैं

इन्टेन्सिव केअर यूनिट (ICU) नर्स इन्टेन्सिव केअर यूनिट (ICU) में काम करती हैं और बहुत गंभीर चिकित्सा स्थितियों वाले रोगियों को जटिल देखभाल प्रदान करती हैं। कई ICU नर्सें एक निश्चित आयु‑समूह के रोगियों के साथ काम करती हैं, जैसे कि बाल चिकित्सा गहन देखभाल इकाई (PICU) या नवजात गहन देखभाल इकाई (NICU) में बच्चे।

होम केयर नर्स: रोगियों को घर पर जाकर देखभाल करने की सेवा देती है और देखभाल के विभिन्न पहलुओं में विशेषज्ञ हो सकती हैं जैसे कि विकास की अवस्था या गतिशीलता की समस्याओं वाले बच्चे

नर्सिंग टीम के साथ बातचीत करना

आपके बच्चे की सबसे अच्छी देखभाल सुनिश्चित करने के लिए खुली बातचीत ज़रूरी है। अपनी नर्सिंग टीम के साथ बातचीत करने के कुछ सुझाव इस प्रकार हैं।

अपने बच्चे की नर्सों के बारे में जानकारी लिख लें।

आप जिस जानकारी का ट्रैक रखना चाहेंगे, उसमें ये शामिल हैं:

  • आपके बच्चे की नर्सों के नाम
  • वे किस तरह की देखभाल करती हैं या वे किस विशेषज्ञता क्षेत्र में काम करती हैं
  • वे किस शिफ़्ट में काम करती हैं
  • वे सामान्य तौर पर आपके बच्चे को कितनी बार और किस समय चेक करती हैं
  • उनसे कैसे और कब संपर्क करें

प्रश्न पूछें और अपनी चिंताएँ बताएँ।

जब बात चिकित्सीय देखभाल की हो, तो कोई भी प्रश्न या चिंता बहुत बड़ी या बहुत छोटी नहीं होती। नर्स अपने अस्पतालों या क्लीनिक के भीतर चिकित्सीय देखभाल, लोगों और स्थानों में विशेषज्ञ होती हैं। नर्सों को रोगियों और परिवारों को जानकारी समझने में मदद करने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है। खुले और ईमानदार रहें ताकि आप अपने बच्चे की सबसे अच्छी देखभाल सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम कर सकें।

सवालों की एक वर्तमान सूची बनाए रखें और नोट्स लें।

जैसे-जैसे प्रश्न आपके दिमाग में आएँ, उन्हें लिखते जाएँ। इससे आपको अपने ज़रूरी प्रश्न याद रखने में मदद मिलेगी। लिस्ट बनाने से आपको अपने सभी प्रश्नों के उत्तर एक साथ मिल जाते हैं। अपने प्रश्नों के उत्तर लिखने से आपको बाद में जानकारी याद रखने में भी मदद मिलेगी।

ध्यान से सुनें और आवश्यक जानकारी जानने का प्रयास करें।

अपने बच्चे की देखभाल करना बहुत मुश्किल हो सकता है। आपकी नर्सिंग टीम आपको आपके बच्चे की देखभाल के बारे में कई विवरण दे सकती है। उनकी कही हर बात को समझना या याद रखना मुश्किल हो सकता है। बातचीत में मदद के लिए:

  • अपनी नर्सिंग टीम को बताएँ कि आप जानकारी कैसे लेना पसंद करते हैं।
  • ध्यान भटकाने वाली चीज़ों को कम करने की कोशिश करें।
  • यह सुनिश्चित करने के लिए कि आपको जो बताया गया था, वह आपको समझ में आ गया है, जानकारी को दोहराएँ।
  • यदि आपको समझ में न आए, तो अपनी नर्स से चीज़ों को दूसरे तरीके से समझाने को कहें।
  • ऐसे और संसाधन या जानकारी माँगें जिन्हें आप बाद में देख सकते हों।

नर्सिंग और रोगी देखभाल के बारे में मुख्य बिंदु

  • नर्स आपके बच्चे की देखभाल टीम की ज़रूरी सदस्य हैं। वे देखभाल के कई ज़रूरी काम करती हैं।
  • आपकी देखभाल टीम में नर्सें आपके बच्चे की चिकित्सीय ज़रूरतों के आधार पर होंगी और वे समय के साथ बदल सकती हैं।
  • नर्सों की कई अलग-अलग भूमिकाएँ और काम होते हैं और वे अलग-अलग तरह से रोगियों की देखभाल करती हैं।
  • अपनी नर्सिंग टीम के साथ खुली और ईमानदार बातचीत आपके बच्चे की सबसे अच्छी देखभाल सुनिश्चित करने में मदद कर सकती है।


समीक्षित: सितंबर 2024

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