व्हीलचेयर पहियों वाली एक कुर्सी है जो उन लोगों के लिए होती है जो रोग, चोट या अशक्तता के कारण चल नहीं सकते। व्हीलचेयर के प्रकारों में मैनुअल (खुद धकेली जाने वाली) और इलेक्ट्रिक (बैटरी-चालित) शामिल हैं। बच्चों के लिए खास व्हीलचेयर उपलब्ध हैं, जिनका साइज़ छोटे बच्चों के हिसाब से होता है।
बचपन के कैंसर के रोगी़ सर्जरी के बाद या बीमारी से ठीक होने के बाद अधिक आसानी से घूमने-फिरने के लिए व्हीलचेयर का उपयोग कर सकते हैं। दूसरे रोगियों को रोज़मर्रा की ज़िंदगी में चलने-फिरने में मदद के लिए लंबे समय तक व्हीलचेयर की ज़रूरत पड़ सकती है।
व्हीलचेयर सामान्य तौर पर स्वास्थ्य पेशेवर सुझाते हैं। फिज़िकल थैरेपिस्ट या ऑक्यूपेशनल थैरेपिस्ट रोगी़ और परिवार की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए सबसे अच्छे प्रकार की व्हीलचेयर की पहचान कर सकता है।
व्हीलचेयर, वॉकर, बैसाखियाँ, और चलने-फिरने में मदद करने वाले दूसरे साधन रोगियों और उनके परिवारों की आज़ादी बढ़ा सकते हैं और उनकी जीवन की गुणवत्ता बेहतर बना सकते हैं।
कैंसर के दौरान, रोगी़ अलग-अलग कारणों से व्हीलचेयर का उपयोग कर सकते हैं। व्हीलचेयर रोगियों को इन चीज़ों में मदद दे सकती है:
बचपन के कैंसर के रोगी़ सर्जरी के बाद या बीमारी से ठीक होने के बाद अधिक आसानी से घूमने-फिरने के लिए व्हीलचेयर का उपयोग कर सकते हैं।
रोगी़ और परिवार की ज़रूरतों के आधार पर अलग-अलग तरह की व्हीलचेयर सुझाई जाती हैं। विचार करने योग्य कारकों में निम्नलिखित शामिल हैं:
मैनुअल व्हीलचेयर अधिकतर रोगियों और परिवारों की ज़रूरतों को पूरा करती है। मैनुअल व्हीलचेयर की कीमत कम होती है और उसे कम रखरखाव की ज़रूरत होती है। इन्हें देखभालकर्ता धकेलता है या रोगी़ इन्हें खुद पहियों से चलाता है (खुद धकेली जाने वाली)। पावर (बैटरी-चालित) व्हीलचेयर उन रोगियों के लिए अच्छी होती हैं जिनके शरीर के ऊपरी हिस्से में इतनी ताकत नहीं होती कि वे खुद चेयर धकेल सकें। पावर चेयर महँगी हो सकती हैं, इसलिए वे सामान्य तौर पर अल्पकालिक उपयोग के लिए नहीं होती हैं।
मैनुअल व्हीलचेयर के प्रकारों में स्टैंडर्ड व्हीलचेयर, रिक्लाइनिंग व्हीलचेयर और कस्टम व्हीलचेयर शामिल हैं।
स्टैंडर्ड व्हीलचेयर पहले से बनी-बनाई होती है जिसमें कुछ तय विशेषताएँ होती हैं।
स्टैंडर्ड व्हीलचेयर पहले से बनी-बनाई होती है जिसमें कुछ तय विशेषताएँ होती हैं। इसमें सामान्य तौर पर एक नर्म सीट, बैक सपोर्ट, आर्म रेस्ट और लेग रेस्ट होते हैं जिन्हें एडजस्ट किया जा सकता है। इस व्हीलचेयर को आसानी से लाने-ले जाने और स्टोर करने के लिए मोड़ा जा सकता है। स्टैंडर्ड व्हीलचेयर, रिक्लाइनिंग या कस्टम व्हीलचेयर से हल्की होती हैं।
व्हीलचेयर के पीछे लगे हैंडल से देखभालकर्ता चेयर की दिशा बदल सकता है। हैंड रिम वाले बड़े पिछले पहिये रोगी़ को शरीर के ऊपरी हिस्से का उपयोग करके चेयर को धकेलने में मदद देते हैं।
केवल ट्रांसपोर्ट के लिए उपयोग होने वाली व्हीलचेयर (ट्रांसपोर्ट चेयर) में चार छोटे पहिये हो सकते हैं और इसे देखभालकर्ता द्वारा धकेले जाने के लिए डिज़ाइन किया जाता है।
रिक्लाइनिंग व्हीलचेयर एक स्टैंडर्ड चेयर की तरह होती है, लेकिन ज़रूरत के हिसाब से सीट बैक को पीछे झुकाया जा सकता है।
रिक्लाइनिंग व्हीलचेयर एक स्टैंडर्ड चेयर की तरह होती है, लेकिन ज़रूरत के हिसाब से सीट बैक को पीछे झुकाया जा सकता है। इसमें सामान्य तौर पर एक नर्म सीट, ऊपर उठने वाले लेग रेस्ट और सिर के लिए तकिया होता है। रिक्लाइनिंग व्हीलचेयर को ट्रांसपोर्ट और स्टोरेज के लिए मोड़ा जा सकता है, लेकिन यह अक्सर स्टैंडर्ड व्हीलचेयर से भारी और बड़ी होती है।
कुछ रिक्लाइनिंग व्हीलचेयर में टिल्ट सिस्टम भी होता है, जो बैठने से पड़ने वाले दबाव को कम करने, सूजन को मैनेज करने और पोज़िशनिंग के लिए अतिरिक्त विकल्प देने में मदद करता है। टिल्ट व्हीलचेयर मैनुअल या पावर चेयर के रूप में उपलब्ध हैं।
कस्टम व्हीलचेयर एक सीटिंग सिस्टम है जो उन रोगियों के लिए सुझाया जाता है जिन्हें अधिक सपोर्ट की ज़रूरत होती है।
कस्टम व्हीलचेयर एक सीटिंग सिस्टम है जो उन रोगियों के लिए सुझाया जाता है जिन्हें अधिक सपोर्ट की ज़रूरत होती है। कस्टम व्हीलचेयर में खास सीट बैक, कस्टमाइज़्ड सीट कुशन, साइड में ट्रंक सपोर्ट, चेस्ट हार्नेस, और एडजस्टेबल आर्म, लेग, या हेड रेस्ट या सपोर्ट हो सकते हैं। यूज़र की खास ज़रूरतों को पूरा करने के लिए और भी एक्सेसरीज़ उपलब्ध हैं। ज़रूरत पड़ने पर कस्टम व्हीलचेयर को रिक्लाइन या टिल्ट-बैक करने के लिए भी बनाया जा सकता है।
कस्टम व्हीलचेयर रेडी-मेड चेयर से अधिक महँगी होती हैं। अंतिम कीमत विशेषताओं और कस्टमाइज़ेशन पर निर्भर करती है। कस्टम व्हीलचेयर भी भारी होती हैं और उन्हें लाना-ले जाना मुश्किल होता है। कुछ कस्टम व्हीलचेयर अधिक मज़बूत होती हैं और फ़ोल्ड नहीं होतीं, लेकिन इसका एक लाभ यह है कि कम हिलने वाले पार्ट्स वाली व्हीलचेयर अधिक चलती हैं।
व्हीलचेयर की कीमतें बहुत अलग-अलग हो सकती हैं। व्हीलचेयर की कीमतें प्रकार, विशेषताओं, और कस्टमाइज़ेशन पर निर्भर करती हैं। एक बेसिक मैनुअल व्हीलचेयर की कीमत अक्सर $500 से कम होती है, कुछ की तो $100 से भी कम होती है। हालाँकि, कस्टम मैनुअल व्हीलचेयर की कीमत कई हज़ार डॉलर तक हो सकती है। पावर व्हीलचेयर की कीमतें सामान्य तौर पर $1,000 से $10,000 तक होती हैं। व्हीलचेयर किराये पर लेना भी एक विकल्प हो सकता है। कुछ अस्पताल परिवारों को थोड़े समय तक उपयोग के लिए व्हीलचेयर दे सकते हैं।
व्हीलचेयर लेने का निर्णय करने से पहले अपनी इंश्योरेंस कंपनी से ज़रूर पूछ लें। आपका इंश्योरेंस कुछ या सभी खर्च कवर कर सकता है। लेकिन, आपके इंश्योरेंस प्लान में चेयर के स्वीकृत प्रकारों या विक्रेताओं के बारे में दिशानिर्देश हो सकते हैं। आपको चिकित्सीय ज़रूरत के विशेष डॉक्यूमेंटेशन की भी ज़रूरत पड़ सकती है।
“व्हीलचेयर के उपयोग के बारे में रोगियों और उनके परिवारों को जानकारी देते समय हम सबसे पहले सुरक्षा पर ध्यान देते हैं। बच्चे और किशोर बहुत तेज़ चलाकर या आगे के पहिये हवा में उठाकर सुरक्षा सीमा पार कर सकते हैं। हम बच्चे होने और थोड़ी मस्ती करने की अहमियत समझते हैं, लेकिन साथ ही खुद की और दूसरों की सुरक्षा पर भी ज़ोर देना चाहते हैं।”
रोगियों और उनके परिवारों के लिए यह ज़रूरी है कि वे व्हीलचेयर के उपयोग से होने वाले छालों और प्रेशर सोर पर ध्यान दें। जो रोगी़ अपनी व्हीलचेयर खुद धकेलते हैं, उनकी हथेलियों या अंगुलियों में हैंड रिम से बार-बार रगड़ लगने से छाले पड़ सकते हैं। हाथ, कोहनी, या कंधे में खिंचाव आ सकता है। कुछ व्हीलचेयर यूज़र अपने हाथों को बचाने के लिए दस्ताने पहनना चुन सकते हैं। लंबे समय तक उपयोग करने वालों के लिए, एर्गोनोमिक हैंड रिम आराम बढ़ाने और तनाव कम करने में मदद कर सकते हैं।
लंबे समय तक व्हीलचेयर पर बैठने से भी प्रेशर सोर हो सकते हैं। ये घाव त्वचा और चेयर की सतह के बीच किसी भी संपर्क बिंदु पर हो सकते हैं। व्हीलचेयर उपयोग करने वालों में प्रेशर सोर होने की कुछ सामान्य जगहों में शामिल हैं रीढ़ की हड्डी, सेक्रम (त्रिकास्थि), नितंब, टखने और एड़ियाँ। जो रोगी़ कम चलते-फिरते हैं और एक ही जगह पर रहते हैं, उन्हें अधिक खतरा होता है।
छालों या घावों के लिए त्वचा की नियमित जाँच करें। त्वचा में जो भी बदलाव हों उनके बारे में देखभाल टीम के सदस्य को ज़रूर बताएँ। उन बच्चों को विशेष देखभाल की ज़रूरत हो सकती है जिन्हें उपचार के दुष्प्रभाव जैसे त्वचा की समस्याएँ, तंत्रिका क्षति (पेरिफेरल न्यूरॉपथी), या संक्रमण का बढ़ा हुआ जोखिम हो।
मैनुअल व्हीलचेयर को देखभालकर्ता धकेल सकता है या यूज़र पिछले पहियों के हैंड रिम का उपयोग करके इसे धकेल सकता है। व्हीलचेयर को खुद धकेलना सीखने के लिए अभ्यास की ज़रूरत होती है। हालाँकि, छोटे बच्चे भी व्हीलचेयर का उपयोग करने में माहिर बन सकते हैं।
नीचे दिए गए सुझाव व्हीलचेयर उपयोग करने के बारे में बेसिक जानकारी देते हैं। लेकिन, आपकी देखभाल टीम आपकी व्हीलचेयर के प्रकार और सचलता की ज़रूरतों के आधार पर खास जानकारी और प्रशिक्षण दे सकती है।
व्हीलचेयर में बैठकर आगे बढ़ना - खुद आगे धकेलने के लिए, चेयर के पीछे भाग के पास से व्हीलचेयर के हैंड रिम को पकड़ें। हैंड रिम को आगे और नीचे की ओर धकेलें, और फिर छोड़ दें। हथेलियों को वापस शुरुआती पोज़िशन में ले जाएँ और मोशन दोहराएँ।
व्हीलचेयर मोड़ना - दायें मुड़ने के लिए, दायें पहिये को धीमा करते हुए या रोकते हुए बायें हैंड रिम को आगे धकेलें ताकि बायाँ पहिया आगे बढ़े। बायें मुड़ने के लिए, बायें पहिये को स्थिर रखते हुए या धीमा करते हुए दायें पहिये को आगे धकेलें।
व्हीलचेयर में बैठकर पीछे की ओर जाना - पीछे की ओर जाने के लिए, चेयर के आगे के भाग के पास से हैंड रिम को पकड़ें। पहियों को पीछे ले जाने के लिए पीछे और नीचे की ओर धकेलें। व्हीलचेयर के पिछले पहियों के पास पीछे की ओर एंटी-टिप्स बार लगाए जा सकते हैं ताकि वह पीछे की ओर न गिरे।
व्हीलचेयर रोकना - व्हीलचेयर रोकने के लिए, हैंड रिम पकड़ें और घर्षण का उपयोग करके उन्हें धीमा करें। यदि रिम गीले हों, तो उनके स्थान पर टायर को दबाएँ। सावधान रहें, क्योंकि इस घर्षण से गर्मी पैदा होती है जो हथेलियों को जला सकती है, खास कर जब ढलान पर हों या अचानक रुक रहे हों।
व्हीलचेयर पर बैठकर फ़ुटपाथ या छोटी सीढ़ियों पर चढ़ना-उतरना - फ़ुटपाथ पर चढ़ने-उतरने का सबसे सुरक्षित तरीका देखभालकर्ता की सहायता लेना है। यदि यूज़र को खुद से किसी फ़ुटपाथ पर चढ़ना/उतरना है, तो किसी प्रशिक्षित स्वास्थ्य देखभाल पेशेवर की देखरेख में अधिक प्रशिक्षण और अभ्यास की ज़रूरत होगी।
व्हीलचेयर में बैठकर किसी रैंप पर चढ़ना/से उतरना - रैंप या ढलान पर ऊपर या नीचे जाते समय नियंत्रण बनाए रखने का ध्यान रखें। यदि अकेले रैंप पर चढ़ रहे हैं, तो यूज़र को थोड़ा आगे झुकना चाहिए और संवेग में मदद के लिए तेज़ व छोटे-छोटे धक्के लगाने चाहिए। ढलान पर उतरते समय, स्पीड नियंत्रित करने के लिए हैंड रिम पर घर्षण बनाए रखें। तीखी ढलानों पर हमेशा देखभालकर्ता को मदद करनी चाहिए। ढलान पर ऊपर या नीचे जाते समय व्हीलचेयर को सीधा रखें ताकि चेयर पलट न जाए।
व्हीलचेयर को लॉक करना - सभी व्हीलचेयर के पिछले पहिये पर लॉक होते हैं। लॉक व्हीलचेयर में बैठने, उससे उतरने और ट्रांसपोर्टेशन के दौरान सुरक्षा देते हैं। इन लॉक्स को “ब्रेक्स” कहा जा सकता है। लेकिन, ये लॉक ब्रेक की तरह काम नहीं करते और ये व्हीलचेयर को सुरक्षा के लिए लॉक करने के लिए होते हैं, न कि उसे धीमा करने के लिए। कस्टम व्हीलचेयर, जिसमें अडैप्टिव स्ट्रॉलर व्हीलचेयर भी शामिल हैं, में व्हीलचेयर के पीछे लॉक लगे हो सकते हैं जो देखभालकर्ता के लिए उपयोग में अधिक आसान होते हैं।
व्हीलचेयर में बैठकर पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करना - पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए ज़रूरत पड़ने पर व्हीलचेयर एंकर और लैप बेल्ट को व्हीलचेयर में जोड़ा जा सकता है। कृपया इस बारे में अपने थैरेपिस्ट, असिस्टिव टेक्नोलॉजी पेशेवर (ATP), या सीटिंग एंड मोबिलिटी स्पेशलिस्ट (SMS) से बात करें।
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समीक्षित: फरवरी 2020