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गंभीर बीमारी से ग्रस्त बच्चे के सहोदरों (सगे भाई-बहनों) का लालन-पालन

जब किसी बच्चे को कोई गंभीर बीमारी होती है, तो वह पूरे परिवार को प्रभावित करता है। तनाव को लेकर हर बच्चा एक अलग तरीके से प्रतिक्रिया देता है। सहोदरों को महसूस हो सकने वाली कुछ सामान्य भावनाएँ इस प्रकार हैं:

  • भय
  • उदासी
  • अकेलापन
  • ईर्ष्या की भावना
  • अपराधबोध
  • शर्मिंदगी
  • भ्रम होना
  • अनिश्चितता
  • नियंत्रण खोना
बचपन में होने वाले कैंसर का रोगी अपनी बहन के साथ अस्पताल के बिस्तर पर मिट्टी से प्रतिरूपण बनाकर खेल रहा है।

जब आपके किसी बच्चे को कोई गंभीर बीमारी होती है, तो उनके सहोदरों यानी सगे भाई-बहनों के लिए चीज़ों को अधिक-से-अधिक सामान्य रखना महत्वपूर्ण है।

सहोदरों से उनके अनुभव के बारे में बात करना और उन्हें उनके एहसास साझा करने के लिए प्रेरित करना महत्वपूर्ण है। उन्हें बताएँ कि आप उन्हें समझते हैं और उनसे बिना शर्त प्यार करते हैं। अस्पताल का स्टाफ़, जैसे बाल-जीवन विशेषज्ञ, समाजसेवी, चैपलेन (पादरी)/धर्मगुरु, और मनोविज्ञानी तथा अन्य मानसिक स्वास्थ्य देखभाल विशेषज्ञ सहायता प्रदान करने में मदद कर सकते हैं। आपका अस्पताल अपनेपन और सामान्यता की भावना बनाए रखने में मदद के लिए सहोदरों हेतु सहायता समूह और अन्य कार्यक्रमों की पेशकश कर सकता है।

माता-पिता गंभीर स्वास्थ्य स्थिति से ग्रस्त बच्चों के सहोदरों को कुछ तरीकों से सहायता दे सकते हैं, जैसे:

अज्ञात का विवरण दें

अपने बच्चों के साथ ईमानदार और खुलकर रहें। भाई या बहन अक्सर डर जाते हैं क्योंकि वे इस नए अनुभव को नहीं समझते हैं। बीमारी का आयु के अनुसार उपयुक्त विवरण प्रदान करें। आपकी देखभाल टीम आपको आपके बच्चे की स्थिति और उपचारों के बारे में ऐसे तरीकों जो उसके सहोदर समझ सकें, से बात करने में मदद दे सकती है। यदि आप बताते हैं कि क्या हो रहा है, तो यह भय और भ्रम कम कर सकता है।

यह समझना भी ज़रूरी है कि हर बच्चा बीमारी के बारे में क्या सोचता है। हो सकता है कि बच्चे न जनाते हों कि क्या प्रश्न पूछने हैं या फिर संभव है कि वे माता-पिता से इस बारे में बात करने में डर रहे हों। उनकी समझ को जाँचें और जो भी गलतफ़हमियाँ या गलत जानकारी हों उन्हें साफ़ करें।

उदाहरण के लिए कोई बच्चा गलत तरीके से यह सोच सकता है कि कैंसर संक्रामक बीमारी है। संभव है कि कुछ बच्चे यह मानते हों कि जब लोगों को कैंसर होता है तो उनकी मृत्यु तय है, जबकि असल में, कई बच्चे पूरी तरह ठीक हो जाते हैं। 

जीवन को जितना हो सके उतना ‘सामान्य’ रखें

सहोदरों की दिनचर्या अधिक-से-अधिक निश्चित और स्थिर बनाए रखने की कोशिश करें। सहोदरों को स्कूल जाना और रुचियों व गतिविधियों में भाग लेना जारी रखना चाहिए। हर परिवार अलग होता है, लेकिन, यदि ऐसा कोई देखभालकर्ता है जो सहोदरों के साथ रह सकता है तो सहोदरों का पारिवारिक घर में रहना ही सर्वश्रेष्ठ है।

परिवार के सदस्य और दोस्त सहोदरों की देखरेख में आपकी मदद कर सकते हैं और जब आप समय न दे सकते हों तब वे उनके साथ समय बिता सकते हैं।

भाईयों या बहनों के लिए समय निकालें

हर बच्चे के साथ खास, केवल-आप-और-वह-वाला समय बिताने के तरीके ढूँढें। किताब पढ़ें, कोई खेल खेलें, सैर करें या साथ में आनंद वाली गतिविधि करें। यह समय परिवारों को तनाव से बेहद ज़रूरी राहत दे सकता है और संबंधों को और मज़बूत बनाता है। जब आप घर से दूर हों, तो वीडियो कॉल या आभासी गतिविधियों के ज़रिए सहोदरों से जुड़ने के तरीके ढूँढना न भूलें। 

शायद भाई या बहन प्रायः सुनते हों कि गंभीर बीमारी से पीड़ित बच्चा कितना "मजबूत" या "बहादुर" होता है। सहोदरों से इस बारे में बात करें कि वे भी कितने ताकतवर और हिम्मतवाले हैं। सहोदरों से उनके हाल-चाल पूछें। उनकी बात सुनें, नज़रें मिलाए रखें, और अनुवर्तन प्रश्न पूछें। सुनिश्चित करें कि वे जानते हों कि वे आपके लिए महत्वपूर्ण हैं और उनमें ऐसे अनूठे गुण हैं जो उन्हें खास बनाते हैं।

मुश्किल वाली भावनाओं को स्वीकार करें।

किसी प्रियजन को गंभीर बीमारी होने पर गुस्सा आना सामान्य है। बच्चे बीमारी पर भी गुस्सा आ सकते हैं या फिर उसे होने देने पर भगवान पर भी गुस्सा आ सकता है। संभव है कि वे इसलिए गुस्सा हों कि चीज़ें अब पहले जैसी नहीं हैं या अपने सहोदर के बीमार पड़ने पर उससे नाराज़ हों।

बच्चों और किशोरावस्था वाले बच्चों को अपने गुस्से को व्यक्त करने का एक तरीका बताएं। उदाहरण के लिए, अपने बच्चे को चित्र बनाने, या पत्र या जर्नल (दैनिक डायरी) में अपनी भावनाएं लिखने के लिए प्रोत्साहित करें। शिथिलन तकनीकें, जैसे गहरी साँसें लेना, भी आपके बच्चे को भावनाओं को संभालने में मदद दे सकती हैं।

उपचार करवा रहे बच्चे को दोस्तों और संबंधियों से अक्सर उपहार और विशेष उपहार/खास चीज़ें मिला करती हैं। इससे सहोदरों में जलन की भावना पैदा हो सकती है। उन्हें बताएँ कि आप उन्हें समझते हैं, और सहोदरों को शामिल करने के तथा उन्हें मूल्यवान महसूस कराने के तरीके ढूँढें।

कुछ भाई-बहन यह कल्पना कर सकते हैं कि अस्पताल में रहना मज़ेदार है, क्योंकि उनके भाई या बहन को उपहार मिलते हैं, उन्हें रोज़ स्कूल नहीं जाना पड़ता, और वे आपके साथ अतिरिक्त समय बिताते हैं। वे केवल आपके बीमार बच्चे की मुस्कुराते हुए और मस्ती करते हुए तस्वीरें देख सकते हैं। अगर हां, तो अधिक सामान्य दिन के बारे में आयु के अनुसार जानकारी साझा करना ठीक होता है, जैसे कि अपॉइंटमेंट की प्रतीक्षा करना, दवा लेना और प्रक्रियाएं करना।

अपराधबोध दूर करें

कुछ भाई या बहन सोच सकते हैं कि उन्होंने जो कुछ सोचा, कहा या किया, उसके कारण उनका भाई या बहन बीमार हुआ है।

कुछ लोग अपराधबोध महसूस कर सकते हैं कि वे स्वस्थ हैं जबकि उनके भाई या बहन अस्वस्थ हैं।

सहोदरों के अपराधबोध को घटाने के कुछ तरीके इस प्रकार हैं:

  • भाईयों या बहनों को बताएं कि कोई भी व्यक्ति कुछ भी सोचे, कहे या करे, उससे कोई दूसरा व्यक्ति बीमार नहीं हो जाता।
  • उन्हें अपने भाई या बहन को अलग-अलग तरीकों से मदद करने की अनुमति दें। वे कम विवश महसूस करेंगे।
  • भाईयों या बहनों को दिखाएँ कि भाई या बहन के बीमार होने पर भी मस्ती करना और स्वतंत्र रहना ठीक होता है।

असहज परिस्थितियों के लिए तैयार रहें

जब दूसरे लोग उनके भाई या बहन को बीमार देखते हैं, तो बच्चों का असहज महसूस करना स्वाभाविक होता है। लोग बीमारी के बारे में सवाल पूछ सकते हैं, लेकिन भाईयों या बहनों को पता नहीं होता है कि जवाब कैसे दिया जाए। बच्चों को प्रश्नों के लिए तैयार करें और क्या बोलना है यह पहले से जानने में उनकी मदद करें। सहोदरों को यह जानने में मदद दें कि विशिष्ट स्थितियों में क्या करना है और उन्हें प्रेरित करें कि जब कोई चीज़ उन्हें असहज बना रही हो तो वे आपको बताएँ।

  • विचार करें कि क्या आप अपने बच्चों के स्कूल के अध्यापकों या अन्य लोगों द्वारा बीमारी के बारे में सहोदरों से बात किए जाने के बारे में सहज हैं। स्कूल को बताएँ कि आप चाहते हैं कि वे आपके बच्चे की बीमारी के बारे में किस तरह बात करें।
  • भाईयों या बहनों को प्रोत्साहित करें कि वे अपना अनुभव साझा करें जब उनके भाईयों या बहनों से सार्वजनिक स्थलों पर कोई प्रश्न पूछता है या घूरता है, तो उन्हें कैसा महसूस होता है।
  • भाईयों या बहनों के शिक्षकों और अन्य भरोसेमंद वयस्कों से नियमित रूप से संपर्क में रहें। भाई या बहन को ऐसे सहायक व्यक्ति की पहचान करने में मदद करें जिस पर वे स्कूल और घर पर भरोसा कर सकें।

भाईयों या बहनों के बीच संबंधों को विकसित करें

सहोदरों के बीच का संबंध शक्ति और कुशल-क्षेम का एक महत्वपूर्ण स्रोत होता है। अपने बच्चों के एक साथ मज़े करने के तरीके ढूँढ़ें। गतिविधियाँ साधारण हो सकती हैं, जैसे बोर्ड गेम खेलना, फ़िल्में देखना, चुटकुले सुनाना, पढ़ना, क्राफ़्ट बनाना, या वीडियो गेम खेलना। साझे अनुभव और यादें बनाने के लिए, साझा रुचियों और पारिवारिक परंपराओं को बढ़ावा दें। सहानुभूति और आपसी सम्मान के उदाहरण पेश करें, ताकि हर बच्चा खुद को मूल्यवान महसूस करे और दूसरों के बारे में सोचना सीखे।  

बाल कैंसर से पीड़ित बच्चा अपनी बहन के साथ कठपुतली शो कर रहा है

सहोदरों के बीच मज़ेदार गतिविधियों के अवसर पैदा करने से उन्हें एक-दूसरे से जुड़ाव महसूस करने में मदद मिल सकती है।

सहोदरों के लालन-पालन के बारे में मुख्य बिंदु

  • गंभीर बीमारी से पीड़ित बच्चों के भाइयों या बहनों को ध्यान और सहारे की ज़रूरत होती है।
  • आपकी देखभाल टीम सहोदरों को उनकी उम्र के हिसाब से जानकारी देने में और उन्हें यह महसूस कराने के तरीके खोजने में आपकी मदद कर सकती है कि वे समर्थित हैं।
  • उपचार के दौरान सहोदरों की दिनचर्या अधिक-से-अधिक सामान्य रखें।
  • सहोदरों को उनकी भावनाएँ ज़ाहिर करने के तरीके खोजने में मदद दें, और उन्हें यह बताएँ कि डर, गुस्सा, जलन और अन्य भावनाएँ स्वाभाविक हैं।
  • सहोदरों के लिए ऐसे सैर-सपाटे और गतिविधियाँ प्लान करें जिनका वे एक-दूसरे के साथ आनंद ले सकें, और साझा अनुभवों को बढ़ावा दें ताकि उनके आपसी संबंध और मज़बूत हों।

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समीक्षित: नवंबर 2024

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